हवेली खड़गपुर में बुधवार देर शाम एक सड़क हादसे में 60 वर्षीय साइकिल सवार बिंदेश्वर यादव की मौत हो गई। खड़गपुर-गंगटा राष्ट्रीय राजमार्ग-333 पर मधवा गांव के समीप एक अनियंत्रित बाइक ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी थी। हवेली खड़गपुर में बुधवार देर शाम एक सड़क हादसे में 60 वर्षीय साइकिल सवार बिंदेश्वर यादव की मौत हो गई। खड़गपुर-गंगटा राष्ट्रीय राजमार्ग-333 पर मधवा गांव के समीप एक अनियंत्रित बाइक ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल बिंदेश्वर यादव ने इलाज के दौरान अनुमंडलीय अस्पताल, हवेली खड़गपुर में देर रात करीब 11 बजे दम तोड़ दिया। छोटी मँझगाय गांव निवासी बिंदेश्वर यादव बुधवार को खड़गपुर बाजार गए थे। बाजार से घर लौटते समय मधवा गांव के पास पीछे से आ रही एक अनियंत्रित बाइक ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिंदेश्वर यादव सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल बिंदेश्वर यादव को अनुमंडलीय अस्पताल हवेली खड़गपुर पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सक डॉ. इकबाल शम्सी ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और देर रात उनकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर सरपंच नीरज यादव सहित कई ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। गंगटा थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें सड़क दुर्घटना की सूचना मिली है। हालांकि, मृतक के परिजनों की ओर से अब तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। पुलिस ने कहा कि आवेदन मिलने के बाद मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हवेली खड़गपुर में बुधवार देर शाम एक सड़क हादसे में 60 वर्षीय साइकिल सवार बिंदेश्वर यादव की मौत हो गई। खड़गपुर-गंगटा राष्ट्रीय राजमार्ग-333 पर मधवा गांव के समीप एक अनियंत्रित बाइक ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी थी। हवेली खड़गपुर में बुधवार देर शाम एक सड़क हादसे में 60 वर्षीय साइकिल सवार बिंदेश्वर यादव की मौत हो गई। खड़गपुर-गंगटा राष्ट्रीय राजमार्ग-333 पर मधवा गांव के समीप एक अनियंत्रित बाइक ने उनकी साइकिल को टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल बिंदेश्वर यादव ने इलाज के दौरान अनुमंडलीय अस्पताल, हवेली खड़गपुर में देर रात करीब 11 बजे दम तोड़ दिया। छोटी मँझगाय गांव निवासी बिंदेश्वर यादव बुधवार को खड़गपुर बाजार गए थे। बाजार से घर लौटते समय मधवा गांव के पास पीछे से आ रही एक अनियंत्रित बाइक ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिंदेश्वर यादव सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से घायल बिंदेश्वर यादव को अनुमंडलीय अस्पताल हवेली खड़गपुर पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सक डॉ. इकबाल शम्सी ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और देर रात उनकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलने पर सरपंच नीरज यादव सहित कई ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। गंगटा थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें सड़क दुर्घटना की सूचना मिली है। हालांकि, मृतक के परिजनों की ओर से अब तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। पुलिस ने कहा कि आवेदन मिलने के बाद मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- तारापुर आर एस कॉलेज में विद्यार्थी सहायता शिविर में नहीं मिला एक भी आवेदन रामस्वास्थ्य महाविद्यालय, तारापुर में विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन देने के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं, करियर और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यार्थी सहायता शिविर का आयोजन किया गया। हालांकि शिविर में किसी भी छात्र का आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। शिविर में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने विद्यार्थियों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं, करियर मार्गदर्शन और उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने तथा समाज निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। तारापुर थानाध्यक्ष राजकुमार ने कानून व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और अनुशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नागेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और उन्हें सही दिशा देने में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण हैं। संचालन एवं संयोजन नोडल पदाधिकारी प्रो. राखी कुमारी ने किया। मौके पर डॉ. सविता कुमारी, डॉ. पूर्णिमा गुप्ता, प्रो. नीरज कुमार, प्रो. बसंत कुमार सिंह, डॉ. मृत्युंजय कुमार, डॉ. श्रुति कुमारी, डॉ. मुकेश कुमार सहित शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- मुंगेर नगर निगम के सभागर में निगम बोर्ड की बैठक हुई आयोजित। मुंगेर: गुरुवार को नगर निगम के सभागार में मुंगेर नगर निगम बोर्ड की बैठक आयोजित की गई जिसमें उपस्थित सभी वार्ड पार्षदों ने विभिन्न एजेण्डा पर मोहर लगाए। बोर्ड की बैठक में मुंगेर नगर निगम के आयुक्त पार्थ गुप्ता मेयर कुमकुम देवी डिप्टी मेयर खालिद हुसैन वार्ड नंबर 11 के पार्षद राहुल कुमार सहित 45 वार्ड के पार्षद उपस्थित रहे।1
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- मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी। इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है। मुंगेर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर दूर मुंगेर : गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग की 27 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 39.33 मीटर है। इस तरह नदी का जलस्तर डेंजर लेवल से महज 50 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया है। वहीं, चेतावनी स्तर 38.33 मीटर है, जिसके मुकाबले गंगा का पानी 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। फिलहाल जलस्तर का ट्रेंड स्थिर बताया गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के निचले इलाकों और दियारा क्षेत्रों में दिखने लगा है। कई जगहों पर बाढ़ का पानी खेतों और निचले भूभाग में फैल गया है। कुछ इलाकों में घरों और संपर्क मार्गों के आसपास भी पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। दियारा क्षेत्र में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में पानी जमा होने के कारण फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में दोबारा तेजी से वृद्धि हुई तो कई गांवों और संपर्क मार्गों पर बाढ़ का दबाव बढ़ सकता है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ आधा मीटर नीचे रहने के कारण प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। जलस्तर में मामूली वृद्धि होने पर नदी खतरे के निशान के और करीब पहुंच जाएगी। इधर, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने अधिकारियों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को भी सतर्क रखा गया है।1
- बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण। पटना, भागलपुर, कटिहार, नवगछिया, बेगूसराय एवं खगड़िया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। CM ने प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।1
- शिक्षक अभ्यर्थी की योग्यता पर सवाल उठाने वाले CM व शिक्षा मंत्री के योग्यता को जन सुराज ने दी चुनौती शिक्षक अभ्यर्थियों की योग्यता पर सवाल उठाने वाले मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के योग्यता पर जन सुराज ने दी चुनौती जन सुराज संघर्ष वाहिनी ने आंदोलनरत छात्रों को दिया नैतिक समर्थन वित्तरहित शिक्षकों के मुद्दों के साथ खड़ा है जन सुराज शिक्षा और रोजगार की मिसाल पेश करेगा बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र1
- गोगरी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत लतरू पासवान टोला में जल जमाव से बढ़ी परेशानी, बदबू से लोग है बेहाल। गोगरी नगर परिषद क्षेत्र के लतरु पासवान टोला में इन दिनों जलजमाव की समस्या गंभीर बनी हुई है। सड़क और आसपास के इलाके में पानी जमा रहने के कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण अब उसमें से दुर्गंध भी आने लगी है, जिससे लोगों को संक्रमण और बीमारी फैलने की चिंता सताने लगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलजमाव के कारण सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना पैदल आने-जाने वाले लोगों को हो रही है। बच्चों को स्कूल जाने के दौरान जमा पानी से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं, लोगों को मस्जिद आने-जाने में भी काफी दिक्कत हो रही है। कई जगह पानी इतना जमा है कि लोगों को अपने कपड़े और जूते बचाकर आवागमन करना पड़ रहा है। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मनोज पासवान एवं स्थानीय लोगों ने बताया कि जलजमाव की समस्या को लेकर नगर परिषद के अधिकारियों और संबंधित जनप्रतिनिधियों को फोन के माध्यम से कई बार जानकारी दी गई है। इसके बावजूद अब तक जलनिकासी के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से न तो जमा पानी की निकासी की व्यवस्था की जा रही है और न ही जलजमाव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर या अन्य कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से जल्द से जल्द जलजमाव वाले स्थानों से पानी की निकासी कराने तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने नगर परिषद के अधिकारियों से स्थल का निरीक्षण कर स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दौरान बार-बार होने वाली इस समस्या से निजात मिल सके।1
- क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर मेयर को ज्ञापन सौंपा। मुंगेर: मुंगेर जिला युवा कांग्रेस कमिटी के पूर्व उपाध्यक्ष सह युवा नेता एडवोकेट प्रणव कुमार ने शीतला मंदिर से लेकर गोयनका मातृ सदन तक क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर मुंगेर नगर निगम की मेयर श्रीमती कुमकुम देवी को ज्ञापन सौपा। मेयर को सौंपे अपने ज्ञापन में उन्होंने कहा कि कई दिनों से शीतला मंदिर से लेकर गोयनका मातृ सदन तक मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त है जिस कारण से प्रत्येक दिन उस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों को ई रिक्शा चालकों मोटरसाइकिल एवं चार पहिया वाहन चलाने वालों को काफी दिक्कत होती है उन्होंने मेयर से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त मुख्य सड़क की मरम्मत करवाने। का आग्रह किया है। ताकि भविष्य में राजगीरों को उस रास्ते से गुजरने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।1