81 दिवसीय गविष्टि यात्रा के क्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का मंगलवार को बांदा जनपद में आगमन हुआ। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसके तहत धर्म सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित हुए। पूरे जनपद में शंकराचार्य महाराज के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इसी कड़ी में, बिसंडा स्थित अक्षरा कुटी में समाजसेवी प्रेम पाण्डेय ने शंकराचार्य महाराज का गर्मजोशी से स्वागत किया। अक्षरा कुटी परिसर में श्रद्धालुओं, सनातन धर्म प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ जय श्रीराम, हर-हर महादेव और गौमाता के जयघोषों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने सनातन धर्म, गौसंरक्षण और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने गौमाता को भारतीय संस्कृति और आस्था की आधारशिला बताते हुए युवाओं से भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों को आत्मसात करने की अपील की। शंकराचार्य महाराज ने स्पष्ट किया कि गविष्टि यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, गौसंरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने विभिन्न गांवों और नगरों में धर्म, सेवा और संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। इस दौरान, बांदा जनपद में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए समाजसेवी प्रेम पाण्डेय को बांदा का प्रभारी नियुक्त किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने तालियों और जयघोषों से स्वागत किया। प्रेम पाण्डेय ने आभार व्यक्त करते हुए सनातन धर्म और गौसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। दिनभर अतर्रा, नरैनी सहित कई स्थानों पर स्वागत और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जहाँ श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शंकराचार्य महाराज का अभिनंदन किया। शाम को बांदा नगर स्थित रामलीला मैदान, गणेश भवन में एक विशाल धर्म सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सनातन धर्म, राष्ट्रहित, गौसंरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
81 दिवसीय गविष्टि यात्रा के क्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का मंगलवार को बांदा जनपद में आगमन हुआ। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसके तहत धर्म सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित हुए। पूरे जनपद में शंकराचार्य महाराज के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इसी कड़ी में, बिसंडा स्थित अक्षरा कुटी में समाजसेवी प्रेम पाण्डेय ने शंकराचार्य महाराज का गर्मजोशी से स्वागत किया। अक्षरा कुटी परिसर में श्रद्धालुओं, सनातन धर्म प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ जय श्रीराम, हर-हर महादेव और गौमाता के जयघोषों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने सनातन धर्म, गौसंरक्षण और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने गौमाता को भारतीय संस्कृति और आस्था की आधारशिला बताते हुए युवाओं से भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों को आत्मसात करने
की अपील की। शंकराचार्य महाराज ने स्पष्ट किया कि गविष्टि यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, गौसंरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने विभिन्न गांवों और नगरों में धर्म, सेवा और संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। इस दौरान, बांदा जनपद में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए समाजसेवी प्रेम पाण्डेय को बांदा का प्रभारी नियुक्त किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने तालियों और जयघोषों से स्वागत किया। प्रेम पाण्डेय ने आभार व्यक्त करते हुए सनातन धर्म और गौसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। दिनभर अतर्रा, नरैनी सहित कई स्थानों पर स्वागत और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जहाँ श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शंकराचार्य महाराज का अभिनंदन किया। शाम को बांदा नगर स्थित रामलीला मैदान, गणेश भवन में एक विशाल धर्म सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सनातन धर्म, राष्ट्रहित, गौसंरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
- उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद में भीषण हीटवेव का प्रकोप देखा जा रहा है, जिसके चलते सड़कें पूरी तरह से सूनी पड़ गई हैं। इस प्रचंड गर्मी ने आम जनमानस के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी बेहाल कर दिया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह रिपोर्ट बांदा से सुरेश साहू ने दी है।1
- बांदा जिले के बबेरू तहसील क्षेत्र के कमासिन कस्बे में सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने एक खुशहाल परिवार की वर्षों की मेहनत को पल भर में राख कर दिया। राजापुर रोड स्थित रमा ज्वेलर्स की दुकान में लगी इस आग के कारण दुकानदार वीरेंद्र कुमार सोनी उर्फ बच्चा, उनकी पत्नी और बच्चों को अपनी जान बचाने के लिए छत से कूदकर पड़ोसी की छत पर शरण लेनी पड़ी। कमासिन निवासी वीरेंद्र कुमार सोनी, जो कामता प्रसाद सोनी के पुत्र हैं, अपनी ज्वेलरी की दुकान के ऊपर ही परिवार सहित निवास करते थे। आग ने उनकी दुकान में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, नगदी, एक स्कूटी और घर का पूरा सामान जलाकर खाक कर दिया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस भयावह अग्निकांड में लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और समरसेबल तथा बाल्टियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग लगातार विकराल रूप धारण करती रही। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब तीन से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक पल में उजड़े सपनों और बर्बाद हुई पूंजी से व्यथित दुकानदार वीरेंद्र कुमार सोनी ने शासन-प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है। इस घटना के बाद से कस्बे में शोक और चिंता का माहौल है, जहां स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।1
- बाँदा पुलिस के 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक माँ को उसका 12 साल का मानसिक रूप से कमजोर बच्चा वापस मिल गया, जिसे एक चमत्कार माना जा रहा है। यह बच्चा एक साल पहले घर से लापता हो गया था और मध्य प्रदेश के रीवा स्थित बाल संरक्षण गृह पहुँच गया था। वहाँ से उसे ढूँढकर वाराणसी में उसकी माँ को सौंपा गया था, लेकिन किस्मत के कारण बच्चा फिर से घर से निकल गया और भटकते हुए बाँदा के खुरहंड पहुँच गया। जब वह मिला तो अपना नाम-पता भी नहीं बता पा रहा था और उसकी आँखों में केवल माँ को ढूँढने का सवाल था। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में SJPU, AHTU और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम ने इस मामले में कार्रवाई की। बच्चे को पहले सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर भेजा गया और फिर उसकी तस्वीर देश भर के चाइल्ड हेल्पलाइन ग्रुपों में प्रसारित की गई। रीवा से मिली जानकारी से यह पुष्टि हुई कि यह वही बच्चा है जो पहले भी वहाँ रह चुका था और वाराणसी में अपनी माँ को सौंपा गया था। इस संयुक्त टीम की कड़ी मेहनत 26 मई को रंग लाई, जब बच्चे को उसकी माँ के हवाले कर दिया गया। बेटे को सीने से लगाते ही माँ की आँखों से खुशी के आँसू बह निकले और उसने रोते हुए पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बच्चे को घर पहुँचाने में मदद करने वाले हर व्यक्ति को दुआएँ दीं। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस अवसर पर कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' का मुख्य उद्देश्य ही हर बिछड़े हुए चेहरे पर मुस्कान लौटाना है।2
- बांदा के वार्ड नंबर 10, जिसमें शंकर नगर और आजाद नगर शामिल हैं, का दौरा करने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने क्षेत्र में लटकते अस्थाई बिजली के तारों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इन तारों से इलाके में करंट लगने का खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे को देखते हुए, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने शासन-प्रशासन से तुरंत नए खंभे लगाने और स्थाई थ्री-फेस बिजली लाइन बिछाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, दीक्षित ने क्षेत्र में चल रहे नालों के निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या यह निर्माण कार्य इस मानसून में जनता को जलभराव की समस्या से सचमुच निजात दिला पाएगा। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि "असली हकीकत तो पहली बारिश में ही साफ होगी," जो प्रशासन के दावों पर संदेह प्रकट करता है।4
- अपनी माँ के लिए इंसाफ की गुहार लगाते हुए एक आईपीएस कमांडो कानपुर पुलिस दफ्तर के पास पहुंचा। कमांडो अपनी माँ के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए यह कदम उठाने को मजबूर हुआ।1
- बबेरू कोतवाली रोड पर भीषण गर्मी से परेशान राहगीरों को शरबत पिलाया गया, जिससे उन्हें गर्मी से कुछ राहत मिली।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे के मलीकुआ चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक शराबी युवक ने अत्यधिक शराब के नशे में जमकर उत्पात मचाया। युवक ने वहाँ मौजूद कुछ लोगों के साथ गाली-गलौज करने के साथ-साथ हाथापाई भी की, जिसके चलते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस हंगामे के दौरान मौजूद लोगों ने किसी तरह शराबी युवक को मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुँचाया। बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- 81 दिवसीय गविष्टि यात्रा के क्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री श्री 1008 अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का मंगलवार को बांदा जनपद में आगमन हुआ। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसके तहत धर्म सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित हुए। पूरे जनपद में शंकराचार्य महाराज के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इसी कड़ी में, बिसंडा स्थित अक्षरा कुटी में समाजसेवी प्रेम पाण्डेय ने शंकराचार्य महाराज का गर्मजोशी से स्वागत किया। अक्षरा कुटी परिसर में श्रद्धालुओं, सनातन धर्म प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ जय श्रीराम, हर-हर महादेव और गौमाता के जयघोषों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने सनातन धर्म, गौसंरक्षण और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने गौमाता को भारतीय संस्कृति और आस्था की आधारशिला बताते हुए युवाओं से भारतीय परंपराओं और धार्मिक मूल्यों को आत्मसात करने की अपील की। शंकराचार्य महाराज ने स्पष्ट किया कि गविष्टि यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, गौसंरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने विभिन्न गांवों और नगरों में धर्म, सेवा और संगठन को मजबूत करने पर बल दिया। इस दौरान, बांदा जनपद में संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने के लिए समाजसेवी प्रेम पाण्डेय को बांदा का प्रभारी नियुक्त किया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने तालियों और जयघोषों से स्वागत किया। प्रेम पाण्डेय ने आभार व्यक्त करते हुए सनातन धर्म और गौसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। दिनभर अतर्रा, नरैनी सहित कई स्थानों पर स्वागत और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जहाँ श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शंकराचार्य महाराज का अभिनंदन किया। शाम को बांदा नगर स्थित रामलीला मैदान, गणेश भवन में एक विशाल धर्म सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सनातन धर्म, राष्ट्रहित, गौसंरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।2