कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने माती कलेक्ट्रेट परिसर में 'साक्षी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष' का उद्घाटन किया। इस कक्ष का मुख्य उद्देश्य अभियोजन कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ तथा तकनीक आधारित बनाना है। इस अवसर पर अभियोजन एवं प्रशासनिक विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सुविधा से न्यायिक और अभियोजन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। इसके माध्यम से साक्षियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेज़ी आएगी और समय एवं संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल अभियोजन कार्यों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़े मामलों में भी समन्वय बेहतर होगा। संबंधित अधिकारियों ने कक्ष की व्यवस्थाओं और तकनीकी सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने माती कलेक्ट्रेट परिसर में 'साक्षी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष' का उद्घाटन किया। इस कक्ष का मुख्य उद्देश्य अभियोजन कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ तथा तकनीक आधारित बनाना है। इस अवसर पर अभियोजन एवं प्रशासनिक विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सुविधा से न्यायिक और अभियोजन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। इसके माध्यम से साक्षियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेज़ी आएगी और समय एवं संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल अभियोजन कार्यों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़े मामलों में भी समन्वय बेहतर होगा। संबंधित अधिकारियों ने कक्ष की व्यवस्थाओं और तकनीकी सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
- कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने माती कलेक्ट्रेट परिसर में 'साक्षी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष' का उद्घाटन किया। इस कक्ष का मुख्य उद्देश्य अभियोजन कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ तथा तकनीक आधारित बनाना है। इस अवसर पर अभियोजन एवं प्रशासनिक विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सुविधा से न्यायिक और अभियोजन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। इसके माध्यम से साक्षियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेज़ी आएगी और समय एवं संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल अभियोजन कार्यों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़े मामलों में भी समन्वय बेहतर होगा। संबंधित अधिकारियों ने कक्ष की व्यवस्थाओं और तकनीकी सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।1
- कानपुर देहात के सरैया गाँव से योगी सरकार और 'बाबा जी' से सड़क तथा नाली की गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करने की पुरजोर अपील की गई है। ग्रामीणों ने बताया है कि गाँव की सड़कों पर नाली का पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और सड़कें भी लगातार खराब हो रही हैं। उन्होंने एक उचित नाले के निर्माण की मांग की है, ताकि गाँव का पानी सड़कों पर फैलने के बजाय सही ढंग से निकल सके। इस स्थिति के लिए सरैया के ग्राम प्रधान पर कोई कार्य न करने का सीधा आरोप लगाया गया है, और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ गाँव की बदहाली को उजागर किया गया है।1
- आगामी ईद-उल-अज़हा (बकरा ईद) पर्व को देखते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की कालपी नगर टीम ने प्रशासनिक तैयारियों को लेकर मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को AIMIM के पदाधिकारियों ने कालपी के उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नगर में साफ-सफाई, बिजली, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की गई। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि 28 मई 2026, गुरुवार को मनाई जाने वाली बकरा ईद कालपी नगर में धार्मिक आस्था और भाईचारे के साथ संपन्न होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे, जिसके लिए प्रशासन से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। AIMIM नेताओं ने नगर में विशेष सफाई अभियान चलाने, नालियों की सफाई कराने, कूड़ा उठान व्यवस्था को सुचारु करने, बिजली की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील इलाकों में चूना और दवा का छिड़काव करने के साथ-साथ ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास भी विशेष साफ-सफाई पर जोर दिया गया। संगठन ने त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की भी मांग की, ताकि यह पवित्र पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। AIMIM पदाधिकारियों ने बताया कि बकरा ईद कुर्बानी, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाला त्योहार है, और यदि प्रशासन समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त करता है तो आम जनता को राहत मिलेगी और त्योहार बेहतर माहौल में मनाया जा सकेगा। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष शादाब क़ुरैशी, जिला मुख्य सचिव ऐनूल हसन, नगर उपाध्यक्ष जय किशोर, नगर मुख्य सचिव शहजाद बकाई, संगठन मंत्री इरफान अंसारी, वरिष्ठ नेता इरफान शेख, नगर उपाध्यक्ष कामिल, नगर महामंत्री नासिर अम्बानी, नगर सचिव आमिर पठान, वार्ड अध्यक्ष अमन पठान, नगर सचिव शुएब खान सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- जालौन में खाकी की गुंडई की बेहद शर्मनाक तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ होमगार्ड जवानों ने एक युवक को जमीन पर गिराकर बेरहमी से लात-घूँसों से पीटा। यह घटना जालौन के कोंच तहसील परिसर में हुई और मारपीट करते होमगार्ड मीडिया के कैमरे में कैद हो गए। तहसीलदार की सुरक्षा में तैनात इन होमगार्डों ने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को निशाना बनाया और उसके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। यह पूरा वाकया पुलिस बल के भीतर की 'गुंडई' और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।1
- आज ही के दिन 2014 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत "मैं, नरेन्द्र दामोदरदास मोदी..." इन शब्दों के साथ की थी।1
- उत्तर प्रदेश अब तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसरों, स्टार्टअप्स और डिजिटल विकास को गति प्रदान करना है। इस पहल के साथ, उत्तर प्रदेश एआई हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह राज्य टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।1
- देश में पुलिस व्यवस्था पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है, जहाँ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मी कहीं रिश्वत लेते हैं, कहीं लोगों को पीटते हैं और कहीं बेवजह बाइक रोकते हैं, जिससे पुलिस बदनाम हो रही है। यह भी कहा गया है कि ऐसे 'गद्दार पुलिस सिस्टम' की वजह से ही भारत पीछे है। एक तीखा सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि अगर यही स्थिति इन पुलिसकर्मियों की अपनी बेटी के साथ हो, तो क्या वे तब भी ऐसे ही हँसेंगे? इस पर पुलिसकर्मियों को शर्म आनी चाहिए। पोस्ट में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता खुद ही एक्शन लेगी।1
- कानपुर देहात के माती कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में आगामी बकरीद पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक जिला स्तरीय पीस कमेटी और कानून व्यवस्था की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय की उपस्थिति में हुई इस बैठक में, जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्रों में मस्जिदों, ईदगाहों और अन्य धार्मिक स्थलों के आस-पास विशेष सफाई अभियान चलाए जाएँ और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की नई परंपरा स्थापित न हो, और सभी त्योहारों को पारंपरिक तथा सौहार्दपूर्ण तरीके से ही मनाया जाए। उन्होंने सभी सम्मानित नागरिकों, धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें और त्योहारों को शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में मदद करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ हर स्थिति पर नज़र बनाए हुए है, और आम जनता के सहयोग के लिए सदैव उपस्थित रहेगा।1