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*शुक्रवार को वायरल हुई थी आंधी पीड़ितों और फटे जलमीनार पाइप की खबर, शनिवार को जांच भी हुई और जलापूर्ति भी हुई दुरुस्त* *खबर का असर : व्हाट्सऐप ग्रुपों में उठी आवाज, प्रशासन ने शुरू की राहत व मरम्मत कार्रवाई* *शुक्रवार को वायरल हुई थी आंधी पीड़ितों और फटे जलमीनार पाइप की खबर, शनिवार को जांच भी हुई और जलापूर्ति भी हुई दुरुस्त* गारू। गारू प्रखंड में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान ने जहां तीन अलग-अलग गांवों में गरीब परिवारों के आशियानों को नुकसान पहुंचाया, वहीं मायापुर पंचायत के मायापुर स्थित ज्योति टोप्पो के घर के समीप जलमीनार का पाइप फट जाने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई थी। इन दोनों मामलों की खबर स्थानीय समाचार माध्यमों तथा विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में प्रमुखता से प्रसारित होते ही प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। शनिवार को आंधी प्रभावित परिवारों के नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया गया, वहीं पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं बरवाडीह एसडीओ प्रशांत पाण्डेय के संज्ञान के बाद जलमीनार की खराबी दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल कर दी गई। *तीन गांवों में तूफान से उजड़े आशियाने, राजस्व उप निरीक्षक ने पहुंचकर किया नुकसान का सत्यापन* जानकारी के अनुसार, मायापुर पंचायत के मायापुर छोटी गांव निवासी रामराज सिंह के घर की छत तेज हवा के झोंकों में उड़ गई थी। वहीं बारेसाढ़ पंचायत अंतर्गत परेवाटांड टोला निवासी आकाश सिंह के मकान का अलबेस्टर एवं कंडी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा डेढ़गांव निवासी कुसमी देवी के घर का भी अलबेस्टर और कंडी उड़ जाने से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया। भीषण गर्मी और मौसम की अनिश्चितता के बीच इन परिवारों के सामने आवासीय संकट खड़ा हो गया है।इन खबरों के प्रसारित होने के बाद शनिवार को गारू अंचल के राजस्व उप निरीक्षक फबियानुस टोप्पो प्रभावित गांवों में पहुंचे और तीनों स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से राहत सहायता हेतु आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। *मायापुर में फटा था जलमीनार का पाइप, पीएचईडी के वरीय अधिकारियों के संज्ञान के बाद हुई त्वरित मरम्मत* मायापुर स्थित ज्योति टोप्पो के घर के समीप स्थापित जलमीनार का पाइप शुक्रवार की आंधी में क्षतिग्रस्त होकर फट गया था, जिससे आसपास के कई घरों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया था। ग्रामीणों को पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही थी। मामले को समाचार माध्यमों और व्हाट्सऐप ग्रुपों में उठाए जाने के बाद पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता तथा बरवाडीह एसडीओ प्रशांत पाण्डेय ने इसे गंभीरता से संज्ञान में लिया।वरीय अधिकारियों के निर्देश पर शनिवार को विभागीय कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त पाइप की त्वरित मरम्मत कर जलापूर्ति पुनः सामान्य कर दी। अचानक ठप हुई पेयजल व्यवस्था बहाल होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। *व्हाट्सऐप ग्रुपों में तस्वीरें वायरल होते ही प्रशासन और विभागों ने लिया त्वरित संज्ञान* शुक्रवार शाम आंधी से टूटे मकानों, उड़ चुकी छतों तथा फटे जलमीनार पाइप की तस्वीरें स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों द्वारा विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में साझा की गई थीं। मामला तेजी से चर्चा का विषय बना, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभागीय पदाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। इसके बाद शनिवार को प्रभावित स्थलों पर जांच प्रक्रिया शुरू हुई तथा जलापूर्ति व्यवस्था को भी दुरुस्त कर दिया गया। *अंचलाधिकारी बोले—जांच प्रतिवेदन के बाद मिलेगी राहत सहायता* इस संबंध में गारूअंचलाधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा ने कहा कि आंधी से प्रभावित परिवारों के नुकसान का सत्यापन कराया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के तहत नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधान के अनुसार हरसंभव मदद दिलाई जाएगी। *ग्रामीणों में जगी उम्मीद, बोले—मामला उठते ही हरकत में आया सिस्टम* प्रशासनिक जांच और जलमीनार मरम्मत के बाद प्रभावित परिवारों तथा ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समाचार और व्हाट्सऐप ग्रुपों में मामला प्रमुखता से उठने के बाद ही त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी। अब पीड़ित परिवारों की निगाह सरकारी सहायता, मुआवजा और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है

4 hrs ago
user_Manoj dutt dev
Manoj dutt dev
Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
4 hrs ago

*शुक्रवार को वायरल हुई थी आंधी पीड़ितों और फटे जलमीनार पाइप की खबर, शनिवार को जांच भी हुई और जलापूर्ति भी हुई दुरुस्त* *खबर का असर : व्हाट्सऐप ग्रुपों में उठी आवाज, प्रशासन ने शुरू की राहत व मरम्मत कार्रवाई* *शुक्रवार को वायरल हुई थी आंधी पीड़ितों और फटे जलमीनार पाइप की खबर, शनिवार को जांच भी हुई और जलापूर्ति भी हुई दुरुस्त* गारू। गारू प्रखंड में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान ने जहां तीन अलग-अलग गांवों में गरीब परिवारों के आशियानों को नुकसान पहुंचाया, वहीं मायापुर पंचायत के मायापुर स्थित ज्योति टोप्पो के घर के समीप जलमीनार का पाइप फट जाने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई थी। इन दोनों मामलों की खबर स्थानीय समाचार माध्यमों तथा विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में प्रमुखता से प्रसारित होते ही प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। शनिवार को आंधी प्रभावित परिवारों के नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया गया, वहीं पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं बरवाडीह एसडीओ प्रशांत पाण्डेय के संज्ञान के बाद जलमीनार की खराबी दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल कर दी गई। *तीन गांवों में तूफान से उजड़े आशियाने, राजस्व उप निरीक्षक ने पहुंचकर किया नुकसान का सत्यापन* जानकारी के अनुसार, मायापुर पंचायत के मायापुर छोटी गांव निवासी रामराज सिंह के घर की छत तेज हवा के झोंकों में उड़ गई थी। वहीं बारेसाढ़ पंचायत अंतर्गत परेवाटांड टोला निवासी आकाश सिंह के मकान का अलबेस्टर एवं कंडी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा डेढ़गांव निवासी कुसमी देवी के घर का भी अलबेस्टर और कंडी उड़ जाने से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया। भीषण गर्मी और मौसम की अनिश्चितता के बीच इन परिवारों के सामने आवासीय संकट खड़ा हो गया है।इन खबरों के प्रसारित होने के बाद शनिवार को गारू अंचल के राजस्व उप निरीक्षक फबियानुस टोप्पो प्रभावित गांवों में पहुंचे और तीनों स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से राहत सहायता हेतु आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। *मायापुर में फटा था जलमीनार का पाइप, पीएचईडी के वरीय अधिकारियों के संज्ञान के बाद हुई त्वरित मरम्मत* मायापुर स्थित ज्योति टोप्पो के घर के समीप स्थापित जलमीनार का पाइप शुक्रवार की आंधी में क्षतिग्रस्त होकर फट गया था, जिससे आसपास के कई घरों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया था। ग्रामीणों को पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही थी। मामले को समाचार माध्यमों और व्हाट्सऐप ग्रुपों में उठाए जाने के बाद पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता तथा बरवाडीह एसडीओ प्रशांत पाण्डेय ने इसे गंभीरता से संज्ञान में लिया।वरीय अधिकारियों के निर्देश पर शनिवार को विभागीय कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त पाइप की त्वरित मरम्मत कर जलापूर्ति पुनः सामान्य कर दी। अचानक ठप हुई पेयजल व्यवस्था बहाल होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। *व्हाट्सऐप ग्रुपों में तस्वीरें वायरल होते ही प्रशासन और विभागों ने लिया त्वरित संज्ञान* शुक्रवार शाम आंधी से टूटे मकानों, उड़ चुकी छतों तथा फटे जलमीनार पाइप की तस्वीरें स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों द्वारा विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में साझा की गई थीं। मामला तेजी से चर्चा का विषय बना, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभागीय पदाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। इसके बाद शनिवार को प्रभावित स्थलों पर जांच प्रक्रिया शुरू हुई तथा जलापूर्ति व्यवस्था को भी दुरुस्त कर दिया गया। *अंचलाधिकारी बोले—जांच प्रतिवेदन के बाद मिलेगी राहत सहायता* इस संबंध में गारूअंचलाधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा ने कहा कि आंधी से प्रभावित परिवारों के नुकसान का सत्यापन कराया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के तहत नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधान के अनुसार हरसंभव मदद दिलाई जाएगी। *ग्रामीणों में जगी उम्मीद, बोले—मामला उठते ही हरकत में आया सिस्टम* प्रशासनिक जांच और जलमीनार मरम्मत के बाद प्रभावित परिवारों तथा ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समाचार और व्हाट्सऐप ग्रुपों में मामला प्रमुखता से उठने के बाद ही त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी। अब पीड़ित परिवारों की निगाह सरकारी सहायता, मुआवजा और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है

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  • “ *महुआडांड़ की जनता की हुंकार” — अब स्वास्थ्य सुविधाओं पर नहीं होगा समझौता, बड़े अस्पताल की मांग ने पकड़ी रफ्तार* *महुआडांड़ एक सशक्त, सुरक्षित और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण बनेगा—और तब यह हुंकार एक नई पहचान में बदल जाएगी।* महुआडांड़ (लातेहार)महुआडांड़ की शांत वादियों में इन दिनों एक नई गूंज सुनाई दे रही है—यह गूंज है बदलाव की, यह आवाज है अधिकार की, और यह हुंकार है एक बेहतर भविष्य की। वर्षों से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रही महुआडांड़ की जनता अब पूरी मजबूती के साथ अपने हक की मांग को लेकर खड़ी हो गई है। यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसमें हर वर्ग, हर उम्र और हर तबके के लोग एकजुट नजर आ रहे हैं।भौगोलिक दृष्टि से दूरस्थ और चुनौतियों से घिरे इस प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय रही है। छोटी से छोटी जांच के लिए भी लोगों को दूर-दराज के शहरों का सहारा लेना पड़ता है। समय, पैसा और जोखिम—तीनों का बोझ आम लोगों के कंधों पर पड़ता है। ऐसे में अब यह स्पष्ट हो गया है कि महुआडांड़ को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और स्थायी समाधान की आवश्यकता है। “ *जनता की मांग, विकास की राह” — स्पष्ट और ठोस अपेक्षाएं* महुआडांड़ की जनता ने अपनी मांगों को बेहद स्पष्ट और संगठित रूप से सरकार के सामने रखा है। लोगों का कहना है कि प्रखंड में स्थानीय स्तर पर पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू की जाए, ताकि आवश्यक प्रक्रियाएं यहीं पूरी हो सकें और अनावश्यक देरी से बचा जा सके।इसके साथ ही, अस्पताल में एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि समय पर सटीक जांच और उपचार का आधार है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी बुनियादी मशीनों की उपलब्धता से मरीजों को तत्काल राहत मिल सकेगी और अनावश्यक रेफरल की स्थिति में कमी आएगी।फ्रैक्चर जैसे मामलों में तत्काल उपचार के लिए प्लास्टर सुविधा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। वर्तमान में ऐसी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को तत्काल राहत नहीं मिल पाती, जिससे उनकी स्थिति और जटिल हो जाती है।इन सभी मांगों के केंद्र में सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक मांग है—महुआडांड़ में एक भव्य, आधुनिक, पूर्ण सुविधाओं से युक्त बड़े अस्पताल का निर्माण। ऐसा अस्पताल, जो केवल इलाज का केंद्र न हो, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य तंत्र का प्रतीक बने। “ *अब वादे नहीं, परिणाम चाहिए” — जनता का साफ संदेश* महुआडांड़ की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है। लोगों का कहना है कि वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर योजनाएं बनती रही हैं, लेकिन उनका प्रभाव जमीन पर नजर नहीं आता। अब समय आ गया है कि सरकार इन मांगों को गंभीरता से ले और शीघ्र ठोस कदम उठाए।जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवा किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होती है, और यदि यह व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तो अन्य विकास योजनाएं भी अधूरी रह जाएंगी। महुआडांड़ के लिए एक सुसज्जित अस्पताल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा देगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। *एकजुटता बनी ताकत* इस पूरे मुद्दे की सबसे खास बात है—जनता की अभूतपूर्व एकजुटता। गांव-गांव से लोग इस मांग के समर्थन में आगे आ रहे हैं। युवा वर्ग सोशल प्लेटफॉर्म पर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है, तो बुजुर्ग और महिलाएं भी खुलकर इस पहल का समर्थन कर रही हैं।यह एकजुटता यह संकेत देती है कि अब महुआडांड़ की जनता अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुकी है और किसी भी प्रकार की अनदेखी को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। यदि समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। *सरकार के लिए सुनहरा अवसर* *महुआडांड़ की यह आवाज* सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। यदि इन मांगों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को जमीन पर उतारा जाता है, तो यह न केवल क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा, बल्कि जनता का भरोसा भी मजबूत करेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि एक बड़े अस्पताल का निर्माण इस क्षेत्र के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकता है। इससे आसपास के कई गांवों और प्रखंडों को भी सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा व्यापक होगा। *महुआडांड़ की जनता की हुंकार* अब एक ऐसी आवाज बन चुकी है, जिसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है। यह केवल सुविधाओं की मांग नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।
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    “ *महुआडांड़ की जनता की हुंकार” — अब स्वास्थ्य सुविधाओं पर नहीं होगा समझौता, बड़े अस्पताल की मांग ने पकड़ी रफ्तार* 
*महुआडांड़ एक सशक्त, सुरक्षित और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण बनेगा—और तब यह हुंकार एक नई पहचान में बदल जाएगी।* 
महुआडांड़ (लातेहार)महुआडांड़ की शांत वादियों में इन दिनों एक नई गूंज सुनाई दे रही है—यह गूंज है बदलाव की, यह आवाज है अधिकार की, और यह हुंकार है एक बेहतर भविष्य की। वर्षों से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रही महुआडांड़ की जनता अब पूरी मजबूती के साथ अपने हक की मांग को लेकर खड़ी हो गई है। यह सिर्फ मांग नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसमें हर वर्ग, हर उम्र और हर तबके के लोग एकजुट नजर आ रहे हैं।भौगोलिक दृष्टि से दूरस्थ और चुनौतियों से घिरे इस प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय रही है। छोटी से छोटी जांच के लिए भी लोगों को दूर-दराज के शहरों का सहारा लेना पड़ता है। समय, पैसा और जोखिम—तीनों का बोझ आम लोगों के कंधों पर पड़ता है। ऐसे में अब यह स्पष्ट हो गया है कि महुआडांड़ को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
“ *जनता की मांग, विकास की राह” — स्पष्ट और ठोस अपेक्षाएं* 
महुआडांड़ की जनता ने अपनी मांगों को बेहद स्पष्ट और संगठित रूप से सरकार के सामने रखा है। लोगों का कहना है कि प्रखंड में स्थानीय स्तर पर पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू की जाए, ताकि आवश्यक प्रक्रियाएं यहीं पूरी हो सकें और अनावश्यक देरी से बचा जा सके।इसके साथ ही, अस्पताल में एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। यह केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि समय पर सटीक जांच और उपचार का आधार है। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी बुनियादी मशीनों की उपलब्धता से मरीजों को तत्काल राहत मिल सकेगी और अनावश्यक रेफरल की स्थिति में कमी आएगी।फ्रैक्चर जैसे मामलों में तत्काल उपचार के लिए प्लास्टर सुविधा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। वर्तमान में ऐसी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को तत्काल राहत नहीं मिल पाती, जिससे उनकी स्थिति और जटिल हो जाती है।इन सभी मांगों के केंद्र में सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक मांग है—महुआडांड़ में एक भव्य, आधुनिक, पूर्ण सुविधाओं से युक्त बड़े अस्पताल का निर्माण। ऐसा अस्पताल, जो केवल इलाज का केंद्र न हो, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य तंत्र का प्रतीक बने।
“ *अब वादे नहीं, परिणाम चाहिए” — जनता का साफ संदेश* 
महुआडांड़ की जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं है। लोगों का कहना है कि वर्षों से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर योजनाएं बनती रही हैं, लेकिन उनका प्रभाव जमीन पर नजर नहीं आता। अब समय आ गया है कि सरकार इन मांगों को गंभीरता से ले और शीघ्र ठोस कदम उठाए।जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवा किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होती है, और यदि यह व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तो अन्य विकास योजनाएं भी अधूरी रह जाएंगी। महुआडांड़ के लिए एक सुसज्जित अस्पताल न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा देगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
*एकजुटता बनी ताकत* 
इस पूरे मुद्दे की सबसे खास बात है—जनता की अभूतपूर्व एकजुटता। गांव-गांव से लोग इस मांग के समर्थन में आगे आ रहे हैं। युवा वर्ग सोशल प्लेटफॉर्म पर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है, तो बुजुर्ग और महिलाएं भी खुलकर इस पहल का समर्थन कर रही हैं।यह एकजुटता यह संकेत देती है कि अब महुआडांड़ की जनता अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुकी है और किसी भी प्रकार की अनदेखी को स्वीकार करने के मूड में नहीं है। यदि समय रहते इन मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
*सरकार के लिए सुनहरा अवसर* 
*महुआडांड़ की यह आवाज* 
सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। यदि इन मांगों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं को जमीन पर उतारा जाता है, तो यह न केवल क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा, बल्कि जनता का भरोसा भी मजबूत करेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि एक बड़े अस्पताल का निर्माण इस क्षेत्र के लिए “गेम चेंजर” साबित हो सकता है। इससे आसपास के कई गांवों और प्रखंडों को भी सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा व्यापक होगा।
*महुआडांड़ की जनता की हुंकार* 
अब एक ऐसी आवाज बन चुकी है, जिसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है। यह केवल सुविधाओं की मांग नहीं, बल्कि हर नागरिक के जीवन, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    2 hrs ago
  • घायलों को पहुंचाया अस्पताल
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    घायलों को पहुंचाया अस्पताल
    user_Nihit Kumar
    Nihit Kumar
    Latehar, Jharkhand•
    13 hrs ago
  • लातेहार। बालूमाथ स्थित तेतरिया खांड कोलियरी में कार्यरत पीएन कंपनी पर ग्रामीणों ने कई आरोप लगाए हैं। यह बातें झामुमो के युवा नेता सौरव श्रीवास्तव ने शुक्रवार को कोलियरी परिसर में आयोजित सभा में कही। उन्होंने कंपनी प्रबंधन की लापरवाहियों को उजागर करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। सभा की अध्यक्षता बसिया पंचायत के मुखिया ने की। इस दौरान ग्रामीणों ने रोजगार, प्रदूषण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की।
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    लातेहार। बालूमाथ स्थित तेतरिया खांड कोलियरी में कार्यरत पीएन कंपनी पर ग्रामीणों ने कई आरोप लगाए हैं। यह बातें झामुमो के युवा नेता सौरव श्रीवास्तव ने शुक्रवार को कोलियरी परिसर में आयोजित सभा में कही। उन्होंने कंपनी प्रबंधन की लापरवाहियों को उजागर करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। सभा की अध्यक्षता बसिया पंचायत के मुखिया ने की। इस दौरान ग्रामीणों ने रोजगार, प्रदूषण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    14 hrs ago
  • Post by Altamas Rja
    1
    Post by Altamas Rja
    user_Altamas Rja
    Altamas Rja
    Local News Reporter Latehar, Jharkhand•
    15 hrs ago
  • Post by Shamsher Alam
    1
    Post by Shamsher Alam
    user_Shamsher Alam
    Shamsher Alam
    Local News Reporter मनिका, लातेहार, झारखंड•
    13 hrs ago
  • थाना क्षेत्र पूर्वी पंचायत अंतर्गत कंचन नगरी (धोबी टोला) निवासी विजय कुमार उर्फ संतोष प्रसाद जन वितरण प्रणाली दुकानदार की तीन मंजिला पक्की मकान की रेलिंग एवं छज्जा पूरी तरह से भरभरा कर गिर गया। बताते चले कि गुरुवार दोपहर लगभग 3:00 बजे तेज आंधी तूफान ने संतोष प्रसाद की तीन मंजिला पक्का मकान की छत की रेलिंग एवं छज्जे गिर गए। गनीमत यह रही की किसी प्रकार से जान माल की क्षति नहीं पहुंची। अन्यथा बहुत ही हृदय विदारक घटना घट सकती थी। संतोष प्रसाद ने बताया कि गुरुवार दोपहर तेज आंधी तूफान से मेरा घर का छत की रेलिंग एवं छज्जे गिर गए। बताते चले कि संतोष प्रसाद चंदवा मेन रोड गेराज लेन स्थित लैंपस के जन वितरण प्रणाली दुकान के विक्रेता है और वे दुकान चलाकर घर की भरण पोषण करते हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है।
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    थाना क्षेत्र पूर्वी पंचायत अंतर्गत कंचन नगरी (धोबी टोला) निवासी विजय कुमार उर्फ संतोष प्रसाद जन वितरण प्रणाली दुकानदार की तीन मंजिला पक्की मकान की रेलिंग एवं छज्जा पूरी तरह से भरभरा कर गिर गया। बताते चले कि गुरुवार दोपहर लगभग 3:00 बजे तेज आंधी तूफान ने संतोष प्रसाद की तीन मंजिला पक्का मकान की छत की रेलिंग एवं छज्जे गिर गए। गनीमत यह रही की किसी प्रकार से जान माल की क्षति नहीं पहुंची। अन्यथा बहुत ही हृदय विदारक घटना घट सकती थी। संतोष प्रसाद ने बताया कि गुरुवार दोपहर तेज आंधी तूफान से मेरा घर का छत की रेलिंग एवं छज्जे गिर गए। बताते चले कि संतोष प्रसाद चंदवा मेन रोड गेराज लेन स्थित लैंपस के जन वितरण प्रणाली दुकान के विक्रेता है और वे दुकान चलाकर घर की भरण पोषण करते हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है।
    user_देवसुंदर यादव (DS)
    देवसुंदर यादव (DS)
    Local News Reporter चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    16 hrs ago
  • परिजनों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर देर रात मरीजों को रेफर करने का डर दिखाया जाता है, जबकि पैसा मिलने के बाद उसी मरीज का सामान्य प्रसव करा लिया जाता है। वार्ड में मौजूद कई मरीजों और परिजनों ने दावा किया कि लगभग सभी से किसी न किसी रूप में पैसे लिए गए हैं। सरकारी अस्पताल में मुफ्त प्रसव सेवा के दावे के बीच यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। अब स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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    परिजनों का कहना है कि पैसे नहीं देने पर देर रात मरीजों को रेफर करने का डर दिखाया जाता है, जबकि पैसा मिलने के बाद उसी मरीज का सामान्य प्रसव करा लिया जाता है।
वार्ड में मौजूद कई मरीजों और परिजनों ने दावा किया कि लगभग सभी से किसी न किसी रूप में पैसे लिए गए हैं। सरकारी अस्पताल में मुफ्त प्रसव सेवा के दावे के बीच यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
अब स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
    user_पंकज प्रसून
    पंकज प्रसून
    Local News Reporter पांकी, पलामू, झारखंड•
    4 hrs ago
  • *सच लिखना पड़ा भारी: महुआडांड़ में खबर प्रकाशित करने के बाद पत्रकार को मिल रही धमकी, जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग* महुआडांड़ क्षेत्र में बेबाक और निष्पक्ष पत्रकारिता करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। हाल ही में क्षेत्र की जमीनी हकीकत और जनसमस्याओं को उजागर करने वाली खबर प्रकाशित करने के बाद एक स्थानीय पत्रकार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस घटना ने न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार ने क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें फोन कॉल और अन्य माध्यमों से डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
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    *सच लिखना पड़ा भारी: महुआडांड़ में खबर प्रकाशित करने के बाद पत्रकार को मिल रही धमकी, जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग* 
महुआडांड़ क्षेत्र में बेबाक और निष्पक्ष पत्रकारिता करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। हाल ही में क्षेत्र की जमीनी हकीकत और जनसमस्याओं को उजागर करने वाली खबर प्रकाशित करने के बाद एक स्थानीय पत्रकार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस घटना ने न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार ने क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें फोन कॉल और अन्य माध्यमों से डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    4 hrs ago
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