बरही–हजारीबाग मार्ग पर भीषण हादसा बरही से हजारीबाग की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर पदमा–इटखोरी मोड़ के पास ट्रक और ट्रेलर के बीच भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर आवागमन कुछ समय के लिए बाधित हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों वाहनों को पूरी तरह नुकसान हो चुका था।फिलहाल, घटना में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोड़ पहले से ही खतरनाक रहा है, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही अक्सर हादसों की वजह बनती है।
बरही–हजारीबाग मार्ग पर भीषण हादसा बरही से हजारीबाग की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर पदमा–इटखोरी मोड़ के पास ट्रक और ट्रेलर के बीच भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर आवागमन कुछ समय के लिए बाधित हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दोनों वाहनों को पूरी तरह नुकसान हो चुका था।फिलहाल, घटना में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोड़ पहले से ही खतरनाक रहा है, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही अक्सर हादसों की वजह बनती है।
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- लातेहार, लातेहार:-नवनिर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष श्री महेश सिंह के द्वारा किए गए वादों को पूरा करने हेतु लातेहार के न्यू टाउन हॉल में एक अहम बैठक के की गई जिसके मद्देनजर होल्डिंग टैक्स के मुद्दा को प्रमुखता से उठाया गया जहां नवगठित नगर पंचायत बोर्ड की पहली बैठक आज दिनांक 22 अप्रैल को की गई| इस बैठक में सर्वसम्मति से होल्डिंग टैक्स की दरें घटाने का निर्णय किया गया जो ₹2 प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से लिया जाएगा जो पूर्व में 8 से ₹10 प्रति स्क्वायर फीट लिया जाता था आज के इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर पंचायत के विकास कार्यों की गति को तेज करने हेतु 50 करोड रुपए की बजट पेश की गई बैठक में बुनियादी सुविधाओं की क्रियान्वयन के लिए कई अहम फैसले लिए गए इस बैठक में सभी बुनियादी जरूरत का ख्याल करते हुए वर्ष 2026-27 में सड़क निर्माण हेतु एक करोड़ 34 लाख 53 हजार रूपए स्वीकृत किए गए जबकि साइन बोर्ड और स्पीड ब्रेकर निर्माण के लिए 40 लाख 88 हजार रुपए मंजूर किए गए बोर्ड के इस अहम बैठक में 20 कर्मियों की सेवा विस्तार 1 वर्षों के लिए की गई मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत नालियों की सफाई के लिए 17 लाख 43 हजार 378 रुपए का का प्रस्ताव पारित किया गया प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र में 90 लाखों के लिए डीपीआर तैयार कर विभाग को भेजा गया एवं नगर पंचायत द्वारा लिगसी वेस्ट मैनेजमेंट स्कीम के तहत जंगलदगा और हरखा क्षेत्र में जमा कचरे की रीसाइक्लिंग की योजना पर सहमति बनी थी1
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- पाटन (पलामू): प्रखंड के नावाजयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कसवाखाड़ पंचायत के बुका जंगल में आग लगने से एक बड़ा हादसा सामने आया है। आग की चपेट में आने से मैत्री कुवार (60 वर्ष), पति स्वर्गीय कृत सिंह का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस घटना में करीब तीन लाख रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंगल में पहले से लगी आग धीरे-धीरे फैलते हुए मैत्री कुवार के घर तक पहुंच गई, जिससे देखते ही देखते पूरा घर आग की चपेट में आ गया। घटना के समय घर में कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन भारी आर्थिक नुकसान हुआ। बताया जाता है कि मैत्री कुवार के पुत्र अजय सिंह की शादी 20 अप्रैल को हुई थी। शादी के कारण पूरा परिवार दूसरे घर में रह रहा था, जो पुराने घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसी कारण घर में आग लगने के समय कोई भी सदस्य वहां मौजूद नहीं था। गांव वालों ने बुधवार दोपहर करीब 12 बजे घटना की सूचना परिवार को दी, लेकिन जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक घर पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। आग इतनी भयावह थी कि गांव में पानी की कमी के कारण उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था। घटना की सूचना मिलते ही नावाजयपुर थाना प्रभारी को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी एवं पंचायत के उपमुखिया अखिलेश यादव के प्रयास से कतरी गांव से पानी का टैंकर मंगाया गया, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस अग्निकांड में घर में रखे खाद्यान्न, कपड़े एवं अन्य आवश्यक सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर बताया जा रहा है। परिवार ने प्रशासन से मुआवजा एवं सहायता की गुहार लगाई है, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें।1
- *लातेहार शहर में एक अज्ञात बालिका मिली है, जो अपना नाम प्रीति कुमारी, माता का नाम लक्ष्मी देवी एवं पिता का नाम आसान भुइयां बता रही है। बालिका फिलहाल थाना में सुरक्षित है। परिजन थाना से संपर्क करें।*1
- 23 अप्रैल को विश्वभर में *विश्व पुस्तक दिवस* मनाया जाता है। यह दिन पुस्तकों की महिमा और उनके महत्व को रेखांकित करने का अवसर है। इस लेख की शुरुआत Malala Yousafzai के उस प्रसिद्ध कथन से करना उपयुक्त होगा, जो उन्होंने अपने संबोधन में कहा था— **“One child, one teacher, one book and one pen can change the world.”** यह कथन एक पुस्तक की शक्ति और उसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। विश्व पुस्तक दिवस की तिथि को लेकर एक रोचक तथ्य यह है कि कुछ देशों, विशेषकर ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड में इसे मार्च महीने के पहले गुरुवार को मनाया जाता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 23 अप्रैल को इसे मनाने की परंपरा है। इसकी शुरुआत UNESCO ने वर्ष 1995 में की थी। इस तिथि का चयन इसलिए भी किया गया क्योंकि यह महान साहित्यकार William Shakespeare और Miguel de Cervantes की पुण्यतिथि से जुड़ी है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना है। विशेषकर विद्यार्थियों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहें, बल्कि साहित्य, विज्ञान, इतिहास और समसामयिक विषयों की पुस्तकों से भी जुड़ें। पुस्तकें न केवल ज्ञान देती हैं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और सोच को भी विकसित करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी पुस्तकालयों की भूमिका को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। *सर्व शिक्षा अभियान* और *समग्र शिक्षा अभियान* के अंतर्गत विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित करने तथा विद्यार्थियों को अधिकाधिक पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। नई शिक्षा नीति में भी इस दिशा में सार्थक प्रयास किए गए हैं। अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए कहना चाहूँगा कि 4 सितम्बर 2024 को झारखंड विधानसभा के प्रथम स्पीकर Inder Singh Namdhari से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने सप्रेम अपनी आत्मकथा *“एक सिख नेता की दास्तान”* मुझे भेंट की। उस समय मैं मानसिक रूप से थोड़ा विचलित था, लेकिन उस पुस्तक ने मुझे नई ऊर्जा, दिशा और आत्मविश्वास प्रदान किया। यह अनुभव बताता है कि एक अच्छी पुस्तक जीवन बदल सकती है। इतिहास भी इस बात का साक्षी है कि पुस्तकों ने समाज में क्रांति लाने का काम किया है। फ्रांस की क्रांति के पीछे Jean-Jacques Rousseau, Voltaire, Montesquieu और Denis Diderot जैसे विचारकों की पुस्तकों का महत्वपूर्ण योगदान था। इसी प्रकार भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी अनेक साहित्यकारों और विचारकों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जनजागरण किया। Mahatma Gandhi, Rabindranath Tagore, Bankim Chandra Chatterjee, Makhanlal Chaturvedi, Maithili Sharan Gupt और Ramdhari Singh Dinkar जैसे महान साहित्यकारों की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। अंत में, विशेषकर छात्रों से अपील है कि वे अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ें। केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। अन्य विषयों की पुस्तकें पढ़ने से आपका ज्ञान-विस्तार होगा, आपकी सोच विकसित होगी और आप भीड़ से अलग पहचान बना सकेंगे। आज के प्रतिस्पर्धी युग में पुस्तकें ही आपको सफलता की राह दिखाने में सच्ची साथी बन सकती हैं।2
- Post by Shital vishwakarma1
- Post by Sunil singh1