मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानी डॉ. जितेन्द्र घोष से की मुलाकात, कुशलक्षेम जाना* *डॉ.घोष ने पुरानी यादों को किया साझा* *कोरिया, 16 फरवरी 2026/* छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बैकुंठपुर निवासी लगभग 92 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी डॉ. जितेन्द्र घोष के निवास पहुंचे और उनसे सौजन्य भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने उनके परिजनों से भी मुलाकात कर आत्मीय चर्चा की। डॉ घोष की सुपत्री श्रीमती सुवर्णा पॉल ने भी पिताजी के संघर्षों को बताया। इस अवसर पर डॉ. घोष ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आपातकाल के समय उन्हें लगभग 19 माह तक विभिन्न जेलों में निरुद्ध रखा गया था। डॉ. घोष ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मिशन स्कूल, माधव राव सप्रे स्कूल तथा नागपुर में अध्ययन किया। वर्ष 1955 में वे आयुर्वेदिक कॉलेज में प्रवेश लिए और सागर विश्वविद्यालय से बीएमएस की डिग्री प्राप्त की। सरकारी सेवा में न जाकर उन्होंने वर्ष 1960 में बैकुंठपुर में निजी चिकित्सालय प्रारंभ किया और लंबे समय तक जनसेवा करते रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. घोष का अनुभव, राष्ट्रप्रेम और जीवटता आज भी प्रेरणादायी है। इस आयु में भी उनकी स्मरण शक्ति और ज्ञान हम सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे विराट व्यक्तित्व से मिलना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी त्याग और तपस्या का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में सरकार है। डॉ घोष ने मुख्यमंत्री को कुछ सुझाव भी दिए और बैकुंठपुर के विकास के लिए चर्चा की। इस दौरान कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री भय्या लाल राजवाड़े सहित कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकतंत्र सेनानी डॉ. जितेन्द्र घोष से की मुलाकात, कुशलक्षेम जाना* *डॉ.घोष ने पुरानी यादों को किया साझा* *कोरिया, 16 फरवरी 2026/* छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बैकुंठपुर निवासी लगभग 92 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी डॉ. जितेन्द्र घोष के निवास पहुंचे और उनसे सौजन्य भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने उनके परिजनों से भी मुलाकात कर आत्मीय चर्चा की। डॉ घोष की सुपत्री श्रीमती सुवर्णा पॉल ने भी पिताजी के संघर्षों को बताया। इस अवसर पर डॉ. घोष ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आपातकाल के समय उन्हें लगभग 19 माह तक विभिन्न जेलों में निरुद्ध रखा गया था। डॉ. घोष ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मिशन स्कूल, माधव राव सप्रे स्कूल तथा नागपुर में अध्ययन किया। वर्ष 1955 में वे आयुर्वेदिक कॉलेज
में प्रवेश लिए और सागर विश्वविद्यालय से बीएमएस की डिग्री प्राप्त की। सरकारी सेवा में न जाकर उन्होंने वर्ष 1960 में बैकुंठपुर में निजी चिकित्सालय प्रारंभ किया और लंबे समय तक जनसेवा करते रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. घोष का अनुभव, राष्ट्रप्रेम और जीवटता आज भी प्रेरणादायी है। इस आयु में भी उनकी स्मरण शक्ति और ज्ञान हम सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे विराट व्यक्तित्व से मिलना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी त्याग और तपस्या का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में सरकार है। डॉ घोष ने मुख्यमंत्री को कुछ सुझाव भी दिए और बैकुंठपुर के विकास के लिए चर्चा की। इस दौरान कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, श्री भय्या लाल राजवाड़े सहित कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी उपस्थित रही।
- *कोरिया, 16 फरवरी/* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे। उनके आगमन पर सर्किट हाउस में गरिमामय स्वागत समारोह आयोजित किया गया। संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी तथा पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया। इस अवसर पर पारंपरिक कर्मा नृत्य दलों ने मांदर की थाप पर जोशीला सांस्कृतिक स्वागत प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा। आदिवासी लोकसंस्कृति की छटा ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान विभिन्न शासकीय एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखा गया। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और विधायक भैया लाल रजवाड़े भी उपस्थित थे!4
- यूजीसी के समर्थन मे सरगुजा के मूलनिवासी समाज का आंदोलन एवं ज्ञापन1
- चिरमिरी में ऐतिहासिक दिवस: 127 करोड़ की विकास सौगात के साथ आगे बढ़ा जिला एमसीबी: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: आस्था, विश्वास और विकास के अद्भुत संगम का साक्षी बना चिरमिरी, जब विष्णुदेव साय ने जिले को 127 करोड़ रुपये से अधिक की ऐतिहासिक विकास सौगात दी। मालवीय नगर, पोड़ी स्थित मंगल भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं द्वारा कलश एवं पुष्पवर्षा से स्वागत, दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। जनसमूह के उत्साह ने इस आयोजन को ऐतिहासिक आयाम दे दिया। *141 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास: मुख्यमंत्री ने 3,879.85 लाख रुपये की लागत से पूर्ण 82 कार्यों का लोकार्पण तथा 8,824.78 लाख रुपये की लागत से 59 नए कार्यों का भूमिपूजन किया। यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि एमसीबी जिले के सुनहरे भविष्य की ठोस नींव है। मेडिकल कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, पॉलिटेक्निक और फिजियोथैरेपी कॉलेज जैसी संस्थाओं की स्थापना से युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। मनेंद्रगढ़ में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल और चिरमिरी में नर्सिंग कॉलेज की सौगात से स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त हुआ है। *बुनियादी सुविधाओं से आत्मनिर्भरता की ओर: अमृत जल मिशन के तहत 183 करोड़ की पेयजल योजना, 43 करोड़ की साजा पहाड़ सड़क, और 659 करोड़ की नागपुर-चिरमिरी रेल लाइन परियोजना क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देंगी। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी और महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता जनविश्वास का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मोदी की गारंटी” केवल नारा नहीं, बल्कि हर वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, लाखों परिवारों को आवास, किसानों और महिलाओं को आर्थिक संबल, यह सब सुशासन की पहचान है। *जनजातीय समाज के उत्थान पर विशेष फोकस: प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पीएम जनमन योजना और धरती आबा योजना के माध्यम से बैगा परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र को हजारों करोड़ के प्रस्ताव भेजे गए हैं। *आध्यात्मिक शिखर: श्री जगन्नाथ मंदिर चिरमिरी में पूजा-अर्चना: कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री का श्री जगन्नाथ मंदिर आगमन पूरे आयोजन का आध्यात्मिक उत्कर्ष बन गया। शंखनाद और “जय जगन्नाथ” के जयघोष के बीच मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में आमजन के साथ प्रसाद ग्रहण कर उन्होंने सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, और सरकार इसके विकास हेतु पूर्ण सहयोग देगी। एक ओर 127 करोड़ की विकास परियोजनाओं से जिले की तस्वीर बदलने का संकल्प, तो दूसरी ओर भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में नतमस्तक होकर जनकल्याण की कामना—चिरमिरी की यह ऐतिहासिक घड़ी विकास और धर्म के संतुलित समन्वय का सशक्त उदाहरण बन गई। एमसीबी अब केवल एक जिला नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर एक नई पहचान बनता जा रहा हैं।4
- दी रजिस्टर्ड बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाहू लाल बौद्ध एवं महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष मनोज बौद्ध प्रभाकर बौद्ध इत्यादि लोग चांदनी बिहार पुर जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़ का भ्रमण किया और लाल जी बौद्ध एवं क्षेत्र के उन लोगों से संपर्क किया5
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- जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत धौराभाठा में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित पुलिया की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जावेद पारा में बनी इस पुलिया को देखकर प्रथम दृष्टया ही निर्माण कार्य एस्टीमेट के अनुरूप और मानक गुणवत्ता के साथ किया गया हो, ऐसा प्रतीत नहीं होता। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया में नाम मात्र की रेलिंग लगाई गई है और वह भी पूरे ढांचे में नहीं बनाई गई। जो रेलिंग लगाई गई है, उसमें भी दरारें उभरने लगी हैं। ढलाई कार्य की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिया से जुड़ी सड़क के निचले हिस्से में खोखलापन दिखाई देने लगा है, जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, सूत्रों के अनुसार डेढ़ से दो वर्ष पूर्व बनी सीसी सड़क भी स्तरहीन निर्माण का उदाहरण बन चुकी है। बताया जाता है कि सड़क निर्माण के महज एक महीने के भीतर ही वह उखड़ने लगी थी और वर्तमान में स्थिति यह है कि सड़क लगभग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद धरातल पर टिकाऊ निर्माण दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिया और सीसी सड़क—दोनों कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा व्यय की गई राशि का सामाजिक अंकेक्षण किया जाए। निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में कहीं अनियमितता या लापरवाही तो नहीं हुई। यदि जांच होती है तो “दूध का दूध और पानी का पानी” हो सकता है और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जा सकती है।4
- Singrauli News: पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में फ़ैली अव्यवस्था, प्राचार्य पर मनमानी के गंभीर आरोप, छात्रों में नाराज़गी Singrauli News: सिंगरौली। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के दावों के बीच जिले के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में भारी अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए हैं। छात्रों ने कॉलेज के प्राचार्य सिद्दीकी पर मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार से मिलने वाले फंड के बावजूद कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। परिसर में साफ-सफाई बदहाल है, कई कक्षाओं में बिजली के बोर्ड नीचे लटके हुए हैं और तार खुले पड़े हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। शौचालयों में गंदगी के कारण छात्राएं विशेष रूप से परेशान हैं। डीजी सेट जंग खाया, सीसीटीवी गायब छात्रों के अनुसार आपात स्थिति के लिए रखा गया डीजी सेट पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। वहीं सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी गायब बताए जा रहे हैं। डिजिटल क्लासरूम बनने के बावजूद उनका कोई उपयोग नहीं हो रहा और कमरे धूल से भरे पड़े हैं। कॉलेज की नई इमारत में पानी टपकने जैसी समस्याएं सामने आने से निर्माण गुणवत्ता पर संदेह जताया जा रहा है। साथ ही मुख्य गेट निर्माण में करीब 10 लाख रुपये खर्च दिखाए जाने को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। छात्रों का दावा है कि कम राशि में यह कार्य संभव था। छात्र संगठन ने सौंपा ज्ञापन इन सभी समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। प्रमुख मांगों में शामिल हैं नियमित सफाई व्यवस्था, गर्ल्स टॉयलेट में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, बस सुविधा में वृद्धि, बाउंड्री वॉल निर्माण, लाइब्रेरी में नई किताबें, कैंटीन संचालन, सीसीटीवी कैमरे पुनः लगाना, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, APS सेंटर की स्थापना, विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्राचार्य ने नहीं दिया जवाब जब पत्रकारों ने आरोपों पर प्राचार्य सिद्दीकी से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की तो उन्होंने कथित तौर पर लंबे समय तक इंतजार कराया और बिना कोई बयान दिए चैंबर छोड़कर चले गए, जिससे छात्रों की नाराजगी और बढ़ गई। फिलहाल, इन आरोपों ने कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कार्रवाई करता है।4
- चिरमिरी जगन्नाथ मंदिर में श्री विष्णु दे साय के साथ छत्तीसगढ़ के सभी केबिनेट मंत्री मंदिर की पूजा अर्चना कर बैठ कर प्रसाद ग्रहण किये आइये जाने विडिओ में1