लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** # **लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** **बंजारी पट्टी क्षेत्र के चमाडिया गांव का मामला** **बंजारी पट्टी।** ग्रामीणों की सुविधा और सामुदायिक आयोजनों के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया विवाह भवन अब देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। भवन बनने के बावजूद इसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से जनसुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च कर भवन का निर्माण कराया जाता है, लेकिन निर्माण के बाद उसकी देखरेख और उपयोग की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि चमाडिया गांव में बना विवाह भवन भी अब अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि **जब भवन का निर्माण विवाह और सामुदायिक आयोजनों के लिए कराया गया था, तो इसका उपयोग आखिर क्यों नहीं हो रहा है?** यदि इसी तरह भवन बंद पड़ा रहा तो आने वाले समय में इसकी हालत और खराब हो सकती है और सरकारी धन से बनी संपत्ति पूरी तरह जर्जर हो जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर जांच कर भवन की वर्तमान स्थिति का जायजा ले और इसकी साफ-सफाई, मरम्मत तथा उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर भवन बनाया गया था, उसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि **सरकारी धन से बनी संपत्ति का इस तरह बर्बाद होना चिंता का विषय है।** जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लें और विवाह भवन को दोबारा उपयोग के लायक बनाकर ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराएं।
लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** # **लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** **बंजारी पट्टी क्षेत्र के चमाडिया गांव का मामला** **बंजारी पट्टी।** ग्रामीणों की सुविधा और सामुदायिक आयोजनों के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया विवाह भवन अब देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। भवन
बनने के बावजूद इसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से जनसुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च कर भवन का निर्माण कराया जाता है, लेकिन निर्माण के बाद उसकी देखरेख और उपयोग की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि चमाडिया गांव में बना विवाह भवन भी अब अपनी उपयोगिता खोता
नजर आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि **जब भवन का निर्माण विवाह और सामुदायिक आयोजनों के लिए कराया गया था, तो इसका उपयोग आखिर क्यों नहीं हो रहा है?** यदि इसी तरह भवन बंद पड़ा रहा तो आने वाले समय में इसकी हालत और खराब हो सकती है और सरकारी धन से बनी संपत्ति पूरी तरह जर्जर हो जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर जांच कर भवन की वर्तमान
स्थिति का जायजा ले और इसकी साफ-सफाई, मरम्मत तथा उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर भवन बनाया गया था, उसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि **सरकारी धन से बनी संपत्ति का इस तरह बर्बाद होना चिंता का विषय है।** जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लें और विवाह भवन को दोबारा उपयोग के लायक बनाकर ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराएं।
- हाटा में जमीन विवाद में महिला और उसकी वृद्ध सास को लाठी-रॉड से पीटा, सोने के जेवर छीने। हंगामा टाइम्स न्यूज़ हाटा, कुशीनगर। कोतवाली हाटा थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरी मलाव में जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदारों द्वारा एक महिला और उसकी वृद्ध सास के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला ? प्रार्थिनी आशा देवी पत्नी उपेन्द्र यादव ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर दिनांक 21 अगस्त 2026 को बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थी। इसी रंजिश को लेकर 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 8:30 बजे उनके पट्टीदार रामायन पुत्र रामजीत, निखिल पुत्र रामायन, पूजा व कल्पना पुत्रियां रामायन और कोमल पत्नी रामायन एकराय होकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोकने लगे। विरोध करने पर सभी ने आशा देवी और उनकी वृद्ध सास रामकली देवी पत्नी स्व. बाबूलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वृद्धा के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आशा देवी को भी शरीर में काफी चोटें आई हैं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जेवरात छीनने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों ने उनका मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने की जिउतिया जबरन छीन ली। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना थाना हाटा पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी कुशीनगर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लूटे गए जेवरात बरामद करने की मांग की है।1
- हाटा में जमीन विवाद में महिला और उसकी वृद्ध सास को लाठी-रॉड से पीटा, सोने के जेवर छीने। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश हाटा, कुशीनगर। कोतवाली हाटा थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरी मलाव में जमीनी विवाद को लेकर पट्टीदारों द्वारा एक महिला और उसकी वृद्ध सास के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। क्या है पूरा मामला ? प्रार्थिनी आशा देवी पत्नी उपेन्द्र यादव ने बताया कि वह अपनी निजी भूमि पर दिनांक 21 अगस्त 2026 को बाउंड्रीवॉल का निर्माण करा रही थी। इसी रंजिश को लेकर 22 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 8:30 बजे उनके पट्टीदार रामायन पुत्र रामजीत, निखिल पुत्र रामायन, पूजा व कल्पना पुत्रियां रामायन और कोमल पत्नी रामायन एकराय होकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रोकने लगे। विरोध करने पर सभी ने आशा देवी और उनकी वृद्ध सास रामकली देवी पत्नी स्व. बाबूलाल के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में वृद्धा के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। आशा देवी को भी शरीर में काफी चोटें आई हैं। दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जेवरात छीनने का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावरों ने उनका मंगलसूत्र, कान की बाली और सोने की जिउतिया जबरन छीन ली। शोर सुनकर गांव के लोग इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना थाना हाटा पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने 14 सितंबर को जिलाधिकारी कुशीनगर व पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लूटे गए जेवरात बरामद करने की मांग की है।1
- लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** # **लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** **बंजारी पट्टी क्षेत्र के चमाडिया गांव का मामला** **बंजारी पट्टी।** ग्रामीणों की सुविधा और सामुदायिक आयोजनों के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया विवाह भवन अब देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। भवन बनने के बावजूद इसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से जनसुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च कर भवन का निर्माण कराया जाता है, लेकिन निर्माण के बाद उसकी देखरेख और उपयोग की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि चमाडिया गांव में बना विवाह भवन भी अब अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि **जब भवन का निर्माण विवाह और सामुदायिक आयोजनों के लिए कराया गया था, तो इसका उपयोग आखिर क्यों नहीं हो रहा है?** यदि इसी तरह भवन बंद पड़ा रहा तो आने वाले समय में इसकी हालत और खराब हो सकती है और सरकारी धन से बनी संपत्ति पूरी तरह जर्जर हो जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर जांच कर भवन की वर्तमान स्थिति का जायजा ले और इसकी साफ-सफाई, मरम्मत तथा उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर भवन बनाया गया था, उसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि **सरकारी धन से बनी संपत्ति का इस तरह बर्बाद होना चिंता का विषय है।** जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लें और विवाह भवन को दोबारा उपयोग के लायक बनाकर ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराएं।4
- कुशीनगर के बिजली व्यवस्था से नाराज लोगों ने किया हंगामा,8 साल से नगरीय इलाकों में हो रही ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति कुशीनगर के बिजली व्यवस्था से नाराज लोगों ने किया हंगामा 8 साल से नगरीय इलाकों में हो रही ग्रामीण फीडर से बिजली आपूर्ति - ग्रामीण फीडर पड़री से लगातार बिजली कटौती से नाराज थे लोग - सैकड़ों लोगों ने हाटा 33 केवीए विद्युत उपकेंद्र पहुंच किया हंगामा - विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन कर जताई नाराजगी - प्रदर्शनकारियों ने जबरन सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति की बंद - सूचना पर एसडीओ बलदेव सिंह और जेई अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे - जबरन फिडर में घुसकर की बिजली आपूर्ति बंद - हाटा नगर के मुख्य विद्युत सब स्टेशन का मामला।1
- सब स्टेशन पर ताला लगाने पहुंचे ग्रामीण, मौके पर ही मान ली गई बिजली की मांग1
- सचिवालय के सामने पांच साल से गंदे पानी का बहाव, ग्रामीण परेशान: सुकरौली विकास खंड के मठसूरजगिर गांव में ग्राम सचिवालय के सामने सड़क पर लंबे समय से गंदा पानी बह रहा है। सुकरौली/कुशीनगर। सुकरौली विकास खंड के मठसूरजगिर गांव में ग्राम सचिवालय के सामने सड़क पर पिछले करीब पांच वर्षों से गंदा पानी बह रहा है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी जमा रहता है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार घरों से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी सड़क पर ही बहता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चों के अलावा बुजुर्ग, महिलाएं और बाइक सवार भी आते-जाते हैं। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। सड़क पर कीचड़ और फिसलन होने से लोगों के गिरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी अंगद चौहान, जितेंद्र चौहान और कमलेश चौहान ने बताया कि सड़क पर गंदा पानी बहने की समस्या करीब पांच साल से बनी हुई है। कई बार ब्लॉक कर्मचारियों और संबंधित जिम्मेदारों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सचिवालय के सामने ही जलभराव की स्थिति बनी रहने से लोगों को वहां पहुंचने में भी परेशानी होती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर जलनिकासी की उचित व्यवस्था कराने की मांग की है। स्थल निरीक्षण के बाद होगी कार्रवाई एडीओ पंचायत उषा कुशवाहा ने बताया कि मौके का निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण के बाद स्थिति के अनुसार समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि निरीक्षण के बाद लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा।1
- दिशा की बैठक में विकास कार्यों की हुई समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध अनुपालन के दिए गए निर्देश सांसद ने जनपद के विकास के लिए समन्वित प्रयासों पर दिया जोर, डीएम ने समयबद्ध अनुपालन के दिए निर्देश* *देवरिया, 15 सितंबर।* जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक सोमवार को विकास भवन के गांधी सभागार में सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने सह-अध्यक्ष के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, रामपुर कारखाना विधायक सुरेन्द्र चौरसिया, भाटपाररानी विधायक सभाकुंवर, रुद्रपुर विधायक जयप्रकाश निषाद, सांसद बांसगांव प्रतिनिधि संजय सिंह, एमएलसी प्रतिनिधि राजू मणि, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर और मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। सदर सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा कि जनपद के विकास के लिए अधिकारी सभी कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराएं। उन्होंने विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति दी जाए। सदर सांसद ने निर्देशित किया कि जनपद में निर्मित सभी शौचालयों के उपयोग के लिए लोगों को जागरूक किया जाए तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। साथ ही, शौचालयों के उपयोग एवं व्यवहार परिवर्तन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में विभागों द्वारा संचालित किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए।गन्ने की खेती के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दिया जाए तथा कार्ययोजना तैयार कर जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जाए। सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने विद्युत, स्वास्थ्य एवं अन्य जनसुविधाओं से संबंधित बिंदुओं पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण और आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, जल जीवन मिशन, विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं, पेंशन, शौचालय निर्माण सहित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। दिशा बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता (एसई) और परियोजना निदेशक (पीडी एनएचआई) का एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों में सभी संबंधित अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि दिशा बैठक का उद्देश्य विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना तथा जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय को मजबूत करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों एवं निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा कराई। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की अद्यतन प्रगति प्रस्तुत की। बैठक में जिला स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।2
- पडरौना ब्लॉक के ग्राम माघी विशुनपुरा में राशन दुकान के चयन पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, डीएम से लगाई जांच की गुहार। टाइम्स ऑफ उत्तर प्रदेश पड़रौना, कुशीनगर। विकास खंड पडरौना के ग्राम माघी विशुनपुरा, पोस्ट परसौनी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की राशन की दुकान पहले अनुसूचित जाति के कोटे में थी, जो अनियमितता के चलते निरस्त हो गई। इसके बाद शासन से सामान्य श्रेणी के EWS कोटे में दुकान आवंटित करने का आदेश आया। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को हुई खुली बैठक में जबरन एक ऐसे संपन्न व्यक्ति का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके पास दो जगह मेडिकल स्टोर और बड़ी-बड़ी पक्की मकान हैं। ऐसे में वह व्यक्ति EWS के मानक में नहीं आता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उस व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराकर उसे EWS दायरे से बाहर किया जाए। साथ ही 19 सितंबर 2026 को लगी अगली तारीख को निरस्त कर पहले जांच कराई जाए, फिर नए सिरे से मानक के अनुसार चयन किया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके गांव में 99 प्रतिशत आबादी OBC और SC वर्ग की है, इसलिए राशन दुकान का चयन भी गांव की सामाजिक स्थिति और मानक के अनुसार ही होना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र व्यक्ति के नाम ही राशन की दुकान का चयन कराया जाए।1