बाँदा पुलिस के 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक माँ को उसका 12 साल का मानसिक रूप से कमजोर बच्चा वापस मिल गया, जिसे एक चमत्कार माना जा रहा है। यह बच्चा एक साल पहले घर से लापता हो गया था और मध्य प्रदेश के रीवा स्थित बाल संरक्षण गृह पहुँच गया था। वहाँ से उसे ढूँढकर वाराणसी में उसकी माँ को सौंपा गया था, लेकिन किस्मत के कारण बच्चा फिर से घर से निकल गया और भटकते हुए बाँदा के खुरहंड पहुँच गया। जब वह मिला तो अपना नाम-पता भी नहीं बता पा रहा था और उसकी आँखों में केवल माँ को ढूँढने का सवाल था। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में SJPU, AHTU और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम ने इस मामले में कार्रवाई की। बच्चे को पहले सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर भेजा गया और फिर उसकी तस्वीर देश भर के चाइल्ड हेल्पलाइन ग्रुपों में प्रसारित की गई। रीवा से मिली जानकारी से यह पुष्टि हुई कि यह वही बच्चा है जो पहले भी वहाँ रह चुका था और वाराणसी में अपनी माँ को सौंपा गया था। इस संयुक्त टीम की कड़ी मेहनत 26 मई को रंग लाई, जब बच्चे को उसकी माँ के हवाले कर दिया गया। बेटे को सीने से लगाते ही माँ की आँखों से खुशी के आँसू बह निकले और उसने रोते हुए पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बच्चे को घर पहुँचाने में मदद करने वाले हर व्यक्ति को दुआएँ दीं। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस अवसर पर कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' का मुख्य उद्देश्य ही हर बिछड़े हुए चेहरे पर मुस्कान लौटाना है।
बाँदा पुलिस के 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक माँ को उसका 12 साल का मानसिक रूप से कमजोर बच्चा वापस मिल गया, जिसे एक चमत्कार माना जा रहा है। यह बच्चा एक साल पहले घर से लापता हो गया था और मध्य प्रदेश के रीवा स्थित बाल संरक्षण गृह पहुँच गया था। वहाँ से उसे ढूँढकर वाराणसी में उसकी माँ को सौंपा गया था, लेकिन किस्मत के कारण बच्चा फिर से घर से निकल गया और भटकते हुए बाँदा के खुरहंड पहुँच गया। जब वह मिला तो अपना नाम-पता भी नहीं बता पा रहा था और उसकी आँखों में केवल माँ को ढूँढने का सवाल था। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में SJPU, AHTU और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम ने इस मामले में कार्रवाई
की। बच्चे को पहले सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर भेजा गया और फिर उसकी तस्वीर देश भर के चाइल्ड हेल्पलाइन ग्रुपों में प्रसारित की गई। रीवा से मिली जानकारी से यह पुष्टि हुई कि यह वही बच्चा है जो पहले भी वहाँ रह चुका था और वाराणसी में अपनी माँ को सौंपा गया था। इस संयुक्त टीम की कड़ी मेहनत 26 मई को रंग लाई, जब बच्चे को उसकी माँ के हवाले कर दिया गया। बेटे को सीने से लगाते ही माँ की आँखों से खुशी के आँसू बह निकले और उसने रोते हुए पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बच्चे को घर पहुँचाने में मदद करने वाले हर व्यक्ति को दुआएँ दीं। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस अवसर पर कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' का मुख्य उद्देश्य ही हर बिछड़े हुए चेहरे पर मुस्कान लौटाना है।
- हमीरपुर जनपद के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-34 पर मकरांव गांव के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ओवरटेकिंग के प्रयास में एक लोडर और ईको वैन की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, लोडर वाहन कानपुर की दिशा से आ रहा था, जबकि ईको वैन मौदहा से कानपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान हुई टक्कर में लोडर चालक शाहिद उर्फ डग्गा, जो मौदहा के मोहल्ला हैदरगंज का निवासी है, और ईको वैन चालक समीर पुत्र अकबर, जो हमीरपुर जनपद के पारा का निवासी है, गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस ने दोनों घायल चालकों को मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, दोनों को आगे के उपचार के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पहर गांव में पिछले लगभग 5 से 7 सालों से कोई भी आरसीसी या नाली का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इस वजह से गांव की गलियों में हर जगह पानी का बहाव बना रहता है, जिसके कारण ग्रामीणों को चलने-फिरने और निकलने में अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए पहर गांव के विकास की मांग की है।2
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खण्डेह स्थित कलारन तालाब में सोमवार सुबह एक हृदय विदारक घटना में तीन मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह दर्दनाक हादसा तालाब में हो रहे अवैध मिट्टी खनन के कारण बने गहरे गड्ढों में बच्चों के चले जाने से हुआ। मृतकों की पहचान प्रबल यादव (10), आदित्य कुशवाहा (9) और भोला कुशवाहा (10) के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने बच्चों को तालाब से बाहर निकाला और तत्काल सीएचसी मौदहा पहुंचाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुखद घटना से पूरे गांव में गहरा शोक व्याप्त है, जहाँ अवैध मिट्टी खनन को ही इस भीषण त्रासदी का मुख्य कारण बताया जा रहा है।4
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में महज दो रातों तक विद्युत आपूर्ति में सुधार रहने के बाद, सोमवार रात को फिर से अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई, जिससे लोगों की नींद हराम हो गई है। नौतपा शुरू होने के साथ ही दिन और रात में बढ़ती गर्मी के कारण लोग पहले से ही परेशान हैं। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद मिली दो रातों की राहत कायम नहीं रह सकी और सोमवार को रात 2 बजे गायब हुई बिजली तड़के 4 बजे ही वापस आ सकी। इससे पहले रात 10.30 बजे भी एक घंटे की कटौती हुई थी, और फिर सुबह 5 बजे से 6 बजे तक बिजली कटी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों, जिनमें श्रीराम श्रीवास, उदयभान यादव, चंद्र प्रकाश यादव, रामेश्वर वर्मा, दीपू विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, बाबू सिंह और गुरु सिंह शामिल हैं, ने बताया कि अघोषित कटौती ने उनकी रातों की नींद छीन ली है और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि अघोषित कटौती उनके स्तर से नहीं की जा रही है, बल्कि यह "ऊपर से" हो रही है।1
- उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर योगी सरकार ने अपना अब तक का 'सबसे बड़ा दांव' चला है। इस महत्वपूर्ण कदम से प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है, हालांकि इसके विस्तृत पहलुओं के बारे में फिलहाल कोई और जानकारी उपलब्ध नहीं है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली इलाके के खंडेह गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तालाब में नहाने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। बच्चों के तालाब में डूबने की सूचना पर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चों को डॉक्टर को दिखाया। मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना के बाद बच्चों के परिजनों में गहरा हड़कंप मच गया है।4
- बांदा में कांग्रेस पार्टी ने महोबा की एक छात्रा के साथ हुए कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले को लेकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने अपनी बात राज्यपाल तक पहुंचाने का प्रयास किया है।1
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छिरका में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सका। भंडारे के दौरान सिंह साहब, यादव जी, शर्मा जी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्य भूमिका निभाई। बाबा जी यादव और नरेंद्र शर्मा की उपस्थिति विशेष चर्चा का विषय रही। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों को समाज में भाईचारा और आपसी प्रेम मजबूत करने वाला बताया। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी मौदहा, कोतवाली प्रभारी और एसडीएम मौदहा की कार्यशैली की भी सराहना की गई। आयोजकों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि क्षेत्र में आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मानव अधिकार तहसील अध्यक्ष समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन 'सबका साथ, सबका विकास' और 'जय संग विजय संग, जय मानव अधिकार' के नारों के साथ हुआ।2
- हमीरपुर जिले के मौदहा क्षेत्र के ग्राम करहिया में अज्ञात कारणों से लगी आग में एक 65 वर्षीय वृद्ध की झुलसकर मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब वृद्ध रतिराम अपनी भैंस को बचाने के लिए जलती हुई झोपड़ी में घुस गए थे। इस अग्निकांड में उनके दो वफादार कुत्तों और तीन बकरियों की भी जान चली गई। करहिया निवासी रतिराम पुत्र दिल्लीपत गांव के बाहर छिरका मार्ग पर खेत में मड़ैया बनाकर अपनी पत्नी के साथ रहते थे, जबकि उनका छोटा बेटा दीपू अपने परिवार सहित गांव में रहता है। मंगलवार दोपहर जब रतिराम की पत्नी अपने बेटे के घर गई हुई थीं, तभी दोपहर बाद अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग ने उनकी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह धू-धू कर जलने लगी। आग देखकर रतिराम ने झोपड़ी के अंदर बंधी भैंस को खोलने का प्रयास किया और जलती झोपड़ी में घुस गए। जैसे ही उन्होंने भैंस को खोला, झोपड़ी का जलता हुआ छप्पर उनके ऊपर गिर गया, जिससे वे उसमें दबकर जल मरे। इस भीषण अग्निकांड में रतिराम की तीन बकरियां और दो कुत्तों की भी जलकर मौत हो गई, हालांकि भैंस आंशिक रूप से झुलस गई है। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार शिखर मिश्रा और पुलिस क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच पड़ताल की और इस अग्निकांड में हुई क्षति का आकलन किया। बताया गया कि जब रतिराम भैंस को खोलने के लिए झोपड़ी में घुसे थे, तो उनके स्वामीभक्त कुत्ते भी उनके साथ जल रही झोपड़ी के अंदर चले गए थे। मृतक के तीन पुत्र हैं, जिनमें से दो बाहर रहते हैं और एक गांव में रहकर किसानी करता है।4