Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश अब तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसरों, स्टार्टअप्स और डिजिटल विकास को गति प्रदान करना है। इस पहल के साथ, उत्तर प्रदेश एआई हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह राज्य टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
Pankaj Gupta
उत्तर प्रदेश अब तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसरों, स्टार्टअप्स और डिजिटल विकास को गति प्रदान करना है। इस पहल के साथ, उत्तर प्रदेश एआई हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह राज्य टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश अब तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसरों, स्टार्टअप्स और डिजिटल विकास को गति प्रदान करना है। इस पहल के साथ, उत्तर प्रदेश एआई हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह राज्य टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।1
- जालौन तहसील परिसर में स्थापित पानी की टंकी की दयनीय स्थिति के कारण वहां आने वाले सैकड़ों फरियादी, अधिवक्ता और कर्मचारी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में तहसील पहुंचने वाले लोगों को साफ पानी न मिलने से उनमें भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तहसील परिसर में प्रतिदिन अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं मिलती। टंकी की लंबे समय से सफाई न होने के कारण पानी में बदबू और काई साफ दिखाई देती है। बताया गया है कि अधिकारियों से कई बार वाटर कूलर लगाने और टंकी की नियमित सफाई कराने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल पानी की टंकी की सफाई कराने और तहसील परिसर में स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि गर्मी में आने वाले लोगों को राहत मिल सके।1
- जालौन ज़िले के कोंच में ग्रामीणों ने एक कुँए को पाटकर उस पर कब्ज़ा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में ग्रामीणों ने उप-जिलाधिकारी (SDM) से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।1
- कानपुर देहात में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने माती कलेक्ट्रेट परिसर में 'साक्षी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष' का उद्घाटन किया। इस कक्ष का मुख्य उद्देश्य अभियोजन कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ तथा तकनीक आधारित बनाना है। इस अवसर पर अभियोजन एवं प्रशासनिक विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस सुविधा से न्यायिक और अभियोजन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। इसके माध्यम से साक्षियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेज़ी आएगी और समय एवं संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल अभियोजन कार्यों को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़े मामलों में भी समन्वय बेहतर होगा। संबंधित अधिकारियों ने कक्ष की व्यवस्थाओं और तकनीकी सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में जालौन से लौना रोड की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनता को बहुत परेशानी हो रही है। ग्राउंड जीरो से देवेश कुमार स्वर्णकार की इस रिपोर्ट में, यह आरोप लगाया गया है कि जालौन में प्रदेश सरकार के मुखिया के आदेश लागू नहीं होते, जो जनता की इस तकलीफ़ को और बढ़ा रहा है।1
- कानपुर देहात के सरैया गाँव से योगी सरकार और 'बाबा जी' से सड़क तथा नाली की गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करने की पुरजोर अपील की गई है। ग्रामीणों ने बताया है कि गाँव की सड़कों पर नाली का पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और सड़कें भी लगातार खराब हो रही हैं। उन्होंने एक उचित नाले के निर्माण की मांग की है, ताकि गाँव का पानी सड़कों पर फैलने के बजाय सही ढंग से निकल सके। इस स्थिति के लिए सरैया के ग्राम प्रधान पर कोई कार्य न करने का सीधा आरोप लगाया गया है, और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ गाँव की बदहाली को उजागर किया गया है।1
- मिली जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान बिजली की व्यवस्था ऐसी थी कि लोग अपने कपड़े बिजली के तारों पर सुखाया करते थे।1
- कानपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा गठित मेडिकल टीम ने अपनी संशोधित जांच रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर इलाज में हुई अत्यधिक देरी को गंभीर लापरवाही माना गया है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया है कि इन दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। वहीं, रिपोर्ट में आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद की बात से भी इनकार किया गया है।1
- जालौन तहसील क्षेत्र के सारंगपुर गांव में पेयजल का गहरा संकट है, जहाँ ग्रामीण बेहद गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे वे बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने गांव के प्रधान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि पेयजल व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई बार शिकायत के बावजूद समाधान न मिलने पर नाराज ग्रामीण गंदा पानी बोतलों में भरकर तहसील पहुंचे और अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताई। उनका कहना है कि दूषित पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। तहसील पहुंचे इन ग्रामीणों ने प्रशासन से साफ पेयजल उपलब्ध कराने और खराब पाइपलाइन व टंकी की जांच कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को दूर करने और स्थायी समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाता है।1