पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कानपुर देहात पुलिस द्वारा जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और हादसों में कमी लाने के इरादे से जनपदीय पुलिस सड़कों पर उतरी और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने जैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान पुलिस ने कुल 247 वाहनों का चालान किया। कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है और साफ किया है कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कानपुर देहात पुलिस द्वारा जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और हादसों में कमी लाने के इरादे से जनपदीय पुलिस सड़कों पर उतरी और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने जैसे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की गई। चेकिंग के दौरान पुलिस ने कुल 247 वाहनों का चालान किया। कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने चालकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है और साफ किया है कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- शिकायतकर्ता अंकेत पुत्र लालाराम निवासी रोशनमऊ थाना रुरा से 10,000 रुपए की ऑनलाइन साइबर ठगी हो गई थी। पीड़ित ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना रुरा की साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता के बैंक खाते में 10,000 रुपए वापस करा दिए। कार्रवाई करने वाले अधिकारियों में साइबर हेल्प डेस्क इंचार्ज जितेंद्र सिंह और हेड कॉन्स्टेबल श्याम सुंदर शामिल थे। शिकायतकर्ता ने जनपद कानपुर देहात पुलिस का धन्यवाद दिया। साथ ही, थाना रुरा साइबर हेल्प डेस्क ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी और पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।1
- कानपुर देहात के जिंदौरा निवासी रजोल (पुत्र परमू) ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित के अनुसार 17-07-2027 को शाम 7 बजे कल्लू (पुत्र परमू) ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। इस मामले को लेकर जब उन्होंने बीरसिंहपुर चौकी में प्रार्थना पत्र दिया, तो दूसरे दिन उन्हें बुलाकर उलटे उनके साथ ही अभद्रता और गाली-गलौज की गई। चौकी स्तर पर सुनवाई न होने के बाद पीड़ित ने एसपी से भी शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस द्वारा कोई कदम न उठाए जाने से पीड़ित को अपनी जान का खतरा सता रहा है। लगातार चक्कर काटने के बाद भी न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा है कि अधिकारी मस्त हैं और जनता त्रस्त है।1
- कालपी (जालौन)। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा, जिला जालौन ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश के विरोध में उपजिलाधिकारी कालपी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन में मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं वैधानिक समीक्षा कर छात्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना है कि भवनों को ध्वस्त करने से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। इस दौरान सपा अल्पसंख्यक सभा के जिला अध्यक्ष मोहम्मद दानिश, वरिष्ठ समाजवादी नेता अमर सिंह चंदेल, शिव बालक यादव, नगर अध्यक्ष अजीत यादव, रामखिलावन यादव, अजहर बाबा सहित दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रखी।3
- जालौन जिले के कदौरा–चतेला मार्ग पर प्रतिदिन लगने वाला भीषण जाम अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जाम से परेशान महिलाओं को खुद डंडे लेकर सड़क पर उतरकर वाहनों को व्यवस्थित कर जाम खुलवाने का प्रयास करना पड़ रहा है। चतेला, पंडोरा, बड़ागांव, कानाखेड़ा, पथरेठा समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि कदौरा से चतेला की लगभग 6 किलोमीटर की दूरी तय करने में कई बार घंटों लग जाते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जहां कदौरा से कानपुर की लगभग 100 किलोमीटर की दूरी करीब दो घंटे में पूरी हो जाती है, वहीं इस छोटे से मार्ग पर रोजाना लगने वाला जाम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।1
- कालपी के उदनपुरा मोहल्ले की रहने वाली युवती कशिश द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को चार महीने पुराना बताते हुए सफाई देने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। युवती का कहना है कि महोबा निवासी आदित्य सिंह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसी दौरान यह वीडियो बनाया गया था। कशिश का आरोप है कि अब उसी पुराने वीडियो को दोबारा वायरल करके उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि यह पूरा मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। युवती के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। बड़ी संख्या में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि वीडियो वास्तव में चार महीने पुराना था, तो उस समय सार्वजनिक रूप से सामने कैसे आया और अब दोबारा वायरल होने पर ही सफाई क्यों दी जा रही है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पुराने वीडियो को वर्तमान घटना बताकर साझा करना भ्रामक सूचना फैलाने जैसा है। कुछ लोग युवती के दावों का समर्थन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कई लोग पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। बिना आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों पर चल रहे विभिन्न दावों के बीच कानूनी विशेषज्ञों का भी मानना है कि मामला अदालत में होने के कारण किसी भी पक्ष को समय से पहले दोषी या निर्दोष नहीं माना जा सकता। फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की निगाहें न्यायालय की कार्यवाही और संबंधित एजेंसियों की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह सच सामने आ सके कि पुराने वीडियो को दोबारा वायरल करने के पीछे का असल मकसद क्या था।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में 'आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति' ने एक जोरदार प्रदर्शन किया। समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। इस प्रदर्शन में समिति के कई पदाधिकारी शामिल हुए और उन्होंने आरक्षण से जुड़ी अपनी मांगों को उठाया। समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुँचकर ए.बी.एस.एस. के पदाधिकारियों के साथ मिलकर अपनी आवाज़ बुलंद की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।1
- कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र स्थित बाणेश्वर महादेव मंदिर में आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने निरीक्षण कर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, प्रवेश व निकास मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का अवलोकन किया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुगम व सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए श्रावण मास व कांवड़ यात्रा को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग करने, निरंतर पैदल गश्त करने तथा यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।1
- उरई/नदीगांव। थाना नदीगांव पुलिस ने एक चर्चित हत्या मामले का सफल खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया है। यह खुलासा सोमवार को पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में गठित टीम द्वारा किया गया। पुलिस के अनुसार 5 जुलाई 2026 को थाना नदीगांव क्षेत्र के ग्राम भकरौली में खेत पर एक व्यक्ति का शव मिला था। मृतक की पहचान राजकुमार के रूप में हुई थी। इस संबंध में थाना नदीगांव में मुकदमा संख्या 66/2026, धारा 103(1)/351(3) बीएनएस एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने विवेचना एवं साक्ष्यों के आधार पर ग्राम भकरौली निवासी सोनू पाल उर्फ महेश (32 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 4 जुलाई की रात वह और मृतक राजकुमार साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान गाली-गलौज को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में आकर उसने पहले मृतक को थप्पड़ मारा और बाद में खेत में पड़े डंडे से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस सफल कार्रवाई में थाना नदीगांव पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1