राजगढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री अमित तोलानी (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे और एसडीओपी राजगढ़ श्री अरविंद सिंह राठौर के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली राजगढ़ पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा किया। यह कार्रवाई 02.06.2026 को थाना कोतवाली राजगढ़ में प्राप्त एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें एक आवेदक ने बताया था कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी लोन रिकवरी के नाम पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपियों ने आवेदक की फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील सामग्री तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा उसके परिचितों व रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी। इस डर के कारण आवेदक ने विभिन्न यूपीआई खातों में कुल ₹28,000 की राशि हस्तांतरित कर दी थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 376/2026 के तहत धारा 318(4), 308(2), 308(5) एवं 308(6) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। गिरोह की कार्यप्रणाली में आरोपी फर्जी लोन ऐप और रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को फंसाते थे, फिर उनकी व्यक्तिगत जानकारी और फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील फोटो/वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। वे मानसिक दबाव बनाकर अवैध वसूली करते थे और प्राप्त धनराशि को डिजिटल माध्यमों से स्थानांतरित कर Binance जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए USDT (क्रिप्टो करेंसी) में बदलकर धन के स्रोत को छिपाते थे। जांच में इस गिरोह के अंतर्राज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आकीब खान (22 वर्ष), इस्माइल (28 वर्ष), मोहम्मद इल्तिफात (28 वर्ष) और अरमान हुसैन को गिरफ्तार किया है, जो सभी जिला अमेठी (उ.प्र.) के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल फोन तथा सोशल मीडिया खातों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों द्वारा लगभग ₹30 लाख की ठगी अन्य लोगों के साथ की गई है, जिसे Binance के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस उन खातों की जानकारी प्राप्त कर प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राजगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संदिग्ध लोन ऐप पर विश्वास न करें, अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग या वित्तीय जानकारी साझा न करें और यदि कोई अश्लील फोटो/वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
राजगढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री अमित तोलानी (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे और एसडीओपी राजगढ़ श्री अरविंद सिंह राठौर के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली राजगढ़ पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा किया। यह कार्रवाई 02.06.2026 को थाना कोतवाली राजगढ़ में प्राप्त एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें एक आवेदक ने बताया था कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी लोन रिकवरी के नाम पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपियों ने आवेदक की फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील सामग्री तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा उसके परिचितों व रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी। इस डर के कारण आवेदक ने विभिन्न यूपीआई खातों में कुल ₹28,000 की राशि हस्तांतरित कर दी थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 376/2026 के तहत धारा 318(4), 308(2), 308(5) एवं 308(6) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। गिरोह की कार्यप्रणाली में आरोपी फर्जी लोन ऐप और रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को फंसाते थे, फिर उनकी व्यक्तिगत जानकारी और फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील फोटो/वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। वे मानसिक दबाव बनाकर अवैध वसूली करते थे और प्राप्त धनराशि को डिजिटल माध्यमों से स्थानांतरित कर Binance जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए USDT (क्रिप्टो करेंसी) में बदलकर धन के स्रोत को छिपाते थे। जांच में इस गिरोह के अंतर्राज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आकीब खान (22 वर्ष), इस्माइल (28 वर्ष), मोहम्मद इल्तिफात (28 वर्ष) और अरमान हुसैन को गिरफ्तार किया है, जो सभी जिला अमेठी (उ.प्र.) के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल फोन तथा सोशल मीडिया खातों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों द्वारा लगभग ₹30 लाख की ठगी अन्य लोगों के साथ की गई है, जिसे Binance के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस उन खातों की जानकारी प्राप्त कर प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राजगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संदिग्ध लोन ऐप पर विश्वास न करें, अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग या वित्तीय जानकारी साझा न करें और यदि कोई अश्लील फोटो/वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
- राजगढ़ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री अमित तोलानी (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे और एसडीओपी राजगढ़ श्री अरविंद सिंह राठौर के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली राजगढ़ पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा किया। यह कार्रवाई 02.06.2026 को थाना कोतवाली राजगढ़ में प्राप्त एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें एक आवेदक ने बताया था कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी लोन रिकवरी के नाम पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोपियों ने आवेदक की फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील सामग्री तैयार की और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा उसके परिचितों व रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी। इस डर के कारण आवेदक ने विभिन्न यूपीआई खातों में कुल ₹28,000 की राशि हस्तांतरित कर दी थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 376/2026 के तहत धारा 318(4), 308(2), 308(5) एवं 308(6) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। गिरोह की कार्यप्रणाली में आरोपी फर्जी लोन ऐप और रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को फंसाते थे, फिर उनकी व्यक्तिगत जानकारी और फोटो का दुरुपयोग कर अश्लील फोटो/वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। वे मानसिक दबाव बनाकर अवैध वसूली करते थे और प्राप्त धनराशि को डिजिटल माध्यमों से स्थानांतरित कर Binance जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए USDT (क्रिप्टो करेंसी) में बदलकर धन के स्रोत को छिपाते थे। जांच में इस गिरोह के अंतर्राज्यीय और संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आकीब खान (22 वर्ष), इस्माइल (28 वर्ष), मोहम्मद इल्तिफात (28 वर्ष) और अरमान हुसैन को गिरफ्तार किया है, जो सभी जिला अमेठी (उ.प्र.) के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन, मोबाइल फोन तथा सोशल मीडिया खातों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों द्वारा लगभग ₹30 लाख की ठगी अन्य लोगों के साथ की गई है, जिसे Binance के माध्यम से अन्य खातों में स्थानांतरित किया गया है। पुलिस उन खातों की जानकारी प्राप्त कर प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और आवश्यकतानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। राजगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संदिग्ध लोन ऐप पर विश्वास न करें, अपनी व्यक्तिगत, बैंकिंग या वित्तीय जानकारी साझा न करें और यदि कोई अश्लील फोटो/वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।1
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में, कांग्रेस पार्टी ने बिजली कटौती और स्मार्ट मीटर से जुड़े मुद्दों को लेकर एक ज्ञापन प्रस्तुत किया।1
- भारत संवाद, एक राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र और लाइव न्यूज चैनल है, जिसके भोपाल संभाग के ब्यूरो चीफ सैफ अली हैं। इसी प्रकार, परिवर्तन उदय भी एक राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र है, जिसके भोपाल संभाग के ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी भी सैफ अली निभा रहे हैं। पाठकों और दर्शकों से आज की प्रमुख खबरों के साथ बने रहने का आग्रह किया गया है। खबर एवं विज्ञापन संबंधी आवश्यकताओं के लिए 9039403567 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन भाजपा प्रदेश कार्यालय, भोपाल स्थित मंदिर परिसर में हुआ, जहाँ सुंदरकांड पाठ किया गया।1
- लखन लाखन सिंह लोधी ओबीसी महासभा प्रदेश सचिव मध्य प्रदेश1
- राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गोवंश के प्रति बढ़ते अत्याचार और दुर्दशा के खिलाफ बजरंग दल ने कलेक्टर के नाम एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में खिलचीपुर सोमवारिया क्षेत्र के ट्रेंचिंग ग्राउंड में 70 से अधिक गायों के शव मिलने और श्रीकृष्ण गोशाला में मृत गायों के कंकाल मिलने जैसी दर्दनाक घटनाओं का हवाला दिया गया है। बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि स्थानीय स्तर पर घायल गायों को समय पर इलाज न मिलने के कारण वे कुत्तों द्वारा नोंचे जाने जैसी क्रूरता का शिकार हो रही हैं। संगठन ने खिलचीपुर नगर पालिका क्षेत्र में मृत गोवंश को कचरे के ढेर पर फेंके जाने को "अत्यंत निंदनीय, अस्वच्छ एवं अमानवीय कृत्य" बताया है। इस अमानवीय कार्य से आमजन की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। बजरंग दल के जिला अधिकारी राजू मालवीय द्वारा ज्ञापन के माध्यम से गोवंश के लिए कई प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें नगर पालिका द्वारा मृत गोवंश के दफन हेतु एक स्थायी एवं निर्धारित ग्राउंड की व्यवस्था करना, साथ ही इस कार्य के लिए जेसीबी मशीन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और मृत गोवंश का सम्मानजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए एक जिम्मेदार कर्मचारी की ड्यूटी निर्धारित करने की मांग भी की गई है। इसके अतिरिक्त, पूरे जिले में पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग उठाई गई है। बजरंग दल ने यह भी आरोप लगाया कि पशु चिकित्सालय के डॉक्टर लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ होने के कारण गोवंश को सही समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जिससे अधिकांश गोवंश की मृत्यु हो जाती है। संगठन ने ऐसे डॉक्टरों को हटाकर अच्छे पशु चिकित्सकों को तैनात करने की मांग की है। खिलचीपुर में गोशाला के लिए पर्याप्त स्थान न होने के कारण गोवंश की उचित व्यवस्था नहीं हो पाती, जिसके समाधान के लिए शासन से खिलचीपुर में गोशाला हेतु 2 बीघा उपयुक्त भूमि आवंटित करने का मांग पत्र भिजवाने की भी मांग की गई है। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर 15 दिनों के भीतर शीघ्र और ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है, तो विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।1
- Available for Sale Price : 45000 Item : स्प्रे पंप City / Locality : Bhyana Farming Sector : Machinery खेतों में आसानी से दवा छिड़काव के लिए बेहतरीन मशीन4
- आज के दौर में सेल्फी सिर्फ एक तस्वीर नहीं बल्कि लोगों की आदत का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। घूमने, खाने, पार्टी करने या किसी भी विशेष अवसर पर, लोग सबसे पहले सेल्फी लेना पसंद करते हैं। हालांकि, एक परफेक्ट फोटो लेने की यह चाहत अक्सर लोगों को खतरनाक जगहों तक ले जाती है। पहाड़ों की चोटियों, रेलवे ट्रैक, नदी किनारों और ऊंची इमारतों पर ली गई सेल्फी कई बार जानलेवा हादसों का कारण बन सकती हैं। विशेषज्ञों ने इस बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि एक तस्वीर से ज्यादा कीमती व्यक्ति की सुरक्षा और उसका जीवन है। उनका स्पष्ट मानना है कि एक अच्छी तस्वीर को दोबारा लिया जा सकता है, लेकिन जिंदगी दोबारा नहीं मिलती। इसलिए, सभी को यह याद रखना चाहिए कि सेल्फी लेते समय समझदारी और सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है।1