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जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में जालौन से लौना रोड की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनता को बहुत परेशानी हो रही है। ग्राउंड जीरो से देवेश कुमार स्वर्णकार की इस रिपोर्ट में, यह आरोप लगाया गया है कि जालौन में प्रदेश सरकार के मुखिया के आदेश लागू नहीं होते, जो जनता की इस तकलीफ़ को और बढ़ा रहा है।
Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में जालौन से लौना रोड की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनता को बहुत परेशानी हो रही है। ग्राउंड जीरो से देवेश कुमार स्वर्णकार की इस रिपोर्ट में, यह आरोप लगाया गया है कि जालौन में प्रदेश सरकार के मुखिया के आदेश लागू नहीं होते, जो जनता की इस तकलीफ़ को और बढ़ा रहा है।
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- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चलाए गए एक चेकिंग अभियान के तहत आज दूसरे दिन भी अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल आठ ट्रकों को पकड़ा गया।1
- आज ही के दिन 2014 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत "मैं, नरेन्द्र दामोदरदास मोदी..." इन शब्दों के साथ की थी।1
- जालौन ज़िले के कोंच में ग्रामीणों ने एक कुँए को पाटकर उस पर कब्ज़ा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में ग्रामीणों ने उप-जिलाधिकारी (SDM) से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश अब तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसरों, स्टार्टअप्स और डिजिटल विकास को गति प्रदान करना है। इस पहल के साथ, उत्तर प्रदेश एआई हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह राज्य टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।1
- देश में पुलिस व्यवस्था पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है, जहाँ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मी कहीं रिश्वत लेते हैं, कहीं लोगों को पीटते हैं और कहीं बेवजह बाइक रोकते हैं, जिससे पुलिस बदनाम हो रही है। यह भी कहा गया है कि ऐसे 'गद्दार पुलिस सिस्टम' की वजह से ही भारत पीछे है। एक तीखा सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि अगर यही स्थिति इन पुलिसकर्मियों की अपनी बेटी के साथ हो, तो क्या वे तब भी ऐसे ही हँसेंगे? इस पर पुलिसकर्मियों को शर्म आनी चाहिए। पोस्ट में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता खुद ही एक्शन लेगी।1
- जालौन जिले के डकोर विकास खंड के टीकर और कुशमिलिया गांवों में भीषण आग लगने से कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह उजड़ गई है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घरों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया, जिससे अब इन पीड़ित परिवारों के सामने खाने-पीने तक का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बताया गया है कि शिवकुमार और उनका परिवार रात में अपने घर के अंदर सो रहा था, तभी मोहल्ले के लोगों ने घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख शोर मचाकर उन्हें जगाया। हालांकि, परिवार के बाहर निकलने तक आग पूरे घर में बुरी तरह फैल चुकी थी। इस घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती, तब तक घरों में रखे कपड़े, बिस्तर, अनाज, घरेलू सामान और महत्वपूर्ण कागजात सहित सब कुछ जलकर राख हो चुका था। आग की इस त्रासदी ने कई परिवारों को पूरी तरह प्रभावित किया है, जिसके चलते वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और भोजन के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।1
- जालौन तहसील क्षेत्र के सारंगपुर गांव में पेयजल का गहरा संकट है, जहाँ ग्रामीण बेहद गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे वे बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने गांव के प्रधान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि पेयजल व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई बार शिकायत के बावजूद समाधान न मिलने पर नाराज ग्रामीण गंदा पानी बोतलों में भरकर तहसील पहुंचे और अधिकारियों को अपनी पीड़ा बताई। उनका कहना है कि दूषित पानी पीने से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। तहसील पहुंचे इन ग्रामीणों ने प्रशासन से साफ पेयजल उपलब्ध कराने और खराब पाइपलाइन व टंकी की जांच कराने की पुरजोर मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को दूर करने और स्थायी समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाता है।1
- जालौन जिले के डकोर ब्लॉक क्षेत्र में स्थित कुसमिलिया और टीकर गांवों में अज्ञात कारणों से अचानक आग लगने से दो दर्जन से अधिक घर उसकी चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपने घरों से सामान निकालने में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। आग बुझाने के दौरान ग्रामीण बाल्टियों और पाइपों के माध्यम से पानी डालते हुए नजर आए। इस अग्निकांड में कई परिवारों का घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर राख हो गईं। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लेने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच जारी है।4
- मिली जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान बिजली की व्यवस्था ऐसी थी कि लोग अपने कपड़े बिजली के तारों पर सुखाया करते थे।1