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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित गंगोह थाना क्षेत्र के एक गांव में अवैध रूप से चल रही पटाखा निर्माण इकाई में अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी भयानक थी कि पूरी इमारत ढह गई और शवों के टुकड़े 100 मीटर दूर खेतों में जाकर गिरे। घटना के बाद मलबे और आसपास के खेतों से शवों को बरामद करने का काम जारी है। इस भीषण हादसे में कई लोगों की मौत होने की गंभीर आशंका जताई गई है।
आशीष मिश्रा
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित गंगोह थाना क्षेत्र के एक गांव में अवैध रूप से चल रही पटाखा निर्माण इकाई में अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी भयानक थी कि पूरी इमारत ढह गई और शवों के टुकड़े 100 मीटर दूर खेतों में जाकर गिरे। घटना के बाद मलबे और आसपास के खेतों से शवों को बरामद करने का काम जारी है। इस भीषण हादसे में कई लोगों की मौत होने की गंभीर आशंका जताई गई है।
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- वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती, मजबूत आर्थिक आंकड़ों और ऊंची बॉन्ड यील्ड के कारण भारतीय रुपये पर दबाव बना हुआ है। डॉलर मजबूत होने से दुनिया भर की अधिकांश उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राएं कमजोर हो रही हैं। इसके अलावा दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव और मध्य पूर्व में संघर्ष जैसी वैश्विक अनिश्चितताओं के समय निवेशक भारत जैसे जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिकी डॉलर और सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में लगाते हैं। भारतीय शेयर और बॉन्ड बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार मुनाफा वसूली कर पैसा बाहर निकाल रहे हैं। वे शेयर बेचकर रुपये को डॉलर में बदलकर वापस भेजते हैं, जिससे बाजार में डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया गिरता है। वहीं भारत अपनी जरूरत का लगभग 80-85% कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने पर आयात भुगतान के लिए अधिक डॉलर की जरूरत पड़ती है, जिससे देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ता है और रुपये की कीमत पर सीधा असर पड़ता है। अमेरिका और भारत के बीच मुद्रास्फीति और ब्याज दरों में अंतर रहने के कारण ऐतिहासिक रूप से सामान्य आर्थिक चक्रों में रुपये में सालाना 2% से 3% की स्वाभाविक गिरावट दर्ज की जाती है। रुपये में तेज उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समय-समय पर अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर बेचकर बाजार को संतुलित करने की कोशिश करता है।1
- पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के सभागार में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के अवसर पर एक प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान गुरु रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही, रविदास जयंती के अवसर पर पूरे बिहार में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की भावी रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस आयोजन के दौरान नेताओं के संबोधन के साथ-साथ बिहार की राजनीति से जुड़े बड़े संकेत भी दिए गए।1
- रिपोर्टर एवं एडिटर मो. ज़ुनैद ने प्रियंका जी के रुख की सराहना करते हुए उनकी जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि प्रियंका जी ने बहुत अच्छा काम करते हुए गोदी मीडिया की वाट लगा दी।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस से बर्खास्त किए गए सिपाही सुनील शुक्ला को शंकराचार्य ने नौकरी देने की पेशकश की है। इस प्रस्ताव के तहत शंकराचार्य की ओर से सुनील शुक्ला को पुलिस विभाग में मिलने वाले वेतन से भी अधिक वेतन पर काम देने की बात कही गई है।1
- ऋषिकेश में कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इस सिलसिले में कोतवाली में सीओ तुषार बोरा की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में व्यापार संघ, टैक्सी यूनियन और ऑटो-विक्रम संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान यातायात प्रबंधन, अतिक्रमण हटाने, मांसाहार, प्याज और लहसुन पर प्रतिबंध लगाने, कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन और अफवाहों से बचाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यात्रा मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 2500 ई-रिक्शा और टेम्पो संचालित किए जाएंगे, जबकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से हर प्रमुख चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहेगा।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हज़रतगंज थाना क्षेत्र स्थित लोकभवन के गेट नंबर 9 के सामने दो दलितों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। आत्मदाह का यह कदम उठाने से पहले ही वहां तैनात सचिवालय के सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते तत्परता दिखाते हुए दोनों को दबोच लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आत्मदाह की कोशिश करने वाले पीड़ितों की पहचान दुबग्गा थाना क्षेत्र के निवासी दलित राम गणेश और सतीश कुमार गौतम के रूप में हुई है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और लगातार शिकायतों के बावजूद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इसी अनदेखी और उत्पीड़न से आहत होकर उन्होंने लोकभवन के सामने पहुंचकर आत्मदाह का प्रयास किया।1