इंदौर में श्री विमल सामाजिक समिति द्वारा गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी (डिस्टोनिया) से पीड़ित 4 वर्षीय मासूम सारांश मांजरेकर के इलाज के लिए एक जनसहयोग अभियान चलाया जा रहा है। सारांश के बेहतर उपचार के लिए मुंबई के एक विशेषज्ञ अस्पताल में इलाज प्रस्तावित है। इस उपचार में लगभग ₹15 से ₹20 लाख की आवश्यकता है, जो बच्चे के परिवार की आर्थिक क्षमता से पूरी तरह बाहर है। इस संकट की घड़ी में बच्चे की मदद के लिए समिति द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में साईं ट्रस्ट, इंदौर द्वारा प्रदान की गई सहयोग राशि में से ₹15,000 का चेक श्री विमल सामाजिक समिति द्वारा अस्पताल को उपचार सहायता के रूप में प्रदान किया गया है। समिति ने इस मानवीय सहयोग के लिए साईं ट्रस्ट, इंदौर का हृदय से आभार व्यक्त किया है। श्री विमल सामाजिक समिति की अध्यक्ष योगिता सक्सेना और समिति के सदस्यों ने समाज के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों एवं दानदाताओं से भावुक अपील की है कि वे इस मासूम बच्चे के इलाज में अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान करें। समिति का कहना है कि लोगों का एक छोटा सा योगदान भी सारांश को स्वस्थ जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो सकता है। यह सहयोग राशि सीधे उपचार अभियान में उपयोग की जाएगी।
इंदौर में श्री विमल सामाजिक समिति द्वारा गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी (डिस्टोनिया) से पीड़ित 4 वर्षीय मासूम सारांश मांजरेकर के इलाज के लिए एक जनसहयोग अभियान चलाया जा रहा है। सारांश के बेहतर उपचार के लिए मुंबई के एक विशेषज्ञ अस्पताल में इलाज प्रस्तावित है। इस उपचार में लगभग ₹15 से ₹20 लाख की आवश्यकता है, जो बच्चे के परिवार की आर्थिक क्षमता से पूरी तरह बाहर है। इस संकट की घड़ी में बच्चे की मदद के लिए समिति द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में साईं ट्रस्ट, इंदौर द्वारा प्रदान की गई सहयोग राशि में से ₹15,000 का चेक श्री विमल सामाजिक समिति द्वारा अस्पताल को उपचार सहायता के रूप में प्रदान किया गया है। समिति ने इस मानवीय सहयोग के लिए साईं ट्रस्ट, इंदौर का हृदय से आभार व्यक्त किया है। श्री विमल सामाजिक समिति की अध्यक्ष योगिता सक्सेना और समिति के सदस्यों ने समाज के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों एवं दानदाताओं से भावुक अपील की है कि वे इस मासूम बच्चे के इलाज में अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान करें। समिति का कहना है कि लोगों का एक छोटा सा योगदान भी सारांश को स्वस्थ जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो सकता है। यह सहयोग राशि सीधे उपचार अभियान में उपयोग की जाएगी।
- मध्य प्रदेश में एक वीडियो सामने आने के बाद अब ऐसा लग रहा है जैसे सरकारी कार्यालय मनोरंजन का केंद्र बन गया है।1
- भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद दिल्ली पहुंचे हैं। वह जंतर-मंतर पर छात्रों को अपना समर्थन देने के लिए वहां पहुंचे हैं।1
- इंदौर में श्री विमल सामाजिक समिति द्वारा गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी (डिस्टोनिया) से पीड़ित 4 वर्षीय मासूम सारांश मांजरेकर के उपचार के लिए एक जनसहयोग अभियान चलाया जा रहा है। सारांश के बेहतर उपचार के लिए मुंबई के एक विशेषज्ञ अस्पताल में इलाज प्रस्तावित है। इस इलाज में लगभग ₹15 से ₹20 लाख की बड़ी राशि की आवश्यकता है, जो बच्चे के परिवार की आर्थिक क्षमता से पूरी तरह बाहर है। इस संकट की घड़ी में सहयोग जुटाने के प्रयासों के तहत, साईं ट्रस्ट, इंदौर द्वारा प्रदान की गई सहयोग राशि में से ₹15,000 का चेक श्री विमल सामाजिक समिति द्वारा अस्पताल को उपचार सहायता के रूप में सौंप दिया गया है। समिति ने इस मानवीय मदद के लिए साईं ट्रस्ट का हृदय से आभार व्यक्त किया है। श्री विमल सामाजिक समिति की अध्यक्ष योगिता सक्सेना और समिति ने समाज के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों एवं दानदाताओं से भावुक अपील की है कि वे अपनी सामर्थ्य अनुसार सारांश के इलाज में आर्थिक योगदान दें। उन्होंने कहा कि लोगों का छोटा-सा योगदान भी इस मासूम को स्वस्थ जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। दान देने के लिए क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन कर मदद भेजी जा सकती है, और यह सहयोग राशि सीधे तौर पर उपचार अभियान में उपयोग की जाएगी।1
- इंदौर के बायपास क्षेत्र सहित विभिन्न ढाबों पर अवैध मदिरा विक्रय, बिना लाइसेंस मदिरा परोसने और सार्वजनिक स्थानों पर मदिरापान करने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर इंदौर श्री शिवम वर्मा और सहायक आबकारी आयुक्त श्री अभिषेक तिवारी के निर्देशन में जिला उड़नदस्ता प्रभारी कमलेश सोलंकी के नेतृत्व वाली टीम ने यह दबिश दी। इस विशेष अभियान के तहत मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1), 36(ए) एवं 36(बी) के अंतर्गत कुल 44 प्रकरण दर्ज कर 44 व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान एम.आर.-11 स्थित 'बैकयार्ड कैफे' पर खुले में टेबलों पर शराब पीने वाले लोगों और संचालक के खिलाफ 5 प्रकरण दर्ज किए गए। बायपास स्थित 'शिकारबाड़ी ढाबा' पर भी इसी प्रकार नियमों के उल्लंघन पर 4 मामले दर्ज हुए। वहीं, 'गिल ढाबे' की जांच के दौरान बिना वैध अनुमति के ग्राहकों को मदिरा सेवन कराने और उपलब्ध कराने पर 30 केन बीयर जब्त की गई और कुल 5 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके अलावा 'लालटेन ढाबा' पर भी नियमों के उल्लंघन पर वैधानिक कार्रवाई की गई। इनके अतिरिक्त एम.आर. 11 स्थित एस.एस. जम्मू-कश्मीर, देशी तड़का, उज्जैन रोड स्थित अवंतिका ढाबा, माँ दुर्गा ढाबा, मेट्रो ढाबा, पंजतारा ढाबा, रिंग रोड स्थित जुगनू का ढाबा, काका की महफ़िल (पिपलियापाला), यश ढाबा, वीर जी का ढाबा, शिव शक्ति ढाबा, कमल कपूर ढाबा, बायपास स्थित न्यू सिटिंग जॉन ढाबा और कैंडल्स ढाबा पर भी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में जिला उड़नदस्ता प्रभारी व सहायक जिला आबकारी अधिकारी कमलेश सोलंकी, आबकारी उप निरीक्षक आशीष जैन, त्रियंबिका शर्मा, सुनील मालवीय सहित पूरा आबकारी अमला शामिल रहा। सहायक आबकारी आयुक्त श्री अभिषेक तिवारी ने बताया कि अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन, बिक्री, बिना लाइसेंस शराब परोसने और सार्वजनिक स्थलों पर मदिरापान करने वालों के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- आगामी नगरीय निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारियों को देखते हुए राजीव विकास केंद्र ने मध्य प्रदेश में अपने संगठन विस्तार अभियान को तेज कर दिया है। प्रदेशभर में संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकोष्ठों में सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इसी कड़ी में एक बड़ी नियुक्ति करते हुए सद्दाम मंसूरी को राजीव विकास केंद्र अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का मध्यप्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। इससे पहले, राजीव विकास केंद्र के प्रदेश अध्यक्ष और इंदौर शहर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव ने सद्दाम मंसूरी को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का इंदौर शहर अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस जिम्मेदारी को संभालने के बाद से ही सद्दाम मंसूरी लगातार संगठन की मजबूती, युवाओं को जोड़ने और जनसंपर्क अभियान चलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे जमीनी स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए संगठन की विचारधारा और कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।1
- इंदौर में अयोध्या श्री राम वेलफेयर सोसाइटी शिक्षा, सेवा और रक्तदान के क्षेत्र में लगातार सराहनीय कार्य कर समाज में मिसाल पेश कर रही है। संस्था द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क कॉपी, किताबें, पेन, पेंसिल और स्कूल बैग सहित अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया जा रहा है, जिससे बच्चों की शिक्षा को एक नई दिशा मिल रही है। इस सेवा कार्य में संस्था के पदाधिकारी राजेश कुमावत, महेंद्र चौहान, सुरेन्द्र जी सहित अन्य सभी सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी सेवा भाव के तहत संस्था के सक्रिय सदस्य मनोज सिंह लोधी ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनके इस सराहनीय कार्य की सराहना करते हुए संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान से कम नहीं है। संस्था ने समाज के युवाओं और नागरिकों से शिक्षा, रक्तदान और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर आगे आने की अपील की है ताकि एक शिक्षित, स्वस्थ और संवेदनशील समाज का निर्माण हो सके। अयोध्या श्री राम वेलफेयर सोसाइटी ने भविष्य में भी इसी समर्पण भाव से जनहित के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया है।1
- इंदौर में श्री विमल सामाजिक समिति द्वारा गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी (डिस्टोनिया) से पीड़ित 4 वर्षीय मासूम सारांश मांजरेकर के इलाज के लिए एक जनसहयोग अभियान चलाया जा रहा है। सारांश के बेहतर उपचार के लिए मुंबई के एक विशेषज्ञ अस्पताल में इलाज प्रस्तावित है। इस उपचार में लगभग ₹15 से ₹20 लाख की आवश्यकता है, जो बच्चे के परिवार की आर्थिक क्षमता से पूरी तरह बाहर है। इस संकट की घड़ी में बच्चे की मदद के लिए समिति द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में साईं ट्रस्ट, इंदौर द्वारा प्रदान की गई सहयोग राशि में से ₹15,000 का चेक श्री विमल सामाजिक समिति द्वारा अस्पताल को उपचार सहायता के रूप में प्रदान किया गया है। समिति ने इस मानवीय सहयोग के लिए साईं ट्रस्ट, इंदौर का हृदय से आभार व्यक्त किया है। श्री विमल सामाजिक समिति की अध्यक्ष योगिता सक्सेना और समिति के सदस्यों ने समाज के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, उद्योगपतियों एवं दानदाताओं से भावुक अपील की है कि वे इस मासूम बच्चे के इलाज में अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान करें। समिति का कहना है कि लोगों का एक छोटा सा योगदान भी सारांश को स्वस्थ जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो सकता है। यह सहयोग राशि सीधे उपचार अभियान में उपयोग की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ से एक पुलिस चौकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां शराब के नशे में धुत एक युवक चौकी के भीतर घुस गया। चौकी में दाखिल होकर उसने दरोगा की टोपी पहन ली और वहां रखी कुर्सी पर बैठकर खुद को थानेदार की तरह पेश करने लगा। इस दौरान वह वहां रखी सरकारी फाइलें भी देखने लगा। युवक पर चौकी में तोड़फोड़ करने और सरकारी सामान को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद युवक को काबू किया। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।1