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समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात करने के लिए KGMU ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सभी पीड़ितों का हालचाल जाना और उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। अखिलेश यादव ने घायलों को तत्काल बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की मांग भी की।
आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात करने के लिए KGMU ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सभी पीड़ितों का हालचाल जाना और उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। अखिलेश यादव ने घायलों को तत्काल बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की मांग भी की।
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- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अलीगंज में हुई अग्निकांड की घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। इस घटना के बाद, वे दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हुए हैं और उम्मीद है कि सुबह 9:30 बजे तक लखनऊ एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे।1
- अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद, दान की गिनती में लगे लगभग 40 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद उनकी जगह अब बैंक द्वारा नए कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इस घटनाक्रम के मद्देनजर मंदिर की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करते हुए सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। वहीं, इस पूरे मामले पर पवन पांडेय ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रभु श्रीराम ने खुद चढ़ावा चोरी की बात अखिलेश को बताई।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड को लेकर सांसद डिंपल यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। उन्होंने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए कहा कि इसमें हुई जनहानि ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान, डिंपल यादव ने राहत-बचाव व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने इस हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। सांसद ने घायल व्यक्तियों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने ज़ोर दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा अत्यंत आवश्यक है।1
- फूलपुर और ग्रामीण इलाकों के शिया आबादी वाले क्षेत्रों में सातवीं मोहर्रम का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया।2
- लखनऊ में हाल ही में हुए एक दर्दनाक अग्निकांड हादसे के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी सुरक्षा मानकों को लेकर कोई सबक नहीं ले रहे हैं। मोहनलालगंज क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों के ठीक नीचे विद्या अस्पताल संचालित हो रहा है, जो कभी भी एक बड़े हादसे का कारण बन सकता है। यह अस्पताल 11000 और 44000 हाईटेंशन लाइनों के नीचे संचालित है, और सूत्रों के अनुसार, इसके पास फायर एनओसी नहीं है। इसके बावजूद, यह एक आयुष्मान कार्ड स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सभी जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर स्थिति को अनदेखा कर 'धृतराष्ट्र' बने हुए हैं, मानो वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हों। मोहनलालगंज क्षेत्र में ऐसे कई निजी अस्पताल बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं। इसी क्रम में, रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी सेक्टर 6 में संचालित कृष्ण लाइफ लाइन हॉस्पिटल के पास भी फायर एनओसी नहीं है, जो एक और बड़े खतरे की ओर इशारा करता है।1
- पुलिस उपायुक्त पूर्वी महोदया के निर्देशन में मोहर्रम के त्यौहार को ध्यान में रखते हुए, प्रभारी निरीक्षक गाजीपुर ने अपने पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों और मार्गों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान, आम जनता को सुरक्षा का एहसास कराया गया और शांति, सौहार्द तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।1
- जनहित सर्व समाज सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनी शुक्ला कांति ने भारत तिवारी के कथित एनकाउंटर पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि कानून के रखवालों ने अपनी क्रूरता से एक बेकसूर की जान ले ली है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जब जुल्म हद से बढ़ जाए, तो खामोश रहना भी गुनाह होता है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक जो आक्रोश दिख रहा है, वह किसी एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा की तड़प है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब सुरक्षा की जिम्मेदारी वाले हाथ ही किसी निहत्थे पर उठने लगें, तो समझ लेना चाहिए कि व्यवस्था आईसीयू में जा चुकी है, और आज अगर चुप्पी साधी गई तो कल यह त्रासदी किसी के भी घर का दरवाजा खटखटा सकती है। समिति ने सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों को कान खोलकर सुनने की चेतावनी देते हुए प्रशासन के सामने 6 मजबूत मांगें रखी हैं। इन मांगों में बेकसूर भारत तिवारी को 'शहीद' का दर्जा देने, पीड़ित परिवार को तुरंत ₹2 करोड़ की सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की गारंटी देने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, दोषियों को सिर्फ निलंबित करके मामले को ठंडे बस्ते में न डालने की बजाय उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने और वर्दी की आड़ में छिपे हत्यारों पर धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर मांग की गई है। समिति ने एक बेहद कड़े रुख के साथ यह भी कहा कि जिस तरीके से भारत तिवारी निहत्थे थे और उनका एनकाउंटर हुआ, उसी तरीके से सरकार को भी उन पुलिसकर्मियों का एनकाउंटर करना चाहिए, जिन्होंने यह कृत्य किया है। साथ ही, उस स्थान पर 'शहीद भरत तिवारी' के नाम से एक पार्क बनाकर उनकी प्रतिमा स्थापित करने और एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मियों की भी प्रतिमा लगाने की मांग की गई है, ताकि 'हिसाब बराबर' हो सके। सोनी शुक्ला कांति ने देश की जनता से अपील की है कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है, और उनकी एक आवाज, सोशल मीडिया पर एक शेयर और जमीन पर एक कदम इस सोए हुए सिस्टम को हिलाने की ताकत रखता है। उन्होंने इस ताकत को पहचानने और एक सुर में बोलने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी खामोशी ही अत्याचारियों का सबसे बड़ा हौसला है। उन्होंने दृढ़तापूर्वक कहा कि जब तक भारत तिवारी की बूढ़ी मां को उसका हक नहीं मिल जाता और दोषियों को सजा नहीं मिल जाती, तब तक न यह कलम रुकेगी, न यह आवाज थमेगी और न ही यह संघर्ष कमजोर पड़ेगा। उन्होंने जनता से न्याय की इस मशाल को घर-घर तक पहुंचाने की अपील के साथ 'भारत तिवारी को न्याय दो' और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाए।1