चतरा जिले के पत्थलगड़ा क्षेत्र के योग प्रेमियों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने पत्थलगड़ा प्रखंड मुख्यालय में एक नियमित योग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की है। इन लोगों का तर्क है कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक प्रभावशाली तरीका है, लेकिन क्षेत्र में कोई स्थायी योग केंद्र न होने के कारण स्थानीय निवासियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय समुदाय का मानना है कि यदि प्रखंड स्तर पर एक योग केंद्र की स्थापना की जाती है, तो इसका सीधा लाभ बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्गों को मिलेगा। यह पहल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देगी और साथ ही लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता में भी वृद्धि करेगी। योग प्रेमियों ने जिला प्रशासन और खेल विभाग से पत्थलगड़ा में नियमित योग केंद्र शुरू करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
चतरा जिले के पत्थलगड़ा क्षेत्र के योग प्रेमियों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने पत्थलगड़ा प्रखंड मुख्यालय में एक नियमित योग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की है। इन लोगों का तर्क है कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक प्रभावशाली तरीका है, लेकिन क्षेत्र में कोई स्थायी योग केंद्र न होने के कारण स्थानीय निवासियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय समुदाय का मानना है कि यदि प्रखंड स्तर पर एक योग केंद्र की स्थापना की जाती है, तो इसका सीधा लाभ बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्गों को मिलेगा। यह पहल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देगी और साथ ही लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता में भी वृद्धि करेगी। योग प्रेमियों ने जिला प्रशासन और खेल विभाग से पत्थलगड़ा में नियमित योग केंद्र शुरू करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
- चतरा जिले के पत्थलगड़ा क्षेत्र के योग प्रेमियों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने पत्थलगड़ा प्रखंड मुख्यालय में एक नियमित योग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग की है। इन लोगों का तर्क है कि योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक प्रभावशाली तरीका है, लेकिन क्षेत्र में कोई स्थायी योग केंद्र न होने के कारण स्थानीय निवासियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। स्थानीय समुदाय का मानना है कि यदि प्रखंड स्तर पर एक योग केंद्र की स्थापना की जाती है, तो इसका सीधा लाभ बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्गों को मिलेगा। यह पहल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देगी और साथ ही लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता में भी वृद्धि करेगी। योग प्रेमियों ने जिला प्रशासन और खेल विभाग से पत्थलगड़ा में नियमित योग केंद्र शुरू करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।1
- एक गंभीर फैसले में, 14 गौ रक्षकों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है। इस चौंकाने वाली घटना के बाद, दक्ष चौधरी ने उन सभी गौ रक्षकों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है, जो इस सज़ा से प्रभावित हुए हैं। इन मुलाकातों के बाद, अब इस मामले में 'पूरी सच्चाई' सामने लाने और कथित अन्याय के खिलाफ 'न्याय की लड़ाई' शुरू कर दी गई है।1
- चौवारी से कर्मोनिय जाने वाले लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु, यह मांग की गई है कि फाल्गु नदी पर एक पुल का निर्माण किया जाए। इस विषय पर ध्यान देने के लिए श्रीमान जीतराम मांझी से विशेष रूप से अपील की गई है।1
- चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह ने दिव्या भोक्ता को कुंदा प्रखंड के महिला एवं बाल विकास विभाग का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है। सांसद ने स्वयं नियुक्ति पत्र जारी कर इस अहम फैसले की जानकारी दी। नियुक्ति पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दिव्या भोक्ता का मुख्य कार्यक्षेत्र में महिला एवं बाल विकास से संबंधित केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की निगरानी करना होगा। इसके अतिरिक्त, वह स्थानीय लोगों की समस्याओं को सांसद तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, नवनियुक्त प्रतिनिधि दिव्या भोक्ता ने प्रतिबद्धता जताई कि वह महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए बनाई गई योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में पूरी निष्ठा और समर्पण से काम करेंगी। दिव्या भोक्ता की इस नियुक्ति पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। इस कदम को क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।1
- हजारीबाग शहर में बेहतर जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने अपनी पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में, हजारीबाग के महापौर अरविन्द कुमार राणा और नगर निगम आयुक्त ने मंगलवार को छड़वा डैम का निरीक्षण किया। इसके बाद, उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव और जलापूर्ति से संबंधित विभिन्न स्थलों का भी जायजा लिया, जहाँ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि व्यवस्था में सुधार लाया जा सके। नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों को नियमित और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए, जलापूर्ति तंत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और जल संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु डैम के गेटों की मरम्मत तथा अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है। निगम की ओर से यह भी बताया गया कि अमृत योजना के तहत संचालित जलापूर्ति परियोजनाओं की समीक्षा भी चल रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर के प्रत्येक घर तक पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल पहुँच सके। छड़वा डैम के निरीक्षण के दौरान, महापौर अरविन्द कुमार राणा और नगर आयुक्त ने सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कचरा संग्रहण और उसके निष्पादन की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, साथ ही अधिकारियों से कहा कि शहर के सभी वार्डों में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और कहीं भी कचरे का जमाव नहीं होने दिया जाए। निगम प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण एवं निगरानी अभियान जारी रहेगा।4
- विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग में मंगलवार को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नशा निषेध जागरूकता अभियान के अगले चरण का उद्घाटन किया गया। विश्वविद्यालय मुख्यालय के विनोदिनी पार्क में सैकड़ों विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाई, जहाँ अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर एक साथ शपथ ली। यह अभियान का दूसरा चरण है, जिसे पूरे एक वर्ष तक संचालित किया जाना है। दिन के लगभग 12:00 बजे चिलचिलाती धूप में हजारों की संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे उत्साह के साथ एकजुट दिखे। इस अवसर पर, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा से दूर रहने का निर्णय उन्हें स्वयं लेना है, ताकि वे अपने जीवन को नष्ट न होने दें। उन्होंने छात्रों की सफलता को सभी की सफलता से जोड़ते हुए पूछा कि क्या वे नहीं चाहते कि हम सब सफल कहलाएं, जिस पर विद्यार्थियों ने एक स्वर में "जी सर" कहकर उत्तर दिया। कुलपति ने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सक्रिय रहने और भविष्य में भी मादक पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया, साथ ही उन्हें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को नशामुक्त रखने के दायित्व से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों का है और उनकी जरूरतों को पूरा करने में शिक्षक अपना पूरा जीवन समर्पित कर रहे हैं। इससे पहले, नशा-निषेध अभियान के नोडल विभाग के अध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने कुलपति का स्वागत पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। कुलपति ने विनोदिनी पार्क में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला का अवलोकन किया। उन्होंने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए साहित्य पर आधारित तीन अलग-अलग फ्लेक्स बोर्ड का भी लोकार्पण किया, जिनमें युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश अर्थपूर्ण चित्रों के माध्यम से दर्शाए गए हैं। अंत में, राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ अशोक राम ने सभी को नशा-निषेध से संबंधित शपथ पाठ कराया।3
- अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर, 23 जून को जिला खेल कार्यालय द्वारा क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्रों में एक खेल प्रतियोगिता और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को ओलंपिक मूल्यों, खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। खेलकूद निदेशालय झारखंड के निर्देश पर, प्रतिभागियों को ओलंपिक आंदोलन के इतिहास और इसके सामाजिक महत्व के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस समारोह के दौरान फुटबॉल और एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें खिलाड़ियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर, जिले के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को भी उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इन सम्मानित खिलाड़ियों ने युवाओं को कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का संदेश दिया। अंत में, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों को बधाई दी।1
- हजारीबाग जिले में एक टोल प्लाजा के करीब, एक चलती हुई कार अचानक आग का गोला बन गई। इस भयावह घटना में कार में सवार चार लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई।1