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मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सामने आई कुछ तस्वीरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इन तस्वीरों को ध्यान से देखने की अपील करते हुए दुख और आक्रोश के साथ पूछा गया है कि क्या अपने हक की लड़ाई लड़ना कोई गुनाह है। इसके साथ ही, सीधे मोदी जी को संबोधित करते हुए सवाल किया गया है कि वे कब तक ऐसा करते रहेंगे, और उन्हें चेतावनी दी गई है कि वे अपने इन कारनामों को याद रखें।
मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सामने आई कुछ तस्वीरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इन तस्वीरों को ध्यान से देखने की अपील करते हुए दुख और आक्रोश के साथ पूछा गया है कि क्या अपने हक की लड़ाई लड़ना कोई गुनाह है। इसके साथ ही, सीधे मोदी जी को संबोधित करते हुए सवाल किया गया है कि वे कब तक ऐसा करते रहेंगे, और उन्हें चेतावनी दी गई है कि वे अपने इन कारनामों को याद रखें।
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- टीकमगढ़ के गांधी चौराहे पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा जमकर नारेबाजी की गई।1
- टीकमगढ़ के जतारा के समीपस्थ ग्राम गरौली में मंगलवार को श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ ही पिछले एक सप्ताह से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन बाल विदुषी कथावाचक आस्था दीदी ने रुक्मणी विवाह और सुदामा चरित्र की कथा का अत्यंत सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुक्मणी विवाह के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर के चंगुल से मुक्त कराई गई 16,108 रानियों को समाज में सम्मान दिलाने के लिए उनसे विवाह किया और उन्हें अपनी पत्नी का दर्जा दिया, जो प्रेम, भक्ति और धर्म के संतुलन को दर्शाता है। कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए आस्था दीदी ने बताया कि कैसे अपनी पत्नी के कहने पर सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने द्वारकापुरी पहुंचे थे। वहाँ प्रहरियों द्वारा उपहास उड़ाए जाने पर जब वे बिना मिले ही लौटने लगे, तो द्वारपाल की सूचना पाकर भगवान कृष्ण नंगे पांव ही दौड़े चले आए। श्रीकृष्ण ने अपने दरिद्र मित्र सुदामा को गले लगाया और आदर-सत्कार किया, जो सच्ची मित्रता और प्रेम का अनुपम उदाहरण है। इस प्रसंग के बाद श्रीमद् भागवत कथा की महा आरती की गई और गरिमामय ढंग से कथा का समापन हुआ।3
- टीकमगढ़ जिले के जतारा नगर में सोमवार को उप पंजीयक शबाना परवीन ने रजिस्ट्री लेखकों (डीड राइटर्स) की दुकानों का औचक निरीक्षण किया, जिससे लेखकों के बीच हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उप पंजीयक ने दुकानों पर पहुंचकर रजिस्ट्री लेखकों की उपस्थिति और उनके कार्यालय संचालन की स्थिति का जायजा लिया। इस कार्रवाई के दौरान कई रजिस्ट्री लेखक अपनी दुकानों पर काम करते हुए मिले, जबकि कुछ दुकानें बंद पाई गईं। मौके पर संबंधित दस्तावेजों और व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। अचानक हुई इस औचक कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों के बीच काफी देर तक चर्चा का माहौल बना रहा।3
- प्रदर्शनकारियों का साथ देने पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब ललितपुर में भी इस कार्रवाई को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी आक्रोश के बीच ललितपुर में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। सपा और कांग्रेस के नेताओं ने तुवन चौराहे से लेकर घंटाघर तक जोरदार नारे लगाते हुए पैदल मार्च निकाला।1
- ललितपुर के मड़ावरा में मंगलवार दोपहर स्वाभिमानी मजदूर संगठन (एसएमएस) के पदाधिकारियों और सैकड़ों महिलाओं ने जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने तहसील पहुंचकर उप जिलाधिकारी को संबोधित एक सामूहिक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, जिसमें विभिन्न गांवों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की गई है। ज्ञापन के जरिए संगठन ने बताया कि वह एक सामाजिक संस्था के रूप में गरीब और असंगठित परिवारों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें लाभ दिलाने का काम कर रहा है। संगठन वीबीजीआरएएमजी योजना के प्रति मजदूर परिवारों को जागरूक कर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इस अभियान के तहत ग्राम पंचायत गिदवाहा, धवा, रखवारा, भीकमपुर और दिदौनियां समेत अन्य गांवों के मजदूरों की समस्याएं सामने आई हैं। संगठन ने इन समस्याओं के निराकरण के लिए रोजगार सेवक और ग्राम सचिव के सहयोग को जरूरी बताते हुए प्रशासन से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की है। ज्ञापन के साथ संबंधित ग्राम पंचायतों की समस्याओं की सूची भी सौंपी गई है ताकि ग्रामीणों का समयबद्ध समाधान हो सके।3
- टीकमगढ़ जिले के जतारा-दिगौड़ा मार्ग स्थित बैरवार गांव में बरसात के मौसम में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। इस समस्या से त्रस्त होकर गांव की महिलाओं ने सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया और मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की निकासी के लिए नाली न होने के कारण बारिश का गंदा पानी उनके घरों में घुस रहा है, जिससे लोगों को बेहद गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हंगामे और चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि गांव में पक्की सड़क और नाली का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि हर वर्ष बरसात के मौसम में होने वाली इस समस्या से उन्हें हमेशा के लिए स्थायी राहत मिल सके।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सामने आई कुछ तस्वीरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। इन तस्वीरों को ध्यान से देखने की अपील करते हुए दुख और आक्रोश के साथ पूछा गया है कि क्या अपने हक की लड़ाई लड़ना कोई गुनाह है। इसके साथ ही, सीधे मोदी जी को संबोधित करते हुए सवाल किया गया है कि वे कब तक ऐसा करते रहेंगे, और उन्हें चेतावनी दी गई है कि वे अपने इन कारनामों को याद रखें।1