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रहीमाबाद इंस्पेक्टर पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले और फायरिंग के मामले में इंस्पेक्टर पर पीड़ित को थाने में पीटने का आरोप लगा है। शुक्रवार को पांडे खेड़ा के पास स्कॉर्पियो कार से बाइक में टक्कर मारने और फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना के पीड़ित युवक ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि रहीमाबाद इंस्पेक्टर ने उसे अपने ऑफिस में जमकर पीटा और बाल पकड़कर मारा। पीड़ित के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने उससे जबरन मन मुताबिक तहरीर पर हस्ताक्षर करा लिए। घटना के बाद इंस्पेक्टर ने फायरिंग के मामले को 'भ्रामक' बताकर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया। पीड़ित, जो एक ब्राह्मण युवक है, ने जनेव और अपने बच्चों की कसम खाकर दावा किया है कि जो भी घटना हुई वह सत्य है, हालांकि पुलिस के मुताबिक गोली चली ही नहीं। इसी तरह, दो दिन पूर्व गोपालपुर गांव में जमीन कब्जेदारी को लेकर हुए गोली कांड में भी रहीमाबाद इंस्पेक्टर के खिलाफ आरोप लग चुके हैं, जिसमें कुछ लोगों की जान बाल-बाल बची थी। गोपालपुर के एक बुजुर्ग पीड़ित ने आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर ने अपनी सह पर जमीन पर कब्जा करने वालों को भेजा था। वर्तमान घटना के पीड़ित युवक ने अपनी जान की सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि वह घर में कैद है और उसे डर है कि घर से बाहर निकलने पर आरोपी इंस्पेक्टर की सह पर उसकी हत्या हो सकती है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच और रहीमाबाद इंस्पेक्टर पर कार्यवाही की मांग की है। लगातार रहीमाबाद थाना अध्यक्ष पर सवाल उठ रहे हैं कि कानून व्यवस्था आखिर कहां है और पीड़ितों को कैसे न्याय मिलेगा। चेतावनी दी गई है कि अगर उच्च अधिकारियों ने इस मामले में जल्द संज्ञान नहीं लिया तो रहीमाबाद में कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है।

11 hrs ago
user_अभिषेक कुमार अवस्थी
अभिषेक कुमार अवस्थी
Social worker मलिहाबाद, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
11 hrs ago

रहीमाबाद इंस्पेक्टर पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले और फायरिंग के मामले में इंस्पेक्टर पर पीड़ित को थाने में पीटने का आरोप लगा है। शुक्रवार को पांडे खेड़ा के पास स्कॉर्पियो कार से बाइक में टक्कर मारने और फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना के पीड़ित युवक ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि रहीमाबाद इंस्पेक्टर ने उसे अपने ऑफिस में जमकर पीटा और बाल पकड़कर मारा। पीड़ित के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने उससे जबरन मन मुताबिक तहरीर पर हस्ताक्षर करा लिए। घटना के बाद इंस्पेक्टर ने फायरिंग के मामले को 'भ्रामक' बताकर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया। पीड़ित, जो एक ब्राह्मण युवक है, ने जनेव और अपने बच्चों की कसम खाकर दावा किया है कि जो भी घटना हुई वह सत्य है, हालांकि पुलिस के मुताबिक गोली चली ही नहीं। इसी तरह, दो दिन पूर्व गोपालपुर गांव में जमीन कब्जेदारी को लेकर हुए गोली कांड में भी रहीमाबाद इंस्पेक्टर के खिलाफ आरोप लग चुके हैं, जिसमें कुछ लोगों की जान बाल-बाल बची थी। गोपालपुर के एक बुजुर्ग पीड़ित ने आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर ने अपनी सह पर जमीन पर कब्जा करने वालों को भेजा था। वर्तमान घटना के पीड़ित युवक ने अपनी जान की सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि वह घर में कैद है और उसे डर है कि घर से बाहर निकलने पर आरोपी इंस्पेक्टर की सह पर उसकी हत्या हो सकती है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच और रहीमाबाद इंस्पेक्टर पर कार्यवाही की मांग की है। लगातार रहीमाबाद थाना अध्यक्ष पर सवाल उठ रहे हैं कि कानून व्यवस्था आखिर कहां है और पीड़ितों को कैसे न्याय मिलेगा। चेतावनी दी गई है कि अगर उच्च अधिकारियों ने इस मामले में जल्द संज्ञान नहीं लिया तो रहीमाबाद में कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है।

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  • रहीमाबाद इंस्पेक्टर पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले और फायरिंग के मामले में इंस्पेक्टर पर पीड़ित को थाने में पीटने का आरोप लगा है। शुक्रवार को पांडे खेड़ा के पास स्कॉर्पियो कार से बाइक में टक्कर मारने और फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना के पीड़ित युवक ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि रहीमाबाद इंस्पेक्टर ने उसे अपने ऑफिस में जमकर पीटा और बाल पकड़कर मारा। पीड़ित के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने उससे जबरन मन मुताबिक तहरीर पर हस्ताक्षर करा लिए। घटना के बाद इंस्पेक्टर ने फायरिंग के मामले को 'भ्रामक' बताकर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया। पीड़ित, जो एक ब्राह्मण युवक है, ने जनेव और अपने बच्चों की कसम खाकर दावा किया है कि जो भी घटना हुई वह सत्य है, हालांकि पुलिस के मुताबिक गोली चली ही नहीं। इसी तरह, दो दिन पूर्व गोपालपुर गांव में जमीन कब्जेदारी को लेकर हुए गोली कांड में भी रहीमाबाद इंस्पेक्टर के खिलाफ आरोप लग चुके हैं, जिसमें कुछ लोगों की जान बाल-बाल बची थी। गोपालपुर के एक बुजुर्ग पीड़ित ने आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर ने अपनी सह पर जमीन पर कब्जा करने वालों को भेजा था। वर्तमान घटना के पीड़ित युवक ने अपनी जान की सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि वह घर में कैद है और उसे डर है कि घर से बाहर निकलने पर आरोपी इंस्पेक्टर की सह पर उसकी हत्या हो सकती है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच और रहीमाबाद इंस्पेक्टर पर कार्यवाही की मांग की है। लगातार रहीमाबाद थाना अध्यक्ष पर सवाल उठ रहे हैं कि कानून व्यवस्था आखिर कहां है और पीड़ितों को कैसे न्याय मिलेगा। चेतावनी दी गई है कि अगर उच्च अधिकारियों ने इस मामले में जल्द संज्ञान नहीं लिया तो रहीमाबाद में कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है।
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    रहीमाबाद इंस्पेक्टर पर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, जिससे आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में एक युवक पर हुए जानलेवा हमले और फायरिंग के मामले में इंस्पेक्टर पर पीड़ित को थाने में पीटने का आरोप लगा है।

शुक्रवार को पांडे खेड़ा के पास स्कॉर्पियो कार से बाइक में टक्कर मारने और फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना के पीड़ित युवक ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि रहीमाबाद इंस्पेक्टर ने उसे अपने ऑफिस में जमकर पीटा और बाल पकड़कर मारा। पीड़ित के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने उससे जबरन मन मुताबिक तहरीर पर हस्ताक्षर करा लिए। घटना के बाद इंस्पेक्टर ने फायरिंग के मामले को 'भ्रामक' बताकर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया। पीड़ित, जो एक ब्राह्मण युवक है, ने जनेव और अपने बच्चों की कसम खाकर दावा किया है कि जो भी घटना हुई वह सत्य है, हालांकि पुलिस के मुताबिक गोली चली ही नहीं।

इसी तरह, दो दिन पूर्व गोपालपुर गांव में जमीन कब्जेदारी को लेकर हुए गोली कांड में भी रहीमाबाद इंस्पेक्टर के खिलाफ आरोप लग चुके हैं, जिसमें कुछ लोगों की जान बाल-बाल बची थी। गोपालपुर के एक बुजुर्ग पीड़ित ने आरोप लगाया था कि इंस्पेक्टर ने अपनी सह पर जमीन पर कब्जा करने वालों को भेजा था। वर्तमान घटना के पीड़ित युवक ने अपनी जान की सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि वह घर में कैद है और उसे डर है कि घर से बाहर निकलने पर आरोपी इंस्पेक्टर की सह पर उसकी हत्या हो सकती है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच और रहीमाबाद इंस्पेक्टर पर कार्यवाही की मांग की है। लगातार रहीमाबाद थाना अध्यक्ष पर सवाल उठ रहे हैं कि कानून व्यवस्था आखिर कहां है और पीड़ितों को कैसे न्याय मिलेगा। चेतावनी दी गई है कि अगर उच्च अधिकारियों ने इस मामले में जल्द संज्ञान नहीं लिया तो रहीमाबाद में कभी भी कोई बड़ी घटना घटित हो सकती है।
    user_अभिषेक कुमार अवस्थी
    अभिषेक कुमार अवस्थी
    Social worker मलिहाबाद, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सूरज वर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके परिवार को अय्या उर्फ जगदीश, उसके भाई बउआ उर्फ अयोध्या प्रसाद और अय्या की पत्नी सोनम द्वारा आए दिन जान से मारने की धमकियाँ दी जाती हैं। वर्मा के अनुसार, आज इन लोगों ने उन पर जानलेवा हमला भी किया, जिसमें अपनी छत से ईंट से वार किया गया। जब उन्होंने इस हमले का विरोध किया, तो हमलावरों ने उन्हें भद्दी गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद सूरज वर्मा ने 112 पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद आरोपी अपने घर से फरार हो गए। वर्मा ने बताया कि हमलावर खुलेआम दावा करते हैं कि वे किसी पुलिस से नहीं डरते, चाहे एसपी हो या डीएसपी, और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह मामला गोमती नगर थाना क्षेत्र के लोधपुरवा उजरियांव विजय खंड 2 का है। आरोपियों पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं, और एफआईआर नंबर 1274/2019 के संबंध में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी हो चुका है।
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    सूरज वर्मा ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके परिवार को अय्या उर्फ जगदीश, उसके भाई बउआ उर्फ अयोध्या प्रसाद और अय्या की पत्नी सोनम द्वारा आए दिन जान से मारने की धमकियाँ दी जाती हैं। वर्मा के अनुसार, आज इन लोगों ने उन पर जानलेवा हमला भी किया, जिसमें अपनी छत से ईंट से वार किया गया। जब उन्होंने इस हमले का विरोध किया, तो हमलावरों ने उन्हें भद्दी गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी भी दी।

इस घटना के बाद सूरज वर्मा ने 112 पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद आरोपी अपने घर से फरार हो गए। वर्मा ने बताया कि हमलावर खुलेआम दावा करते हैं कि वे किसी पुलिस से नहीं डरते, चाहे एसपी हो या डीएसपी, और कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह मामला गोमती नगर थाना क्षेत्र के लोधपुरवा उजरियांव विजय खंड 2 का है। आरोपियों पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं, और एफआईआर नंबर 1274/2019 के संबंध में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी हो चुका है।
    user_Harsha Media Uttar Pradesh
    Harsha Media Uttar Pradesh
    Tenant ownership सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र स्थित बांसीगढ़ी गाँव के पास जेहटा माल रोड पर अवैध खनन और मिट्टी डालने का काम बेरोकटोक जारी है। सुबह से लेकर रात तक चल रही खुदाई के कारण राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात चलने वाले इस खनन कार्य से सड़क पर धूल का भारी गुबार उड़ता रहता है। उड़ती हुई यह मिट्टी राहगीरों की आँखों में पड़ती है, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी होती है। रात के समय कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर गहरा आक्रोश है और उनका कहना है कि सरकार को ग्रामीणों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि वे 2027 के चुनावों में इसका जवाब देंगे। राहगीरों ने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जहाँ तहसील मलिहाबाद और डीएम कार्यालय से खनन की अनुमति तो आसानी से मिल जाती है, वहीं आम जनता की परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं देता। उनका आरोप है कि "अधिकारी AC कमरों में बैठे हैं और ग्रामीण सड़क पर मिट्टी झेलने को मजबूर हैं।" कानून के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अवैध खनन पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और खनन विभाग दोनों ही सख्त हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पर्यावरण अनुमति के मिट्टी का खनन पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि धूल से जनस्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इस मामले में कार्रवाई कर सकता है। पीड़ित राहगीरों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जाँच कराने और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है, ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
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    लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र स्थित बांसीगढ़ी गाँव के पास जेहटा माल रोड पर अवैध खनन और मिट्टी डालने का काम बेरोकटोक जारी है। सुबह से लेकर रात तक चल रही खुदाई के कारण राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि दिन-रात चलने वाले इस खनन कार्य से सड़क पर धूल का भारी गुबार उड़ता रहता है। उड़ती हुई यह मिट्टी राहगीरों की आँखों में पड़ती है, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी होती है। रात के समय कम विजिबिलिटी के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्थानीय लोगों में इसे लेकर गहरा आक्रोश है और उनका कहना है कि सरकार को ग्रामीणों की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि वे 2027 के चुनावों में इसका जवाब देंगे। राहगीरों ने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जहाँ तहसील मलिहाबाद और डीएम कार्यालय से खनन की अनुमति तो आसानी से मिल जाती है, वहीं आम जनता की परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं देता। उनका आरोप है कि "अधिकारी AC कमरों में बैठे हैं और ग्रामीण सड़क पर मिट्टी झेलने को मजबूर हैं।"

कानून के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अवैध खनन पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और खनन विभाग दोनों ही सख्त हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना पर्यावरण अनुमति के मिट्टी का खनन पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि धूल से जनस्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इस मामले में कार्रवाई कर सकता है। पीड़ित राहगीरों और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जाँच कराने और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है, ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
    user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    4 hrs ago
  • सांसद अफ़ज़ाल अंसारी और बाहुबली बृजेश सिंह के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, जिसमें दोनों ओर से तीखी बयानबाजियां की जा रही हैं। यह विवाद पूर्वांचल की राजनीति और अपराध जगत के दशकों पुराने बाहुबल और वर्चस्व की जंग का हिस्सा है, जो मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद राजनीतिक बयानबाजियों के जरिए फिर से चर्चा में है। हाल ही में एक साक्षात्कार में बृजेश सिंह ने दावा किया था कि अफ़ज़ाल अंसारी ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और अपनी 'राजनीतिक रोटी सेंकने' के लिए मुख्तार अंसारी को अपराध की दुनिया में धकेला, जिसके कारण उन्हें अपना पूरा जीवन जेल में बिताना पड़ा। इस पर पलटवार करते हुए, अफ़ज़ाल अंसारी ने बिना नाम लिए बृजेश सिंह को 'पेशेवर हत्यारा' बताया और तंज कसा कि जिन लोगों ने उन्हें पनाह दी, उन्होंने उन्हीं का नामोनिशान मिटा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि 'अभी तो उन्होंने शुरुआत की है, उन्हें आने दीजिए और खुलने दीजिए'। उल्लेखनीय है कि मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह के बीच की अदावत दशकों पुरानी है। अफ़ज़ाल अंसारी ने पहले भी आरोप लगाया था कि 'उसरी कांड' में बृजेश सिंह के खिलाफ गवाही देने से रोकने के लिए मुख्तार अंसारी को जेल में जहर देने की साजिश रची गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद उपजी सहानुभूति का लाभ उठाने और पूर्वांचल में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए, दोनों ही पक्ष अब एक-दूसरे पर निशाना साधते हुए अपनी सियासी जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
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    सांसद अफ़ज़ाल अंसारी और बाहुबली बृजेश सिंह के बीच पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, जिसमें दोनों ओर से तीखी बयानबाजियां की जा रही हैं। यह विवाद पूर्वांचल की राजनीति और अपराध जगत के दशकों पुराने बाहुबल और वर्चस्व की जंग का हिस्सा है, जो मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद राजनीतिक बयानबाजियों के जरिए फिर से चर्चा में है।

हाल ही में एक साक्षात्कार में बृजेश सिंह ने दावा किया था कि अफ़ज़ाल अंसारी ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और अपनी 'राजनीतिक रोटी सेंकने' के लिए मुख्तार अंसारी को अपराध की दुनिया में धकेला, जिसके कारण उन्हें अपना पूरा जीवन जेल में बिताना पड़ा। इस पर पलटवार करते हुए, अफ़ज़ाल अंसारी ने बिना नाम लिए बृजेश सिंह को 'पेशेवर हत्यारा' बताया और तंज कसा कि जिन लोगों ने उन्हें पनाह दी, उन्होंने उन्हीं का नामोनिशान मिटा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि 'अभी तो उन्होंने शुरुआत की है, उन्हें आने दीजिए और खुलने दीजिए'।

उल्लेखनीय है कि मुख्तार अंसारी और बृजेश सिंह के बीच की अदावत दशकों पुरानी है। अफ़ज़ाल अंसारी ने पहले भी आरोप लगाया था कि 'उसरी कांड' में बृजेश सिंह के खिलाफ गवाही देने से रोकने के लिए मुख्तार अंसारी को जेल में जहर देने की साजिश रची गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि मुख्तार अंसारी की मृत्यु के बाद उपजी सहानुभूति का लाभ उठाने और पूर्वांचल में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए, दोनों ही पक्ष अब एक-दूसरे पर निशाना साधते हुए अपनी सियासी जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • लखनऊ के कृष्णानगर क्षेत्र में घर के बाहर खड़ी एक कार में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराए जाने के कई दिन बीत जाने के बावजूद, कृष्णानगर पुलिस की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की कथित निष्क्रियता के चलते पीड़ित परिवार डर के साये में जीने को मजबूर है, जबकि सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों की यह करतूत स्पष्ट रूप से कैद है।
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    लखनऊ के कृष्णानगर क्षेत्र में घर के बाहर खड़ी एक कार में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराए जाने के कई दिन बीत जाने के बावजूद, कृष्णानगर पुलिस की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की कथित निष्क्रियता के चलते पीड़ित परिवार डर के साये में जीने को मजबूर है, जबकि सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों की यह करतूत स्पष्ट रूप से कैद है।
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • लखनऊ के थाना चौक क्षेत्र अंतर्गत मेडिकल कॉलेज चौकी के पास शमीना शाह रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक मोटरसाइकिल दुर्घटना का शिकार हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि शमीना शाह रोड के किनारे मैगी और बर्गर की दुकानों पर लगने वाली भारी भीड़ तथा सड़क पर कारों और बाइकों की अवैध पार्किंग के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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    लखनऊ के थाना चौक क्षेत्र अंतर्गत मेडिकल कॉलेज चौकी के पास शमीना शाह रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक मोटरसाइकिल दुर्घटना का शिकार हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शमीना शाह रोड के किनारे मैगी और बर्गर की दुकानों पर लगने वाली भारी भीड़ तथा सड़क पर कारों और बाइकों की अवैध पार्किंग के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
    user_SNOFFICIAL 9821
    SNOFFICIAL 9821
    पत्रकार मलिहाबाद, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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