बिलासपुर यातायात पुलिस ने कानून के सभी के लिए समान होने के सिद्धांत को एक बार फिर व्यवहार में साबित करते हुए, शहर के कलेक्टर कार्यालय चौक के पास नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े एक प्रशासनिक चारपहिया वाहन के खिलाफ कार्रवाई की है। यातायात पुलिस ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए उस वाहन को क्रेन की मदद से हटवाकर मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ा कराया और उसका ऑनलाइन चालान भी जारी किया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी विशेष छूट नहीं मिलेगी, चाहे वाहन किसी भी विभाग या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या के समाधान के लिए बिलासपुर नगर निगम द्वारा मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया गया है। जिला न्यायालय, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और नगर निगम जैसे कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय एक ही परिसर के आसपास स्थित होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं, जिनके वाहनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। बिलासपुर यातायात पुलिस की इस निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई ने आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है। इसने नागरिकों में यह विश्वास और मजबूत किया है कि कानून के सामने सभी समान हैं, और बिलासपुर पुलिस नियमों का पालन कराने में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसी कार्यशैली न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है, बल्कि कानून के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना को भी बढ़ावा देती है, जो बिलासपुर पुलिस द्वारा पेश की गई निष्पक्षता की मिसाल है।
बिलासपुर यातायात पुलिस ने कानून के सभी के लिए समान होने के सिद्धांत को एक बार फिर व्यवहार में साबित करते हुए, शहर के कलेक्टर कार्यालय चौक के पास नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े एक प्रशासनिक चारपहिया वाहन के खिलाफ कार्रवाई की है। यातायात पुलिस ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए उस वाहन को क्रेन की मदद से हटवाकर मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ा कराया और उसका ऑनलाइन चालान भी जारी किया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी विशेष छूट नहीं मिलेगी, चाहे वाहन किसी भी विभाग या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या के समाधान के लिए बिलासपुर नगर निगम द्वारा मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया गया है। जिला न्यायालय, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और नगर निगम जैसे कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय एक ही परिसर के आसपास स्थित होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं, जिनके वाहनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। बिलासपुर यातायात पुलिस की इस निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई ने आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है। इसने नागरिकों में यह विश्वास और मजबूत किया है कि कानून के सामने सभी समान हैं, और बिलासपुर पुलिस नियमों का पालन कराने में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसी कार्यशैली न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है, बल्कि कानून के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना को भी बढ़ावा देती है, जो बिलासपुर पुलिस द्वारा पेश की गई निष्पक्षता की मिसाल है।
- बिलासपुर यातायात पुलिस ने कानून के सभी के लिए समान होने के सिद्धांत को एक बार फिर व्यवहार में साबित करते हुए, शहर के कलेक्टर कार्यालय चौक के पास नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े एक प्रशासनिक चारपहिया वाहन के खिलाफ कार्रवाई की है। यातायात पुलिस ने नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए उस वाहन को क्रेन की मदद से हटवाकर मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ा कराया और उसका ऑनलाइन चालान भी जारी किया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि नियमों के उल्लंघन पर किसी को भी विशेष छूट नहीं मिलेगी, चाहे वाहन किसी भी विभाग या प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा हो। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या के समाधान के लिए बिलासपुर नगर निगम द्वारा मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया गया है। जिला न्यायालय, कलेक्टर कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और नगर निगम जैसे कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालय एक ही परिसर के आसपास स्थित होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं, जिनके वाहनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। बिलासपुर यातायात पुलिस की इस निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई ने आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया है। इसने नागरिकों में यह विश्वास और मजबूत किया है कि कानून के सामने सभी समान हैं, और बिलासपुर पुलिस नियमों का पालन कराने में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ऐसी कार्यशैली न केवल यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है, बल्कि कानून के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना को भी बढ़ावा देती है, जो बिलासपुर पुलिस द्वारा पेश की गई निष्पक्षता की मिसाल है।1
- बिलासपुर के रिवर व्यू क्षेत्र में एक सुनसान जगह पर नवजात का भ्रूण मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस खबर के फैलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। कोतवाली पुलिस को सूचना मिलते ही, उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर भ्रूण को अपने कब्जे में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। इस मामले में, पुलिस का कहना है कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र में एक घरेलू विवाद के दौरान पत्नी की हथौड़ी मारकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की हथौड़ी भी बरामद कर ली है। इस मामले पर रायगढ़ पुलिस ने महिलाओं के विरुद्ध हिंसक अपराधों पर त्वरित और कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रखने का स्पष्ट संदेश दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बाँसजोर निवासी मेहतरीन बाई मंझवार की मृत्यु से संबंधित मर्ग डायरी जांच के लिए धरमजयगढ़ थाने को प्राप्त हुई थी, जिसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े ने मर्ग क्रमांक 81/2026 के तहत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मृतिका के माता-पिता, सास, पार्षद सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का परीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि 17 जून 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे आरोपी श्यामलाल मंझवार (24 वर्ष) और उसकी पत्नी मेहतरीन बाई के बीच इलाज के लिए पैसे मांगने को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी बढ़ने पर आरोपी ने आक्रोशित होकर घर में रखी लोहे की हथौड़ी से पत्नी के सिर पर कई बार वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद घायल महिला को मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां 20 जून 2026 की शाम करीब 6:30 बजे उसकी मौत हो गई। मर्ग जांच में हत्या की पुष्टि होने पर धरमजयगढ़ थाना में आरोपी श्यामलाल मंझवार, निवासी ग्राम बाँसजोर, थाना धरमजयगढ़ के विरुद्ध अपराध क्रमांक 168/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसके मेमोरेंडम के आधार पर वारदात में प्रयुक्त बेट लगा लोहे का हथौड़ा भी बरामद कर लिया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। इस दौरान थाना प्रभारी राजेश जांगड़े, एएसआई मंजु मिश्रा, प्रधान आरक्षक गंगाराम भगत सहित अन्य स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के विरुद्ध हिंसा और गंभीर अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और महिला सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।3
- बिलासपुर के बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि "जो आदमी खुद बीमार रहेगा, ना खुद काम का है ना परिवार का है।" विधायक कौशिक का यह बयान बिलासपुर में सामने आया।1
- कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर मुंगेली जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए आबकारी विभाग की लोरमी टीम ने ग्राम मनोहरपुर-खपरीडीह में छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान, टीम ने लेखराम साहू नामक आरोपी को 14.580 लीटर देशी मदिरा प्लेन के साथ पकड़ा। सहायक आबकारी अधिकारी रविन्द्र पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई के बाद, आरोपी लेखराम साहू के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1
- जांजगीर-चांपा जिले में रामबांधा तालाब की सफाई का काम एक बार फिर से शुरू हो गया है। यह कार्रवाई 'सलवा जुडूम मीडिया' की एक विशेष रिपोर्ट के प्रभाव के बाद हुई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले से जुड़े कई सवाल अभी भी बरकरार हैं।1
- बुआई के महत्वपूर्ण सीजन में छत्तीसगढ़ के किसानों को खाद की भारी किल्लत, सोसायटियों में जबरन लिंकिंग और खुलेआम कालाबाजारी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के विरोध में 'जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी' (JCP) ने आज राजधानी रायपुर में एक अनोखा प्रदर्शन किया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने 'खाद की बोरी की शवयात्रा' निकाली। प्रदर्शन के बाद, महामहिम राज्यपाल के नाम रायपुर जिलाधीश के माध्यम से एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सरकार के कुप्रबंधन पर जमकर निशाना साधा गया। पार्टी के रायपुर जिला अध्यक्ष गोपी साहू, महिला जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नाग और जिला उपाध्यक्ष ऋचा वर्मा ने आरोप लगाया कि अन्नदाता सोसायटियों के चक्कर काटने पर मजबूर है, जबकि सरकार सोई हुई है। नेताओं ने चिंता व्यक्त की कि खाद न मिलने से फसलें चौपट होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि सोसायटियों में खाद का कोटा आधा कर दिया गया है – जहाँ पहले प्रति एकड़ 2 बोरी डीएपी और 4 बोरी यूरिया मिलता था, उसे घटाकर अब 1 बोरी डीएपी और 2 बोरी यूरिया कर दिया गया है, जिससे धान की फसल को जरूरी पोषण नहीं मिल पा रहा। किसानों को खरपतवार नाशी डालने के बाद भी खाद न मिलने से फसलें बैठ रही हैं और कल्ले पीले पड़ रहे हैं। लंबी कागजी कार्रवाई और 15-20 दिनों के इंतजार के कारण खाद डालने का सही समय निकल जाता है। रायपुर समेत कई जिलों में किसानों को खाद के साथ नैनो यूरिया, सल्फर या अन्य बायो-फर्टिलाइजर खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे गरीब किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। सरकारी सोसायटियों में खाद न मिलने के कारण किसान मजबूरन प्राइवेट दुकानों से ऊंचे दामों पर (ब्लैक में) खाद खरीद रहे हैं और कर्ज के दलदल में फंसते जा रहे हैं। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने मांग की है कि सोसायटियों में खाद की कटौती तुरंत बंद की जाए और पहले की तरह पूरा कोटा (2 बोरी DAP और 4 बोरी यूरिया) बहाल किया जाए। उन्होंने कागजी कार्रवाई को सरल बनाकर किसानों को 2 से 3 दिनों के भीतर खाद उपलब्ध कराने, सोसायटियों में नैनो यूरिया और अन्य दवाइयों की जबरन लिंकिंग पर तत्काल रोक लगाने, और खाद की कालाबाजारी करने वाले तथा तय दाम से अधिक पर बेचने वाले प्राइवेट दुकानदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। पार्टी ने महामहिम राज्यपाल से इस संवेदनशील मामले में तुरंत संज्ञान लेने और छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में राज्य सरकार को उचित कदम उठाने हेतु कड़े निर्देश देने की विनती की है। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।4
- रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और बलवा करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लैलूंगा पुलिस ने इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक क्रेटा कार और मारपीट में प्रयुक्त डंडा भी जब्त किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बरखोरिया निवासी पुष्पा यादव (35 वर्ष) ने 22 जून को थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके परिवार द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कब्जे की कृषि भूमि में धान की बुआई की गई थी। इसी दौरान दोपहर करीब 2 बजे कृष्णा यादव, लिंगराज यादव, जागेश्वर यादव, हलधर यादव, पूर्णचंद्र चौबे, बसंत यादव, विनेश यादव उर्फ बबलू, रघुवीर टंडन, सूरज ओगरे और संजय बरेठ एकजुट होकर खेत में जबरन जोताई और धान बुआई करने लगे। प्रार्थिया के विरोध करने पर आरोपी कथित रूप से उनके घर और आंगन में घुस गए। आरोप है कि सभी ने मिलकर छप्पर और घरेलू सामान में तोड़फोड़ की, गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। शिकायत के आधार पर थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 202/2026 के तहत धारा 296, 115(2), 351(3), 190, 191(2), 333 एवं 324(4) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह तक पहुंचने पर उन्होंने थाना प्रभारी लैलूंगा को आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने टीम के साथ आरोपियों की पतासाजी कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त काले रंग की क्रेटा कार क्रमांक CG-11-AN-0911 तथा मारपीट में इस्तेमाल डंडा जब्त किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कृष्ण कुमार यादव उर्फ कृष्णा यादव, जागेश्वर यादव, हलधर यादव, पूर्णचंद्र चौबे, बसंत यादव, विनेश यादव उर्फ बबलू यादव, रघुवीर टंडन उर्फ रघु टंडन, सूरज ओगरे और संजय बरेठ सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के बाद सख्त संदेश देते हुए कहा है कि रायगढ़ पुलिस जमीन विवाद या किसी भी अन्य कारण से कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी विवाद का समाधान कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से करें, न कि हिंसा और दबाव के जरिए।1