हमीरपुर जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में महज दो रातों तक विद्युत आपूर्ति में सुधार रहने के बाद, सोमवार रात को फिर से अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई, जिससे लोगों की नींद हराम हो गई है। नौतपा शुरू होने के साथ ही दिन और रात में बढ़ती गर्मी के कारण लोग पहले से ही परेशान हैं। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद मिली दो रातों की राहत कायम नहीं रह सकी और सोमवार को रात 2 बजे गायब हुई बिजली तड़के 4 बजे ही वापस आ सकी। इससे पहले रात 10.30 बजे भी एक घंटे की कटौती हुई थी, और फिर सुबह 5 बजे से 6 बजे तक बिजली कटी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों, जिनमें श्रीराम श्रीवास, उदयभान यादव, चंद्र प्रकाश यादव, रामेश्वर वर्मा, दीपू विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, बाबू सिंह और गुरु सिंह शामिल हैं, ने बताया कि अघोषित कटौती ने उनकी रातों की नींद छीन ली है और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि अघोषित कटौती उनके स्तर से नहीं की जा रही है, बल्कि यह "ऊपर से" हो रही है।
हमीरपुर जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में महज दो रातों तक विद्युत आपूर्ति में सुधार रहने के बाद, सोमवार रात को फिर से अघोषित बिजली कटौती शुरू हो गई, जिससे लोगों की नींद हराम हो गई है। नौतपा शुरू होने के साथ ही दिन और रात में बढ़ती गर्मी के कारण लोग पहले से ही परेशान हैं। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद मिली दो रातों की राहत कायम नहीं रह सकी और सोमवार को रात 2 बजे गायब हुई बिजली तड़के 4 बजे ही वापस आ सकी। इससे पहले रात 10.30 बजे भी एक घंटे की कटौती हुई थी, और फिर सुबह 5 बजे से 6 बजे तक बिजली कटी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों, जिनमें श्रीराम श्रीवास, उदयभान यादव, चंद्र प्रकाश यादव, रामेश्वर वर्मा, दीपू विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, बाबू सिंह और गुरु सिंह शामिल हैं, ने बताया कि अघोषित कटौती ने उनकी रातों की नींद छीन ली है और ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि अघोषित कटौती उनके स्तर से नहीं की जा रही है, बल्कि यह "ऊपर से" हो रही है।
- हमीरपुर जनपद के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-34 पर मकरांव गांव के पास मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ओवरटेकिंग के प्रयास में एक लोडर और ईको वैन की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, लोडर वाहन कानपुर की दिशा से आ रहा था, जबकि ईको वैन मौदहा से कानपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान हुई टक्कर में लोडर चालक शाहिद उर्फ डग्गा, जो मौदहा के मोहल्ला हैदरगंज का निवासी है, और ईको वैन चालक समीर पुत्र अकबर, जो हमीरपुर जनपद के पारा का निवासी है, गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस ने दोनों घायल चालकों को मौदहा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, दोनों को आगे के उपचार के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कुठौद थाना क्षेत्र के अतरछला गांव में मारपीट का एक मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांजा पिलाने से मना करने पर कुछ लोगों ने एक युवक पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी माँ को भी चोटें आईं। यह घटना 20 मई 2026 की रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित कुंवर बहादुर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, उनका भाई अगस्त सिंह उर्फ काजू घर के बाहर बैठा था, तभी गांव का एक व्यक्ति वहां पहुंचा और उसे गांजा पिलाने के लिए कहने लगा। जब अगस्त सिंह ने मना किया तो उनके बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि थोड़ी देर बाद, वही आरोपी अपने साथियों के साथ लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर घर में घुस आया और अगस्त सिंह पर हमला कर दिया, जिससे उसके सिर और हाथ में चोटें आईं। बीच-बचाव करने आईं उनकी माँ मुन्नी देवी को भी इस मारपीट में चोटें लगीं। पीड़ित परिवार ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी है, लेकिन उनका कहना है कि अब तक आरोपियों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। गांव के कुछ लोगों ने भी इस घटना की जानकारी होने की पुष्टि की है। परिवार ने पुलिस से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने माती कलेक्ट्रेट परिसर में 'साक्षी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष' का उद्घाटन किया। इस कक्ष का मुख्य उद्देश्य अभियोजन कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ तथा तकनीक आधारित बनाना है। इस अवसर पर अभियोजन एवं प्रशासनिक विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सुविधा से न्यायिक और अभियोजन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। इसके माध्यम से साक्षियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेज़ी आएगी और समय एवं संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल अभियोजन कार्यों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़े मामलों में भी समन्वय बेहतर होगा। संबंधित अधिकारियों ने कक्ष की व्यवस्थाओं और तकनीकी सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।1
- कानपुर देहात के सरैया गाँव से योगी सरकार और 'बाबा जी' से सड़क तथा नाली की गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करने की पुरजोर अपील की गई है। ग्रामीणों ने बताया है कि गाँव की सड़कों पर नाली का पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और सड़कें भी लगातार खराब हो रही हैं। उन्होंने एक उचित नाले के निर्माण की मांग की है, ताकि गाँव का पानी सड़कों पर फैलने के बजाय सही ढंग से निकल सके। इस स्थिति के लिए सरैया के ग्राम प्रधान पर कोई कार्य न करने का सीधा आरोप लगाया गया है, और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ गाँव की बदहाली को उजागर किया गया है।1
- Kish.. Desh.. Me.. Qiya.. Nhihay.. Md.. Anish.. Kuraishi.. Fattepur.. Mushangar.. Kanpur.. Dihat.. U. P1
- बाँदा पुलिस के 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक माँ को उसका 12 साल का मानसिक रूप से कमजोर बच्चा वापस मिल गया, जिसे एक चमत्कार माना जा रहा है। यह बच्चा एक साल पहले घर से लापता हो गया था और मध्य प्रदेश के रीवा स्थित बाल संरक्षण गृह पहुँच गया था। वहाँ से उसे ढूँढकर वाराणसी में उसकी माँ को सौंपा गया था, लेकिन किस्मत के कारण बच्चा फिर से घर से निकल गया और भटकते हुए बाँदा के खुरहंड पहुँच गया। जब वह मिला तो अपना नाम-पता भी नहीं बता पा रहा था और उसकी आँखों में केवल माँ को ढूँढने का सवाल था। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में SJPU, AHTU और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम ने इस मामले में कार्रवाई की। बच्चे को पहले सुरक्षित चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर भेजा गया और फिर उसकी तस्वीर देश भर के चाइल्ड हेल्पलाइन ग्रुपों में प्रसारित की गई। रीवा से मिली जानकारी से यह पुष्टि हुई कि यह वही बच्चा है जो पहले भी वहाँ रह चुका था और वाराणसी में अपनी माँ को सौंपा गया था। इस संयुक्त टीम की कड़ी मेहनत 26 मई को रंग लाई, जब बच्चे को उसकी माँ के हवाले कर दिया गया। बेटे को सीने से लगाते ही माँ की आँखों से खुशी के आँसू बह निकले और उसने रोते हुए पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा बच्चे को घर पहुँचाने में मदद करने वाले हर व्यक्ति को दुआएँ दीं। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस अवसर पर कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' का मुख्य उद्देश्य ही हर बिछड़े हुए चेहरे पर मुस्कान लौटाना है।2
- हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छिरका में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग और समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सका। भंडारे के दौरान सिंह साहब, यादव जी, शर्मा जी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्य भूमिका निभाई। बाबा जी यादव और नरेंद्र शर्मा की उपस्थिति विशेष चर्चा का विषय रही। ग्रामीणों ने ऐसे आयोजनों को समाज में भाईचारा और आपसी प्रेम मजबूत करने वाला बताया। कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी मौदहा, कोतवाली प्रभारी और एसडीएम मौदहा की कार्यशैली की भी सराहना की गई। आयोजकों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि क्षेत्र में आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मानव अधिकार तहसील अध्यक्ष समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन 'सबका साथ, सबका विकास' और 'जय संग विजय संग, जय मानव अधिकार' के नारों के साथ हुआ।2
- कानपुर देहात के माती कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में आगामी बकरीद पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक जिला स्तरीय पीस कमेटी और कानून व्यवस्था की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय की उपस्थिति में हुई इस बैठक में, जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में मस्जिदों, ईदगाहों और अन्य धार्मिक स्थलों के आस-पास विशेष सफाई अभियान चलाए जाएँ और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की नई परंपरा स्थापित न हो, और सभी त्योहारों को पारंपरिक तथा सौहार्दपूर्ण तरीके से ही मनाया जाए। उन्होंने सभी सम्मानित नागरिकों, धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और त्योहारों को शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में मदद करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ हर स्थिति पर नज़र बनाए हुए है, और आम जनता के सहयोग के लिए सदैव उपस्थित रहेगा।1
- आगामी ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद) पर्व को देखते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की कालपी नगर टीम ने प्रशासनिक तैयारियों को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को AIMIM के पदाधिकारियों ने कालपी के उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नगर में साफ-सफाई, बिजली, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की गई। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि 28 मई 2026, गुरुवार को मनाई जाने वाली बकरा ईद कालपी नगर में धार्मिक आस्था और भाईचारे के साथ संपन्न होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे, जिसके लिए प्रशासन से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। AIMIM नेताओं ने नगर में विशेष सफाई अभियान चलाने, नालियों की सफाई कराने, कूड़ा उठान व्यवस्था को सुचारु करने, बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील इलाकों में चूना और दवा का छिड़काव करने के साथ-साथ ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास भी विशेष साफ-सफाई पर जोर दिया गया। संगठन ने त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की भी मांग की, ताकि यह पवित्र पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। AIMIM पदाधिकारियों ने बताया कि बकरा ईद कुर्बानी, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाला त्योहार है, और यदि प्रशासन समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त करता है तो आम जनता को राहत मिलेगी और त्योहार बेहतर माहौल में मनाया जा सकेगा। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष शादाब क़ुरैशी, जिला मुख्य सचिव ऐनूल हसन, नगर उपाध्यक्ष जय किशोर, नगर मुख्य सचिव शहजाद बकाई, संगठन मंत्री इरफान अंसारी, वरिष्ठ नेता इरफान शेख, नगर उपाध्यक्ष कामिल, नगर महामंत्री नासिर अम्बानी, नगर सचिव आमिर पठान, वार्ड अध्यक्ष अमन पठान, नगर सचिव शुएब खान सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1