बदायूं जिले के दातागंज तहसील क्षेत्र स्थित सैंजनी और महेरा गांवों के बीच तीन बीघा खेत को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार शाम लगभग 7 बजे हिंसक हो गया। यह झड़प पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर और लात-घूंसे चले। कुछ लोगों को बंदूक की बट से भी पीटा गया, जिससे दोनों तरफ से मामूली चोटें आईं। विवाद की जड़ में तीन बीघा खेत था, जिसके सीमांकन के लिए मंगलवार को दातागंज तहसील की राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम द्वारा जमीन का सीमांकन किए जाने के बाद, सैंजनी गांव के सरदारों ने चिन्हित मेढ़ पर लकड़ी गाड़ दी थी। हालांकि, महेरा गांव के किसानों ने इस पर आपत्ति जताई और लकड़ी उखाड़ दी। उनका आरोप था कि यह जगह उनके कब्जे में थी और नाप गलत तरीके से की गई है। इसके बाद, सरदार पक्ष के लोगों ने महेरा के किसानों को लात-घूंसे और बंदूक की बट से पीटना शुरू कर दिया। अपने गांव के किसानों को पिटता देख, महेरा गांव के अन्य लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जवाब में, सरदार पक्ष ने भी पथराव किया। पुलिस ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया और दोनों तरफ से मामूली चोटें आने की सूचना है। इस घटना के संबंध में थाना अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि उन्हें एक प्रार्थना पत्र मिला है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं लगी है। थाना अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की जांच की जा रही है और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बदायूं जिले के दातागंज तहसील क्षेत्र स्थित सैंजनी और महेरा गांवों के बीच तीन बीघा खेत को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार शाम लगभग 7 बजे हिंसक हो गया। यह झड़प पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर और लात-घूंसे चले। कुछ लोगों को बंदूक की बट से भी पीटा गया, जिससे दोनों तरफ से मामूली चोटें आईं। विवाद की जड़ में तीन बीघा खेत था, जिसके सीमांकन के लिए मंगलवार को दातागंज तहसील की राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम द्वारा जमीन का सीमांकन किए जाने के बाद, सैंजनी गांव के सरदारों ने चिन्हित मेढ़ पर लकड़ी गाड़ दी थी। हालांकि, महेरा गांव के किसानों ने इस पर आपत्ति जताई और लकड़ी उखाड़ दी। उनका आरोप था कि यह जगह उनके कब्जे में थी और नाप गलत तरीके से की गई
है। इसके बाद, सरदार पक्ष के लोगों ने महेरा के किसानों को लात-घूंसे और बंदूक की बट से पीटना शुरू कर दिया। अपने गांव के किसानों को पिटता देख, महेरा गांव के अन्य लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जवाब में, सरदार पक्ष ने भी पथराव किया। पुलिस ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया और दोनों तरफ से मामूली चोटें आने की सूचना है। इस घटना के संबंध में थाना अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि उन्हें एक प्रार्थना पत्र मिला है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं लगी है। थाना अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की जांच की जा रही है और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- बदायूं जिले के दातागंज तहसील क्षेत्र स्थित सैंजनी और महेरा गांवों के बीच तीन बीघा खेत को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार शाम लगभग 7 बजे हिंसक हो गया। यह झड़प पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर और लात-घूंसे चले। कुछ लोगों को बंदूक की बट से भी पीटा गया, जिससे दोनों तरफ से मामूली चोटें आईं। विवाद की जड़ में तीन बीघा खेत था, जिसके सीमांकन के लिए मंगलवार को दातागंज तहसील की राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम द्वारा जमीन का सीमांकन किए जाने के बाद, सैंजनी गांव के सरदारों ने चिन्हित मेढ़ पर लकड़ी गाड़ दी थी। हालांकि, महेरा गांव के किसानों ने इस पर आपत्ति जताई और लकड़ी उखाड़ दी। उनका आरोप था कि यह जगह उनके कब्जे में थी और नाप गलत तरीके से की गई है। इसके बाद, सरदार पक्ष के लोगों ने महेरा के किसानों को लात-घूंसे और बंदूक की बट से पीटना शुरू कर दिया। अपने गांव के किसानों को पिटता देख, महेरा गांव के अन्य लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जवाब में, सरदार पक्ष ने भी पथराव किया। पुलिस ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया और दोनों तरफ से मामूली चोटें आने की सूचना है। इस घटना के संबंध में थाना अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि उन्हें एक प्रार्थना पत्र मिला है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि किसी को भी गंभीर चोट नहीं लगी है। थाना अध्यक्ष ने यह भी जानकारी दी कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की जांच की जा रही है और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।2
- एक यूज़र ने अपने सबसे छोटे बच्चों का एक वीडियो साझा किया है। उन्होंने दर्शकों से इस वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करने की अपील की है, ताकि यह अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।1
- बदायूं जनपद के मूसाझाग थाना क्षेत्र के महेरा गांव में जमीनी विवाद को लेकर ग्रामीण प्रजापति समाज के लोगों और सरदारों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चले।3
- aap ko kya sekh melte hai es kahane se kam kar Rahe ho aur1
- उसाबा थाना क्षेत्र के गांव फुलचियाई में एक झगड़े के मौके पर पहुँचे डायल 112 के पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की।1
- बदायूं जनपद के मूसाझाग क्षेत्र स्थित काजी खेड़ा सैंजनी गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट और पथराव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मंगलवार शाम करीब 6 बजे हुए इस हिंसक झड़प के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद था, लेकिन आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जिसमें दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह नामक दो लोग घायल हो गए। काजी खेड़ा सैंजनी निवासी दलजिंदर सिंह के अनुसार, गाटा संख्या 311 वाली यह जमीन उनकी मां राजवीर कौर पत्नी दलविंदर सिंह ने 28 साल पहले खरीदी थी। खतौनी में भी राजवीर कौर का नाम दर्ज है और वे तभी से इस पर खेती कर रहे हैं। हालांकि, पिछले कई महीनों से किसनी महेरा के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन इस जमीन को अपना बताकर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में दलजिंदर सिंह ने उप जिलाधिकारी दातागंज से शिकायत की थी, जिसके बाद उप जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह और हल्का लेखपाल हेम सिंह की राजस्व टीम को जांच के लिए भेजा। जब टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिस पर नायब तहसीलदार ने पुलिस को सूचना दी और स्वयं वहां से चले गए। राजवीर कौर के परिजनों ने अपनी जमीन पर तार लगाकर बाउंड्री की हुई थी। मंगलवार शाम लगभग 6 बजे, दूसरे पक्ष के विपिन पुत्र शेर बहादुर, शेर बहादुर पुत्र गिरवर, राजवीर सिंह और अहवरन अपने साथ दो दर्जन से अधिक लोगों को लेकर खेत पर कब्जा करने पहुंचे। इस दौरान सैंजनी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। जैसे ही दूसरा पक्ष कब्जा करने लगा और राजवीर कौर के परिजनों ने इसका विरोध किया, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर हमला कर दिया। पुलिस बल के हाथ-पैर फूल गए और वे मूकदर्शक बने रहे। इस मारपीट में दलवीर सिंह और कमलजीत सिंह घायल हो गए। बाद में थाने से अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचने पर कब्जा कर रहे लोग मौके से भाग गए। दलजिंदर सिंह ने यह भी बताया कि वे पिछले कई महीनों से अपनी जमीन पर कब्जे के प्रयास को लेकर थाने में लिखित शिकायतें दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने आज तक कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की, जिसके कारण आज इतनी बड़ी घटना होते-होते बची। घटना का वीडियो कुछ लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।1