जालौन तहसील परिसर में स्थापित पानी की टंकी की दयनीय स्थिति के कारण वहां आने वाले सैकड़ों फरियादी, अधिवक्ता और कर्मचारी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में तहसील पहुंचने वाले लोगों को साफ पानी न मिलने से उनमें भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तहसील परिसर में प्रतिदिन अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं मिलती। टंकी की लंबे समय से सफाई न होने के कारण पानी में बदबू और काई साफ दिखाई देती है। बताया गया है कि अधिकारियों से कई बार वाटर कूलर लगाने और टंकी की नियमित सफाई कराने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल पानी की टंकी की सफाई कराने और तहसील परिसर में स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि गर्मी में आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
जालौन तहसील परिसर में स्थापित पानी की टंकी की दयनीय स्थिति के कारण वहां आने वाले सैकड़ों फरियादी, अधिवक्ता और कर्मचारी दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में तहसील पहुंचने वाले लोगों को साफ पानी न मिलने से उनमें भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, तहसील परिसर में प्रतिदिन अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं मिलती। टंकी की लंबे समय से सफाई न होने के कारण पानी में बदबू और काई साफ दिखाई देती है। बताया गया है कि अधिकारियों से कई बार वाटर कूलर लगाने और टंकी की नियमित सफाई कराने की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल पानी की टंकी की सफाई कराने और तहसील परिसर में स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि गर्मी में आने वाले लोगों को राहत मिल सके।
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चलाए गए एक चेकिंग अभियान के तहत आज दूसरे दिन भी अवैध खनन, परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान कुल आठ ट्रकों को पकड़ा गया।1
- लखनऊ में भीषण 46°C गर्मी के बावजूद एसएससी जीडी (SSC GD) की परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को निराशा हाथ लगी। सर्वर डाउन होने के कारण यह परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। शहर में अत्यधिक तापमान के बीच परीक्षा केंद्र पहुंचे छात्रों को तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा रद्द होने की सूचना मिली, जिससे उनमें आक्रोश देखा गया।1
- जालौन ज़िले के कोंच में ग्रामीणों ने एक कुँए को पाटकर उस पर कब्ज़ा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में ग्रामीणों ने उप-जिलाधिकारी (SDM) से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश अब तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेक्टर में बड़े निवेश की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसरों, स्टार्टअप्स और डिजिटल विकास को गति प्रदान करना है। इस पहल के साथ, उत्तर प्रदेश एआई हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह राज्य टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।1
- देश में पुलिस व्यवस्था पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है, जहाँ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मी कहीं रिश्वत लेते हैं, कहीं लोगों को पीटते हैं और कहीं बेवजह बाइक रोकते हैं, जिससे पुलिस बदनाम हो रही है। यह भी कहा गया है कि ऐसे 'गद्दार पुलिस सिस्टम' की वजह से ही भारत पीछे है। एक तीखा सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि अगर यही स्थिति इन पुलिसकर्मियों की अपनी बेटी के साथ हो, तो क्या वे तब भी ऐसे ही हँसेंगे? इस पर पुलिसकर्मियों को शर्म आनी चाहिए। पोस्ट में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता खुद ही एक्शन लेगी।1
- जालौन जिले के डकोर विकास खंड के टीकर और कुशमिलिया गांवों में भीषण आग लगने से कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह उजड़ गई है। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घरों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया, जिससे अब इन पीड़ित परिवारों के सामने खाने-पीने तक का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बताया गया है कि शिवकुमार और उनका परिवार रात में अपने घर के अंदर सो रहा था, तभी मोहल्ले के लोगों ने घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख शोर मचाकर उन्हें जगाया। हालांकि, परिवार के बाहर निकलने तक आग पूरे घर में बुरी तरह फैल चुकी थी। इस घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती, तब तक घरों में रखे कपड़े, बिस्तर, अनाज, घरेलू सामान और महत्वपूर्ण कागजात सहित सब कुछ जलकर राख हो चुका था। आग की इस त्रासदी ने कई परिवारों को पूरी तरह प्रभावित किया है, जिसके चलते वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और भोजन के लिए भी दूसरों पर निर्भर हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।1
- मंगलवार सुबह जालौन में एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पंडितपुर की है, जहाँ महिला लंबे समय से अपने दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। जानकारी के अनुसार, पंडितपुर निवासी श्याम बिहारी दोहरे की पुत्री प्रियंका का विवाह वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश निवासी एक युवक से हुआ था। प्रियंका के परिजनों का आरोप है कि शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में उसके ससुराल पक्ष द्वारा प्रियंका का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जाने लगा था।1
- जालौन जिले के डकोर ब्लॉक क्षेत्र में स्थित कुसमिलिया और टीकर गांवों में अज्ञात कारणों से अचानक आग लगने से दो दर्जन से अधिक घर उसकी चपेट में आ गए, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और वे अपने घरों से सामान निकालने में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया। आग बुझाने के दौरान ग्रामीण बाल्टियों और पाइपों के माध्यम से पानी डालते हुए नजर आए। इस अग्निकांड में कई परिवारों का घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं जलकर राख हो गईं। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लेने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच जारी है।4
- आज ही के दिन 2014 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी। उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत "मैं, नरेन्द्र दामोदरदास मोदी..." इन शब्दों के साथ की थी।1