कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र स्थित बाणेश्वर महादेव मंदिर में आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने निरीक्षण कर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, प्रवेश व निकास मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का अवलोकन किया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुगम व सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए श्रावण मास व कांवड़ यात्रा को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग करने, निरंतर पैदल गश्त करने तथा यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र स्थित बाणेश्वर महादेव मंदिर में आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने निरीक्षण कर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, प्रवेश व निकास मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का अवलोकन किया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुगम व सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए श्रावण मास व कांवड़ यात्रा को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग करने, निरंतर पैदल गश्त करने तथा यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
- कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र स्थित बाणेश्वर महादेव मंदिर में आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने निरीक्षण कर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, प्रवेश व निकास मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का अवलोकन किया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुगम व सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और भीड़ प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए श्रावण मास व कांवड़ यात्रा को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने, संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की सघन चेकिंग करने, निरंतर पैदल गश्त करने तथा यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।1
- कानपुर देहात के जिंदौरा निवासी रजोल (पुत्र परमू) ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़ित के अनुसार 17-07-2027 को शाम 7 बजे कल्लू (पुत्र परमू) ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। इस मामले को लेकर जब उन्होंने बीरसिंहपुर चौकी में प्रार्थना पत्र दिया, तो दूसरे दिन उन्हें बुलाकर उलटे उनके साथ ही अभद्रता और गाली-गलौज की गई। चौकी स्तर पर सुनवाई न होने के बाद पीड़ित ने एसपी से भी शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस द्वारा कोई कदम न उठाए जाने से पीड़ित को अपनी जान का खतरा सता रहा है। लगातार चक्कर काटने के बाद भी न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा है कि अधिकारी मस्त हैं और जनता त्रस्त है।1
- कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कानपुर देहात के इको पार्क स्थित शहीद स्मारक में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने वीर शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान देश की रक्षा एवं अखंडता के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर जवानों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। वर्ष 1999 में कारगिल की दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने असाधारण वीरता का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर शहीदों का बलिदान सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण का संदेश देता रहेगा। जिलाधिकारी ने उपस्थित जनों से वीर शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद के भूतपूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों का विशेष सम्मान करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके त्याग और योगदान का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके परिजनों को कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाएगा तथा प्रशासन हर संभव सहायता देगा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं नागरिकों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया।2
- कालपी (जालौन)। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा, जिला जालौन ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश के विरोध में उपजिलाधिकारी कालपी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन में मांग की कि मामले की निष्पक्ष एवं वैधानिक समीक्षा कर छात्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना है कि भवनों को ध्वस्त करने से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो सकती है। इस दौरान सपा अल्पसंख्यक सभा के जिला अध्यक्ष मोहम्मद दानिश, वरिष्ठ समाजवादी नेता अमर सिंह चंदेल, शिव बालक यादव, नगर अध्यक्ष अजीत यादव, रामखिलावन यादव, अजहर बाबा सहित दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रखी।3
- जालौन जिले के कदौरा–चतेला मार्ग पर प्रतिदिन लगने वाला भीषण जाम अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जाम से परेशान महिलाओं को खुद डंडे लेकर सड़क पर उतरकर वाहनों को व्यवस्थित कर जाम खुलवाने का प्रयास करना पड़ रहा है। चतेला, पंडोरा, बड़ागांव, कानाखेड़ा, पथरेठा समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि कदौरा से चतेला की लगभग 6 किलोमीटर की दूरी तय करने में कई बार घंटों लग जाते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जहां कदौरा से कानपुर की लगभग 100 किलोमीटर की दूरी करीब दो घंटे में पूरी हो जाती है, वहीं इस छोटे से मार्ग पर रोजाना लगने वाला जाम लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।1
- कालपी के उदनपुरा मोहल्ले की रहने वाली युवती कशिश द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को चार महीने पुराना बताते हुए सफाई देने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। युवती का कहना है कि महोबा निवासी आदित्य सिंह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसी दौरान यह वीडियो बनाया गया था। कशिश का आरोप है कि अब उसी पुराने वीडियो को दोबारा वायरल करके उसकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि यह पूरा मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। युवती के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। बड़ी संख्या में लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि वीडियो वास्तव में चार महीने पुराना था, तो उस समय सार्वजनिक रूप से सामने कैसे आया और अब दोबारा वायरल होने पर ही सफाई क्यों दी जा रही है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पुराने वीडियो को वर्तमान घटना बताकर साझा करना भ्रामक सूचना फैलाने जैसा है। कुछ लोग युवती के दावों का समर्थन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कई लोग पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। बिना आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया और स्थानीय माध्यमों पर चल रहे विभिन्न दावों के बीच कानूनी विशेषज्ञों का भी मानना है कि मामला अदालत में होने के कारण किसी भी पक्ष को समय से पहले दोषी या निर्दोष नहीं माना जा सकता। फिलहाल पूरे मामले पर लोगों की निगाहें न्यायालय की कार्यवाही और संबंधित एजेंसियों की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह सच सामने आ सके कि पुराने वीडियो को दोबारा वायरल करने के पीछे का असल मकसद क्या था।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में गौमाता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग उठी है। समाजसेविका स्वयंप्रभा दुबे ने इस मांग को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने बेसहारा गौवंश के संरक्षण और सुरक्षा पर जोर दिया है। दुबे ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता के सम्मान को आवश्यक बताया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने गौ-तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सरकार से अपील की है।1
- कानपुर देहात के माती पुलिस लाइन में वामा सारथी के तत्वावधान में पुलिस परिवार के बच्चों के लिए एक कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस परिवार के बच्चों को उचित कैरियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराना, उनकी शैक्षणिक एवं मानसिक क्षमता का विकास करना तथा तनावमुक्त अध्ययन के माध्यम से उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना रहा। कार्यक्रम में वामा सारथी की अध्यक्षा अर्चना सिरोही (धर्मपत्नी श्री राजीव सिरोही, क्षेत्राधिकारी भोगनीपुर), उपाध्यक्षा आकांक्षा सिंह (धर्मपत्नी आलोक सिंह, क्षेत्राधिकारी रसूलाबाद) एवं मनी श्रीवास्तव (धर्मपत्नी प्रतीक श्रीवास्तव, सीएफओ) उपस्थित रहीं। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों को भी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका के प्रति जागरूक किया गया। अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुरूप ही उनका मार्गदर्शन करें तथा उन पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव न बनाएं। इसके साथ ही बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहयोगी बनने और उन्हें घर पर एक सकारात्मक पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए गए।1