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आलमपुर नगर में स्थायी सीएमओ की अनुपस्थिति और नगर परिषद के भीतर व्याप्त आपसी मनमुटाव के चलते सभी नगरीय व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। नगर को सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों, जल प्रदाय, अतिक्रमण और आवारा मवेशियों जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आमजन की इन परेशानियों के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। आलमपुर नगर परिषद के पार्षदों के बीच चल रहे आपसी मनमुटाव के किस्से चौराहों पर चटकारे लेकर सुनाए जा रहे हैं। इन आंतरिक कलहों और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के कारण निकाय के कर्मचारी भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे स्थायी सीएमओ की कमी और आपसी मनमुटाव के चलते नगर की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो रही हैं।
DHARMENDRA SINGH KAURAV
आलमपुर नगर में स्थायी सीएमओ की अनुपस्थिति और नगर परिषद के भीतर व्याप्त आपसी मनमुटाव के चलते सभी नगरीय व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। नगर को सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों, जल प्रदाय, अतिक्रमण और आवारा मवेशियों जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आमजन की इन परेशानियों के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। आलमपुर नगर परिषद के पार्षदों के बीच चल रहे आपसी मनमुटाव के किस्से चौराहों पर चटकारे लेकर सुनाए जा रहे हैं। इन आंतरिक कलहों और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के कारण निकाय के कर्मचारी भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे स्थायी सीएमओ की कमी और आपसी मनमुटाव के चलते नगर की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो रही हैं।
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- पिपरौआ चौराहे के पास हुई एक सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक युवक को थाना थरेट पुलिस में पदस्थ आरक्षक अंकित भदोरिया ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंदरगढ़ में भर्ती कराया। आरक्षक भदोरिया की इस मानवीय और संवेदनशील कार्यवाही के कारण घायल युवक को समय पर उपचार मिल सका, जिससे उसे काफी राहत मिली।1
- आलमपुर महाविद्यालय में इस वर्ष प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। इसके अनुसार, जिन छात्रों ने कॉलेज में इस सत्र में दाखिला लिया है, उन्हें कंप्यूटर सीखने के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस खास सुविधा के पीछे का कारण जानने और पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए दर्शकों से संबंधित पूरा वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।1
- सेवढ़ा के युवा कवि एवं साहित्यकार मयंक शर्मा "अद्वैत" ने नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित साहित्यिक मंच "सतमोला कवियों की चौपाल" में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। उन्होंने इस भव्य आयोजन में अपनी चर्चित कविता "सत्य सूली पर, प्रेम निर्वासित" का ओजपूर्ण और भावपूर्ण पाठ किया, जिससे सभागार में उपस्थित साहित्य प्रेमी सोचने पर मजबूर हो गए। अपनी कविता के माध्यम से मयंक शर्मा "अद्वैत" ने वर्तमान समाज की विडंबनाओं, नैतिक मूल्यों के क्षरण, सत्य की उपेक्षा और मानवीय संवेदनाओं के ह्रास को मार्मिक शब्दों में व्यक्त किया। उनकी पंक्तियां—"झूठ की है रीत यहाँ पर, झूठ की ही प्रीत है, झूठ के हैं शब्द सारे, झूठ का संगीत है"—ने श्रोताओं के हृदय को गहराई से छुआ। उनकी प्रस्तुति के दौरान सभागार कई बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित साहित्यकारों ने युवा कवि की अभिव्यक्ति क्षमता की सराहना की। इस साहित्यिक आयोजन में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिल्ली श्री रामनिवास गोयल, दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी बोर्ड, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष डॉ. सुमीत भसीन और विश्वविख्यात ओज कवि एवं प्रेरक वक्ता श्री राजेश "चेतन" सहित अनेक गणमान्य साहित्यकार व बुद्धिजीवी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान, हिंदी साहित्य के प्रति उनके समर्पण, उत्कृष्ट काव्य-पाठ और प्रभावशाली साहित्यिक अभिव्यक्ति के लिए मयंक शर्मा "अद्वैत" को मंच की ओर से सम्मान-पत्र, अंगवस्त्र और स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद, उन्होंने इसे अपनी साहित्यिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए आयोजकों, वरिष्ठ साहित्यकारों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। साहित्यिक जगत के जानकारों का मानना है कि मयंक शर्मा "अद्वैत" की रचनाओं में समकालीन समाज की वास्तविकताओं, मानवीय संवेदनाओं और सत्य की खोज का सशक्त प्रतिबिंब दिखाई देता है। उनकी कविता "सत्य सूली पर, प्रेम निर्वासित" ने इस आयोजन में विशेष पहचान बनाई और उन्हें युवा पीढ़ी के उभरते हुए साहित्यकारों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित किया। यह आयोजन न केवल हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार का माध्यम बना, बल्कि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान किया। मयंक शर्मा "अद्वैत" की प्रस्तुति इस साहित्यिक संध्या के प्रमुख आकर्षणों में से एक रही।1
- भिंड जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरसिंह चौहान ने जनपद पंचायत भिंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों बाराकलां और चरथर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक स्थलों, खासकर तालाबों और मार्गों पर फैले अतिक्रमण तथा कचरे पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे तत्काल हटाने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, वीरसिंह चौहान ने बाराकलां में अटल पंचायत भवन, सड़क के किनारे स्थित तालाब और नालियों का जायजा लिया। चरथर ग्राम में भी उन्होंने तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायक को बुलाकर शमशान घाट तक पहुंचने वाले मार्ग पर मौजूद अतिक्रमण को हटवाने का निर्देश दिया। सीईओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि अतिक्रमणकारी स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी। चौहान ने यह भी दोहराया कि पंचायतों में किसी भी तरह का अतिक्रमण बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा, उन्होंने ग्राम स्तर पर साफ-सफाई और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सफाई अभियान और निगरानी को तेज करने के निर्देश भी जारी किए।1
- ग्राम पंचायत गुढ़ा में जीव प्रेम की एक अनोखी घटना सामने आई है, जहाँ एक भूखा और थका हुआ बंदर अचानक एक दुकान में आ गया। देखने में वह अत्यंत कमज़ोर प्रतीत हो रहा था, जिसकी हालत देखकर सोनू सेंगर ने तुरंत उसे भोजन कराया। सोनू सेंगर ने केवल बंदर को खाना ही नहीं खिलाया, बल्कि भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए उसे कूलर की हवा भी दी। सोनू सेंगर निवासी ग्राम गुढ़ा द्वारा बन जीवों के प्रति दिखाया गया यह प्रेम और दया भाव चर्चा का विषय बन गया है।3
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में प्रभारी मंत्री ने रात्रि चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। यह जानकारी जीशान राईन की एक रिपोर्ट के अनुसार सामने आई है।1
- जनपद जालौन के उरई में प्रभारी मंत्री संजय गंगवार ने अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान रगौली गाँव में रात्रि जन चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी शिकायतों, विकास संबंधी मांगों तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए। जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, विद्युत, आवास, पेंशन और अन्य स्थानीय समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य होने की बात कही। जन चौपाल के बाद, प्रभारी मंत्री ने गाँव की दलित बस्ती का भी निरीक्षण किया और वहाँ निवास कर रहे परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ जानीं। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से बातचीत की और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। मंत्री ने अधिकारियों को बस्ती में आवश्यक सुविधाओं की कमी होने पर तत्काल कार्ययोजना बनाकर समाधान कराने का निर्देश दिया, यह कहते हुए कि सरकार समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। अपने दौरे के दौरान, प्रभारी मंत्री ने ग्राम रगौली में स्थापित डिजिटल पुस्तकालय का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षा और तकनीक का समन्वय समय की आवश्यकता है, और यह पुस्तकालय ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों व युवाओं को आधुनिक संसाधनों के माध्यम से अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और ज्ञानवर्धन का बेहतर अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को मजबूत करने और युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों पर जोर दिया। प्रभारी मंत्री संजय गंगवार ने जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गाँव, गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में आधारभूत ढाँचे का तेजी से विकास हुआ है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, उरई सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों, जनसमस्याओं के समाधान और शासन की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।3
- आलमपुर नगर में स्थायी सीएमओ की अनुपस्थिति और नगर परिषद के भीतर व्याप्त आपसी मनमुटाव के चलते सभी नगरीय व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। नगर को सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों, जल प्रदाय, अतिक्रमण और आवारा मवेशियों जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन आमजन की इन परेशानियों के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखा रहा है। आलमपुर नगर परिषद के पार्षदों के बीच चल रहे आपसी मनमुटाव के किस्से चौराहों पर चटकारे लेकर सुनाए जा रहे हैं। इन आंतरिक कलहों और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के कारण निकाय के कर्मचारी भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे स्थायी सीएमओ की कमी और आपसी मनमुटाव के चलते नगर की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो रही हैं।1