सुरखंड का खेड़ा ग्राम पंचायत में लगभग 50 साल पहले बनाए गए एक नल के कुएं की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इतने लंबे समय से इस कुएं में कोई मरम्मत का काम नहीं किया गया है, जिसके चलते इसकी दीवारें कई जगहों से टूट गई हैं। इस कुएं की दयनीय स्थिति के कारण किसी भी इंसान, गाय, भैंस या अन्य पशु के इसमें गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कुआं दशकों से उपेक्षित पड़ा है और आज तक किसी भी संबंधित अधिकारी या विभाग का ध्यान इस ओर नहीं गया है। स्थानीय लोगों ने सरकार और ग्राम पंचायत से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर कुएं पर तत्काल ध्यान दें और इसकी जल्द से जल्द मरम्मत करवाएं। उनकी मांग है कि किसी बड़ी घटना के घटित होने का इंतजार करने के बजाय, सरकार को समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
सुरखंड का खेड़ा ग्राम पंचायत में लगभग 50 साल पहले बनाए गए एक नल के कुएं की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इतने लंबे समय से इस कुएं में कोई मरम्मत का काम नहीं किया गया है, जिसके चलते इसकी दीवारें कई जगहों से टूट गई हैं। इस कुएं की दयनीय स्थिति के कारण किसी भी इंसान, गाय, भैंस या अन्य पशु के इसमें गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कुआं दशकों से उपेक्षित पड़ा है और आज तक किसी भी संबंधित अधिकारी या विभाग का ध्यान इस ओर नहीं गया है। स्थानीय लोगों ने सरकार और ग्राम पंचायत से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर कुएं पर तत्काल ध्यान दें और इसकी जल्द से जल्द मरम्मत करवाएं। उनकी मांग है कि किसी बड़ी घटना के घटित होने का इंतजार करने के बजाय, सरकार को समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
- आज डूंगरपुर में सिविल डिफेंस और SDRF टीमों ने मिलकर बारिश से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया। उन्होंने डूंगरपुर के बादल महल और गेपसागर में बारिश के दौरान बचाव के तरीकों का डेमो किया। इस दौरान सिविल डिफेंस के सदस्यों और SDRF टीम के अन्य साथियों ने मिलकर लोगों को आंधी, तूफान और बारिश से बचने के लिए जागरूक किया। टीमों ने लोगों से न घबराने और समझदारी से काम लेने की अपील की, साथ ही बारिश से बचाव के लिए सुरक्षा कवच को जरूरी बताया। उन्होंने 'स्वस्थ रहें और सुरक्षित रहें' का संदेश भी दिया।4
- डूंगरपुर जिले में बीती रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरा इलाका तरबतर हो गया। पुराने शहर की सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं और उन पर नदी जैसा पानी बहने लगा। जिले में औसतन 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसमें सर्वाधिक बारिश निठाउवा में लगभग 4 इंच रिकॉर्ड की गई। इस बारिश से आम जनता को जहाँ गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं किसान खेतों में बुवाई के कार्यों में तेजी से जुट गए हैं।1
- डूंगरपुर जिले में महिंद्रा स्कॉर्पियो को रिस्टोर करने के नाम पर ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने परिवादी सुरेंद्र सिंह से स्कॉर्पियो की मरम्मत के लिए अग्रिम के तौर पर 3 लाख 15 हजार रुपये ठगे थे। यह गिरफ्तारी डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीव सिंह और वृताधिकारी वृत्त आसपुर प्रभुलाल कुमावत के निर्देशन में थानाधिकारी आसपुर मदनलाल द्वारा गठित एक विशेष टीम ने की है। गिरफ्तार किया गया अभियुक्त मोहम्मद आवेश, जो मोहम्मद अकरम का पुत्र है और ब्यावर के मुसलमान लोहारों के मोहल्ला जामा मस्जिद का निवासी है, पुलिस थाना आसपुर का तीन वर्ष से वांछित था। आरोपी पर 2000 रुपये का इनाम भी घोषित था।2
- डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर आसपुर थाना पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे ₹2000 के इनामी शातिर ठग मोहम्मद आवेश को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोहम्मद आवेश महिन्द्रा स्कॉर्पियो गाड़ी को रिस्टोर करने के बहाने अग्रिम राशि हड़पने और वाहन के कीमती कलपुर्जे खुर्द-बुर्द कर बेचने के गंभीर मामले में वांछित था। थानाधिकारी मदनलाल खटीक ने बताया कि रामा तहसील आसपुर, जिला डूंगरपुर निवासी प्रार्थी सुरेन्द्र सिंह चौहान ने वर्ष 2022 में अपनी महिन्द्रा स्कॉर्पियो को ठीक कराने के लिए अजमेर जिले के ब्यावर निवासी मोहम्मद शाहरुख और मोहम्मद आवेश नामक दो भाइयों को सौंपा था। प्रार्थी ने गाड़ी के काम के लिए उन्हें ₹1 लाख 15 हजार की अग्रिम राशि भी दी थी, लेकिन आरोपी भाइयों ने गाड़ी ठीक करने की बजाय उसकी बॉडी और टायर खोलकर बाजार में बेच दिए, और बाकी पुर्जों व चेसिस को गायब कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस प्रकरण में पुलिस ने पहले ही एक आरोपी मोहम्मद शाहरुख को 26 जनवरी 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, उसका भाई और सह-आरोपी मोहम्मद आवेश (26 वर्ष), जो बेहद शातिर और चालाक प्रवृत्ति का है, लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, जिस पर पुलिस ने ₹2000 का इनाम घोषित किया था। आरोपी की धरपकड़ के लिए आसपुर थानाधिकारी मदनलाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना के आधार पर लगातार दबिश देकर लोहारों का मोहल्ला, जामा मस्जिद, ब्यावर निवासी मोहम्मद आवेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस मामले में वाहन के शेष हिस्सों की बरामदगी और आगे की तफ्तीश में जुटी हुई है।1
- उदयपुर जिले के भीण्डर नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 में गिरवर पोल स्कूल से विरवालियों का खेड़ा तक की पूरी सड़क बेहद खराब स्थिति में है। इस बदहाल सड़क के कारण आए दिन गाड़ियाँ फँस जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि भीण्डर नगरपालिका इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। निवासियों की माँग है कि इस खबर को पूरे राजस्थान में दिखाया जाए, ताकि सभी विधायकों को इसकी जानकारी हो सके, क्योंकि विधायक इस गाँव को केवल वोट के समय ही पहचानते हैं और तभी यहाँ वोट मांगने आते हैं।1
- शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक गणेश घोगरा ने डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत खेमारू में एक नवनिर्मित आधुनिक पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण स्थानीय विधायक विकास मद से ₹50 लाख की लागत से किया गया है। इस अवसर पर उप जिला प्रमुख सुरता परमार, डूंगरपुर प्रधान केवलराम कोटेड, उप प्रधान गुलाबसिंह चौहान, जिला परिषद सदस्य गुलशन मनात, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण साद, आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवशंकर ननोमा, पंचायत समिति सदस्य और मंडल अध्यक्ष ईश्वर कलासुआ, खेमारू सरपंच नाथूलाल कटारा, पूर्व जिला परिषद सदस्य बालकृष्ण परमार, पूर्व सरपंच और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राधेश्याम खराड़ी, तथा कांग्रेस प्रवक्ता लालशंकर कटारा, बाबूलाल कटारा, लक्ष्मण कटारा, रामा भाई बरांडा, चेतनलाल, हाँजा कटारा, शंकर कटारा, भगवान अहारी सहित खेमारू, भटवाड़ा, शंभू बहादुर शंकर नाथु, रामजी, गडामोरिया और पिपलादा जैसे विभिन्न गांवों के ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- सुरखंड का खेड़ा ग्राम पंचायत में लगभग 50 साल पहले बनाए गए एक नल के कुएं की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इतने लंबे समय से इस कुएं में कोई मरम्मत का काम नहीं किया गया है, जिसके चलते इसकी दीवारें कई जगहों से टूट गई हैं। इस कुएं की दयनीय स्थिति के कारण किसी भी इंसान, गाय, भैंस या अन्य पशु के इसमें गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कुआं दशकों से उपेक्षित पड़ा है और आज तक किसी भी संबंधित अधिकारी या विभाग का ध्यान इस ओर नहीं गया है। स्थानीय लोगों ने सरकार और ग्राम पंचायत से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर कुएं पर तत्काल ध्यान दें और इसकी जल्द से जल्द मरम्मत करवाएं। उनकी मांग है कि किसी बड़ी घटना के घटित होने का इंतजार करने के बजाय, सरकार को समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।1