नीति आयोग की रिपोर्ट से खुली सरकार की पोल, अंधेरे में भविष्य गढ़ने को मजबूर छात्र बेटियों के लिए शौचालय नहीं और हजारों पद खाली, शिक्षा व्यवस्था पर अजय सिंह का तीखा हमला 3.37 लाख बच्चों ने बीच में छोड़ी पढ़ाई, डिजिटल इंडिया के दौर में प्रदेश के 40% स्कूलों में कंप्यूटर नदारद विंध्य बलराम न्यूज. नीति आयोग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर पेश की है, जिसे लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। सिंह ने कहा कि यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव के 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के दावों की असलियत को उजागर करती है। अजय सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में भी प्रदेश के साढ़े 13 हजार स्कूल बिजली के अभाव में अंधेरे में डूबे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार इन्हीं अंधेरे कमरों से प्रदेश का स्वर्णिम भविष्य गढ़ना चाहती है? इसके अलावा, प्रदेश के लगभग दो हजार स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय न होना 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के नारे और 'नारी वंदन' जैसे दावों पर करारा तमाचा है। बुनियादी सुविधाओं की इस कमी के कारण बेटियों का स्कूल जाना दूभर हो रहा है। शिक्षकों की कमी पर सरकार को घेरते हुए सिंह ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में 52 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं, जिनमें से 45 हजार पद अकेले प्राथमिक स्कूलों के हैं। सात हजार से ज्यादा स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। उन्होंने पूछा कि शिक्षा बजट का भारी-भरकम पैसा आखिर जा कहाँ रहा है? बिना शिक्षकों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना बेमानी है। रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 3 लाख 37 हजार बच्चों का प्राथमिक शिक्षा बीच में छोड़ देना प्रदेश के लिए एक बड़ी त्रासदी है। माध्यमिक स्तर पर 17 प्रतिशत ड्रॉपआउट रेट सरकार की विफलता को दर्शाता है। जहाँ छोटे राज्य 99 प्रतिशत कंप्यूटर शिक्षा दे रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के 40 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर तक नहीं हैं। अजय सिंह ने तंज कसा कि संदीपनी स्कूलों के प्रचार में आत्ममुग्ध सरकार को नीति आयोग ने आईना दिखा दिया है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री इवेंट मैनेजमेंट छोड़कर शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने और शिक्षकों की तत्काल भर्ती के लिए ठोस कदम उठाएं।
नीति आयोग की रिपोर्ट से खुली सरकार की पोल, अंधेरे में भविष्य गढ़ने को मजबूर छात्र बेटियों के लिए शौचालय नहीं और हजारों पद खाली, शिक्षा व्यवस्था पर अजय सिंह का तीखा हमला 3.37 लाख बच्चों ने बीच में छोड़ी पढ़ाई, डिजिटल इंडिया के दौर में प्रदेश के 40% स्कूलों में कंप्यूटर नदारद विंध्य बलराम न्यूज. नीति आयोग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाल तस्वीर पेश की है, जिसे लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। सिंह ने कहा कि यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री मोहन यादव के 'अभ्युदय मध्यप्रदेश' के दावों की असलियत को उजागर करती है। अजय सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में भी प्रदेश के साढ़े 13 हजार स्कूल बिजली के अभाव में अंधेरे में डूबे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार इन्हीं अंधेरे कमरों से प्रदेश का स्वर्णिम भविष्य गढ़ना चाहती है? इसके अलावा, प्रदेश के लगभग दो हजार स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय न होना 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के नारे और 'नारी वंदन' जैसे दावों पर करारा तमाचा है। बुनियादी सुविधाओं की इस कमी के कारण बेटियों का स्कूल जाना दूभर हो रहा है। शिक्षकों की कमी पर सरकार को घेरते हुए सिंह ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में 52 हजार से अधिक पद खाली पड़े हैं, जिनमें से 45 हजार पद अकेले प्राथमिक स्कूलों के हैं। सात हजार से ज्यादा स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। उन्होंने पूछा कि शिक्षा बजट का भारी-भरकम पैसा आखिर जा कहाँ रहा है? बिना शिक्षकों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कल्पना बेमानी है। रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 3 लाख 37 हजार बच्चों का प्राथमिक शिक्षा बीच में छोड़ देना प्रदेश के लिए एक बड़ी त्रासदी है। माध्यमिक स्तर पर 17 प्रतिशत ड्रॉपआउट रेट सरकार की विफलता को दर्शाता है। जहाँ छोटे राज्य 99 प्रतिशत कंप्यूटर शिक्षा दे रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के 40 प्रतिशत स्कूलों में कंप्यूटर तक नहीं हैं। अजय सिंह ने तंज कसा कि संदीपनी स्कूलों के प्रचार में आत्ममुग्ध सरकार को नीति आयोग ने आईना दिखा दिया है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री इवेंट मैनेजमेंट छोड़कर शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुधारने और शिक्षकों की तत्काल भर्ती के लिए ठोस कदम उठाएं।
- सांसद राजेश मिश्रा ने मध्य प्रदेश के दुबरी में जनता की समस्याएँ सुनीं और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए दुबरी टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। यह मध्य प्रदेश को 'टाइगर स्टेट' के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।4
- तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में एक भावुक क्षण देखने को मिला। अपने बेटे को सीएम बनते देख उनके माता-पिता खुशी और गर्व से रो पड़े, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।1
- रीवा पुलिस लाइन में बच्चों के लिए एक समर कैंप का आयोजन किया गया। इसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा।1
- Post by Bablu,Namdev1
- वैढ़न-विंध्यनगर मुख्य मार्ग पर सड़क खुदाई कार्य शुरू सिंगरौली। माजन मोड़ राजीव चौक से नवजीवन विहार इंदिरा चौक तक विंध्यनगर मार्ग अंतर्गत सड़क खुदाई का कार्य प्रारंभ हो गया है। लंबे समय से जर्जर सड़क और धूल-गड्ढों की समस्या से परेशान लोगों को अब बेहतर सड़क निर्माण की उम्मीद जगी है। बताया जा रहा है कि वैढ़न-विंध्यनगर मुख्य मार्ग पर निर्माण कार्य कुछ दिनों से जारी है। सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों में खासा उत्साह है, लेकिन लोगों की मांग है कि कार्य केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे बल्कि गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा होता है तो इससे आवागमन सुगम होगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि निर्माण एजेंसी सड़क को निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार कर पाती है या नहीं। कुछ दिनो में बरसात का दौर भी प्रारंभ होने को है इन सभी बातों को ध्यान में रखकर करना होगा कार्य अभी भी कुछ स्थानो पर गैस सीवर निर्माण का कार्य चल रहा है जो लगभग एक सप्ताह के अन्दर पूर्ण हो जाएगा इन सड़कों की बनने की जवाब दे ही केवल जनप्रतिनिधियों तक ही नहीं होनी चाहिए आम जनता का भी दायित्व बनता है सड़कों के निर्माण कार्य के किए जाने को लेकर फिर हाल में अब निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है मगर जो वर्तमान में सीवर गैस पाइप लाइन का जो निर्माण कार्य हुआ है उन कामों में देरी मुख्य वजह रही है बरना अब तक में सड़के बनकर तैयार हो चुकी होती अब देखना होगा इन सड़को के निर्माण कार्य को किए जाने को लेकर किस तरह की सड़के गुणवक्ता के साथ बनती है !1
- Dr Mohan Yadav Madhya Pradesh CM ki gramin Yojana1
- मध्य प्रदेश के सिंगरौली स्थित देवसर बाजार में NH-39 पर भीषण ट्रैफिक जाम और हादसों का खतरा मंडरा रहा है। अव्यवस्थित यातायात और भारी वाहनों के कारण स्थानीय लोगों व व्यापारियों का जीना दूभर हो गया है। प्रशासन पर बाईपास या ओवरब्रिज बनाने की मांगों को अनदेखा करने और किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करने का आरोप है।1
- Post by Bablu,Namdev1