गोटेगांव के मां नर्मदा के पावन तट मुआर घाट में हर सोमवार को होती है भव्य महा आरती 🚩 धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम इन दिनों गोटेगांव के मां नर्मदा के पावन तट मुआर घाट पर देखने को मिल रहा है। प्रत्येक सोमवार सायं काल यहां मां नर्मदा की भव्य महा आरती का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। घंटियों की गूंज, शंखनाद और दीपों की रोशनी से पूरा घाट भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठता है। स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आयोजन में समिति के सदस्य और ग्रामीणजन सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्वच्छता, सजावट और अनुशासन का विशेष ध्यान रखते हैं। महा आरती के बाद प्रसाद वितरण भी किया जाता है। 📿 आइए, आप भी हर सोमवार मुआर घाट पहुंचकर मां नर्मदा की महा आरती में शामिल हों और पुण्य लाभ प्राप्त करें। कैलाश गुप्ता नई दुनिया मो 9329446506
गोटेगांव के मां नर्मदा के पावन तट मुआर घाट में हर सोमवार को होती है भव्य महा आरती 🚩 धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम इन दिनों गोटेगांव के मां नर्मदा के पावन तट मुआर घाट पर देखने को मिल रहा है। प्रत्येक सोमवार सायं काल यहां मां नर्मदा की भव्य महा आरती
का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। घंटियों की गूंज, शंखनाद और दीपों की रोशनी से पूरा घाट भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठता है। स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आयोजन में समिति के सदस्य
और ग्रामीणजन सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्वच्छता, सजावट और अनुशासन का विशेष ध्यान रखते हैं। महा आरती के बाद प्रसाद वितरण भी किया जाता है। 📿 आइए, आप भी हर सोमवार मुआर घाट पहुंचकर मां नर्मदा की महा आरती में शामिल हों और पुण्य लाभ प्राप्त करें। कैलाश गुप्ता नई दुनिया मो 9329446506
- धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम इन दिनों गोटेगांव के मां नर्मदा के पावन तट मुआर घाट पर देखने को मिल रहा है। प्रत्येक सोमवार सायं काल यहां मां नर्मदा की भव्य महा आरती का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। घंटियों की गूंज, शंखनाद और दीपों की रोशनी से पूरा घाट भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठता है। स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आयोजन में समिति के सदस्य और ग्रामीणजन सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्वच्छता, सजावट और अनुशासन का विशेष ध्यान रखते हैं। महा आरती के बाद प्रसाद वितरण भी किया जाता है। 📿 आइए, आप भी हर सोमवार मुआर घाट पहुंचकर मां नर्मदा की महा आरती में शामिल हों और पुण्य लाभ प्राप्त करें। कैलाश गुप्ता नई दुनिया मो 93294465063
- होलिका दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संकल्प, कल मनेगी रंगों वाली होली नरसिंहपुर। अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक 'होलिका दहन' आज देश भर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। शुभ मुहूर्त में होलिका जलाकर लोगों ने अपनी बुराइयों को त्यागने का संकल्प लिया। अब उत्सव का असली रंग 4 मार्च (बुधवार) को दिखेगा, जब पूरा देश रंगों के त्योहार 'धुलेंडी' के जश्न में डूबेगा। फाग की गूँज: सुबह से ही ढोल-मजीरों के साथ फाग गीतों की धूम रहेगी। युवाओं की टोलियां 'बुरा न मानो होली है' के नारों के साथ सड़कों पर रंग बरसाएंगी। रंग-बिरंगी पिचकारियों और गुब्बारों के साथ बच्चों की टोली मस्ती के लिए तैयार है। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षित होली मनाने की अपील की है।1
- अवैध शराब के खिलाफ होली के पूर्व ऑपरेशन हट के नाम से नरसिंहपुर पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है और उसी के तहत अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही की है1
- Post by Ranjeet Tomar1
- नरसिंहपुर जिले के तहसील कार्यालय को वर्तमान परिसर से पालीटेक्निक कॉलेज में शिप्ट कर दिया हैं। जिला प्रशासन के इस निर्णय ने तूल पकड़ लिया है। इस फैसले के विरोध में आज बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे और अपनी आपत्ति जताते हुए कलेक्टर से मुलाकात करने की बात कही जिला अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में जमा हुए वकीलों का कहना है कि तहसील कार्यालय का वर्तमान स्थान सिविल न्यायालय और अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय के समीप है, जो अधिवक्ताओं और पक्षकारों दोनों के लिए सुविधाजनक है।इसे अन्य जगह स्थान्तरित करना गलत हैं।वही उनकी मांग हैं कि कार्यलय को न्यायालय परिसर के पास किया जाए और कलेक्टर अपने निर्णय पर विचार करे इस कारण कलेक्टर से मिलने सभी अधिवक्ता एकत्रित हुए है।1
- नरसिंहपुर इतवारा बाजार की यह पानी टंकी विकास की नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर पेश कर रही है। तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता: किसी भी संरचना की एक निश्चित आयु होती है; यह टंकी अपनी समय सीमा पार कर चुकी है। इसे जल्द से जल्द खाली कर मरम्मत कार्य करना अनिवार्य है। सुरक्षा बनाम सुविधा: पानी की आपूर्ति जरूरी है, लेकिन जनता की जान की कीमत पर नहीं। प्रशासन को चाहिए कि वैकल्पिक जल व्यवस्था कर इस "डेथ ट्रैप" को हटाए। या सुधार कार्य करें जवाबदेही: यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन की होगी। चेतावनी: समय रहते ध्यान न देना किसी बड़ी मानवीय त्रासदी का कारण बन सकता है। प्रशासन को 'हादसे के बाद जागने' की अपनी पुरानी परंपरा को बदलना होगा1
- Post by प्रदीप शर्मा करेली जिला नरसिंह1
- होली के पूर्व पुलिस महकमा द्वारा सामाजिक तत्वों को कल संदेश देने और शहर में शांति व्यवस्था को कायम रखने के लिए शहर के मुख्य मार्गो से पैदल मार्च निकाला गया1