मसीह अस्पताल जमीन विवाद में दोषियों पर कार्रवाई की मांगः ईसाई समाज ने धार पुलिस को राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार न्यूज/धार के मसीह अस्पताल की बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को ईसाई समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर जमीन खुर्द-बुर्द करने के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में सुधीर जैन, सुधीर दास और अंकित उल्लासमल वडेरा को पुलिस विवेचना में शामिल करने की मांग की गई। समाज ने इन व्यक्तियों के खिलाफ ठोस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई का आग्रह किया है। ईसाई समाज के अनुसार, यह जमीन धार महाराज द्वारा महिला अस्पताल के लिए दान में दी गई थी। वर्षों तक इस स्थान पर अस्पताल संचालित होता रहा, लेकिन बाद में इसे बंद कर कथित तौर पर जमीन को खुर्द-बुर्द कर दिया गया। आकाश बेंजामिन ने बताया कि यह जमीन समाज और जनसेवा के उद्देश्य से दान की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इसे निजी स्वार्थ के लिए हड़पने का प्रयास किया है। समाज ने मांग की कि सभी आरोपियों को जांच में शामिल कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए और दोषियों को सख्त सजा मिले। ईसाई समाज ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे आंदोलन किया जाएगा।
मसीह अस्पताल जमीन विवाद में दोषियों पर कार्रवाई की मांगः ईसाई समाज ने धार पुलिस को राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार न्यूज/धार के मसीह अस्पताल की बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को ईसाई समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर जमीन खुर्द-बुर्द करने के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में सुधीर जैन, सुधीर दास और अंकित उल्लासमल वडेरा को पुलिस विवेचना में शामिल करने की मांग की गई। समाज ने इन व्यक्तियों के खिलाफ ठोस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई का आग्रह किया है। ईसाई समाज के अनुसार, यह जमीन धार महाराज द्वारा महिला अस्पताल के लिए दान में दी
गई थी। वर्षों तक इस स्थान पर अस्पताल संचालित होता रहा, लेकिन बाद में इसे बंद कर कथित तौर पर जमीन को खुर्द-बुर्द कर दिया गया। आकाश बेंजामिन ने बताया कि यह जमीन समाज और जनसेवा के उद्देश्य से दान की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इसे निजी स्वार्थ के लिए हड़पने का प्रयास किया है। समाज ने मांग की कि सभी आरोपियों को जांच में शामिल कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए और दोषियों को सख्त सजा मिले। ईसाई समाज ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे आंदोलन किया जाएगा।
- मसीह अस्पताल जमीन विवाद में दोषियों पर कार्रवाई की मांगः ईसाई समाज ने धार पुलिस को राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार न्यूज/धार के मसीह अस्पताल की बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगलवार को ईसाई समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर जमीन खुर्द-बुर्द करने के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में सुधीर जैन, सुधीर दास और अंकित उल्लासमल वडेरा को पुलिस विवेचना में शामिल करने की मांग की गई। समाज ने इन व्यक्तियों के खिलाफ ठोस साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई का आग्रह किया है। ईसाई समाज के अनुसार, यह जमीन धार महाराज द्वारा महिला अस्पताल के लिए दान में दी गई थी। वर्षों तक इस स्थान पर अस्पताल संचालित होता रहा, लेकिन बाद में इसे बंद कर कथित तौर पर जमीन को खुर्द-बुर्द कर दिया गया। आकाश बेंजामिन ने बताया कि यह जमीन समाज और जनसेवा के उद्देश्य से दान की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने इसे निजी स्वार्थ के लिए हड़पने का प्रयास किया है। समाज ने मांग की कि सभी आरोपियों को जांच में शामिल कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए और दोषियों को सख्त सजा मिले। ईसाई समाज ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे आंदोलन किया जाएगा।2
- *💫दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी ने धर्मसभा को किया संबोधित💫* हजारों हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे। महिलाएं, पुरुष व बच्चे भी धर्मसभा में हुए शामिल। *LIKE👍 SHARE💫 & SUBSCRIBE 🎯*1
- धार के मसीही अस्पताल मामले मे ईसाई समाज ने एसपी को सौपा ज्ञापन, जानकारी देते आकाश बेंजमीन शॉट1
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- मध्यप्रदेश के इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के सिमरोड गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अवैध शराब पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक पथराव कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस को इलाके में अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम कार्रवाई करने पहुंची। लेकिन जैसे ही पुलिस ने दबिश दी, कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। इस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने इस मामले में करीब 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की जानकारी देते हुए उमाकांत चौधरी ने बताया कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।1
- खरगोन जिले के करही में प्रेस क्लब करही और श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा संयुक्त रूप से होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार संघ ने संगठन का विस्तार करते हुए करही से प्रभु रंसोरे को खरगोन जिला सचिव एवं हेमंत ठाकुर को सहसचिव पद पर नियुक्त किया। जिला सचिव बनने के बाद प्रभु रंसोरे ने कहा— "यह पल मेरे लिए बेहद गौरवान्वित करने वाला है। संगठन ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, उसे मैं पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करूंगा।" इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से किशोर राठौड़, प्रभु पटेल, राकेश शर्मा, ओंकार सेन, संतोष वर्मा, अभिषेक पटेल सहित कई पत्रकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- इंदौर के कलेक्टर कार्यालय पर 17 मार्च 2026 को हजारों छात्र-युवाओं ने “छात्र आक्रोश आंदोलन” के तहत जोरदार प्रदर्शन किया। कड़की धूप के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) की परीक्षा प्रणाली और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर अपनी नाराज़गी जाहिर की। इस प्रदर्शन में छात्रों ने Negative Marking, Normalization और Percentile सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई। साथ ही परीक्षा फीस में कमी, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध परीक्षाएं और विभिन्न पदों पर भर्तियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की गई। छात्रों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था उनके भविष्य के साथ अन्याय कर रही है और सरकार को जल्द से जल्द इन मुद्दों पर ठोस निर्णय लेना चाहिए।1
- RSS की नई व्यवस्था; मालवा-महाकौशल-मध्यभारत प्रांत खत्म होंगे...9 नए संभाग बनाएंगे: मालवा प्रांत इंदौर और उज्जैन संभाग में बंटेगा, युवाओं को मिलेंगे ज्यादा मौके राहुल सेन मांडव मो 9669141814 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी वर्ष में संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। इस बदलाव के तहत मध्य प्रदेश में अभी मौजूद मालवा, महाकौशल और मध्यभारत जैसे तीन प्रांतों को खत्म किया जाएगा और उनकी जगह करीब छह नए संभाग बनाए जाएंगे। संघ की हाल ही में हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में यह फैसला लिया गया। नए सिस्टम के तहत पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी एक प्रचारक और कार्यकारिणी संभालेगी, जबकि देशभर में करीब 80 नए संभाग गठित किए जाएंगे। इससे जिला और विभाग स्तर के कार्यकर्ता सीधे संभागीय प्रचारकों से जुड़ सकेंगे। संघ का मानना है कि इस बदलाव से संगठन में कामकाज तेज होगा, फैसले जल्दी लिए जा सकेंगे और युवा कार्यकर्ताओं को ज्यादा जिम्मेदारी मिलेगी। इस बारे में इंदौर में मालवा प्रांत के संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री आज विस्तार से जानकारी देंगे।जल्द पूरे देश में लागू होगी व्यवस्था मध्य प्रदेश में अब तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का काम तीन प्रांत- मालवा, महाकौशल और मध्यभारत में बंटा हुआ था। नई व्यवस्था में पूरे प्रदेश की जिम्मेदारी एक ही प्रचारक संभालेगा, जबकि अलग-अलग संभागों में अलग प्रचारक नियुक्त किए जाएंगे। इस बदलाव से जिला और संभाग स्तर पर काम ज्यादा प्रभावी होगा। खासतौर पर युवा कार्यकर्ताओं को अधिक मौके मिलेंगे और उन्हें सक्रिय करने में मदद मिलेगी। इससे संघ का नेटवर्क भी और मजबूत होगा। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, शताब्दी वर्ष को “युवा संघर्ष और संघर्ष का युवा वर्ष" के रूप में मनाया जा रहा है। यह नई व्यवस्था उसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम है। संघ की यह नई व्यवस्था केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जल्द ही पूरे देश में लागू किया जाएगा। विभाग प्रचारक अब संभाग प्रचारक होंगे मध्यप्रदेश में तीन प्रांतों की व्यवस्था खत्म होने के साथ ही प्रांतीय प्रचारक और उनकी कार्यकारिणी भी खत्म हो जाएगी। अब पूरे राज्य के लिए एक राज्य प्रचारक नियुक्त किया जाएगा, जो संगठन की जिम्मेदारी संभालेगा।नई व्यवस्था में हर संभाग में एक प्रचारक के साथ पूरी कार्यकारिणी बनाई जाएगी। एक संभागीय टीम में करीब 30 तक पदाधिकारी हो सकते हैं, जिससे कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। अभी जो जिम्मेदारी विभाग प्रचारकों के पास है, वह अब संभागीय प्रचारकों को दी जाएगी, यानी उनकी भूमिका सीधे तौर पर नए ढांचे में शामिल हो जाएगी। जो विभाग प्रचारक नई व्यवस्था में संभागीय प्रचारक की भूमिका में फिट नहीं बैठेंगे, उन्हें संगठन में दूसरी अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। अभी तीन प्रांत प्रचारक संभाल रहे जिम्मेदारी मध्य प्रदेश में अभी संघ के तीन प्रांत प्रचारक हैं। मालवा की जिम्मेदारी राजमोहन के पास है, मध्यभारत की कमान विमल गुप्ता संभाल रहे हैं, जबकि महाकौशल का दायित्व ब्रजकांत चतुर्वेदी के पास है। एक को मिलेगी प्रदेश प्रचारक की जिम्मेदारी संघ सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने पर इन तीनों में से किसी एक प्रांत प्रचारक को प्रदेश प्रचारक बनाया जाएगा, जो पूरे मध्य प्रदेश का काम संभालेगा। बाकी दो को मिल सकती है बड़ी भूमिका बाकी दो प्रांत प्रचारकों को अखिल भारतीय स्तर पर जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा उन्हें संघ के अन्यअनुषांगिक संगठनों में भी अहम पद सौंपे जा सकते हैं। ये 9 शहर बनेंगे संघ के संभागीय केंद्र प्रदेश में इंदौर, ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, सागर, खंडवा और नर्मदापुरम जैसे शहर संभागीय व्यवस्था के मुख्य केंद्र होंगे। यहीं से संबंधित क्षेत्रों का संचालन किया जाएगा।2