गन्ने की खेती बचाने को केन डेवलपमेंट में निवेश बढ़ाए मिल प्रबंधन : मदन गोविंद राव रामकोला (कुशीनगर)। गन्ने की खेती में बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कटाई-छिलाई की समस्या किसानों के सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में चीनी मिल प्रबंधन को किसानों की सुविधा और गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए केन डेवलपमेंट पर निवेश बढ़ाने की जरूरत है। यह बात भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने मंगलवार को त्रिवेणी चीनी मिल रामकोला से संबंधित केन यूनियन (पी) में आयोजित सट्टा प्रदर्शन मेले के शुभारंभ के दौरान कही। मेले में वर्ष 2026-27 के गन्ना सर्वे कैलेंडर का प्रकाशन किया गया। पूर्व विधायक ने किसानों से सर्वे और सट्टा प्रदर्शन का बारीकी से अवलोकन करने तथा किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर निर्धारित समय के भीतर उसका सुधार कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सही सर्वे और सट्टा संबंधी जानकारी मिलना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो। । उन्होंने चीनी मिल प्रबंधन से किसानों की इस समस्या को देखते हुए छोटे-बड़े केन हार्वेस्टर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए अनुकूल और अधिक उत्पादन देने वाली गन्ने की उन्नत प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। कहा कि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो वे गन्ने की खेती से विमुख हो सकते हैं। इसका सीधा असर किसानों के साथ-साथ चीनी उद्योग पर भी पड़ेगा।मेले में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद, समिति सचिव बालेन्द्र सिंह, गन्ना प्रबंधक अनिल सिंह, समिति उपाध्यक्ष दीपू राय, किसान नेता भानु प्रताप यादव समेत किसानों और जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। बाद में जिला गन्ना अधिकारी कुशीनगर ने सट्टा प्रदर्शनी का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।
गन्ने की खेती बचाने को केन डेवलपमेंट में निवेश बढ़ाए मिल प्रबंधन : मदन गोविंद राव रामकोला (कुशीनगर)। गन्ने की खेती में बढ़ती लागत, मजदूरों की कमी और कटाई-छिलाई की समस्या किसानों के सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे में चीनी मिल प्रबंधन को किसानों की सुविधा और गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए केन डेवलपमेंट पर निवेश बढ़ाने की जरूरत है। यह बात भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक मदन गोविंद राव ने मंगलवार को त्रिवेणी चीनी मिल रामकोला से संबंधित केन यूनियन (पी) में आयोजित सट्टा प्रदर्शन मेले के शुभारंभ के दौरान कही। मेले में वर्ष 2026-27 के गन्ना सर्वे कैलेंडर का प्रकाशन किया गया। पूर्व विधायक ने किसानों से सर्वे और सट्टा प्रदर्शन का बारीकी से अवलोकन करने तथा किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर निर्धारित समय के भीतर उसका सुधार कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर सही सर्वे और सट्टा संबंधी जानकारी मिलना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो। । उन्होंने चीनी मिल प्रबंधन से किसानों की इस समस्या को देखते हुए छोटे-बड़े केन हार्वेस्टर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए अनुकूल और अधिक उत्पादन देने वाली गन्ने की उन्नत प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। कहा कि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो वे गन्ने की खेती से विमुख हो सकते हैं। इसका सीधा असर किसानों के साथ-साथ चीनी उद्योग पर भी पड़ेगा।मेले में ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद, समिति सचिव बालेन्द्र सिंह, गन्ना प्रबंधक अनिल सिंह, समिति उपाध्यक्ष दीपू राय, किसान नेता भानु प्रताप यादव समेत किसानों और जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। बाद में जिला गन्ना अधिकारी कुशीनगर ने सट्टा प्रदर्शनी का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।
- हाटा में जमीन विवाद में महिला और उसकी वृद्ध सास को लाठी-रॉड से पीटा, सोने के जेवर छीने। हंगामा टाइम्स न्यूज़ हाटा, कुशीनगर। कोतवाली हाटा थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरी मलाव में जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदारों द्वारा एक महिला और उसकी वृद्ध सास के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला ? प्रार्थिनी आशा देवी पत्नी उपेन्द्र यादव ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर दिनांक 21 अगस्त 2026 को बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थी। इसी रंजिश को लेकर 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 8:30 बजे उनके पट्टीदार रामायन पुत्र रामजीत, निखिल पुत्र रामायन, पूजा व कल्पना पुत्रियां रामायन और कोमल पत्नी रामायन एकराय होकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोकने लगे। विरोध करने पर सभी ने आशा देवी और उनकी वृद्ध सास रामकली देवी पत्नी स्व. बाबूलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वृद्धा के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आशा देवी को भी शरीर में काफी चोटें आई हैं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जेवरात छीनने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों ने उनका मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने की जिउतिया जबरन छीन ली। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना थाना हाटा पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी कुशीनगर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लूटे गए जेवरात बरामद करने की मांग की है।1
- हाटा में जमीन विवाद में महिला और उसकी वृद्ध सास को लाठी-रॉड से पीटा, सोने के जेवर छीने। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश हाटा, कुशीनगर। कोतवाली हाटा थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरी मलाव में जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदारों द्वारा एक महिला और उसकी वृद्ध सास के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला ? प्रार्थिनी आशा देवी पत्नी उपेन्द्र यादव ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर दिनांक 21 अगस्त 2026 को बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थी। इसी रंजिश को लेकर 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 8:30 बजे उनके पट्टीदार रामायन पुत्र रामजीत, निखिल पुत्र रामायन, पूजा व कल्पना पुत्रियां रामायन और कोमल पत्नी रामायन एकराय होकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोकने लगे। विरोध करने पर सभी ने आशा देवी और उनकी वृद्ध सास रामकली देवी पत्नी स्व. बाबूलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वृद्धा के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आशा देवी को भी शरीर में काफी चोटें आई हैं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जेवरात छीनने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों ने उनका मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने की जिउतिया जबरन छीन ली। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना थाना हाटा पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी कुशीनगर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लूटे गए जेवरात बरामद करने की मांग की है।1
- लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** # **लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** **बंजारी पट्टी क्षेत्र के चमाडिया गांव का मामला** **बंजारी पट्टी।** ग्रामीणों की सुविधा और सामुदायिक आयोजनों के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया विवाह भवन अब देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। भवन बनने के बावजूद इसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से जनसुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च कर भवन का निर्माण कराया जाता है, लेकिन निर्माण के बाद उसकी देखरेख और उपयोग की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि चमाडिया गांव में बना विवाह भवन भी अब अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि **जब भवन का निर्माण विवाह और सामुदायिक आयोजनों के लिए कराया गया था, तो इसका उपयोग आखिर क्यों नहीं हो रहा है?** यदि इसी तरह भवन बंद पड़ा रहा तो आने वाले समय में इसकी हालत और खराब हो सकती है और सरकारी धन से बनी संपत्ति पूरी तरह जर्जर हो जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर जांच कर भवन की वर्तमान स्थिति का जायजा ले और इसकी साफ-सफाई, मरम्मत तथा उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर भवन बनाया गया था, उसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि **सरकारी धन से बनी संपत्ति का इस तरह बर्बाद होना चिंता का विषय है।** जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लें और विवाह भवन को दोबारा उपयोग के लायक बनाकर ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराएं।4
- सब स्टेशन पर ताला लगाने पहुंचे ग्रामीण, मौके पर ही मान ली गई बिजली की मांग1
- सोनौली में लंबा जाम,सर्विस लाइन कटिंग से बढ़ी लोगो की परेशानी महराजगंज नेपाल में आपदा के बाद सोनौली सीमा पर ट्रकों की लंबी कतार से जाम लगा है। नेपाल की खराब सड़कों से रफ्तार धीमी है, इसी बीच सर्विस लाइन में ‘कटिंग’ का आरोप है।एनएच-24 पर सोनौली कोतवाली के बाद बाबालाज के सामने मुख्य सड़क को सर्विस लाइन से जोड़ती कटिंग है। आरोप है कि रात में ट्रकों को मुख्य कतार से अलग कर सर्विस लाइन में खड़ा कराया जाता है। रातभर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। स्थानीय रमेश, अनिल, श्याम, मनोज का कहना है कि जबरन गाड़ियां खड़ी कराने से विवाद होता है।1
- नौतनवा बाईपास पर भीषण हादसा, नेपाल जा रहे छह लोग घायल, महराजगंज: नौतनवा कस्बे के बाईपास राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार दोपहर करीब 12:40 बजे पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार अर्टिगा कार आगे चल रही काइगर कार से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में अर्टिगा सवार छह लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक, संत कबीरनगर जिले के बखिरा थाना क्षेत्र के अमरढोभा निवासी मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद ताल्हा, मोहम्मद हसन, मोहम्मद जमाल, मोहम्मद अब्दुल्ला और मोहम्मद इलियास अर्टिगा कार संख्या UP 51 AW 9001 से नेपाल घूमने जा रहे थे। नौतनवा बाईपास स्थित पेट्रोल पंप के पास उनकी कार आगे चल रही बहुजन समाज पार्टी के महराजगंज के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र राव की काइगर कार से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि अर्टिगा अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। सूचना मिलते ही नौतनवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने पलटी कार से सभी घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा। दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। #PublicMaharajganjNews #Nautanwa #Maharajganj #NautanwaBypass #RoadAccident #AccidentNews1
- सचिवालय के सामने पांच साल से गंदे पानी का बहाव, ग्रामीण परेशान: सुकरौली विकास खंड के मठसूरजगिर गांव में ग्राम सचिवालय के सामने सड़क पर लंबे समय से गंदा पानी बह रहा है। सुकरौली/कुशीनगर। सुकरौली विकास खंड के मठसूरजगिर गांव में ग्राम सचिवालय के सामने सड़क पर पिछले करीब पांच वर्षों से गंदा पानी बह रहा है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी जमा रहता है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार घरों से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी सड़क पर ही बहता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों के अलावा बुजुर्ग, महिलाएं और बाइक सवार भी आते-जाते हैं। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क पर कीचड़ और फिसलन होने से लोगों के गिरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी अंगद चौहान, जितेंद्र चौहान और कमलेश चौहान ने बताया कि सड़क पर गंदा पानी बहने की समस्या करीब पांच साल से बनी हुई है। कई बार ब्लॉक कर्मचारियों और संबंधित जिम्मेदारों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सचिवालय के सामने ही जलभराव की स्थिति बनी रहने से लोगों को वहां पहुंचने में भी परेशानी होती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर जलनिकासी की उचित व्यवस्था कराने की मांग की है। स्थल निरीक्षण के बाद होगी कार्रवाई एडीओ पंचायत उषा कुशवाहा ने बताया कि मौके का निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण के बाद स्थिति के अनुसार समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि निरीक्षण के बाद लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा।1
- पडरौना ब्लॉक के ग्राम माघी विशुनपुरा में राशन दुकान के चयन पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, डीएम से लगाई जांच की गुहार। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश पड़रौना, कुशीनगर। विकास खंड पडरौना के ग्राम माघी विशुनपुरा, पोस्ट परसौनी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की राशन की दुकान पहले अनुसूचित जाति के कोटे में थी, जो अनियमितता के चलते निरस्त हो गई। इसके बाद शासन से सामान्य श्रेणी के EWS कोटे में दुकान आवंटित करने का आदेश आया। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को हुई खुली बैठक में जबरन एक ऐसे संपन्न व्यक्ति का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके पास दो जगह मेडिकल स्टोर और बड़ी-बड़ी पक्की मकान हैं। ऐसे में वह व्यक्ति EWS के मानक में नहीं आता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उस व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराकर उसे EWS दायरे से बाहर किया जाए। साथ ही 19 सितंबर 2026 को लगी अगली तारीख को निरस्त कर पहले जांच कराई जाए, फिर नए सिरे से मानक के अनुसार चयन किया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके गांव में 99 प्रतिशत आबादी OBC और SC वर्ग की है, इसलिए राशन दुकान का चयन भी गांव की सामाजिक स्थिति और मानक के अनुसार ही होना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र व्यक्ति के नाम ही राशन की दुकान का चयन कराया जाए।1