दावा माफियाओं की करतूत सच लिखना पड़ा भारी: महुआडांड़ में खबर प्रकाशित करने के बाद पत्रकार को मिल रही धमकी, जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग *सच लिखना पड़ा भारी: महुआडांड़ में खबर प्रकाशित करने के बाद पत्रकार को मिल रही धमकी, जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग* महुआडांड़ क्षेत्र में बेबाक और निष्पक्ष पत्रकारिता करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। हाल ही में क्षेत्र की जमीनी हकीकत और जनसमस्याओं को उजागर करने वाली खबर प्रकाशित करने के बाद एक स्थानीय पत्रकार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस घटना ने न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार ने क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें फोन कॉल और अन्य माध्यमों से डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
दावा माफियाओं की करतूत सच लिखना पड़ा भारी: महुआडांड़ में खबर प्रकाशित करने के बाद पत्रकार को मिल रही धमकी, जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग *सच लिखना पड़ा भारी: महुआडांड़ में खबर प्रकाशित करने के बाद पत्रकार को मिल रही धमकी, जिला प्रशासन से सुरक्षा की मांग* महुआडांड़ क्षेत्र में बेबाक और निष्पक्ष पत्रकारिता करना अब खतरे से खाली नहीं रह गया है। हाल ही में क्षेत्र की जमीनी हकीकत और जनसमस्याओं को उजागर करने वाली खबर प्रकाशित करने के बाद एक स्थानीय पत्रकार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। इस घटना ने न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पत्रकार ने क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ी खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर सामने आने के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें फोन कॉल और अन्य माध्यमों से डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।
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- लोहरदगा जिला के पेशरार प्रखंड में वन विभाग के द्वारा कराया जा रहा है चेक डैम निर्माण जांच का विषय1
- उच्च न्यायालय के न्यायधीश निजी चतुर्थ वर्गीय कर्मी झारखंड राज्य के लिए बनी मिशाल मिला संपूर्ण योजना का लाभ1
- रामप्रवेश गुप्ता महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत रेंगाई पंचायत के काठो गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां तालाब में नहाने के दौरान एक वृद्ध की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान दुर्गा मांझी (उम्र लगभग 60 वर्ष) के रूप में की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे दुर्गा मांझी गांव के कुछ लोगों के साथ तालाब में नहाने गए थे। इसी दौरान तैरते समय अचानक वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ में नहा रहे लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वे पूरी तरह पानी में समा चुके थे। घटना के बाद से ही ग्रामीणों द्वारा शव की खोजबीन जारी है, लेकिन तालाब अधिक गहरा होने के कारण करीब 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शव बरामद नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि शव तालाब के अंदर ही है इसे लेकर ग्रामीण लगातार प्रयास कर रहे हैं घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द शव को बाहर निकालने के लिए गोताखोरों की मदद लेने की मांग की है।2
- झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुंदा के महादेव मठ का डीसी ने किया निरीक्षण चतरा डीसी रवि आनंद आज चतरा जिले के कुंदा स्थित प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल महादेव मठ का निरीक्षण किया। पर्यटन के विकास को लेकर डीसी इन दिनों विभिन्न प्रखंडों का दौरा कर पर्यटन स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं।1
- *खबर का असर : व्हाट्सऐप ग्रुपों में उठी आवाज, प्रशासन ने शुरू की राहत व मरम्मत कार्रवाई* *शुक्रवार को वायरल हुई थी आंधी पीड़ितों और फटे जलमीनार पाइप की खबर, शनिवार को जांच भी हुई और जलापूर्ति भी हुई दुरुस्त* गारू। गारू प्रखंड में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान ने जहां तीन अलग-अलग गांवों में गरीब परिवारों के आशियानों को नुकसान पहुंचाया, वहीं मायापुर पंचायत के मायापुर स्थित ज्योति टोप्पो के घर के समीप जलमीनार का पाइप फट जाने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई थी। इन दोनों मामलों की खबर स्थानीय समाचार माध्यमों तथा विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में प्रमुखता से प्रसारित होते ही प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। शनिवार को आंधी प्रभावित परिवारों के नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया गया, वहीं पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं बरवाडीह एसडीओ प्रशांत पाण्डेय के संज्ञान के बाद जलमीनार की खराबी दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल कर दी गई। *तीन गांवों में तूफान से उजड़े आशियाने, राजस्व उप निरीक्षक ने पहुंचकर किया नुकसान का सत्यापन* जानकारी के अनुसार, मायापुर पंचायत के मायापुर छोटी गांव निवासी रामराज सिंह के घर की छत तेज हवा के झोंकों में उड़ गई थी। वहीं बारेसाढ़ पंचायत अंतर्गत परेवाटांड टोला निवासी आकाश सिंह के मकान का अलबेस्टर एवं कंडी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा डेढ़गांव निवासी कुसमी देवी के घर का भी अलबेस्टर और कंडी उड़ जाने से परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया। भीषण गर्मी और मौसम की अनिश्चितता के बीच इन परिवारों के सामने आवासीय संकट खड़ा हो गया है।इन खबरों के प्रसारित होने के बाद शनिवार को गारू अंचल के राजस्व उप निरीक्षक फबियानुस टोप्पो प्रभावित गांवों में पहुंचे और तीनों स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से राहत सहायता हेतु आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। *मायापुर में फटा था जलमीनार का पाइप, पीएचईडी के वरीय अधिकारियों के संज्ञान के बाद हुई त्वरित मरम्मत* मायापुर स्थित ज्योति टोप्पो के घर के समीप स्थापित जलमीनार का पाइप शुक्रवार की आंधी में क्षतिग्रस्त होकर फट गया था, जिससे आसपास के कई घरों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया था। ग्रामीणों को पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही थी। मामले को समाचार माध्यमों और व्हाट्सऐप ग्रुपों में उठाए जाने के बाद पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता तथा बरवाडीह एसडीओ प्रशांत पाण्डेय ने इसे गंभीरता से संज्ञान में लिया।वरीय अधिकारियों के निर्देश पर शनिवार को विभागीय कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त पाइप की त्वरित मरम्मत कर जलापूर्ति पुनः सामान्य कर दी। अचानक ठप हुई पेयजल व्यवस्था बहाल होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। *व्हाट्सऐप ग्रुपों में तस्वीरें वायरल होते ही प्रशासन और विभागों ने लिया त्वरित संज्ञान* शुक्रवार शाम आंधी से टूटे मकानों, उड़ चुकी छतों तथा फटे जलमीनार पाइप की तस्वीरें स्थानीय पत्रकारों और ग्रामीणों द्वारा विभिन्न व्हाट्सऐप ग्रुपों में साझा की गई थीं। मामला तेजी से चर्चा का विषय बना, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभागीय पदाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। इसके बाद शनिवार को प्रभावित स्थलों पर जांच प्रक्रिया शुरू हुई तथा जलापूर्ति व्यवस्था को भी दुरुस्त कर दिया गया। *अंचलाधिकारी बोले—जांच प्रतिवेदन के बाद मिलेगी राहत सहायता* इस संबंध में गारूअंचलाधिकारी दिनेश कुमार मिश्रा ने कहा कि आंधी से प्रभावित परिवारों के नुकसान का सत्यापन कराया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के तहत नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को सरकारी प्रावधान के अनुसार हरसंभव मदद दिलाई जाएगी। *ग्रामीणों में जगी उम्मीद, बोले—मामला उठते ही हरकत में आया सिस्टम* प्रशासनिक जांच और जलमीनार मरम्मत के बाद प्रभावित परिवारों तथा ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समाचार और व्हाट्सऐप ग्रुपों में मामला प्रमुखता से उठने के बाद ही त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी। अब पीड़ित परिवारों की निगाह सरकारी सहायता, मुआवजा और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है1
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