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डूंगरपुर जिले में बीती रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरा इलाका तरबतर हो गया। पुराने शहर की सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं और उन पर नदी जैसा पानी बहने लगा। जिले में औसतन 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसमें सर्वाधिक बारिश निठाउवा में लगभग 4 इंच रिकॉर्ड की गई। इस बारिश से आम जनता को जहाँ गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं किसान खेतों में बुवाई के कार्यों में तेजी से जुट गए हैं।
Dungarpur Fast News
डूंगरपुर जिले में बीती रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरा इलाका तरबतर हो गया। पुराने शहर की सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं और उन पर नदी जैसा पानी बहने लगा। जिले में औसतन 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसमें सर्वाधिक बारिश निठाउवा में लगभग 4 इंच रिकॉर्ड की गई। इस बारिश से आम जनता को जहाँ गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं किसान खेतों में बुवाई के कार्यों में तेजी से जुट गए हैं।
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- डूंगरपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत साबली में आयोजित एक ग्रामीण सेवा शिविर में, दिव्यांग कांतिलाल वागात को आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या से बड़ी राहत मिली है। भाजपा नेता बंशीलाल कटारा की सक्रिय पहल के बाद समाज कल्याण विभाग ने मौके पर ही उन्हें ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई, जिससे कांतिलाल के चेहरे पर खुशी लौट आई। यह घटना राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों की प्रभावशीलता का एक उदाहरण है, जो आमजन की समस्याओं के त्वरित और संवेदनशील समाधान का एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं। शिविर के दौरान, दिव्यांग कांतिलाल वागात ने अपनी शारीरिक अक्षमता और आवाजाही में आने वाली परेशानियों के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया था। शिविर में मौजूद भाजपा नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी बंशीलाल कटारा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क किया और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। कटारा की पहल पर विभाग ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया को तत्काल पूरा किया और कांतिलाल को एक नई दिव्यांग ट्राई साइकिल सुपुर्द कर दी। कांतिलाल वागात पहले से ही दिव्यांग पेंशन योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत निःशुल्क राशन, आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी कई सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, और अब ट्राई साइकिल मिल जाने से उनका दैनिक जीवन और आवागमन और भी आसान हो जाएगा। इस अवसर पर, भाजपा नेता बंशीलाल कटारा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीण सेवा शिविर इसी उद्देश्य को साकार कर रहे हैं, जहाँ सभी विभाग एक ही छत के नीचे बैठकर आमजन की समस्याओं का ऑन-स्पॉट निपटारा कर रहे हैं, जिससे समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुशासन पहुँचाया जा सके। ग्रामीणों ने भी एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएँ मिलने और समस्याओं के तुरंत समाधान को लेकर राज्य सरकार की इस पहल की जमकर सराहना की, उनका कहना था कि इन शिविरों के कारण उन्हें दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है।1
- सीमलवाड़ा के रेवाशंकर पंड्या राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, धंबोला में मंगलवार को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सीमलवाड़ा न्यायालय के न्यायाधीश अनिल चावला ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, अनुशासित जीवन और शिक्षा के महत्व पर प्रेरक मार्गदर्शन दिया। अपने संबोधन में न्यायाधीश अनिल चावला ने युवा अवस्था को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि इस दौरान लिए गए सही निर्णय पूरे भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अफीम, गांजा, चरस, गुटखा, तंबाकू, धूम्रपान और शराब सहित सभी प्रकार के नशे से दूर रहने का आह्वान किया, क्योंकि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा और भविष्य को तबाह कर देता है, और एक बार इसकी लत लग जाने पर इससे बाहर निकलना अत्यंत कठिन हो जाता है। न्यायाधीश चावला ने छात्रों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और मेहनत से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग से बचने तथा सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने के बजाय पढ़ाई, खेलकूद, पुस्तक अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों में समय देने की सलाह दी, ताकि वे सफल, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। न्यायाधीश चावला ने विद्यालय को केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला भी बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अच्छे विचारों को अपनाकर अनुशासन, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें, ताकि वे अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने छात्रों से समाज में नशा मुक्ति, स्वच्छता, शिक्षा और सकारात्मक सोच का संदेश फैलाने का भी आग्रह किया। इस शिविर में तालुका सचिव रमणलाल डामोर, पंकज कुमार पाटीदार, न्यायालय मुंशी कमलाशंकर, पीएलवी सुरेश कुमार, हरीश, रमेश चंद्र रोत और विद्यालय के संस्था प्रधान सुनील पंड्या सहित विद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशा मुक्त जीवन अपनाने तथा शिक्षा व सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का संकल्प भी लिया।1
- चौरासी से विधायक अनिल कटारा ने खनिज विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।1
- धरियावद नगरपालिका के शिकारवाड़ी में आज़ादी के बाद आखिरकार पक्की सड़क का निर्माण पूरा हो गया है, जिससे वार्डवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने इस लंबे समय से लंबित मांग के पूरी होने पर नगरपालिका धरियावद और स्थानीय विधायक का आभार व्यक्त किया है। देश की आज़ादी के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद शिकारवाड़ी के लोगों को पक्की सड़क नसीब नहीं हुई थी, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से बारिश के दिनों में स्थिति बदतर हो जाती थी, और गर्भवती महिलाओं, मरीजों तथा एंबुलेंस को आवागमन में काफी दिक्कतें आती थीं। इस समस्या को कई बार सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से उठाया गया, लेकिन पहले केवल आश्वासन ही मिलते रहे। अब नगर पालिका धरियावद द्वारा लगभग 4 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण किया गया है, जिसमें 02 किलोमीटर शिकारवाड़ी रोड और 02 किलोमीटर गायत्री माता मंदिर पर पक्का सीमेंटेड रोड शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 90 लाख रुपए बताई जा रही है। सड़क निर्माण के साथ ही, शिकारवाड़ी में हैंडपंप, पनघट और विद्युत पोल भी लगाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को शहरी जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। सोमवार को नगर पालिका अधिकारियों और विधायक थावरचंद डामोर ने नवनिर्मित 04 किलोमीटर लंबी सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक डामोर ने सड़क निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के इस्तेमाल की सराहना करते हुए कहा कि यह सड़क कई वर्षों तक ग्रामीणों के लिए संपर्क मार्ग के रूप में सहायक सिद्ध होगी। सालों बाद अपनी लंबित मांग पूरी होने से ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है।2
- डूंगरपुर में जिला परिवहन विभाग ने मंगलवार को स्कूल वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कई स्कूल बसों और अन्य वाहनों में गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप विभाग ने कुल 11 वाहनों के चालान काटे और नियमों का सख्ती से पालन करने की कड़ी चेतावनी दी। जांच में सामने आया कि कई वाहन बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के ही चल रहे थे। एक निजी जीप को तो स्कूल वाहन के लिए बिना किसी परमिट के ही स्कूली बच्चों को ले जाते हुए पाया गया। इसके अतिरिक्त, कुछ बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए गए थे, और कई वाहन चालकों व परिचालकों ने अपनी निर्धारित वर्दी नहीं पहनी थी। परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम ने शहर के सदर थाना चौराहा और महाराणा प्रताप सर्किल सहित विभिन्न स्थानों पर यह जांच की। इस दौरान, दो बसों में परिचालक नदारद मिले, जिससे बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए। वैन और ऑटो जैसे अन्य वाहनों में भी बच्चों को ले जाने के मामले सामने आए, जिनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने स्पष्ट किया कि यह विशेष अभियान स्कूली वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी वाहन चालकों को सुरक्षा संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों की यात्रा सुरक्षित रहे।2
- राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर के तहत गड़ापट्टापीठ में आयोजित शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और सुविधा का केंद्र साबित हुआ। जिला कलेक्टर देशलदान की उपस्थिति में विभिन्न विभागों ने एक ही स्थान पर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों के कार्यों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण किया गया, जिससे उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। शिविर की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि पात्र नागरिकों के जन्म प्रमाण पत्र हाथों-हाथ तैयार करके वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, छात्र-छात्राओं और अन्य पात्र लाभार्थियों के रोडवेज पास भी मौके पर ही बनाकर सौंपे गए। भूमि संबंधी प्रकरणों को भी शीघ्रता से निपटाते हुए कई लाभार्थियों को तत्काल भूमि पट्टे प्रदान किए गए। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, पंचायत, शिक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदनों का भी समाधान किया और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलवाया। जिला कलेक्टर देशलदान ने शिविर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को सरकारी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इस अवसर पर विकास अधिकारी ललित उपाध्याय, तहसीलदार राजेश मीणा, भाजपा मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, जगदीश पंड्या सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- उदयपुर जिले के भीण्डर नगरपालिका के वार्ड नंबर 7 में गिरवर पोल स्कूल से विरवालियों का खेड़ा तक की पूरी सड़क बेहद खराब स्थिति में है। इस बदहाल सड़क के कारण आए दिन गाड़ियाँ फँस जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि भीण्डर नगरपालिका इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। निवासियों की माँग है कि इस खबर को पूरे राजस्थान में दिखाया जाए, ताकि सभी विधायकों को इसकी जानकारी हो सके, क्योंकि विधायक इस गाँव को केवल वोट के समय ही पहचानते हैं और तभी यहाँ वोट मांगने आते हैं।1
- सीमलवाड़ा पंचायत समिति के जलाप गांव में मुख्य सड़क के किनारे मिट्टी डाल दिए जाने के कारण बरसात के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे सड़क पर तालाब जैसी स्थिति बन गई है। पानी लंबे समय तक जमा रहने के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या हर वर्ष बरसात के मौसम में सामने आती है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। सड़क के दोनों ओर उचित जल निकासी व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सड़क पर ही भर जाता है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है और पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मुख्य मार्ग होने के कारण दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है, और पानी भरे रहने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर सड़क किनारे उचित नालियां या पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाए, ताकि हर साल होने वाली इस परेशानी से स्थायी राहत मिल सके।1