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ऊंचाहार में 22 साल के ऑपरेटर को हटाया, तहसीलदार ने बिना नोटिस खतौनी काउंटर से हटाया, UPIDA कर्मी को दिया काम रायबरेली के ऊंचाहार तहसील में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी पूर्व सूचना या विधिक प्रक्रिया के उसके पद से हटा दिया गया है। यह ऑपरेटर पिछले 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत था। इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तहसीलदार आकांक्षा दीक्षित ने पत्रांक संख्या 303/2026 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत अनुभवी कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी कारण, नोटिस या विधिक प्रक्रिया का पालन किए हटा दिया गया। तहसीलदार के आदेश में कहा गया है कि यूपीडा (UPIDA) परियोजनाओं में 'काम की कमी' के कारण वहां के ऑपरेटर गौरव शुक्ला को खतौनी का कार्यभार सौंपा जा रहा है। इस निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भूमि अभिलेख जैसे संवेदनशील डेटा का एक्सेस किसी बाहरी एजेंसी के कर्मचारी को देना उचित है, और क्या यह किसानों की गोपनीय जानकारी से समझौता नहीं है। नियमानुसार, किसी भी संविदा कर्मचारी को हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 20 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे एक कुशल कर्मचारी को अचानक हटाना न केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि है, बल्कि इससे उसकी आजीविका पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है। इस पूरे प्रकरण ने तहसील प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस अदला-बदली के पीछे कोई निजी स्वार्थ या विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य हो सकता है। तुगलकी फरमान' को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो यह मामला शासन की छवि पर एक गहरा धब्बा साबित होगा।मामले में एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि जानकारी मिल गई है। जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।

1 hr ago
user_Arvind Mishra
Arvind Mishra
Local News Reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

ऊंचाहार में 22 साल के ऑपरेटर को हटाया, तहसीलदार ने बिना नोटिस खतौनी काउंटर से हटाया, UPIDA कर्मी को दिया काम रायबरेली के ऊंचाहार तहसील में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी पूर्व सूचना या विधिक प्रक्रिया के उसके पद से हटा दिया गया है। यह ऑपरेटर पिछले 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत था। इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तहसीलदार आकांक्षा दीक्षित ने पत्रांक संख्या 303/2026 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत अनुभवी कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी कारण, नोटिस या विधिक प्रक्रिया का पालन किए हटा दिया गया। तहसीलदार के आदेश में कहा गया है कि यूपीडा (UPIDA) परियोजनाओं में 'काम की कमी' के कारण वहां के ऑपरेटर गौरव शुक्ला को खतौनी का कार्यभार सौंपा जा रहा है। इस निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भूमि अभिलेख जैसे संवेदनशील डेटा का एक्सेस किसी बाहरी एजेंसी के कर्मचारी को देना उचित है, और क्या यह किसानों की गोपनीय जानकारी से समझौता नहीं है। नियमानुसार, किसी भी संविदा कर्मचारी को हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 20 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे एक कुशल कर्मचारी को अचानक हटाना न केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि है, बल्कि इससे उसकी आजीविका पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है। इस पूरे प्रकरण ने तहसील प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस अदला-बदली के पीछे कोई निजी स्वार्थ या विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य हो सकता है। तुगलकी फरमान' को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो यह मामला शासन की छवि पर एक गहरा धब्बा साबित होगा।मामले में एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि जानकारी मिल गई है। जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।

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  • रायबरेली के ऊंचाहार तहसील में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी पूर्व सूचना या विधिक प्रक्रिया के उसके पद से हटा दिया गया है। यह ऑपरेटर पिछले 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत था। इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तहसीलदार आकांक्षा दीक्षित ने पत्रांक संख्या 303/2026 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत अनुभवी कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी कारण, नोटिस या विधिक प्रक्रिया का पालन किए हटा दिया गया। तहसीलदार के आदेश में कहा गया है कि यूपीडा (UPIDA) परियोजनाओं में 'काम की कमी' के कारण वहां के ऑपरेटर गौरव शुक्ला को खतौनी का कार्यभार सौंपा जा रहा है। इस निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भूमि अभिलेख जैसे संवेदनशील डेटा का एक्सेस किसी बाहरी एजेंसी के कर्मचारी को देना उचित है, और क्या यह किसानों की गोपनीय जानकारी से समझौता नहीं है। नियमानुसार, किसी भी संविदा कर्मचारी को हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 20 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे एक कुशल कर्मचारी को अचानक हटाना न केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि है, बल्कि इससे उसकी आजीविका पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है। इस पूरे प्रकरण ने तहसील प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस अदला-बदली के पीछे कोई निजी स्वार्थ या विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य हो सकता है। तुगलकी फरमान' को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो यह मामला शासन की छवि पर एक गहरा धब्बा साबित होगा।मामले में एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि जानकारी मिल गई है। जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
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    रायबरेली के ऊंचाहार तहसील में एक कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी पूर्व सूचना या विधिक प्रक्रिया के उसके पद से हटा दिया गया है। यह ऑपरेटर पिछले 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत था। इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तहसीलदार आकांक्षा दीक्षित ने पत्रांक संख्या 303/2026 के तहत एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में 22 वर्षों से खतौनी काउंटर पर कार्यरत अनुभवी कंप्यूटर ऑपरेटर को बिना किसी कारण, नोटिस या विधिक प्रक्रिया का पालन किए हटा दिया गया।
तहसीलदार के आदेश में कहा गया है कि यूपीडा (UPIDA) परियोजनाओं में 'काम की कमी' के कारण वहां के ऑपरेटर गौरव शुक्ला को खतौनी का कार्यभार सौंपा जा रहा है। इस निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भूमि अभिलेख जैसे संवेदनशील डेटा का एक्सेस किसी बाहरी एजेंसी के कर्मचारी को देना उचित है, और क्या यह किसानों की गोपनीय जानकारी से समझौता नहीं है।
नियमानुसार, किसी भी संविदा कर्मचारी को हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि, इस मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 20 वर्षों से अधिक समय से सेवा दे रहे एक कुशल कर्मचारी को अचानक हटाना न केवल प्रक्रियात्मक त्रुटि है, बल्कि इससे उसकी आजीविका पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है।
इस पूरे प्रकरण ने तहसील प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस अदला-बदली के पीछे कोई निजी स्वार्थ या विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का उद्देश्य हो सकता है।
तुगलकी फरमान' को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो यह मामला शासन की छवि पर एक गहरा धब्बा साबित होगा।मामले में एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि जानकारी मिल गई है। जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
    user_Arvind Mishra
    Arvind Mishra
    Local News Reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
    1
    Post by ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
    user_ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
    ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
    पत्रकार ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • ऊंचाहार/रायबरेली: कोतवाली क्षेत्र में चार साल से चल रहे एक विवाद का अंत गुरुवार को अनूठे अंदाज में हुआ। जिस युवक पर युवती ने गंभीर आरोप लगाकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी, आज उसी के साथ वह विवाह के बंधन में बंध गई। दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद कोतवाली के बाहर स्थित शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। ऊंचाहार क्षेत्र की एक युवती ने जगतपुर थाना क्षेत्र के एक युवक पर आरोप लगाया था कि उसने शादी का झांसा देकर चार साल तक उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने गुपचुप तरीके से उसके आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे और शादी का दबाव बनाने पर उन्हें वायरल करने की धमकी दे रहा था। शिकायत में जातिसूचक गालियों और जान से मारने की धमकी का भी जिक्र था, जिससे परिवार भयभीत था। मंगलवार को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिसिया हस्तक्षेप और परिजनों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद, अंततः दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हो गए। आज गुरुवार को मंदिर में हुए इस विवाह के साक्षी दोनों परिवारों के लोग और स्थानीय पुलिस बनी। इस तरह, कानूनी कार्रवाई की दहलीज पर खड़ा यह मामला आपसी सहमति से वैवाहिक बंधन में तब्दील हो गया।
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    ऊंचाहार/रायबरेली: कोतवाली क्षेत्र में चार साल से चल रहे एक विवाद का अंत गुरुवार को अनूठे अंदाज में हुआ। जिस युवक पर युवती ने गंभीर आरोप लगाकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई थी, आज उसी के साथ वह विवाह के बंधन में बंध गई। दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद कोतवाली के बाहर स्थित शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई।
ऊंचाहार क्षेत्र की एक युवती ने जगतपुर थाना क्षेत्र के एक युवक पर आरोप लगाया था कि उसने शादी का झांसा देकर चार साल तक उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने गुपचुप तरीके से उसके आपत्तिजनक वीडियो बना लिए थे और शादी का दबाव बनाने पर उन्हें वायरल करने की धमकी दे रहा था। शिकायत में जातिसूचक गालियों और जान से मारने की धमकी का भी जिक्र था, जिससे परिवार भयभीत था।
मंगलवार को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिसिया हस्तक्षेप और परिजनों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद, अंततः दोनों परिवार शादी के लिए तैयार हो गए।
आज गुरुवार को मंदिर में हुए इस विवाह के साक्षी दोनों परिवारों के लोग और स्थानीय पुलिस बनी। इस तरह, कानूनी कार्रवाई की दहलीज पर खड़ा यह मामला आपसी सहमति से वैवाहिक बंधन में तब्दील हो गया।
    user_Harinarayan Tiwari
    Harinarayan Tiwari
    Court reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
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    Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
    user_प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
    प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    33 min ago
  • तालाबी नं. मे हो रही खेती ग्राम सभा टेनी मे
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    तालाबी नं. मे हो रही खेती ग्राम सभा टेनी मे
    user_किसान यूनियन जिला उपाध्यक्ष फत
    किसान यूनियन जिला उपाध्यक्ष फत
    खागा, फतेहपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
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    Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • ऊँचाहार (रायबरेली): NTPC लिमिटेड ऊँचाहार की अरखा फ्लाई ऐश पाइपलाइन से राख निकालने वाली महत्वपूर्ण पाइप की चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने चोरी करते हुए पिकअप वाहन चालक को रंगे हाथों पकड़ लिया और जेल भेज दिया। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह पहले भी कई बार ऐसी पाइपें चुराकर बेच चुका है। उसने चोरी में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पुलिस को ठोस जानकारी दी है। ऊँचाहार कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और चोरी में शामिल बाकी लोगों को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। पकड़ी गई पाइप की अनुमानित कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।
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    ऊँचाहार (रायबरेली): NTPC लिमिटेड ऊँचाहार की अरखा फ्लाई ऐश पाइपलाइन से राख निकालने वाली महत्वपूर्ण पाइप की चोरी का मामला सामने आया है। पुलिस ने चोरी करते हुए पिकअप वाहन चालक को रंगे हाथों पकड़ लिया और जेल भेज दिया।  
पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह पहले भी कई बार ऐसी पाइपें चुराकर बेच चुका है। उसने चोरी में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पुलिस को ठोस जानकारी दी है।  
ऊँचाहार कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और चोरी में शामिल बाकी लोगों को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।  पकड़ी गई पाइप की अनुमानित कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।
    user_Ravindra Kumar
    Ravindra Kumar
    पत्रकार Rae Bareli, Uttar Pradesh•
    24 min ago
  • ऊंचाहार , रायबरेली । क्षेत्र के बहुचर्चित हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड में विवेचना के दौरान दो अभियुक्त को दोष मुक्त पाया गया है। उनकी नामजदगी गलत पाए जाने पर विवेचक क्षेत्राधिकार द्वारा उन्हें आरोप से मुक्त कर दिया है। ज्ञात हो की बीते साल 2 अक्टूबर को फतेहपुर जनपद के निवासी हरिओम वाल्मीकि को चोर समझ कर निर्ममतापूर्वक पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। उसका शो क्षेत्र के ईश्वर दासपुर रेलवे हाल्ट के पास बरामद हुआ था।इस हत्याकांड का एक वीडियो भी वायरल हुआ। यह हत्याकांड उसे समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया और वह खुद मृतक के घर फतेहपुर पहुंच गए। उसके बाद इस घटना ने राजनीतिक रंग लिया और पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करके घटना के वायरल वीडियो के आधार पर कल 17 लोगों को नाम जद करते हुए जेल भेजा था। इस मामले की प्रारंभिक विवेचना ऊंचाहार के निरीक्षक सियाराम अपराध सियाराम राजपूत द्वारा की गई। बाद में मुकदमे की धाराएं बढ़ाने के बाद इसकी विवेचना सीओ द्वारा प्रारंभ की गई ।अब क्षेत्राधिकारी डलमऊ द्वारा संकलित साक्ष्य के आधार पर क्षेत्र के बाहरपुर गांव निवासी संदीप सिंह और जमुनापुर गांव निवासी नितिन को दोष मुक्त पाया है ।क्षेत्राधिकार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों के विरुद्ध कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है ।इसलिए इनकी नाम जदगी गलत पाई गई , इसके अलावा अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध उन्होंने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।
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    ऊंचाहार , रायबरेली । क्षेत्र के बहुचर्चित हरिओम वाल्मीकि हत्याकांड में विवेचना के दौरान दो अभियुक्त को दोष मुक्त पाया गया है। उनकी नामजदगी गलत पाए जाने पर विवेचक क्षेत्राधिकार द्वारा उन्हें आरोप से मुक्त कर दिया है।
ज्ञात हो की बीते साल 2 अक्टूबर को फतेहपुर जनपद के निवासी हरिओम वाल्मीकि को चोर समझ कर निर्ममतापूर्वक पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। उसका शो क्षेत्र के ईश्वर दासपुर रेलवे हाल्ट के पास बरामद हुआ था।इस हत्याकांड का एक वीडियो भी वायरल हुआ। यह हत्याकांड उसे समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया और वह खुद मृतक के घर फतेहपुर पहुंच गए। उसके बाद इस घटना ने राजनीतिक रंग लिया और पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करके घटना के वायरल वीडियो के आधार पर कल 17 लोगों को नाम जद करते हुए जेल भेजा था।  इस मामले की प्रारंभिक विवेचना ऊंचाहार के  निरीक्षक सियाराम अपराध सियाराम राजपूत द्वारा की गई। बाद में मुकदमे की धाराएं बढ़ाने के बाद इसकी विवेचना सीओ  द्वारा प्रारंभ की गई ।अब क्षेत्राधिकारी डलमऊ द्वारा संकलित साक्ष्य के आधार पर क्षेत्र के बाहरपुर गांव निवासी संदीप सिंह और जमुनापुर गांव निवासी नितिन को दोष मुक्त पाया है ।क्षेत्राधिकार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों के विरुद्ध कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है ।इसलिए इनकी नाम जदगी गलत पाई गई , इसके अलावा अन्य अभियुक्तों  के विरुद्ध उन्होंने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया है।
    user_Harinarayan Tiwari
    Harinarayan Tiwari
    Court reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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