logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सतना शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित 'चौपाटी 24/7 रेल कोच रेस्टोरेंट', जो कभी शहरवासियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र था, अब बदहाली और उपेक्षा का शिकार होकर असामाजिक तत्वों का सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। यह क्षेत्र भारी गंदगी और कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे अव्यवस्था फैली हुई है। वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि बंद पड़े इस रेल कोच के नीचे और आस-पास लोग झुंड बनाकर बैठे रहते हैं। इस स्थिति के कारण आम जनता, खासकर महिलाओं और बच्चों को इस रास्ते से गुजरते हुए असुरक्षित महसूस होता है। शहर के एक महत्वपूर्ण स्थान पर ऐसी स्थिति का उत्पन्न होना स्थानीय प्रशासन और रेलवे की देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों ने इस ओर प्रशासन से तत्काल ध्यान देने की मांग की है, ताकि इस जगह को अवैध गतिविधियों से मुक्त कराया जा सके और इसे दोबारा सुरक्षित बनाकर या तो इसका विधिवत उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

1 day ago
user_Unchehra news
Unchehra news
News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
1 day ago

सतना शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित 'चौपाटी 24/7 रेल कोच रेस्टोरेंट', जो कभी शहरवासियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र था, अब बदहाली और उपेक्षा का शिकार होकर असामाजिक तत्वों का सुरक्षित पनाहगाह बन गया है। यह क्षेत्र भारी गंदगी और कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुका है, जिससे अव्यवस्था फैली हुई है। वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि बंद पड़े इस रेल कोच के नीचे और आस-पास लोग झुंड बनाकर बैठे रहते हैं। इस स्थिति के कारण आम जनता, खासकर महिलाओं और बच्चों को इस रास्ते से गुजरते हुए असुरक्षित महसूस होता है। शहर के एक महत्वपूर्ण स्थान पर ऐसी स्थिति का उत्पन्न होना स्थानीय प्रशासन और रेलवे की देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों ने इस ओर प्रशासन से तत्काल ध्यान देने की मांग की है, ताकि इस जगह को अवैध गतिविधियों से मुक्त कराया जा सके और इसे दोबारा सुरक्षित बनाकर या तो इसका विधिवत उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • सोशल मीडिया पर कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिसकर्मी दो युवकों को पकड़े हुए दिख रहे हैं, जिन पर पुलिस ने मोबाइल चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया है। वीडियो के अनुसार, पुलिसकर्मी कथित तौर पर लड़कों को एक मोबाइल का डिब्बा पकड़ने के लिए दे रहे हैं, जिस पर एक युवक निडर होकर कहता है कि 'चोरी नहीं की तो डिब्बा क्यों पकड़ूं?' युवक तर्क दे रहा है कि अगर उसने चोरी नहीं की है, तो उसे पुलिस के आरोपों के सामने झुकने या सबूत के तौर पर डिब्बा पकड़ने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है। यह वीडियो इंटरनेट पर व्यापक बहस का विषय बन गया है, जहां कुछ लोग इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर तंज के रूप में देख रहे हैं, वहीं आम जनता पुलिस की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठा रही है। #KanpurPolice, #ViralVideo, #UPPolice, #Justice, #CrimeNews जैसे हैशटैग्स के साथ यह वीडियो चर्चा में है, और लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि जिस तरह से इन युवकों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या किसी निर्दोष को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या जबरन सबूत थमाना सही है?
    1
    सोशल मीडिया पर कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिसकर्मी दो युवकों को पकड़े हुए दिख रहे हैं, जिन पर पुलिस ने मोबाइल चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया है। वीडियो के अनुसार, पुलिसकर्मी कथित तौर पर लड़कों को एक मोबाइल का डिब्बा पकड़ने के लिए दे रहे हैं, जिस पर एक युवक निडर होकर कहता है कि 'चोरी नहीं की तो डिब्बा क्यों पकड़ूं?'

युवक तर्क दे रहा है कि अगर उसने चोरी नहीं की है, तो उसे पुलिस के आरोपों के सामने झुकने या सबूत के तौर पर डिब्बा पकड़ने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है। यह वीडियो इंटरनेट पर व्यापक बहस का विषय बन गया है, जहां कुछ लोग इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर तंज के रूप में देख रहे हैं, वहीं आम जनता पुलिस की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठा रही है। #KanpurPolice, #ViralVideo, #UPPolice, #Justice, #CrimeNews जैसे हैशटैग्स के साथ यह वीडियो चर्चा में है, और लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि जिस तरह से इन युवकों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या किसी निर्दोष को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या जबरन सबूत थमाना सही है?
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मैहर विधायक श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैहर में होने वाले हर काम में पूरी पारदर्शिता लाना है।
    1
    मैहर विधायक श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैहर में होने वाले हर काम में पूरी पारदर्शिता लाना है।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    38 min ago
  • मैहर देहात थाना क्षेत्र के ग्राम भटगावां में 'गुंडाराज' जारी है। इसी कारण महिपाल दहिया के पूरे परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। यह गंभीर स्थिति देहात थाना के अंतर्गत आने वाले भटगावां गांव में बनी हुई है, जहां न्याय की प्रतीक्षा अब भी जारी है।
    2
    मैहर देहात थाना क्षेत्र के ग्राम भटगावां में 'गुंडाराज' जारी है। इसी कारण महिपाल दहिया के पूरे परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। यह गंभीर स्थिति देहात थाना के अंतर्गत आने वाले भटगावां गांव में बनी हुई है, जहां न्याय की प्रतीक्षा अब भी जारी है।
    user_विक्रम रजक
    विक्रम रजक
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    59 min ago
  • मैहर जिले के अमरपाटन में संचालित मानसी गैस एजेंसी पर हाल ही में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और FIR दर्ज होने के बाद स्थानीय गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस सख्त कार्रवाई के चलते अमरपाटन के हजारों गैस कनेक्शनों को यहाँ से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एजेंसी बंद होने के कारण अब आम लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर भरवाने के लिए भीषण गर्मी और व्यस्तता के बीच 25 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। अमरपाटन और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए परेशान उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी संचालक की गलती या प्रशासनिक कमियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की गुहार लगाई है, ताकि इस मामले का पूरी तरह समाधान होने तक स्थानीय स्तर पर ही गैस सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जा सके और लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इतनी दूर जाने से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन जनता की इस बेहद जरूरी मांग पर क्या कदम उठाता है।
    1
    मैहर जिले के अमरपाटन में संचालित मानसी गैस एजेंसी पर हाल ही में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और FIR दर्ज होने के बाद स्थानीय गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस सख्त कार्रवाई के चलते अमरपाटन के हजारों गैस कनेक्शनों को यहाँ से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

एजेंसी बंद होने के कारण अब आम लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर भरवाने के लिए भीषण गर्मी और व्यस्तता के बीच 25 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। अमरपाटन और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए परेशान उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी संचालक की गलती या प्रशासनिक कमियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की गुहार लगाई है, ताकि इस मामले का पूरी तरह समाधान होने तक स्थानीय स्तर पर ही गैस सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जा सके और लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इतनी दूर जाने से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन जनता की इस बेहद जरूरी मांग पर क्या कदम उठाता है।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दुखद दुर्घटना हुई है। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। मलबे से निकाले गए लगभग 25 घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
    1
    महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दुखद दुर्घटना हुई है। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। मलबे से निकाले गए लगभग 25 घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
    user_Sharda Shrivastava
    Sharda Shrivastava
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम इटमा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ हाल ही में बनी पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय वहाँ मौजूद लोग समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसमें सीमेंट की जगह चूने की डस्ट और निम्न गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल की गई थी। उनका कहना है कि इसी कारण टंकी मामूली दबाव भी नहीं झेल सकी और अपने आप ढह गई, जिसके बाद ग्राम पंचायत इटमा के सरपंच और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ कराया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती, और यदि टंकी गिरने के समय वहाँ अधिक लोग मौजूद होते तो बड़ा जनहानि का हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने दोषी ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई है।
    1
    मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम इटमा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ हाल ही में बनी पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय वहाँ मौजूद लोग समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसमें सीमेंट की जगह चूने की डस्ट और निम्न गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल की गई थी। उनका कहना है कि इसी कारण टंकी मामूली दबाव भी नहीं झेल सकी और अपने आप ढह गई, जिसके बाद ग्राम पंचायत इटमा के सरपंच और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ कराया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती, और यदि टंकी गिरने के समय वहाँ अधिक लोग मौजूद होते तो बड़ा जनहानि का हादसा हो सकता था।

इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने दोषी ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई है।
    user_प्रकाश कुमार सोनी
    प्रकाश कुमार सोनी
    Court reporter Maihar, Satna•
    12 hrs ago
  • जनपद पंचायत मैहर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इटमा में ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि इस घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। इस घटना ने न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई और मजबूत निर्माण के बजाय घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। इसी कारण टंकी पानी का सामान्य दबाव भी नहीं सह सकी और कुछ ही दिनों में धराशायी हो गई। टंकी गिरने के बाद पूरे गांव में पंचायत के कार्यों को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच किसने की और पूरा होने के बाद भुगतान किस आधार पर किया गया, जबकि इतनी जल्दी पूरी संरचना ढह गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक टंकी का गिरना नहीं है, बल्कि सरकारी धन के उपयोग और निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाने तथा दोषी ठेकेदार, संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत इटमा की यह गिरी हुई पानी की टंकी अब सिर्फ मलबा नहीं, बल्कि उन अनसुलझे सवालों का ढेर है जिनका जवाब ग्रामीण प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग रहे हैं। अनिल कुशवाहा के अनुसार, यह टंकी गिरने के साथ ही विकास कार्यों की सच्चाई भी उजागर हो गई है, जिससे यह टंकी भ्रष्टाचार का स्मारक बन गई है।
    1
    जनपद पंचायत मैहर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इटमा में ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि इस घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। इस घटना ने न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई और मजबूत निर्माण के बजाय घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। इसी कारण टंकी पानी का सामान्य दबाव भी नहीं सह सकी और कुछ ही दिनों में धराशायी हो गई। टंकी गिरने के बाद पूरे गांव में पंचायत के कार्यों को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच किसने की और पूरा होने के बाद भुगतान किस आधार पर किया गया, जबकि इतनी जल्दी पूरी संरचना ढह गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक टंकी का गिरना नहीं है, बल्कि सरकारी धन के उपयोग और निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाने तथा दोषी ठेकेदार, संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ग्राम पंचायत इटमा की यह गिरी हुई पानी की टंकी अब सिर्फ मलबा नहीं, बल्कि उन अनसुलझे सवालों का ढेर है जिनका जवाब ग्रामीण प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग रहे हैं। अनिल कुशवाहा के अनुसार, यह टंकी गिरने के साथ ही विकास कार्यों की सच्चाई भी उजागर हो गई है, जिससे यह टंकी भ्रष्टाचार का स्मारक बन गई है।
    user_पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी तालाब के गहराकरण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो इंटरव्यू में, एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि "सरकारी तालाब" के नाम पर निजी स्वार्थ सिद्ध किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि तालाब से खोदी गई मिट्टी का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे तालाब के जल संवर्धन और जनहित के मूल उद्देश्य का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए सरकारी तालाब के इस इस्तेमाल पर अपनी आपत्ति जताई है। इंटरव्यू में यह भी बताया गया है कि तालाब की खुदाई में लगी जेसीबी का भुगतान सरकारी प्रक्रिया के बजाय निजी तौर पर किया जा रहा है, जो इस पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों और इंटरव्यू देने वाले व्यक्ति ने इस पूरे मामले के मूल्यांकन की मांग की है, ताकि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले की गहन जांच हो और यदि तालाब की खुदाई की जा रही है, तो वह केवल नियमानुसार और जनहित में ही होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए। हालांकि, इस पूरे विवाद पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
    1
    मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी तालाब के गहराकरण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो इंटरव्यू में, एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि "सरकारी तालाब" के नाम पर निजी स्वार्थ सिद्ध किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि तालाब से खोदी गई मिट्टी का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे तालाब के जल संवर्धन और जनहित के मूल उद्देश्य का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए सरकारी तालाब के इस इस्तेमाल पर अपनी आपत्ति जताई है।

इंटरव्यू में यह भी बताया गया है कि तालाब की खुदाई में लगी जेसीबी का भुगतान सरकारी प्रक्रिया के बजाय निजी तौर पर किया जा रहा है, जो इस पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों और इंटरव्यू देने वाले व्यक्ति ने इस पूरे मामले के मूल्यांकन की मांग की है, ताकि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले की गहन जांच हो और यदि तालाब की खुदाई की जा रही है, तो वह केवल नियमानुसार और जनहित में ही होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए। हालांकि, इस पूरे विवाद पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.