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क्षतिग्रस्त पुलिया से जान के जोखिम का बना भय,क्षेत्रवासियों ने सुधार की उठाई मांग, ठीकरी क्षेत्र के ग्राम दवाना में क्षतिग्रस्त पुल से क्षेत्रवासियों को अप्रिय घटना की आशंका,शासन प्रशासन से लगाई गुहार,पूर्व में हो चुके के हादसे,
सतीश केवट
क्षतिग्रस्त पुलिया से जान के जोखिम का बना भय,क्षेत्रवासियों ने सुधार की उठाई मांग, ठीकरी क्षेत्र के ग्राम दवाना में क्षतिग्रस्त पुल से क्षेत्रवासियों को अप्रिय घटना की आशंका,शासन प्रशासन से लगाई गुहार,पूर्व में हो चुके के हादसे,
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- क्षतिग्रस्त पुलिया से जान के जोखिम का बना भय,क्षेत्रवासियों ने सुधार की उठाई मांग, ठीकरी क्षेत्र के ग्राम दवाना में क्षतिग्रस्त पुल से क्षेत्रवासियों को अप्रिय घटना की आशंका,शासन प्रशासन से लगाई गुहार,पूर्व में हो चुके के हादसे,1
- भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। _निवाली, सेंधवा संवाददाता: राजा शर्मा / सुनील सोनी_ *"भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है" : निवाली में गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई श्री शिवमहापुराण कथा* *निवाली, सेंधवा1 जुलाई शनिवार* - नगर की कृषि उपज मंडी स्थित शेड में गौरीशंकर कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में *श्री शिवमहापुराण कथा* का भव्य शुभारंभ शनिवार को हुआ। कथा का वाचन जगद्गुरु संत *गोपेश्वरदेव महाराज* दोपहर दो बजे से कथा विश्राम तक कर रहे हैं। *शोभायात्रा से हुआ कथा का आगाज* कथा से पूर्व श्री सत्यनारायण मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और भजनों के साथ निकली इस कलशयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा सत्यनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर श्याम बाजार, राम बाजार और किला परिसर होते हुए कथा स्थल कृषि उपज मंडी पहुंची। मार्ग में भक्तजन भजनों और गरबा पर झूमते हुए चले। मंदिर परिसर में अग्रवाल समाज ने शोभायात्रा का स्वागत किया। सत्यनारायण मंदिर में विधिवत श्री शिवमहापुराण का पूजन कर श्रद्धालुओं ने सिर पर पुराण की प्रति धारण की। विशेष रूप से सजाए गए रथ पर कथावाचक गोपेश्वरदेव महाराज विराजित थे। श्याम बाजार में अनेक परिवारों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, वहीं राम बाजार में पालीवाल समाज ने भव्य स्वागत किया। "शिव की भक्ति से महापों का भी नाश"* कथा के पहले दिन कथावाचक ने कहा कि *जो व्यक्ति भगवान शिव की महापुराण सुन लेता है, उसे शिव यमलोक में नहीं रहने देते*। भगवान अत्यंत दयालु हैं। शिव की भक्ति से बड़े से बड़े पापों का भी नाश हो जाता है। महाराज ने कहा, "भगवान को कपट और छल पसंद नहीं है। उन्हें निर्मल मन भाता है। भगवान शिव स्वयं कहते हैं कि जो मेरा ध्यान करते हुए शरीर त्यागता है, मैं उसका कल्याण करता हूं। *भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन से भगवान की भक्ति होगी, तभी जीवन सफल होगा।*" *विपत्ति में होती है चारों की परीक्षा* प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा: *"धीरज, धर्म, मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी"* अर्थात धैर्य, धर्म, मित्र और नारी - इन चारों की असली परीक्षा विपत्ति के समय ही होती है। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखना चाहिए और मित्र की पहचान भी बुरे समय में ही होती है। कथा में यह भी बताया गया कि भगवान शिव को *केतकी का पुष्प क्यों नहीं चढ़ाया जाता*। कथा के अनुसार केतकी पुष्प ने एक बार ब्रह्मा जी के पक्ष में शिव जी के विरुद्ध झूठ बोला था, जिससे नाराज होकर शिव ने केतकी पुष्प का त्याग कर दिया। कथा का अमृतपान करने सैकड़ों भक्तजन उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जल की व्यवस्था की थी। --- 🙏 _खबर को लाइक करें, शेयर करें और धन्यवाद_ --- भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। (राजा शर्मा/ सुनील सोनी) निवाली, सेंधवा 1 जुलाई शनिवार, नगर के कृषि उपज मंडी स्थित शेड में गौरीशंकर कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में श्री शिवमहापुराण कथा प्रारंभ शनिवार को हुआ। कथा के पहले श्री सत्यनारायण मंदिर से शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ प्रारंभ हुआ। भजनों, गरबा पर झूमे श्रद्धालु शोभायात्रा, कलशयात्रा सत्यनारायण मंदिर से प्रारंभ हुई जो श्याम बाजार, राम बाजार, किला परिसर होते हुए कथा स्थल पहुंची। भजनों, गरबा के साथ श्रद्धालु खूब झूमे। मंदिर परिसर में अग्रवाल समाज ने स्वागत किया। सत्यनारायण मंदिर में विधिवत श्री शिवमहापुराण का पूजन किया गया। श्रद्धालु सिर पर पुराण की प्रति लेकर शोभायात्रा में चले। विशेष रथ पर कथावाचक जगद्गुरु संत गोपेश्वरदेव महाराज विराजित हुए। श्याम बाजार में अनेक परिवारों ने स्वागत किया। राम बाजार में पालीवाल समाज ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। भक्त को यमलोक में नहीं रहने देते है शिव जो भगवान शिव की महापुराण को सुन लेता है उसे शिव यमलोक में नहीं रहने देते है। भगवान दयालु है। शिव की भक्ति से महापापों का भी नाश हो जाता है। शिवमहापुराण कथा में भगवान शिव ने कहा है कि मेरा ध्यान करते हुए कोई भी शरीर त्यागता है तो में उसका कल्याण करता हु। भगवान को कपट छल छिद्र पसंद नहीं है। वह कहते है मुझे निर्मल मन अच्छा लगता है। भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। विपरीत समय में धैर्य, मित्र की परीक्षा होती है कथा वाचक ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि धीरज धरम मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी। इसका अर्थ यह है कि धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी (नारी)—इन चारों की असली परीक्षा विपत्ति या संकट के समय ही होती है। विपरीत परिस्थिति में धैर्य होना चाहिए, मित्र की असली परीक्षा बुरे समय में होती है कथा का अमृतमयी सैकड़ों भक्तों ने रसपान किया भक्तों को केतकी का पुष्प भगवान को क्यों नही चढता इसकी कथा भी सुनाई केतकी पुष्प ने ब्रह्मा के पक्ष मे शिव के विरुद्ध झूठ झूठ बोला था जिससे नाराज होकर शिव ने केतकी पुष्प का त्याग कर दिया4
- नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित, जनप्रतिनिधियों व नागरिकों ने दी श्रद्धासुमन अर्पित. कुक्षी। नगर परिषद अध्यक्ष स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान की पावन स्मृति में शनिवार को माधवश्री प्रसादम् में श्रद्धांजलि सभा, ब्राह्मण भोज एवं अस्थि दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, पत्रकारों एवं नगर के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ज्ञात हो कि श्रीमती रेलम चौहान का 16 जुलाई 2026 को आकस्मिक निधन हो गया था। उनकी आत्मा की शांति एवं पुण्य स्मरण हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती रेलम चौहान ने नगर परिषद अध्यक्ष रहते हुए जनहित और विकास कार्यों को सदैव प्राथमिकता दी। उन्होंने सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया, जिसे नगरवासी लंबे समय तक याद रखेंगे। श्रद्धांजलि सभा में भाजपा एवं कांग्रेस के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, प्रेस क्लब के सदस्य तथा नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की गई।1
- धामनोद विकास के नाम पर घटिया निर्माण, धंसती सड़कें और बढ़ता खतरा... धामनोद में सीवरेज परियोजना पर जनता का फूटा गुस्सा रोज हो रही दुर्घटनाये धामनोद विकास के नाम पर अव्यवस्था दो साल से अधूरा सीवरेज कार्य बना जनता की मुसीबत... सीवरेज निर्माण की लापरवाही से धामनोद की सड़कें बनीं हादसों का अड्डा, जिम्मेदारों पर उठे सवाल घटिया निर्माण, धंसती सड़कें और बढ़ता खतरा... धामनोद में सीवरेज परियोजना पर जनता का फूटा गुस्स धामनोद धार जिले के धामनोद नगर में, विकास के नाम पर चल रहा सीवरेज प्रोजेक्ट अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य आधा भी पूरा नहीं हो सका है। नगर की प्रमुख सड़कों को जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे सड़कें बड़े-बड़े गड्ढ़ों में सब्दात हो गई है स्थानीय लोगों का आरोप है कि, पाइप लाइन बिछाने के बाद, गट्टाँ को तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं भरा जा रहा, बल्कि केवल खानापूर्ति करते हुए घटिया सामग्री से पेचवर्क किया जा रहा है। मुख्य मार्ग पर करीब 20 से 25 दिन पहले भरे गए एक छह इंच गहरे गड्ढे के लगातार धंसने से वह अब लगभग तीन फीट तक गहरा हो चुका है। गड्ढे के पास बिजली की डीपी होने से किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि कई बार मजबूत बेस बनाकर गड्ढे भरने की मांग की गई, लेकिन ठेकेदार द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया। सूत्रों के अनुसार करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट में कई स्थानों पर गुणवत्ता संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहली ही बारिश में पेचवर्क उखड़ने लगा है और सड़कें कीचड़ व जलभराव से भर गई हैं। पुराने बस स्टैंड से लेकर फूडी चौराहा बायपास तक मुख्य मार्ग की हालत सबसे अधिक खराब बताई जा रही है, जहां आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। धूल और कीचड़ के कारण दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है और बाहर से आने वाले ग्राहक भी धामनोद आने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिकायत करने पर, संबंधित ठेकेदार, संतोषजनक जवाब नहीं देते, जबकि संबंधित अधिकारी भी शिकायतों पर समय पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच नहीं हुई और सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं। इस पूरे मामले में धामनोद के नायब तहसीलदार राजेश भिंडे ने कहा कि नगर में सीवरेज कार्य के कारण लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी उन्हें मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर संबंधित ठेकेदार को बुलाया जाएगा और जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराया जायेगा1
- विपक्ष ने आज संसद में विरोध के दौरान एक शॉर्ट प्ले किया। सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर आए। राहुल गांधी ने भी चंदा दानपात्र में डाला और पुजारी अयोध्या सांसद के पैर छूते दिखाई दिए। फिर पुजारी बने पप्पू यादव दानपात्र लेकर भाग गए1
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- aam Janata aane jaane ki samasya gram punasala se Shimla jaane ka rasta Nadi mein pul nahin Hai gram p punasala tahsil jhirniya jila khargon Madhya Pradesh1