केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने बदायूं में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर न बख्शने की कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की गहन जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, किसी को भी राहत नहीं मिलेगी। अपने बयान में, मंत्री वर्मा ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि अखिलेश यादव को राम मंदिर पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार के दौरान कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं और राम मंदिर का विरोध किया गया था। केंद्रीय मंत्री ने यह भी जोर दिया कि योगी सरकार में अपराधियों को कोई माफी नहीं मिलती है, और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भाजपा सरकारें पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान उन्होंने बिहार के चर्चित एनकाउंटर मामले की जांच जारी होने का भी जिक्र किया। बीएल वर्मा ने आखिर में यह भी कहा कि ब्राह्मण समाज का आशीर्वाद हमेशा ही भाजपा के साथ रहा है।
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने बदायूं में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर न बख्शने की कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की गहन जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, किसी को भी राहत नहीं मिलेगी। अपने बयान में, मंत्री वर्मा ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि अखिलेश यादव को राम मंदिर पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार के दौरान कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं और राम मंदिर का विरोध किया गया था। केंद्रीय मंत्री ने यह भी जोर दिया कि योगी सरकार में अपराधियों को कोई माफी नहीं मिलती है, और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भाजपा सरकारें पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान उन्होंने बिहार के चर्चित एनकाउंटर मामले की जांच जारी होने का भी जिक्र किया। बीएल वर्मा ने आखिर में यह भी कहा कि ब्राह्मण समाज का आशीर्वाद हमेशा ही भाजपा के साथ रहा है।
- बदायूं के उझानी स्थित पटपरागंज के ग्रामीणों ने नगर पालिका परिषद के खिलाफ स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत (तहरीर) दी है। ग्रामीणों ने इस तहरीर में मांग की है कि पटपरागंज में स्थित डंपिंग ग्राउंड को तत्काल हटाया जाए। इस डंपिंग ग्राउंड का विरोध काफी समय से चल रहा है। ग्रामीण, कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर, समय-समय पर धरना-प्रदर्शन करते आ रहे हैं और लगातार डंपिंग ग्राउंड को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनके विरोध के चलते कई बार कूड़ा-कचरा ले जाने वाले सफाई कर्मचारियों को अपनी सामग्री के साथ वापस लौटना पड़ा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नगर पालिका ने गांव के डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा-कचरा डलवाना बंद नहीं किया, तो वे ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हो जाएँगे।1
- बदायूँ में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने 23 जून को मालवीय आवास गृह कलेक्ट्रेट पर भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार (ट्रेड) डील का विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने काली पट्टी बाँधकर और तख्तियाँ लेकर अपना विरोध दर्ज कराया तथा राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सदर तहसीलदार और नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। भाकियू चढूनी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे या विचाराधीन व्यापार समझौते देश के किसानों के हितों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि किसान पहले से ही बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य के अभाव, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के बोझ जैसी समस्याओं से जूझते हुए आत्महत्या तक के कदम उठा रहे हैं। ऐसे में, यदि विदेशी कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में प्रवेश दिया जाता है, तो इससे किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में खेती आजीविका है, जबकि विदेशों में यह व्यापार है, इसलिए सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय किसानों की उपज की कीमतों को गिरा देंगे, जिससे उनकी आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, ट्रेड डील से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में निजीकरण और कॉर्पोरेट नियंत्रण बढ़ेगा, जो किसानों की स्वतंत्रता और देश की खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करेगा। इससे किसानों की आत्महत्याओं की संख्या बढ़ेगी, भारी संख्या में किसान मजदूरों में तब्दील होंगे और बेरोजगारी फैलेगी, जो देश हित में नहीं है। किसानों ने मांग की है कि कृषि, डेयरी, पोल्ट्री और किसानों से जुड़े सहायक धंधों को किसी भी प्रकार के मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए। साथ ही, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की जाए और देश के किसानों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। यादवेंद्र सिंह यादव उर्फ पप्पू ने भी किसानों को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि यदि भारत सरकार किसानों के हितों को दाँव पर लगाकर समझौता करती है, तो ये ट्रेड डील/मुक्त व्यापार समझौते किसानों के लिए 'डेथ वारंट' माने जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का किसान इन समझौतों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा और उनके पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। इस मौके पर बीयीशु दास, यादवेंद्र यादव, भगवान दास शाक्य, अजय सैनी, रजनेश उपाध्याय, इरशाद खा, भगवानदास, शराफत, मुमताज, नूरुद्दीन, शरीफ अब्बासी, मोहोब्बे, अरशद खां, मुन्शी यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने बदायूं में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर न बख्शने की कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की गहन जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, किसी को भी राहत नहीं मिलेगी। अपने बयान में, मंत्री वर्मा ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि अखिलेश यादव को राम मंदिर पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि सपा सरकार के दौरान कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई थीं और राम मंदिर का विरोध किया गया था। केंद्रीय मंत्री ने यह भी जोर दिया कि योगी सरकार में अपराधियों को कोई माफी नहीं मिलती है, और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भाजपा सरकारें पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान उन्होंने बिहार के चर्चित एनकाउंटर मामले की जांच जारी होने का भी जिक्र किया। बीएल वर्मा ने आखिर में यह भी कहा कि ब्राह्मण समाज का आशीर्वाद हमेशा ही भाजपा के साथ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली नगर स्थित इमामबाड़ा कदीम हवेली सादात में अलम ए मुबारक का जुलूस बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी तादाद में अज़ादारों ने शिरकत की, जिन्होंने नौहाख्वानी और मातम के ज़रिए हज़रत इमाम हुसैन अ.स. और उनके वफादार साथियों को खिराज ए अकीदत पेश की। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना फिरोज अब्बास नकवी लखनवी ने बताया कि इमाम हुसैन अ.स. की कुर्बानी इंसानियत, इंसाफ, सच्चाई और हक की सरबलंदी का सबसे बड़ा पैगाम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कर्बला का संदेश हर दौर में जुल्म, अत्याचार और नाइंसाफी के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। मौलाना के दर्द भरे बयान को सुनकर अज़ादारों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल गम और अकीदत से भर गया। इस मजलिस में अंजुमन फरोगे अजा के सदर मो. रज़ा, मुतावल्ली अब्बास रजा, मुस्तफा हैदर, तनज़ीम हैदर, अकील अब्बास, साजिद अब्बास, आलिम अली, सलीम अली, शाहिद रज़ा, सय्यद रज़ा, अफरोज अब्बास, गुलरैज़ अब्बास, महमूद अली, इज्ज़त अली, मो. वसीम, मोहम्मद सलीम, ज़िया अब्बास, फैसल अली, तैयब अली, औन अब्बास, माजिद अली, शब्बर खान, अता हुसैन, दिलशाद हुसैन, शहबाज हुसैन, इमरान अली, मुन्तजिर, तनवीर इकबाल, जमाल इकबाल, हैदर रज़ा, हसन इकबाल, हुसैन इकबाल, शावेज़ अब्बास, मोहम्मद ज़की, कमर अब्बास, अज़हर अब्बास और इमरान रिज़वी सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- शिव मंदिर में कल एक भंडारे का आयोजन किया गया है। सभी भक्तों को इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।2
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के उपलक्ष्य में दातागंज ब्लॉक परिसर में एक क्षेत्रीय पंचायत बैठक और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह "बब्बू भैया" ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विधायक राजीव कुमार सिंह ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय को ग्राम स्वराज, ग्रामीण विकास और पंचायतों के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से अपने नए दायित्व का निर्वहन पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ करने का आह्वान किया। साथ ही, आगामी ग्राम प्रधान चुनाव को देखते हुए जनता का विश्वास बनाए रखने और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया। इस समारोह में ब्लॉक प्रमुख अतेन्द्र विक्रम सिंह, चेयरमैन अनूप गुप्ता, अमित कुमार सिंह "रिंकू भैया", उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, ब्लॉक के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।4
- कानपुर में एक बड़ा हादसा टल गया जब चलती ट्रेन से उतरने के दौरान एक यात्री लड़खड़ा गया। आरपीएफ उप निरीक्षक अनिल कुमार गौतम ने अदम्य साहस और फुर्ती का परिचय देते हुए तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने समय रहते यात्री को ट्रेन के नीचे आने से खींचकर बचाया, जिससे उसकी जान बच गई।1
- लखनऊ में हुई एक दर्दनाक अग्नि दुर्घटना के बाद, मुख्यमंत्री ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके उपरांत, उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) पहुंचकर हादसे में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के इलाज के संबंध में जानकारी प्राप्त की और प्राथमिकता के आधार पर सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। सरकार ने इस हृदयविदारक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इसी कड़ी में, मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ₹50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश जारी किए गए हैं। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्राप्त हो और घायल व्यक्ति शीघ्र स्वस्थ हों।1