हरिओम वाल्मीक हत्याकांड के दो अभियुक्त जांच में पाए गए दोष मुक्त - 15 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र तय रिपोर्ट-सागर तिवारी वाटसाप नं- 8742935637 ऊंचाहार , रायबरेली । क्षेत्र के बहुचर्चित हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड में विवेचना के दौरान दो अभियुक्त को दोष मुक्त पाया गया है। उनकी नामजदगी गलत पाए जाने पर विवेचक क्षेत्राधिकार द्वारा उन्हें आरोप से मुक्त कर दिया है। ज्ञात हो की बीते साल 2 अक्टूबर को फतेहपुर जनपद के निवासी हरिओम वाल्मीकि को चोर समझ कर निर्ममतापूर्वक पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। उसका शो क्षेत्र के ईश्वर दासपुर रेलवे हाल्ट के पास बरामद हुआ था।इस हत्याकांड का एक वीडियो भी वायरल हुआ। यह हत्याकांड उसे समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया और वह खुद मृतक के घर फतेहपुर पहुंच गए। उसके बाद इस घटना ने राजनीतिक रंग लिया और पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करके घटना के वायरल वीडियो के आधार पर कल 17 लोगों को नाम जद करते हुए जेल भेजा था। इस मामले की प्रारंभिक विवेचना ऊंचाहार के निरीक्षक सियाराम अपराध सियाराम राजपूत द्वारा की गई। बाद में मुकदमे की धाराएं बढ़ाने के बाद इसकी विवेचना सीओ द्वारा प्रारंभ की गई ।अब क्षेत्राधिकारी डलमऊ द्वारा संकलित साक्ष्य के आधार पर क्षेत्र के बाहरपुर गांव निवासी संदीप सिंह और जमुनापुर गांव निवासी नितिन को दोष मुक्त पाया है ।क्षेत्राधिकार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों के विरुद्ध कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है ।इसलिए इनकी नाम जदगी गलत पाई गई , इसके अलावा अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध उन्होंने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।
हरिओम वाल्मीक हत्याकांड के दो अभियुक्त जांच में पाए गए दोष मुक्त - 15 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र तय रिपोर्ट-सागर तिवारी वाटसाप नं- 8742935637 ऊंचाहार , रायबरेली । क्षेत्र के बहुचर्चित हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड में विवेचना के दौरान दो अभियुक्त को दोष मुक्त पाया गया है। उनकी नामजदगी गलत पाए जाने पर विवेचक क्षेत्राधिकार द्वारा उन्हें आरोप से मुक्त कर दिया है। ज्ञात हो की बीते साल 2 अक्टूबर को फतेहपुर जनपद के निवासी हरिओम वाल्मीकि को चोर समझ कर निर्ममतापूर्वक पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। उसका शो क्षेत्र के ईश्वर दासपुर रेलवे हाल्ट के पास बरामद हुआ था।इस हत्याकांड का एक वीडियो भी वायरल हुआ। यह हत्याकांड उसे समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया और वह खुद मृतक के घर फतेहपुर पहुंच गए। उसके बाद इस घटना ने राजनीतिक रंग लिया और पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करके घटना के वायरल वीडियो के आधार पर कल 17 लोगों को नाम जद करते हुए जेल भेजा था। इस मामले की प्रारंभिक विवेचना ऊंचाहार के निरीक्षक सियाराम अपराध सियाराम राजपूत द्वारा की गई। बाद में मुकदमे की धाराएं बढ़ाने के बाद इसकी विवेचना सीओ द्वारा प्रारंभ की गई ।अब क्षेत्राधिकारी डलमऊ द्वारा संकलित साक्ष्य के आधार पर क्षेत्र के बाहरपुर गांव निवासी संदीप सिंह और जमुनापुर गांव निवासी नितिन को दोष मुक्त पाया है ।क्षेत्राधिकार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों के विरुद्ध कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है ।इसलिए इनकी नाम जदगी गलत पाई गई , इसके अलावा अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध उन्होंने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।
- रायबरेली के ऊंचाहार तहसील में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी पूर्व सूचना या विधिक प्रक्रिया के उसके पद से हटा दिया गया है। यह ऑपरेटर पिछले 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत था। इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तहसीलदार आकांक्षा दीक्षित ने पत्रांक संख्या 303/2026 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत अनुभवी कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी कारण, नोटिस या विधिक प्रक्रिया का पालन किए हटा दिया गया। तहसीलदार के आदेश में कहा गया है कि यूपीडा (UPIDA) परियोजनाओं में 'काम की कमी' के कारण वहां के ऑपरेटर गौरव शुक्ला को खतौनी का कार्यभार सौंपा जा रहा है। इस निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भूमि अभिलेख जैसे संवेदनशील डेटा का एक्सेस किसी बाहरी एजेंसी के कर्मचारी को देना उचित है, और क्या यह किसानों की गोपनीय जानकारी से समझौता नहीं है। नियमानुसार, किसी भी संविदा कर्मचारी को हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 20 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे एक कुशल कर्मचारी को अचानक हटाना न केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि है, बल्कि इससे उसकी आजीविका पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है। इस पूरे प्रकरण ने तहसील प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस अदला-बदली के पीछे कोई निजी स्वार्थ या विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य हो सकता है। तुगलकी फरमान' को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो यह मामला शासन की छवि पर एक गहरा धब्बा साबित होगा।मामले में एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि जानकारी मिल गई है। जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।1
- Post by ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश1
- ऊंचाहार/रायबरेली: कोतवाली क्षेत्र में चार साल से चल रहे एक विवाद का अंत गुरुवार को अनूठे अंदाज में हुआ। जिस युवक पर युवती ने गंभीर आरोप लगाकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी, आज उसी के साथ वह विवाह के बंधन में बंध गई। दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद कोतवाली के बाहर स्थित शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। ऊंचाहार क्षेत्र की एक युवती ने जगतपुर थाना क्षेत्र के एक युवक पर आरोप लगाया था कि उसने शादी का झांसा देकर चार साल तक उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने गुपचुप तरीके से उसके आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे और शादी का दबाव बनाने पर उन्हें वायरल करने की धमकी दे रहा था। शिकायत में जातिसूचक गालियों और जान से मारने की धमकी का भी जिक्र था, जिससे परिवार भयभीत था। मंगलवार को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिसिया हस्तक्षेप और परिजनों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद, अंततः दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हो गए। आज गुरुवार को मंदिर में हुए इस विवाह के साक्षी दोनों परिवारों के लोग और स्थानीय पुलिस बनी। इस तरह, कानूनी कार्रवाई की दहलीज पर खड़ा यह मामला आपसी सहमति से वैवाहिक बंधन में तब्दील हो गया।1
- तालाबी नं. मे हो रही खेती ग्राम सभा टेनी मे1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by Devendra Kumar1
- ऊंचाहार , रायबरेली । क्षेत्र के बहुचर्चित हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड में विवेचना के दौरान दो अभियुक्त को दोष मुक्त पाया गया है। उनकी नामजदगी गलत पाए जाने पर विवेचक क्षेत्राधिकार द्वारा उन्हें आरोप से मुक्त कर दिया है। ज्ञात हो की बीते साल 2 अक्टूबर को फतेहपुर जनपद के निवासी हरिओम वाल्मीकि को चोर समझ कर निर्ममतापूर्वक पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। उसका शो क्षेत्र के ईश्वर दासपुर रेलवे हाल्ट के पास बरामद हुआ था।इस हत्याकांड का एक वीडियो भी वायरल हुआ। यह हत्याकांड उसे समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया और वह खुद मृतक के घर फतेहपुर पहुंच गए। उसके बाद इस घटना ने राजनीतिक रंग लिया और पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करके घटना के वायरल वीडियो के आधार पर कल 17 लोगों को नाम जद करते हुए जेल भेजा था। इस मामले की प्रारंभिक विवेचना ऊंचाहार के निरीक्षक सियाराम अपराध सियाराम राजपूत द्वारा की गई। बाद में मुकदमे की धाराएं बढ़ाने के बाद इसकी विवेचना सीओ द्वारा प्रारंभ की गई ।अब क्षेत्राधिकारी डलमऊ द्वारा संकलित साक्ष्य के आधार पर क्षेत्र के बाहरपुर गांव निवासी संदीप सिंह और जमुनापुर गांव निवासी नितिन को दोष मुक्त पाया है ।क्षेत्राधिकार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों के विरुद्ध कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है ।इसलिए इनकी नाम जदगी गलत पाई गई , इसके अलावा अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध उन्होंने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।1