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विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग में मंगलवार को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नशा निषेध जागरूकता अभियान के अगले चरण का उद्घाटन किया गया। विश्वविद्यालय मुख्यालय के विनोदिनी पार्क में सैकड़ों विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाई, जहाँ अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर एक साथ शपथ ली। यह अभियान का दूसरा चरण है, जिसे पूरे एक वर्ष तक संचालित किया जाना है। दिन के लगभग 12:00 बजे चिलचिलाती धूप में हजारों की संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे उत्साह के साथ एकजुट दिखे। इस अवसर पर, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा से दूर रहने का निर्णय उन्हें स्वयं लेना है, ताकि वे अपने जीवन को नष्ट न होने दें। उन्होंने छात्रों की सफलता को सभी की सफलता से जोड़ते हुए पूछा कि क्या वे नहीं चाहते कि हम सब सफल कहलाएं, जिस पर विद्यार्थियों ने एक स्वर में "जी सर" कहकर उत्तर दिया। कुलपति ने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सक्रिय रहने और भविष्य में भी मादक पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया, साथ ही उन्हें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को नशामुक्त रखने के दायित्व से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों का है और उनकी जरूरतों को पूरा करने में शिक्षक अपना पूरा जीवन समर्पित कर रहे हैं। इससे पहले, नशा-निषेध अभियान के नोडल विभाग के अध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने कुलपति का स्वागत पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। कुलपति ने विनोदिनी पार्क में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला का अवलोकन किया। उन्होंने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए साहित्य पर आधारित तीन अलग-अलग फ्लेक्स बोर्ड का भी लोकार्पण किया, जिनमें युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश अर्थपूर्ण चित्रों के माध्यम से दर्शाए गए हैं। अंत में, राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ अशोक राम ने सभी को नशा-निषेध से संबंधित शपथ पाठ कराया।

3 hrs ago
user_Nitu kumari
Nitu kumari
After-school programme हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
3 hrs ago

विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग में मंगलवार को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नशा निषेध जागरूकता अभियान के अगले चरण का उद्घाटन किया गया। विश्वविद्यालय मुख्यालय के विनोदिनी पार्क में सैकड़ों विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाई, जहाँ अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर एक साथ शपथ ली। यह अभियान का दूसरा चरण है, जिसे पूरे एक वर्ष तक संचालित किया जाना है। दिन के लगभग 12:00 बजे चिलचिलाती धूप में हजारों की संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे उत्साह के साथ एकजुट दिखे। इस अवसर पर, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को

संबोधित करते हुए कहा कि नशा से दूर रहने का निर्णय उन्हें स्वयं लेना है, ताकि वे अपने जीवन को नष्ट न होने दें। उन्होंने छात्रों की सफलता को सभी की सफलता से जोड़ते हुए पूछा कि क्या वे नहीं चाहते कि हम सब सफल कहलाएं, जिस पर विद्यार्थियों ने एक स्वर में "जी सर" कहकर उत्तर दिया। कुलपति ने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सक्रिय रहने और भविष्य में भी मादक पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया, साथ ही उन्हें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को नशामुक्त रखने के दायित्व से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों का है और उनकी जरूरतों

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को पूरा करने में शिक्षक अपना पूरा जीवन समर्पित कर रहे हैं। इससे पहले, नशा-निषेध अभियान के नोडल विभाग के अध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने कुलपति का स्वागत पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। कुलपति ने विनोदिनी पार्क में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला का अवलोकन किया। उन्होंने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए साहित्य पर आधारित तीन अलग-अलग फ्लेक्स बोर्ड का भी लोकार्पण किया, जिनमें युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश अर्थपूर्ण चित्रों के माध्यम से दर्शाए गए हैं। अंत में, राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ अशोक राम ने सभी को नशा-निषेध से संबंधित शपथ पाठ कराया।

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  • झारखंड के हजारीबाग जिले की सड़कों पर चल रहे कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़कों पर मौजूद गड्ढों में मलबे की भराई की जा रही है, जिसे लेकर यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि यह वास्तविक विकास है या केवल एक दिखावा मात्र।
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    झारखंड के हजारीबाग जिले की सड़कों पर चल रहे कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़कों पर मौजूद गड्ढों में मलबे की भराई की जा रही है, जिसे लेकर यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि यह वास्तविक विकास है या केवल एक दिखावा मात्र।
    user_Shashikant
    Shashikant
    Court reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    2 hrs ago
  • हजारीबाग शहर में बेहतर जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने अपनी पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में, हजारीबाग के महापौर अरविन्द कुमार राणा और नगर निगम आयुक्त ने मंगलवार को छड़वा डैम का निरीक्षण किया। इसके बाद, उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव और जलापूर्ति से संबंधित विभिन्न स्थलों का भी जायजा लिया, जहाँ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि व्यवस्था में सुधार लाया जा सके। नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों को नियमित और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए, जलापूर्ति तंत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और जल संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु डैम के गेटों की मरम्मत तथा अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है। निगम की ओर से यह भी बताया गया कि अमृत योजना के तहत संचालित जलापूर्ति परियोजनाओं की समीक्षा भी चल रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर के प्रत्येक घर तक पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल पहुँच सके। छड़वा डैम के निरीक्षण के दौरान, महापौर अरविन्द कुमार राणा और नगर आयुक्त ने सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कचरा संग्रहण और उसके निष्पादन की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, साथ ही अधिकारियों से कहा कि शहर के सभी वार्डों में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और कहीं भी कचरे का जमाव नहीं होने दिया जाए। निगम प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण एवं निगरानी अभियान जारी रहेगा।
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    हजारीबाग शहर में बेहतर जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने अपनी पहल तेज कर दी है। इसी कड़ी में, हजारीबाग के महापौर अरविन्द कुमार राणा और नगर निगम आयुक्त ने मंगलवार को छड़वा डैम का निरीक्षण किया। इसके बाद, उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा उठाव और जलापूर्ति से संबंधित विभिन्न स्थलों का भी जायजा लिया, जहाँ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।

नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहरवासियों को नियमित और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए, जलापूर्ति तंत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और जल संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु डैम के गेटों की मरम्मत तथा अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है। निगम की ओर से यह भी बताया गया कि अमृत योजना के तहत संचालित जलापूर्ति परियोजनाओं की समीक्षा भी चल रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर के प्रत्येक घर तक पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल पहुँच सके।

छड़वा डैम के निरीक्षण के दौरान, महापौर अरविन्द कुमार राणा और नगर आयुक्त ने सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने कचरा संग्रहण और उसके निष्पादन की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, साथ ही अधिकारियों से कहा कि शहर के सभी वार्डों में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और कहीं भी कचरे का जमाव नहीं होने दिया जाए। निगम प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण एवं निगरानी अभियान जारी रहेगा।
    user_News nation
    News nation
    Barkagaon हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    3 hrs ago
  • विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग में मंगलवार को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नशा निषेध जागरूकता अभियान के अगले चरण का उद्घाटन किया गया। विश्वविद्यालय मुख्यालय के विनोदिनी पार्क में सैकड़ों विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाई, जहाँ अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर एक साथ शपथ ली। यह अभियान का दूसरा चरण है, जिसे पूरे एक वर्ष तक संचालित किया जाना है। दिन के लगभग 12:00 बजे चिलचिलाती धूप में हजारों की संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे उत्साह के साथ एकजुट दिखे। इस अवसर पर, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा से दूर रहने का निर्णय उन्हें स्वयं लेना है, ताकि वे अपने जीवन को नष्ट न होने दें। उन्होंने छात्रों की सफलता को सभी की सफलता से जोड़ते हुए पूछा कि क्या वे नहीं चाहते कि हम सब सफल कहलाएं, जिस पर विद्यार्थियों ने एक स्वर में "जी सर" कहकर उत्तर दिया। कुलपति ने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सक्रिय रहने और भविष्य में भी मादक पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया, साथ ही उन्हें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को नशामुक्त रखने के दायित्व से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों का है और उनकी जरूरतों को पूरा करने में शिक्षक अपना पूरा जीवन समर्पित कर रहे हैं। इससे पहले, नशा-निषेध अभियान के नोडल विभाग के अध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने कुलपति का स्वागत पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। कुलपति ने विनोदिनी पार्क में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला का अवलोकन किया। उन्होंने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए साहित्य पर आधारित तीन अलग-अलग फ्लेक्स बोर्ड का भी लोकार्पण किया, जिनमें युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश अर्थपूर्ण चित्रों के माध्यम से दर्शाए गए हैं। अंत में, राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ अशोक राम ने सभी को नशा-निषेध से संबंधित शपथ पाठ कराया।
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    विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग में मंगलवार को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और नशा निषेध जागरूकता अभियान के अगले चरण का उद्घाटन किया गया। विश्वविद्यालय मुख्यालय के विनोदिनी पार्क में सैकड़ों विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाई, जहाँ अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर एक साथ शपथ ली। यह अभियान का दूसरा चरण है, जिसे पूरे एक वर्ष तक संचालित किया जाना है। दिन के लगभग 12:00 बजे चिलचिलाती धूप में हजारों की संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे उत्साह के साथ एकजुट दिखे।

इस अवसर पर, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने बड़ी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा से दूर रहने का निर्णय उन्हें स्वयं लेना है, ताकि वे अपने जीवन को नष्ट न होने दें। उन्होंने छात्रों की सफलता को सभी की सफलता से जोड़ते हुए पूछा कि क्या वे नहीं चाहते कि हम सब सफल कहलाएं, जिस पर विद्यार्थियों ने एक स्वर में "जी सर" कहकर उत्तर दिया। कुलपति ने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सक्रिय रहने और भविष्य में भी मादक पदार्थों से दूर रहने का आह्वान किया, साथ ही उन्हें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को नशामुक्त रखने के दायित्व से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों का है और उनकी जरूरतों को पूरा करने में शिक्षक अपना पूरा जीवन समर्पित कर रहे हैं।

इससे पहले, नशा-निषेध अभियान के नोडल विभाग के अध्यक्ष डॉ सुकल्याण मोइत्रा ने कुलपति का स्वागत पुष्प गुच्छ भेंट कर किया। कुलपति ने विनोदिनी पार्क में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला का अवलोकन किया। उन्होंने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए साहित्य पर आधारित तीन अलग-अलग फ्लेक्स बोर्ड का भी लोकार्पण किया, जिनमें युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश अर्थपूर्ण चित्रों के माध्यम से दर्शाए गए हैं। अंत में, राजनीति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ अशोक राम ने सभी को नशा-निषेध से संबंधित शपथ पाठ कराया।
    user_Nitu kumari
    Nitu kumari
    After-school programme हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    3 hrs ago
  • हजारीबाग स्टेडियम में आयोजित चार दिवसीय सुनील सिंह जिला राइफल चैंपियनशिप का सोमवार को भव्य समापन हुआ। इस समापन समारोह में झारखंड के पूर्व डीजीपी अजय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उनके साथ पूर्व विधायक किशुन दास, लेफ्टिनेंट कर्नल आशिक रिशव, झारखंड शूटिंग एसोसिएशन के स्टेट सेक्रेटरी उत्तम चांद और डिप्टी मेयर अविनाश यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनका स्वागत शॉल और बुके देकर किया गया। मुख्य अतिथि अजय कुमार सिंह ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि निशानेबाजी केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह बच्चों में आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और उनकी प्रतिभा को निखारने का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस खेल में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत, धैर्य और समर्पण की आवश्यकता होती है। प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों के विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 50 मीटर जूनियर वर्ग में आस्तिक सिंह ने पहला स्थान हासिल किया, वहीं सीनियर वर्ग में ध्रुव प्रताप सिंह विजेता घोषित किए गए। इसके अतिरिक्त, 10 मीटर एयर राइफल, पिस्तौल और महिला वर्गों में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में, एनसीसी के एएनओ शत्रुघ्न पांडेय ने सभी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
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    हजारीबाग स्टेडियम में आयोजित चार दिवसीय सुनील सिंह जिला राइफल चैंपियनशिप का सोमवार को भव्य समापन हुआ। इस समापन समारोह में झारखंड के पूर्व डीजीपी अजय कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उनके साथ पूर्व विधायक किशुन दास, लेफ्टिनेंट कर्नल आशिक रिशव, झारखंड शूटिंग एसोसिएशन के स्टेट सेक्रेटरी उत्तम चांद और डिप्टी मेयर अविनाश यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनका स्वागत शॉल और बुके देकर किया गया।

मुख्य अतिथि अजय कुमार सिंह ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि निशानेबाजी केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह बच्चों में आत्मविश्वास, मानसिक संतुलन और उनकी प्रतिभा को निखारने का एक प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस खेल में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत, धैर्य और समर्पण की आवश्यकता होती है।

प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों के विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। 50 मीटर जूनियर वर्ग में आस्तिक सिंह ने पहला स्थान हासिल किया, वहीं सीनियर वर्ग में ध्रुव प्रताप सिंह विजेता घोषित किए गए। इसके अतिरिक्त, 10 मीटर एयर राइफल, पिस्तौल और महिला वर्गों में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में, एनसीसी के एएनओ शत्रुघ्न पांडेय ने सभी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
    user_Abhay Kumar Singh
    Abhay Kumar Singh
    पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    3 hrs ago
  • मोहर्रम के खलीफाओं का भव्य इस्तकबाल किया गया। इस अवसर पर सरफराज अहमद ने खलीफाओं को पगड़ी और लाठी भेंट कर सम्मानित किया।
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    मोहर्रम के खलीफाओं का भव्य इस्तकबाल किया गया। इस अवसर पर सरफराज अहमद ने खलीफाओं को पगड़ी और लाठी भेंट कर सम्मानित किया।
    user_Boltajharkhand
    Boltajharkhand
    Press Hazaribag, Hazaribagh•
    5 hrs ago
  • चैनपुर टाटा डीएवी स्कूल को मर्ज किए जाने के निर्णय से अभिभावकों में तीव्र नाराजगी देखी गई है। इस फैसले के विरोध में, बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर धरना दिया। अभिभावक लगातार इस विलय के निर्णय का विरोध कर रहे हैं।
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    चैनपुर टाटा डीएवी स्कूल को मर्ज किए जाने के निर्णय से अभिभावकों में तीव्र नाराजगी देखी गई है। इस फैसले के विरोध में, बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर धरना दिया। अभिभावक लगातार इस विलय के निर्णय का विरोध कर रहे हैं।
    user_Md sabir
    Md sabir
    Local News Reporter मांडू, रामगढ़, झारखंड•
    14 hrs ago
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में 65 हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस समारोह में झारखंड की पहचान के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान के लिए शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से नवाजा गया, जिनका लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त 2025 को निधन हो गया था। यह सम्मान उनके संघर्षपूर्ण जीवन, आदिवासी समाज के प्रति समर्पण और राष्ट्रव्यापी पहचान का प्रतीक है, जिनकी विरासत आज भी जीवित है। पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। इन्हें पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा), पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा) और पद्म श्री (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा) जैसी तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिनकी घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। इस वर्ष के समारोह में, राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस को जन-सेवा के लिए और मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, पार्श्व गायिका अलका याग्निक, अभिनेता ममूटी, अमेरिकी डॉक्टर दत्तात्रेयडु नोरी, टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज, उद्योगपति एसकेएम माएलानंदन और समाजसेवी व शिक्षाविद वी नटेसन को पद्म भूषण प्रदान किया गया। क्रिकेटर रोहित शर्मा और अभिनेता सतीश शाह भी उन हस्तियों में शामिल थे जिन्हें पद्म पुरस्कारों से नवाजा गया, जो खेल, कला, विज्ञान, समाज सेवा और उद्योग जैसे विविध क्षेत्रों में भारत की समृद्ध प्रतिभा और योगदान को दर्शाते हैं। शिबू सोरेन का जीवन और उनका कार्य झारखंड के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। उनका संघर्ष, समर्पण और दूरदर्शिता आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है, और यह मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान उनकी उस विरासत को चिरस्थायी बनाता है। यह सम्मान न केवल उनके असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि है, बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करते हैं। यह दर्शाता है कि राष्ट्र उन व्यक्तियों को कभी नहीं भूलता जिन्होंने अपने जीवन को बड़े उद्देश्यों के लिए समर्पित किया है, और यह एक व्यक्ति का नहीं बल्कि एक पूरे आंदोलन का सम्मान है जिसने एक नए राज्य को जन्म दिया और लाखों आदिवासियों के जीवन में उम्मीद की किरण जलाई।
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    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हाल ही में राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में 65 हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस समारोह में झारखंड की पहचान के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान के लिए शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से नवाजा गया, जिनका लंबी बीमारी के बाद 4 अगस्त 2025 को निधन हो गया था। यह सम्मान उनके संघर्षपूर्ण जीवन, आदिवासी समाज के प्रति समर्पण और राष्ट्रव्यापी पहचान का प्रतीक है, जिनकी विरासत आज भी जीवित है।

पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। इन्हें पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्ट सेवा), पद्म भूषण (उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा) और पद्म श्री (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा) जैसी तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिनकी घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। इस वर्ष के समारोह में, राष्ट्रपति ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस को जन-सेवा के लिए और मलयालम पत्रकार पी. नारायणन को साहित्य और शिक्षा में योगदान के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, पार्श्व गायिका अलका याग्निक, अभिनेता ममूटी, अमेरिकी डॉक्टर दत्तात्रेयडु नोरी, टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज, उद्योगपति एसकेएम माएलानंदन और समाजसेवी व शिक्षाविद वी नटेसन को पद्म भूषण प्रदान किया गया। क्रिकेटर रोहित शर्मा और अभिनेता सतीश शाह भी उन हस्तियों में शामिल थे जिन्हें पद्म पुरस्कारों से नवाजा गया, जो खेल, कला, विज्ञान, समाज सेवा और उद्योग जैसे विविध क्षेत्रों में भारत की समृद्ध प्रतिभा और योगदान को दर्शाते हैं।

शिबू सोरेन का जीवन और उनका कार्य झारखंड के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। उनका संघर्ष, समर्पण और दूरदर्शिता आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करती है, और यह मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान उनकी उस विरासत को चिरस्थायी बनाता है। यह सम्मान न केवल उनके असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि है, बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करते हैं। यह दर्शाता है कि राष्ट्र उन व्यक्तियों को कभी नहीं भूलता जिन्होंने अपने जीवन को बड़े उद्देश्यों के लिए समर्पित किया है, और यह एक व्यक्ति का नहीं बल्कि एक पूरे आंदोलन का सम्मान है जिसने एक नए राज्य को जन्म दिया और लाखों आदिवासियों के जीवन में उम्मीद की किरण जलाई।
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    4 hrs ago
  • विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) में नशा निषेध अभियान का अगला चरण शुरू हो गया है। इस पहल के तहत, हजारों विद्यार्थियों ने एक साथ मिलकर मानव श्रृंखला बनाई, जो इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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    विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) में नशा निषेध अभियान का अगला चरण शुरू हो गया है। इस पहल के तहत, हजारों विद्यार्थियों ने एक साथ मिलकर मानव श्रृंखला बनाई, जो इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
    user_Shashikant
    Shashikant
    Court reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    16 hrs ago
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