अकोदिया नगर में पेट्रोल पंप संचालक के घर हुई 82 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का खुलासा एक माह बाद भी न होने और आरोपियों की गिरफ्तारी में लगातार नाकामी से लोगों का आक्रोश भड़क उठा है। इसी नाराजगी के चलते व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने सोमवार को अकोदिया बंद का ऐलान किया, जिसके परिणामस्वरूप नगर के बाजार, प्रतिष्ठान और मंडी पूरी तरह से बंद रहे। गुस्साए लोगों ने महाराणा प्रताप बस स्टैंड चौराहे पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया और कई प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि 13 मई की रात वार्ड क्रमांक-3 स्थित पेट्रोल पंप संचालक के घर से नकदी, सोना-चांदी सहित करीब 82 लाख रुपये के माल की चोरी जैसी इतनी बड़ी वारदात के बावजूद पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर क्यों नहीं पहुंच पाई। लोगों का कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई ज़मीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने नगर में भारी पुलिस बल तैनात किया है। तहसील चौराहा, बस स्टैंड, मुख्य बाजार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहाँ वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चोरी का खुलासा नहीं हुआ तो उनके आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
अकोदिया नगर में पेट्रोल पंप संचालक के घर हुई 82 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का खुलासा एक माह बाद भी न होने और आरोपियों की गिरफ्तारी में लगातार नाकामी से लोगों का आक्रोश भड़क उठा है। इसी नाराजगी के चलते व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने सोमवार को अकोदिया बंद का ऐलान किया, जिसके परिणामस्वरूप नगर के बाजार, प्रतिष्ठान और मंडी पूरी तरह से बंद रहे। गुस्साए लोगों ने महाराणा प्रताप बस स्टैंड चौराहे पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया और कई प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि 13 मई की रात वार्ड क्रमांक-3 स्थित पेट्रोल पंप संचालक के घर से नकदी, सोना-चांदी सहित करीब 82 लाख रुपये के माल की चोरी जैसी इतनी बड़ी वारदात के बावजूद पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर क्यों नहीं पहुंच पाई। लोगों का कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई ज़मीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने नगर में भारी पुलिस बल तैनात किया है। तहसील चौराहा, बस स्टैंड, मुख्य बाजार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहाँ वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चोरी का खुलासा नहीं हुआ तो उनके आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।
- मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के अंतर्गत शनिवार रात शुजालपुर रेलवे स्टेशन से कुल 196 श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए रवाना हुए। 13 से 18 जून तक आयोजित की जा रही इस धार्मिक यात्रा में शुजालपुर नगरीय क्षेत्र के 36 श्रद्धालु भी शामिल हैं, जो इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। श्रद्धालुओं को विदा करने के लिए रेलवे स्टेशन पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, तहसीलदार किरण धाकड़, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओमप्रकाश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने सभी श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उन्हें शुभ यात्रा की शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित व मंगलमय यात्रा की कामना की। यात्रा पर रवाना हुए वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के लिए सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आर्थिक एवं पारिवारिक कारणों से वे सामान्यतः इस प्रकार की तीर्थ यात्राएं नहीं कर पाते थे, लेकिन इस योजना के माध्यम से उन्हें पवित्र धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अमूल्य अवसर प्राप्त हुआ है। शुजालपुर से रवाना हुए इन श्रद्धालुओं में अपनी यात्रा को लेकर विशेष उत्साह, श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।1
- अकोदिया में लाखों रुपये की चोरी का अब तक खुलासा न होने के कारण जनता में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लगभग एक माह पूर्व हुई 80 लाख रुपये की इस चोरी के मामले में पुलिस प्रशासन के खाली हाथ रहने से लोगों का गुस्सा चरम पर है। जनता ने पुलिस की इस नाकामी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके तहत चक्का जाम किया गया और बाजार भी बंद रखे गए। इस घटना ने अकोदिया में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और जनता पूछ रही है कि आखिर चोर कब पकड़े जाएंगे।1
- मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र से, खासकर राजगढ़ जिले में, पुरुषों के लिए 'रंडवा पेंशन' योजना लागू करने की एक नई और अनोखी मांग जोर पकड़ रही है। यह मांग प्रदेश के मुखिया मोहन यादव से की गई है, जिसमें महिलाओं की तर्ज पर पुरुषों को भी आर्थिक सहायता प्रदान करने की वकालत की गई है, इसे 'नई क्रांति की शुरुआत' बताया जा रहा है। बिहारी लाल, सुंदर लाल साहू और राजमिस्त्री दीपक शर्मा जैसे व्यक्तियों ने पत्रकारों के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई आर्थिक योजनाएं जैसे लाड़ली बहना, विधवा पेंशन और 60 वर्ष से अधिक उम्र की बुजुर्ग महिलाओं के लिए पेंशन संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा, जवान विधवा महिलाओं को ससुराल पक्ष से कानूनी तौर पर जमीन-जायदाद सहित पति की संपत्ति में हिस्सा मिलता है, और पिता की संपत्ति पर भी उनका कानूनी अधिकार होता है, जिससे वे अपना जीवनयापन कर सकती हैं। हालांकि, सरकार ने अभी तक 'रंडवे' पुरुषों के लिए कोई समान योजना शुरू नहीं की है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। इस मांग के पीछे उन पुरुषों की चिंता है जिनकी आज तक शादी नहीं हुई, जिनकी पत्नियां किसी दूसरे के साथ भाग गईं, या जिनकी पत्नियों का आकस्मिक निधन हो गया, जिससे वे कम उम्र में ही 'रंडवे' हो गए। नरसिंहगढ़ ब्लॉक के रामगढ़ निवासी बुजुर्ग अर्जुन वर्मा ने भी अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनकी पत्नी और बेटे ने उनके साथ मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया है, जिससे वे भूखे मरने की कगार पर हैं, और उन्होंने भी सरकार से 'रांडवा पेंशन' दिए जाने की मांग की है। मालवा के 'मिनी कश्मीर' के जागरूक 'रंडवे' इस योजना के प्रभाव को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सूचना के अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्ग, अधेड़ और नौजवान 'रंडवे' एक-दूसरे के संपर्क में हैं। राजगढ़ जिले के अहीर पुरुष विशेष रूप से इस योजना पर काम करने के लिए लगातार संपर्क में हैं। इन सभी का मानना है कि मध्य प्रदेश सरकार से 'रंडवा पेंशन' योजना लागू करवाने के लिए एक मजबूत मंच और बड़े आंदोलन की आवश्यकता है, जिसे सभी को एकजुट होकर मजबूत इच्छा शक्ति के साथ विधानसभा चुनाव से पहले धरातल पर उतारना होगा। बुद्धिजीवी वरिष्ठ नागरिकों ने भी सरकार से महिला-पुरुष में भेदभाव न करते हुए 'रंडवा पेंशन' योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने की अपील की है।1
- मोहन बड़ोदिया परियोजना अधिकारी किरण परमार ने रविवार शाम 5 बजे यह जानकारी दी कि रविवार को मोहन बड़ोदिया सेक्टर के अंतर्गत आने वाले सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ योग गतिविधि आयोजित की गई। इस योग कार्यक्रम में बच्चों ने बड़े उत्साह और प्रसन्नता के साथ भाग लिया। उन्हें योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली और नियमित व्यायाम के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। बच्चों ने विभिन्न योगासन करके इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।1
- रिपोर्टर देवेंद्र सिंह मीना ने मध्य प्रदेश से अपनी एक विशेष रिपोर्ट प्रस्तुत की है।1
- शाजापुर जिले के अकोदिया थाना क्षेत्र में लगभग एक करोड़ रुपये की चोरी के मामले में एक माह बीत जाने के बाद भी कोई खुलासा न होने से नगर वासियों में भारी आक्रोश है। इसी विरोध में आज अकोदिया नगर पूरी तरह से बंद है और नगर वासियों द्वारा बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्टेट हाईवे 41 नंबर को जाम कर दिया है। यह चोरी की घटना पूर्व विधायक एवं पूर्व पार्षद राहुल मंडलोई के यहां हुई थी, जहां 32 लाख रुपये नकद और 50 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण चोरी हुए थे। नगर वासियों की मुख्य मांग है कि जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाजापुर पुलिस अधीक्षक द्वारा एक विशेष टीम बनाई गई थी, और बाद में उज्जैन रेंज आईजी ने भी एक और विशेष टीम गठित कर जांच में जुटी हुई है। पुलिस दावा कर रही है कि वह जल्द ही मामले का खुलासा कर देगी। सड़क जाम होने के कारण स्टेट हाईवे 41 नंबर पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं, और मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर महिलाओं द्वारा एक कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं में आकर्षक उत्साह देखने को मिला। यह कलश यात्रा गांव के आसपास से निकाली गई।1
- अकोदिया नगर में पेट्रोल पंप संचालक के घर हुई 82 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का खुलासा एक माह बाद भी न होने और आरोपियों की गिरफ्तारी में लगातार नाकामी से लोगों का आक्रोश भड़क उठा है। इसी नाराजगी के चलते व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और नगरवासियों ने सोमवार को अकोदिया बंद का ऐलान किया, जिसके परिणामस्वरूप नगर के बाजार, प्रतिष्ठान और मंडी पूरी तरह से बंद रहे। गुस्साए लोगों ने महाराणा प्रताप बस स्टैंड चौराहे पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया और कई प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि 13 मई की रात वार्ड क्रमांक-3 स्थित पेट्रोल पंप संचालक के घर से नकदी, सोना-चांदी सहित करीब 82 लाख रुपये के माल की चोरी जैसी इतनी बड़ी वारदात के बावजूद पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर क्यों नहीं पहुंच पाई। लोगों का कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई ज़मीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने नगर में भारी पुलिस बल तैनात किया है। तहसील चौराहा, बस स्टैंड, मुख्य बाजार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहाँ वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही चोरी का खुलासा नहीं हुआ तो उनके आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।1