Shuru
Apke Nagar Ki App…
कानपुर देहात के सरैया गाँव से योगी सरकार और 'बाबा जी' से सड़क तथा नाली की गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करने की पुरजोर अपील की गई है। ग्रामीणों ने बताया है कि गाँव की सड़कों पर नाली का पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और सड़कें भी लगातार खराब हो रही हैं। उन्होंने एक उचित नाले के निर्माण की मांग की है, ताकि गाँव का पानी सड़कों पर फैलने के बजाय सही ढंग से निकल सके। इस स्थिति के लिए सरैया के ग्राम प्रधान पर कोई कार्य न करने का सीधा आरोप लगाया गया है, और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ गाँव की बदहाली को उजागर किया गया है।
Akash Ali
कानपुर देहात के सरैया गाँव से योगी सरकार और 'बाबा जी' से सड़क तथा नाली की गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करने की पुरजोर अपील की गई है। ग्रामीणों ने बताया है कि गाँव की सड़कों पर नाली का पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और सड़कें भी लगातार खराब हो रही हैं। उन्होंने एक उचित नाले के निर्माण की मांग की है, ताकि गाँव का पानी सड़कों पर फैलने के बजाय सही ढंग से निकल सके। इस स्थिति के लिए सरैया के ग्राम प्रधान पर कोई कार्य न करने का सीधा आरोप लगाया गया है, और 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे के साथ गाँव की बदहाली को उजागर किया गया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जालौन जनपद के कदौरा विकास खंड कार्यालय में सोमवार को एक कर्मचारी विवाद के दौरान मारपीट की घटना सामने आई, जिसमें मनरेगा पटल पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर और एक रोजगार सेवक के बीच कहासुनी के बाद रोजगार सेवक घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान कुर्सी और कंप्यूटर मॉनिटर से हमला किया गया था। घटना के बाद कुछ समय के लिए ब्लॉक कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल रहा और घायल कर्मचारी को उपचार व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। घायल पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह विवाद फाइल संबंधी कार्य और प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चला आ रहा था। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी अपना पक्ष रखा जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से जानकारी जुटा चुकी है। घटना के बाद कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी चर्चा हुई; कर्मचारियों का मानना है कि घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई होगी, जबकि संबंधित अधिकारियों ने कैमरों की स्थिति की जांच कराए जाने की बात कही है। कुछ कर्मचारियों और स्थानीय लोगों द्वारा मनरेगा कार्यों में कथित कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- जालौन में सरकारी नाला निर्माण कार्य को लेकर महिलाओं के बीच भीषण मारपीट हुई है। यह घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के लोना गांव में सामने आई, जहां एक दबंग कोटेदार ने पुरानी खुन्नस के चलते महिलाओं और उनकी पड़ोसी महिलाओं पर हमला कर दिया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।1
- हमारी सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी व्यक्ति की आस्था, पूजा-पद्धति और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं है। हालाँकि, सरकार ने चेतावनी दी है कि नमाज़ के नाम पर कानून को अपने हाथ में लेने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जाएगी। सरकार ने यह भी बताया है कि उत्तराखंड में नमाज़ केवल निर्धारित और उपयुक्त स्थानों पर ही पढ़ी जाएगी।1
- कानपुर देहात में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में गौशालाओं के संचालन एवं उनकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की गौशालाओं में निराश्रित एवं बेसहारा गौवंशों के संरक्षण, भरण-पोषण और उपचार की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद की समस्त गौशालाओं में गौवंशों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल, हरा और सूखा चारा उपलब्ध रहना चाहिए, जिसकी दैनिक उपलब्धता का रजिस्टर नियमित रूप से संधारित किया जाए। पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं में निरंतर स्वास्थ्य परीक्षण, सभी गौवंशों की अनिवार्य ईयर टैगिंग और समय-समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बीमार पशुओं के लिए संक्रमण फैलने से रोकने हेतु पृथक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, शेड, बाउंड्रीवाल, फर्श और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर भी बल दिया गया। साथ ही, हीटवेव के दृष्टिगत गौवंशों के संरक्षण हेतु आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। गौ आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे न लगवाए जाने के संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु चिकित्साधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 02 दिवस के भीतर गौ आश्रय स्थलों में कैमरे लगाने का कार्य पूर्ण नहीं होता है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप समय पर मांग प्रेषित करने तथा केयर टेकरों का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारियों को भी निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित निरीक्षण करने और अपनी निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए गौशालाओं को एक आदर्श स्वरूप प्रदान करने की बात कही और स्पष्ट किया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल और समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी ग्राम पंचायत अधिकारी एवं नोडल अधिकारी ज़ूम मीटिंग के माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।1
- जालौन जिले के डकोर विकास खंड के टीकर और कुशमिलिया गांवों में भीषण आग लगने से कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह उजड़ गई है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घरों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया, जिससे अब इन पीड़ित परिवारों के सामने खाने-पीने तक का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बताया गया है कि शिवकुमार और उनका परिवार रात में अपने घर के अंदर सो रहा था, तभी मोहल्ले के लोगों ने घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख शोर मचाकर उन्हें जगाया। हालांकि, परिवार के बाहर निकलने तक आग पूरे घर में बुरी तरह फैल चुकी थी। इस घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती, तब तक घरों में रखे कपड़े, बिस्तर, अनाज, घरेलू सामान और महत्वपूर्ण कागजात सहित सब कुछ जलकर राख हो चुका था। आग की इस त्रासदी ने कई परिवारों को पूरी तरह प्रभावित किया है, जिसके चलते वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और भोजन के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।1
- कानपुर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा गठित मेडिकल टीम ने अपनी संशोधित जांच रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर इलाज में हुई अत्यधिक देरी को गंभीर लापरवाही माना गया है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया है कि इन दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। वहीं, रिपोर्ट में आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद की बात से भी इनकार किया गया है।1
- कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लड़ाई-झगड़े की घटनाएँ सामने आईं। इन मामलों में, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिए। पुलिस ने इन शिकायतों की जाँच-पड़ताल की और माहौल बिगाड़ने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्यवाही की। थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।1
- जालौन जिले के माधौगढ़ क्षेत्र में स्थित भैरव बाबा इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलती ट्रक में अचानक आग लग गई। आग लगते ही मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और तत्काल इसकी सूचना पुलिस तथा दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ट्रक के पिछले हिस्से में लगी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या कोई तकनीकी खराबी माना जा रहा है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'मेट्रो मंडे' पहल के तहत अपने आवास से सचिवालय तक की यात्रा मेट्रो और डीटीसी बस से की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हुए अपने दिन की शुरुआत की।1