टीकमगढ़ के जतारा के समीपस्थ ग्राम गरौली में मंगलवार को श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन बाल विदुषी कथावाचक आस्था दीदी ने रुक्मणी विवाह और सुदामा चरित्र की कथा का अत्यंत सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुक्मणी विवाह के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर के चंगुल से मुक्त कराई गई 16,108 रानियों को समाज में सम्मान दिलाने के लिए उनसे विवाह किया और उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया, जो प्रेम, भक्ति और धर्म के संतुलन को दर्शाता है। कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए आस्था दीदी ने बताया कि कैसे अपनी पत्नी के कहने पर सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने द्वारकापुरी पहुंचे थे। वहाँ प्रहरियों द्वारा उपहास उड़ाए जाने पर जब वे बिना मिले ही लौटने लगे, तो द्वारपाल की सूचना पाकर भगवान कृष्ण नंगे पांव ही दौड़े चले आए। श्रीकृष्ण ने अपने दरिद्र मित्र सुदामा को गले लगाया और आदर-सत्कार किया, जो सच्ची मित्रता और प्रेम का अनुपम उदाहरण है। इस प्रसंग के बाद श्रीमद् भागवत कथा की महा आरती की गई और गरिमामय ढंग से कथा का समापन हुआ।
टीकमगढ़ के जतारा के समीपस्थ ग्राम गरौली में मंगलवार को श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन बाल विदुषी कथावाचक आस्था दीदी ने रुक्मणी विवाह और सुदामा चरित्र की कथा का अत्यंत सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुक्मणी विवाह के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर के चंगुल
से मुक्त कराई गई 16,108 रानियों को समाज में सम्मान दिलाने के लिए उनसे विवाह किया और उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया, जो प्रेम, भक्ति और धर्म के संतुलन को दर्शाता है। कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए आस्था दीदी ने बताया कि कैसे अपनी पत्नी के कहने पर सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने द्वारकापुरी पहुंचे थे। वहाँ प्रहरियों द्वारा उपहास उड़ाए
जाने पर जब वे बिना मिले ही लौटने लगे, तो द्वारपाल की सूचना पाकर भगवान कृष्ण नंगे पांव ही दौड़े चले आए। श्रीकृष्ण ने अपने दरिद्र मित्र सुदामा को गले लगाया और आदर-सत्कार किया, जो सच्ची मित्रता और प्रेम का अनुपम उदाहरण है। इस प्रसंग के बाद श्रीमद् भागवत कथा की महा आरती की गई और गरिमामय ढंग से कथा का समापन हुआ।
- टीकमगढ़ के जतारा के समीपस्थ ग्राम गरौली में मंगलवार को श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन बाल विदुषी कथावाचक आस्था दीदी ने रुक्मणी विवाह और सुदामा चरित्र की कथा का अत्यंत सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुक्मणी विवाह के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर के चंगुल से मुक्त कराई गई 16,108 रानियों को समाज में सम्मान दिलाने के लिए उनसे विवाह किया और उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया, जो प्रेम, भक्ति और धर्म के संतुलन को दर्शाता है। कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए आस्था दीदी ने बताया कि कैसे अपनी पत्नी के कहने पर सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने द्वारकापुरी पहुंचे थे। वहाँ प्रहरियों द्वारा उपहास उड़ाए जाने पर जब वे बिना मिले ही लौटने लगे, तो द्वारपाल की सूचना पाकर भगवान कृष्ण नंगे पांव ही दौड़े चले आए। श्रीकृष्ण ने अपने दरिद्र मित्र सुदामा को गले लगाया और आदर-सत्कार किया, जो सच्ची मित्रता और प्रेम का अनुपम उदाहरण है। इस प्रसंग के बाद श्रीमद् भागवत कथा की महा आरती की गई और गरिमामय ढंग से कथा का समापन हुआ।3
- टीकमगढ़ जिले के जतारा नगर में सोमवार को उप पंजीयक शबाना परवीन ने रजिस्ट्री लेखकों (डीड राइटर्स) की दुकानों का औचक निरीक्षण किया, जिससे लेखकों के बीच हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उप पंजीयक ने दुकानों पर पहुंचकर रजिस्ट्री लेखकों की उपस्थिति और उनके कार्यालय संचालन की स्थिति का जायजा लिया। इस कार्रवाई के दौरान कई रजिस्ट्री लेखक अपनी दुकानों पर काम करते हुए मिले, जबकि कुछ दुकानें बंद पाई गईं। मौके पर संबंधित दस्तावेजों और व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। अचानक हुई इस औचक कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा का माहौल बना रहा।3
- मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सियासी बयानबाज़ी बेहद तेज़ हो गई है। सूबे के युवा कल्याण एवं खेल मंत्री कैलाश विश्वास सारंग ने यूसीसी का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मंत्री सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विधानसभा में एक बार फिर अपना "हिंदू विरोधी चेहरा" दिखाया है। उनका दावा है कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर रोक लगेगी और हलाला जैसी कुप्रथा पूरी तरह समाप्त होगी, जिससे पूरे प्रदेश और देश में कानून की एकरूपता स्थापित हो सकेगी। उन्होंने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करने और सदन का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया। खेल मंत्री ने साफ लहजे में कहा कि यूसीसी पारित हो चुका है और इसे हर हाल में लागू किया जाएगा। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जहां भाजपा इसे समानता और एकरूपता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर अपनी अलग आपत्तियां और तर्क सामने रख रही है।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्थित कटनी बस स्टैंड पर परम मित्र और पत्रकार साथी नवल कुमार कुशवाहा जी के साथ कुछ बातचीत हुई है।2
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में गांधी चौराहे पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन राहुल गांधी की गिरफ्तारी और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित हुआ। प्रदर्शन के दौरान मौजूद कांग्रेस नेताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा विरोध जताया।1
- मध्य प्रदेश के निवाड़ी में एक कन्या छात्रावास को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जहाँ छात्राओं से जबरन डांस कराने, पुरुषों की एंट्री और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के मुहास में स्थित हड्डी जोड़ने वाले हनुमान जी के मंदिर में आज भी साक्षात चमत्कार देखने को मिल रहा है। इस पावन स्थान के अद्भुत चमत्कार का पता आज तक वैज्ञानिक भी नहीं लगा पाए हैं।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सामने आई कुछ तस्वीरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इन तस्वीरों को ध्यान से देखने की अपील करते हुए दुख और आक्रोश के साथ पूछा गया है कि क्या अपने हक की लड़ाई लड़ना कोई गुनाह है। इसके साथ ही, सीधे मोदी जी को संबोधित करते हुए सवाल किया गया है कि वे कब तक ऐसा करते रहेंगे, और उन्हें चेतावनी दी गई है कि वे अपने इन कारनामों को याद रखें।1