पडरौना ब्लॉक के ग्राम माघी विशुनपुरा में राशन दुकान के चयन पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, डीएम से लगाई जांच की गुहार। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश पड़रौना, कुशीनगर। विकास खंड पडरौना के ग्राम माघी विशुनपुरा, पोस्ट परसौनी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की राशन की दुकान पहले अनुसूचित जाति के कोटे में थी, जो अनियमितता के चलते निरस्त हो गई। इसके बाद शासन से सामान्य श्रेणी के EWS कोटे में दुकान आवंटित करने का आदेश आया। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को हुई खुली बैठक में जबरन एक ऐसे संपन्न व्यक्ति का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके पास दो जगह मेडिकल स्टोर और बड़ी-बड़ी पक्की मकान हैं। ऐसे में वह व्यक्ति EWS के मानक में नहीं आता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उस व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराकर उसे EWS दायरे से बाहर किया जाए। साथ ही 19 सितंबर 2026 को लगी अगली तारीख को निरस्त कर पहले जांच कराई जाए, फिर नए सिरे से मानक के अनुसार चयन किया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके गांव में 99 प्रतिशत आबादी OBC और SC वर्ग की है, इसलिए राशन दुकान का चयन भी गांव की सामाजिक स्थिति और मानक के अनुसार ही होना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र व्यक्ति के नाम ही राशन की दुकान का चयन कराया जाए।
पडरौना ब्लॉक के ग्राम माघी विशुनपुरा में राशन दुकान के चयन पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, डीएम से लगाई जांच की गुहार। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश पड़रौना, कुशीनगर। विकास खंड पडरौना के ग्राम माघी विशुनपुरा, पोस्ट परसौनी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की राशन की दुकान पहले अनुसूचित जाति के कोटे में थी, जो अनियमितता के चलते निरस्त हो गई। इसके बाद शासन से सामान्य श्रेणी के EWS कोटे में दुकान आवंटित करने का आदेश आया। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को हुई खुली बैठक में जबरन एक ऐसे संपन्न व्यक्ति का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके पास दो जगह मेडिकल स्टोर और बड़ी-बड़ी पक्की मकान हैं। ऐसे में वह व्यक्ति EWS के मानक में नहीं आता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उस व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराकर उसे EWS दायरे से बाहर किया जाए। साथ ही 19 सितंबर 2026 को लगी अगली तारीख को निरस्त कर पहले जांच कराई जाए, फिर नए सिरे से मानक के अनुसार चयन किया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके गांव में 99 प्रतिशत आबादी OBC और SC वर्ग की है, इसलिए राशन दुकान का चयन भी गांव की सामाजिक स्थिति और मानक के अनुसार ही होना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र व्यक्ति के नाम ही राशन की दुकान का चयन कराया जाए।
- हाटा में जमीन विवाद में महिला और उसकी वृद्ध सास को लाठी-रॉड से पीटा, सोने के जेवर छीने। हंगामा टाइम्स न्यूज़ हाटा, कुशीनगर। कोतवाली हाटा थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरी मलाव में जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदारों द्वारा एक महिला और उसकी वृद्ध सास के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला ? प्रार्थिनी आशा देवी पत्नी उपेन्द्र यादव ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर दिनांक 21 अगस्त 2026 को बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थी। इसी रंजिश को लेकर 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 8:30 बजे उनके पट्टीदार रामायन पुत्र रामजीत, निखिल पुत्र रामायन, पूजा व कल्पना पुत्रियां रामायन और कोमल पत्नी रामायन एकराय होकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोकने लगे। विरोध करने पर सभी ने आशा देवी और उनकी वृद्ध सास रामकली देवी पत्नी स्व. बाबूलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वृद्धा के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आशा देवी को भी शरीर में काफी चोटें आई हैं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जेवरात छीनने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों ने उनका मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने की जिउतिया जबरन छीन ली। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना थाना हाटा पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी कुशीनगर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लूटे गए जेवरात बरामद करने की मांग की है।1
- हाटा में जमीन विवाद में महिला और उसकी वृद्ध सास को लाठी-रॉड से पीटा, सोने के जेवर छीने। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश हाटा, कुशीनगर। कोतवाली हाटा थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरी मलाव में जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदारों द्वारा एक महिला और उसकी वृद्ध सास के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला ? प्रार्थिनी आशा देवी पत्नी उपेन्द्र यादव ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर दिनांक 21 अगस्त 2026 को बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थी। इसी रंजिश को लेकर 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 8:30 बजे उनके पट्टीदार रामायन पुत्र रामजीत, निखिल पुत्र रामायन, पूजा व कल्पना पुत्रियां रामायन और कोमल पत्नी रामायन एकराय होकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोकने लगे। विरोध करने पर सभी ने आशा देवी और उनकी वृद्ध सास रामकली देवी पत्नी स्व. बाबूलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वृद्धा के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आशा देवी को भी शरीर में काफी चोटें आई हैं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जेवरात छीनने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों ने उनका मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने की जिउतिया जबरन छीन ली। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना थाना हाटा पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी कुशीनगर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लूटे गए जेवरात बरामद करने की मांग की है।1
- लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** # **लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** **बंजारी पट्टी क्षेत्र के चमाडिया गांव का मामला** **बंजारी पट्टी।** ग्रामीणों की सुविधा और सामुदायिक आयोजनों के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया विवाह भवन अब देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। भवन बनने के बावजूद इसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से जनसुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च कर भवन का निर्माण कराया जाता है, लेकिन निर्माण के बाद उसकी देखरेख और उपयोग की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि चमाडिया गांव में बना विवाह भवन भी अब अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि **जब भवन का निर्माण विवाह और सामुदायिक आयोजनों के लिए कराया गया था, तो इसका उपयोग आखिर क्यों नहीं हो रहा है?** यदि इसी तरह भवन बंद पड़ा रहा तो आने वाले समय में इसकी हालत और खराब हो सकती है और सरकारी धन से बनी संपत्ति पूरी तरह जर्जर हो जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर जांच कर भवन की वर्तमान स्थिति का जायजा ले और इसकी साफ-सफाई, मरम्मत तथा उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर भवन बनाया गया था, उसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि **सरकारी धन से बनी संपत्ति का इस तरह बर्बाद होना चिंता का विषय है।** जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लें और विवाह भवन को दोबारा उपयोग के लायक बनाकर ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराएं।4
- कुशीनगर के बिजली व्यवस्था से नाराज लोगों ने किया हंगामा,8 साल से नगरीय इलाकों में हो रही ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति कुशीनगर के बिजली व्यवस्था से नाराज लोगों ने किया हंगामा 8 साल से नगरीय इलाकों में हो रही ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति - ग्रामीण फीडर पड़री से लगातार बिजली कटौती से नाराज थे लोग - सैकड़ों लोगों ने हाटा 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र पहुंच किया हंगामा - विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन कर जताई नाराजगी - प्रदर्शनकारियों ने जबरन सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति की बंद - सूचना पर एसडीओ बलदेव सिंह और जेई अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे - जबरन फिडर में घुसकर की बिजली आपूर्ति बंद - हाटा नगर के मुख्य विद्युत सब स्टेशन का मामला।1
- सब स्टेशन पर ताला लगाने पहुंचे ग्रामीण, मौके पर ही मान ली गई बिजली की मांग1
- सचिवालय के सामने पांच साल से गंदे पानी का बहाव, ग्रामीण परेशान: सुकरौली विकास खंड के मठसूरजगिर गांव में ग्राम सचिवालय के सामने सड़क पर लंबे समय से गंदा पानी बह रहा है। सुकरौली/कुशीनगर। सुकरौली विकास खंड के मठसूरजगिर गांव में ग्राम सचिवालय के सामने सड़क पर पिछले करीब पांच वर्षों से गंदा पानी बह रहा है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी जमा रहता है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार घरों से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी सड़क पर ही बहता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों के अलावा बुजुर्ग, महिलाएं और बाइक सवार भी आते-जाते हैं। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क पर कीचड़ और फिसलन होने से लोगों के गिरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी अंगद चौहान, जितेंद्र चौहान और कमलेश चौहान ने बताया कि सड़क पर गंदा पानी बहने की समस्या करीब पांच साल से बनी हुई है। कई बार ब्लॉक कर्मचारियों और संबंधित जिम्मेदारों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सचिवालय के सामने ही जलभराव की स्थिति बनी रहने से लोगों को वहां पहुंचने में भी परेशानी होती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर जलनिकासी की उचित व्यवस्था कराने की मांग की है। स्थल निरीक्षण के बाद होगी कार्रवाई एडीओ पंचायत उषा कुशवाहा ने बताया कि मौके का निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण के बाद स्थिति के अनुसार समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि निरीक्षण के बाद लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा।1
- डीएम ने बरहज ब्लॉक परिसर में निर्माणाधीन आवासीय भवन का किया औचक निरीक्षण निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा कराने के दिए निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को विकास खंड बरहज के परिसर में एक करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन आवासीय भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, भवन की संरचना, उपयोग में लाई जा रही निर्माण सामग्री तथा कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और अब तक की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि आवासीय भवन के निर्माण कार्य की शुरुआत अगस्त 2025 में हुई थी तथा इसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और कार्यदायी संस्था द्वारा स्वीकृत मानकों के अनुरूप ही निर्माण कराया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करते हुए प्रगति की समीक्षा की जाए, ताकि कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो सके। उन्होंने निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कार्य में अनावश्यक विलंब न होने देने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उप जिलाधिकारी बरहज प्रवीण कुमार, अधिशासी अभियंता आरईडी सहित सम्बंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।1
- पडरौना ब्लॉक के ग्राम माघी विशुनपुरा में राशन दुकान के चयन पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, डीएम से लगाई जांच की गुहार। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश पड़रौना, कुशीनगर। विकास खंड पडरौना के ग्राम माघी विशुनपुरा, पोस्ट परसौनी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की राशन की दुकान पहले अनुसूचित जाति के कोटे में थी, जो अनियमितता के चलते निरस्त हो गई। इसके बाद शासन से सामान्य श्रेणी के EWS कोटे में दुकान आवंटित करने का आदेश आया। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को हुई खुली बैठक में जबरन एक ऐसे संपन्न व्यक्ति का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके पास दो जगह मेडिकल स्टोर और बड़ी-बड़ी पक्की मकान हैं। ऐसे में वह व्यक्ति EWS के मानक में नहीं आता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उस व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराकर उसे EWS दायरे से बाहर किया जाए। साथ ही 19 सितंबर 2026 को लगी अगली तारीख को निरस्त कर पहले जांच कराई जाए, फिर नए सिरे से मानक के अनुसार चयन किया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके गांव में 99 प्रतिशत आबादी OBC और SC वर्ग की है, इसलिए राशन दुकान का चयन भी गांव की सामाजिक स्थिति और मानक के अनुसार ही होना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र व्यक्ति के नाम ही राशन की दुकान का चयन कराया जाए।1