सरायकेला: राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ* सरायकेला- सरायकेला के ऐतिहासिक बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को 'राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026' का रंगारंग आगाज हुआ। इस अवसर पर गरिमामय उपस्थिति के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती जोबा मांझी उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में जिला परिषद के सोनाराम बोदरा, आदित्यपुर के महापौर श्री संजय सरदार, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी, सरायकेला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत शामिल हुए। सभी गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव का शुभारंभ 'मंगला चरण' और संगीतमय आराधना के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। वृंदावनी घट का आगमन पर सभी भक्ताओं को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात सरायकेला के प्रसिद्ध छऊ नृत्य कलाकारों ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। पारंपरिक मुखौटों और सधे हुए कदमों की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। "छऊ नृत्य हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और यह महोत्सव इसे वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरायकेला: राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ* सरायकेला- सरायकेला के ऐतिहासिक बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को 'राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026' का रंगारंग आगाज हुआ। इस अवसर पर गरिमामय उपस्थिति के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती जोबा मांझी उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में
जिला परिषद के सोनाराम बोदरा, आदित्यपुर के महापौर श्री संजय सरदार, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी, सरायकेला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत शामिल हुए। सभी गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव का शुभारंभ 'मंगला चरण' और संगीतमय आराधना के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। वृंदावनी घट का आगमन
पर सभी भक्ताओं को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात सरायकेला के प्रसिद्ध छऊ नृत्य कलाकारों ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। पारंपरिक मुखौटों और सधे हुए कदमों की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। "छऊ नृत्य हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और यह महोत्सव इसे वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- * सरायकेला- सरायकेला के ऐतिहासिक बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को 'राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026' का रंगारंग आगाज हुआ। इस अवसर पर गरिमामय उपस्थिति के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती जोबा मांझी उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में जिला परिषद के सोनाराम बोदरा, आदित्यपुर के महापौर श्री संजय सरदार, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी, सरायकेला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत शामिल हुए। सभी गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव का शुभारंभ 'मंगला चरण' और संगीतमय आराधना के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। वृंदावनी घट का आगमन पर सभी भक्ताओं को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात सरायकेला के प्रसिद्ध छऊ नृत्य कलाकारों ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। पारंपरिक मुखौटों और सधे हुए कदमों की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। "छऊ नृत्य हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और यह महोत्सव इसे वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।3
- Post by Ravi Gupta4
- राजनगर-जुगसलाई मुख्य मार्ग पर स्थित खैरकोचा पुल निर्माण कार्य अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। आरोप है कि इस अति संवेदनशील और व्यस्त मार्ग पर पुल का निर्माण कार्य रात के अंधेरे में बिना किसी सुरक्षा मानकों के किया जा रहा है, जबकि प्रशासन पूरी तरह चुप्पी साधे बैठा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की ढलाई का काम देर रात तक जारी रहता है, लेकिन मौके पर न तो किसी इंजीनियर की निगरानी नजर आती है और न ही मजदूरों या राहगीरों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम। न चेतावनी बोर्ड, न बैरिकेडिंग और न ही लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था—ऐसे में किसी भी वक्त बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं, वहां इस तरह की लापरवाही खुलेआम देखने को मिल रही है। बावजूद इसके संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों और राहगीरों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी और निर्माण कार्य की जांच नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह पुल किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। अब सवाल उठता है कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या संबंधित विभाग, ठेकेदार या फिर प्रशासन—और कब तक यूं ही नियमों की अनदेखी होती रहेगी?1
- सरायकेला खरसावां जिले के तिरूलडीह पंचायत अंतर्गत सापारूम गांव में दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के जंगली हाथियों के हमले से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई , मौत की पहचान राधा तंतुबाई उम्र लगभग 55 से 60 वर्ष के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगली हाथी गांव में प्रवेश किया और इसी दौरान राधा तंतु बाई उसकी चपेट में आज गए। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण भय के साथ में जीने को मजबूर है। भोजन और पानी की तलाश में हाथियों की झुंड रात ही नहीं बल्कि सुबह दिन दोपहर शाम हाथी की झुंड भोजन पानी की खोज में गांव में प्रवेश कर जाते हैं और मानव संघर्ष होता है। सूचना मिलते ही चांडिल वन क्षेत्र विभाग के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्य की प्रक्रिया पूरी करते हुई, मानव के परिजनों को 50,000 की नगद सहायता राशि प्रदान की। वहीं शेष 3.50 लाख रुपए की राशि की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। घटना की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी कौशल कुमार भी अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में हाथी दस्ता की तैनाती की जाए , साथ ही हाथियों को भगाने के लिए टॉर्च लाइट और पटाखें की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पश्चिम बंगाल के अपेक्षा झारखंड राज्य में हाथी आने-जाने सूचना ग्रामीणों को नहीं दिया जाता है जिससे आम मानस को हाथियों के साथ संघर्ष होता है। जंगल की तराई में अवैध रूप से देशी महुआ दारू की जुलाई का संचालक द्वारा किए इस पर रोक लगे। हाथी की झुंड दारू की जुलाई सामग्री पदार्थ को खाने के बाद मस्त हो जाते हैं। जिसे हाथी भटकते रहते हैं मानव को देखने की आक्रामक कर देते हैं। हाथी की झूंड को दलमा सेंचुरी चांडिल की ओर ड्राइव करके पहुंचाया जाए। जहां उसके लिए उचित जगह है।1
- बिजली विभाग के ठेकेदार ने बगैर अनुमति के गढ्ढे खोद कर जलापूर्ति पाईप किया क्षतिग्रस्त बड़ी बाजार चाईबासा स्टेट लाइब्रेरी के पास मेन रोड में बिजली विभाग द्वारा बगैर अनुमति के गढ़ा खोद कर जलापूर्ति पाईप क्षति ग्रस्त कर देने के कारण शहर के बड़ी बाजार, सदर बाजार , मधु बाजार सहित कई हिस्सों में चार दिनों से जलापूर्ति बाधित हो गया है। बिजली विभाग द्वारा सदर अस्पताल तक अंडर ग्राउंड केबलिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के ठेकेदार द्वारा नगर पर्षद अथवा एनएच विभाग से अनुमति लिए बगैर रात के अंधेरे में कार्य कराया जा रहा था। चार रात से चल रहे कार्य पर नगर पर्षद अथवा पेयजल स्वच्छता विभाग द्वारा नजर नहीं रखने के कारण जलापूर्ति पाईप क्षति ग्रस्त कर दिया गया। चार दिन से इलाके में जलापूर्ति बाधित है। पाइप क्षति ग्रस्त होने और हंगामे के बाद पेयजल स्वच्छता विभाग के अभियंता कार्य स्थल पर पहुंचे है। फटे पाईप को देख रहे है। 48 घंटे से यहां फटे पाईप का जमा पानी निकाला जा रहा है। #चाईबासासमाचार #लोहांचलसमाचार #chaibasaproblem #कोल्हानखबर #पसिंहभूमसमाचार #chaibasanews #lohanchalnews #BreakingNews1
- Post by Gudiya Kumari1
- लड़की को उठाने की धमकी दे रहा था *अब्दुल* , लड़की की मां ने *अब्दुल* को ही उठा लिया , फिर अब्दुल भाई जान को ऐसा पे.... फिर अब्दुल को याद कि वो उत्तर प्रदेश में है 🤣 🤣 👆👍 🤜🤜1
- सरायकेला- सरायकेला के ऐतिहासिक बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को 'राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026' का रंगारंग आगाज हुआ। इस अवसर पर गरिमामय उपस्थिति के बीच दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती जोबा मांझी उपस्थित रहीं। उनके साथ विशिष्ट अतिथियों में जिला परिषद के सोनाराम बोदरा, आदित्यपुर के महापौर श्री संजय सरदार, सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज चौधरी, सरायकेला उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत शामिल हुए। सभी गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव का शुभारंभ 'मंगला चरण' और संगीतमय आराधना के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। वृंदावनी घट का आगमन पर सभी भक्ताओं को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात सरायकेला के प्रसिद्ध छऊ नृत्य कलाकारों ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया। पारंपरिक मुखौटों और सधे हुए कदमों की जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। "छऊ नृत्य हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और यह महोत्सव इसे वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।3