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गरोठ-बोलिया मार्ग पर स्थित परासली रोड, जो पनिया खेड़ी से होकर गुजरता है, वहां विद्युत मंडल की डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट) पर झुरमुट झाड़ियां गिरी हुई हैं, जिससे लगातार हादसे का गंभीर खतरा बना हुआ है। यह मार्ग दिनभर कई स्कूली बच्चों और राजगढ़ से आने-जाने वाले लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। इसके अतिरिक्त, सड़क के पास ही कंट्रोल प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मारिया बोलियां और प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मारिया बोलियां स्थित हैं, जिसके कारण दिनभर बड़ी संख्या में लोग राशन के लिए भी यहां आते-जाते रहते हैं। विद्युत डीपी पर इन झाड़ियों के गिरने से किसी भी समय कोई दुर्घटना होने की प्रबल संभावना है, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में है।
Sanjay Kumar yati
गरोठ-बोलिया मार्ग पर स्थित परासली रोड, जो पनिया खेड़ी से होकर गुजरता है, वहां विद्युत मंडल की डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट) पर झुरमुट झाड़ियां गिरी हुई हैं, जिससे लगातार हादसे का गंभीर खतरा बना हुआ है। यह मार्ग दिनभर कई स्कूली बच्चों और राजगढ़ से आने-जाने वाले लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। इसके अतिरिक्त, सड़क के पास ही कंट्रोल प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मारिया बोलियां और प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मारिया बोलियां स्थित हैं, जिसके कारण दिनभर बड़ी संख्या में लोग राशन के लिए भी यहां आते-जाते रहते हैं। विद्युत डीपी पर इन झाड़ियों के गिरने से किसी भी समय कोई दुर्घटना होने की प्रबल संभावना है, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में है।
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- झालावाड़ जिले के गंगधार में भारतीय किसान संगठन ने एक मासिक बैठक के बाद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है। संगठन ने मुख्य रूप से खरीफ 2025 में खराब हुई सोयाबीन फसल के बीमा और मुआवजे का अब तक नहीं मिलने तथा चौमहला कृषि उपज मंडी में तोलकांटे की व्यवस्था न होने पर आक्रोश व्यक्त किया। भारतीय किसान संघ का कहना है कि खरीफ 2025 में सोयाबीन की फसल खराब हुए 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन किसानों को अब तक बीमा क्लेम नहीं मिला है। इसके अलावा, लगभग 40 से 50 प्रतिशत किसान मुआवजा राशि से भी वंचित हैं, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। वहीं, चौमहला कृषि उपज मंडी में तोलकांटे की अनुपलब्धता के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में भारी कठिनाई हो रही है। इस समस्या को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों की इन गंभीर समस्याओं के समाधान के लिए संगठन ने प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो भारतीय किसान संगठन एक अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि समय पर समाधान न होने की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- सुसनेर के पुष्प शक्ति विहार में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस महोत्सव के तहत मनकामनेश्वर से एक कलश यात्रा निकाली गई। इस अनुष्ठान के दौरान शिव परिवार की स्थापना की जाएगी।1
- रावतभाटा से मिली एक खबर के अनुसार, राणा प्रताप सागर बांध में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान भी मत्स्य आखेट लगातार जारी है। विभाग द्वारा 16 जून से 31 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंधित रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य मछलियों को 'आराम का समय' देना है। विभाग ने इस प्रतिबंध को पर्यावरण, जैविक और आर्थिक स्तर पर बेहद जरूरी बताया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मत्स्य प्रजनन काल पर रोक पर्यावरण संतुलन का आधार है। हालांकि, इन स्पष्ट नियमों और प्रतिबंध के बावजूद, राणा प्रताप सागर बांध में मत्स्य आखेट की गतिविधियां जारी हैं, जिससे नियमों की अवहेलना साफ दिख रही है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है, जिसमें एक महिला को अपने 45 वर्षीय पति सुरेंद्र शर्मा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पत्नी ने पति की बेरहमी से हत्या करने के बाद उनके शव को घर के बाथरूम के फर्श के नीचे दफना दिया था। हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या के बाद महिला ने खुद ही पति के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई और लगभग 45 दिनों तक पुलिस के साथ मिलकर उन्हें खोजने का नाटक करती रही। यह खौफनाक वारदात आगरा के सिकंदरा स्थित प्राची टावर चौकी की रुनकता धाम कॉलोनी में हुई। पुलिस के अनुसार, 18 मई को रूबी नाम की महिला ने पुलिस थाने में पति सुरेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। करीब 45 दिन बाद, जब परिजनों ने रूबी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी वारदात का खुलासा किया। रूबी ने बताया कि उसने अपने पति को खीर में नींद की गोलियां दी थीं, जिससे उनकी मौत हो गई। उस वक्त उसकी सास और बेटियां वायु विहार में जेठ के घर गई हुई थीं। शव पलंग पर था, जिसे बाद में वह घसीटते हुए बाथरूम में लाई। उसने 400 रुपये देकर मिट्टी मंगवाई, बाथरूम का फर्श तोड़ा, शव को लिटाया, उस पर नमक और मिट्टी डालकर समतल किया, और 19 जून को एक मिस्त्री बुलाकर फर्श पर प्लास्टर करवा दिया। फर्श सूखने के बाद वह खुद जेठ के घर चली गई और नाटक किया कि सुरेंद्र चार दिनों से घर नहीं आए हैं। पुलिस ने घर के बाथरूम, जो करीब दस फीट लंबा और साढ़े चार फीट चौड़ा है, के फर्श के नीचे से सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल बरामद किया है। हालांकि पुलिस खीर में नींद की गोलियां देकर हत्या करने की बात को सही मान रही है, लेकिन उन्हें इस बात पर संदेह है कि रूबी अकेले शव को कैसे ठिकाने लगा पाई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस जघन्य हत्याकांड में और कौन-कौन शामिल है। पुलिस ने जल्द से जल्द पूरे मामले का खुलासा करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित चंदवासा से एक खास खबर सामने आई है, जिसमें स्थानीय '8 लाइन' पर वाहनों के निकलने के तरीके को लेकर एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला है। रामप्रसाद धनगर गुर्जर द्वारा दी गई इस रिपोर्ट में आज की इस स्थिति को लेकर यह प्रश्न उठाया गया है कि आखिर इस 8 लाइन से वाहन कैसे निकल पा रहे हैं, जो इसे देखने लायक बनाता है।1
- झालावाड़ जिले के चौमहला स्थित मुख्य झंडा चौक पर आए दिन आधे से एक घंटे तक बिगड़ी व्यवस्था के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोग इस स्थिति से बुरी तरह परेशान हैं और रोजाना स्कूली बच्चे, मरीज तथा आम जनता को घंटों जाम में फंसकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस जाम का मुख्य कारण चौराहे के चारों ओर अव्यवस्थित रूप से लगे ठेले-दुकानें हैं। इसके अतिरिक्त, लोग ट्रैफिक नियमों को नजरअंदाज करते हुए दुपहिया और चार पहिया वाहनों को आड़े-तिरछे खड़ा कर देते हैं। पिछले कई महीनों से बाजार में आधी सड़क पर गाड़ियाँ खड़ी करने की प्रवृत्ति ने भी समस्या को और बढ़ा दिया है। इन दिनों, अंडरपास में बारिश का पानी जमा होने और गड्ढे हो जाने से भी यह परेशानी बढ़ गई है।2
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भारत की वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जिसमें यह दावा किया गया है कि देश अब खतरे में है। पोस्ट के अनुसार, एक यूट्यूबर ने 'मजाक-मजाक' में ही देश की सच्चाई को उजागर कर दिया है। यह पोस्ट इस अप्रत्याशित खुलासे के कारण उत्पन्न खतरे पर गहरी चिंता प्रकट करता है।1