डूंगरपुर में जिला परिवहन विभाग ने मंगलवार को स्कूल वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कई स्कूल बसों और अन्य वाहनों में गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप विभाग ने कुल 11 वाहनों के चालान काटे और नियमों का सख्ती से पालन करने की कड़ी चेतावनी दी। जांच में सामने आया कि कई वाहन बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के ही चल रहे थे। एक निजी जीप को तो स्कूल वाहन के लिए बिना किसी परमिट के ही स्कूली बच्चों को ले जाते हुए पाया गया। इसके अतिरिक्त, कुछ बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए गए थे, और कई वाहन चालकों व परिचालकों ने अपनी निर्धारित वर्दी नहीं पहनी थी। परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम ने शहर के सदर थाना चौराहा और महाराणा प्रताप सर्किल सहित विभिन्न स्थानों पर यह जांच की। इस दौरान, दो बसों में परिचालक नदारद मिले, जिससे बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए। वैन और ऑटो जैसे अन्य वाहनों में भी बच्चों को ले जाने के मामले सामने आए, जिनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने स्पष्ट किया कि यह विशेष अभियान स्कूली वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी वाहन चालकों को सुरक्षा संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों की यात्रा सुरक्षित रहे।
डूंगरपुर में जिला परिवहन विभाग ने मंगलवार को स्कूल वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कई स्कूल बसों और अन्य वाहनों में गंभीर कमियां पाई गईं, जिसके परिणामस्वरूप विभाग ने कुल 11 वाहनों के चालान काटे और नियमों का सख्ती से पालन करने की कड़ी चेतावनी दी। जांच में सामने आया कि कई वाहन बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के ही चल रहे थे। एक निजी जीप को तो स्कूल वाहन के लिए बिना किसी परमिट के ही स्कूली बच्चों को ले जाते हुए पाया गया। इसके अतिरिक्त, कुछ बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए गए थे, और कई वाहन चालकों व परिचालकों ने अपनी निर्धारित वर्दी
नहीं पहनी थी। परिवहन निरीक्षक सुरेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम ने शहर के सदर थाना चौराहा और महाराणा प्रताप सर्किल सहित विभिन्न स्थानों पर यह जांच की। इस दौरान, दो बसों में परिचालक नदारद मिले, जिससे बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए। वैन और ऑटो जैसे अन्य वाहनों में भी बच्चों को ले जाने के मामले सामने आए, जिनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई। जिला परिवहन अधिकारी मनीष माथुर ने स्पष्ट किया कि यह विशेष अभियान स्कूली वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी वाहन चालकों को सुरक्षा संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं ताकि बच्चों की यात्रा सुरक्षित रहे।
- आज डूंगरपुर में सिविल डिफेंस और SDRF टीमों ने मिलकर बारिश से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया। उन्होंने डूंगरपुर के बादल महल और गेपसागर में बारिश के दौरान बचाव के तरीकों का डेमो किया। इस दौरान सिविल डिफेंस के सदस्यों और SDRF टीम के अन्य साथियों ने मिलकर लोगों को आंधी, तूफान और बारिश से बचने के लिए जागरूक किया। टीमों ने लोगों से न घबराने और समझदारी से काम लेने की अपील की, साथ ही बारिश से बचाव के लिए सुरक्षा कवच को जरूरी बताया। उन्होंने 'स्वस्थ रहें और सुरक्षित रहें' का संदेश भी दिया।4
- डूंगरपुर जिले में बीती रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरा इलाका तरबतर हो गया। पुराने शहर की सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं और उन पर नदी जैसा पानी बहने लगा। जिले में औसतन 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसमें सर्वाधिक बारिश निठाउवा में लगभग 4 इंच रिकॉर्ड की गई। इस बारिश से आम जनता को जहाँ गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं किसान खेतों में बुवाई के कार्यों में तेजी से जुट गए हैं।1
- डूंगरपुर जिले में महिंद्रा स्कॉर्पियो को रिस्टोर करने के नाम पर ठगी करने वाले एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने परिवादी सुरेंद्र सिंह से स्कॉर्पियो की मरम्मत के लिए अग्रिम के तौर पर 3 लाख 15 हजार रुपये ठगे थे। यह गिरफ्तारी डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खीव सिंह और वृताधिकारी वृत्त आसपुर प्रभुलाल कुमावत के निर्देशन में थानाधिकारी आसपुर मदनलाल द्वारा गठित एक विशेष टीम ने की है। गिरफ्तार किया गया अभियुक्त मोहम्मद आवेश, जो मोहम्मद अकरम का पुत्र है और ब्यावर के मुसलमान लोहारों के मोहल्ला जामा मस्जिद का निवासी है, पुलिस थाना आसपुर का तीन वर्ष से वांछित था। आरोपी पर 2000 रुपये का इनाम भी घोषित था।2
- डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर आसपुर थाना पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे ₹2000 के इनामी शातिर ठग मोहम्मद आवेश को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोहम्मद आवेश महिन्द्रा स्कॉर्पियो गाड़ी को रिस्टोर करने के बहाने अग्रिम राशि हड़पने और वाहन के कीमती कलपुर्जे खुर्द-बुर्द कर बेचने के गंभीर मामले में वांछित था। थानाधिकारी मदनलाल खटीक ने बताया कि रामा तहसील आसपुर, जिला डूंगरपुर निवासी प्रार्थी सुरेन्द्र सिंह चौहान ने वर्ष 2022 में अपनी महिन्द्रा स्कॉर्पियो को ठीक कराने के लिए अजमेर जिले के ब्यावर निवासी मोहम्मद शाहरुख और मोहम्मद आवेश नामक दो भाइयों को सौंपा था। प्रार्थी ने गाड़ी के काम के लिए उन्हें ₹1 लाख 15 हजार की अग्रिम राशि भी दी थी, लेकिन आरोपी भाइयों ने गाड़ी ठीक करने की बजाय उसकी बॉडी और टायर खोलकर बाजार में बेच दिए, और बाकी पुर्जों व चेसिस को गायब कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस प्रकरण में पुलिस ने पहले ही एक आरोपी मोहम्मद शाहरुख को 26 जनवरी 2024 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, उसका भाई और सह-आरोपी मोहम्मद आवेश (26 वर्ष), जो बेहद शातिर और चालाक प्रवृत्ति का है, लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, जिस पर पुलिस ने ₹2000 का इनाम घोषित किया था। आरोपी की धरपकड़ के लिए आसपुर थानाधिकारी मदनलाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना के आधार पर लगातार दबिश देकर लोहारों का मोहल्ला, जामा मस्जिद, ब्यावर निवासी मोहम्मद आवेश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस मामले में वाहन के शेष हिस्सों की बरामदगी और आगे की तफ्तीश में जुटी हुई है।1
- मंगलवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गड़ा पट्टा पीठ और पुनावाड़ा में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन दोनों शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। गड़ा पट्टा पीठ में आयोजित शिविर का निरीक्षण जिला कलक्टर देशल दान ने किया। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आमजन के हित में समन्वय के साथ कार्य करने और आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने समाज कल्याण विभाग, रोडवेज निगम, राजस्व विभाग और पंचायतीराज विभाग को बेहतर उपलब्धियां हासिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए विशेष निर्देश दिए। शिविर के दौरान उन्होंने पात्र लाभार्थियों को आबादी पट्टे और पेंशन स्वीकृति पत्र भी अपने हाथों से वितरित किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन को गांव तक पहुंचाकर लोगों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इस शिविर में विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या, नायब तहसीलदार राजेश मीणा, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, मंडल महामंत्री जगदीश पंड्या, देवेंद्र दर्जी, सरपंच पोपटलाल खराड़ी, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश रोत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं, पुनावाड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में पूर्व प्रधान एवं प्रत्याशी कारीलाल ननोमा मुख्य अतिथि रहे, जबकि जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि कारीलाल ननोमा ने इन शिविरों को सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद का माध्यम बताया, ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने और अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने का आह्वान किया। जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कहा कि ऐसे शिविरों से ग्रामीणों के कार्यों का त्वरित निस्तारण संभव हो रहा है और शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने पारदर्शी, जवाबदेह और जनकल्याणकारी प्रशासन उपलब्ध कराने के सरकार के उद्देश्य पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी महावीर जैन, तहसीलदार अविनाश, नायब तहसीलदार चिराग पंड्या, विकास अधिकारी जयेश पाटीदार और जिला रसद अधिकारी महेश शर्मा ने भी ग्रामीण सेवा शिविरों की महत्ता और सरकार की मंशा पर विस्तृत जानकारी दी। इस शिविर में जल संसाधन विभाग के किसी प्रतिनिधि के उपस्थित न होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की। साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से पीठ से पुनावाड़ा सड़क पर शीघ्र पेचवर्क कराने की मांग भी रखी। कृषि विभाग, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- मंगलवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक चिखली की ग्राम पंचायत शिशोट के राजस्व गांव बादेला में कथित अवैध खनन की सूचना मिलने पर विधायक अनिल कटारा मौके पर पहुंचे। विधायक ने आरोप लगाया कि उनके घटनास्थल पर पहुँचने से पहले ही अवैध खनन में इस्तेमाल किए गए वाहनों को वहां से हटा दिया गया था, हालांकि, मौके पर एक क्रेशर मशीन मौजूद मिली। विधायक अनिल कटारा ने तत्काल उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सहित संबंधित अधिकारियों को फोन पर इस मामले की जानकारी दी और उन्हें मौके पर बुलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मौके पर मिली क्रेशर मशीन को जब्त करें और नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। कटारा ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नितांत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और स्थानीय विधायक गणेश घोगरा ने डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत खेमारू में एक नवनिर्मित आधुनिक पुस्तकालय भवन का लोकार्पण किया। इस भवन का निर्माण स्थानीय विधायक विकास मद से ₹50 लाख की लागत से किया गया है। इस अवसर पर उप जिला प्रमुख सुरता परमार, डूंगरपुर प्रधान केवलराम कोटेड, उप प्रधान गुलाबसिंह चौहान, जिला परिषद सदस्य गुलशन मनात, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण साद, आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवशंकर ननोमा, पंचायत समिति सदस्य और मंडल अध्यक्ष ईश्वर कलासुआ, खेमारू सरपंच नाथूलाल कटारा, पूर्व जिला परिषद सदस्य बालकृष्ण परमार, पूर्व सरपंच और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राधेश्याम खराड़ी, तथा कांग्रेस प्रवक्ता लालशंकर कटारा, बाबूलाल कटारा, लक्ष्मण कटारा, रामा भाई बरांडा, चेतनलाल, हाँजा कटारा, शंकर कटारा, भगवान अहारी सहित खेमारू, भटवाड़ा, शंभू बहादुर शंकर नाथु, रामजी, गडामोरिया और पिपलादा जैसे विभिन्न गांवों के ग्रामीणजन उपस्थित रहे।4
- सुरखंड का खेड़ा ग्राम पंचायत में लगभग 50 साल पहले बनाए गए एक नल के कुएं की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। इतने लंबे समय से इस कुएं में कोई मरम्मत का काम नहीं किया गया है, जिसके चलते इसकी दीवारें कई जगहों से टूट गई हैं। इस कुएं की दयनीय स्थिति के कारण किसी भी इंसान, गाय, भैंस या अन्य पशु के इसमें गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे एक बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कुआं दशकों से उपेक्षित पड़ा है और आज तक किसी भी संबंधित अधिकारी या विभाग का ध्यान इस ओर नहीं गया है। स्थानीय लोगों ने सरकार और ग्राम पंचायत से आग्रह किया है कि वे इस जर्जर कुएं पर तत्काल ध्यान दें और इसकी जल्द से जल्द मरम्मत करवाएं। उनकी मांग है कि किसी बड़ी घटना के घटित होने का इंतजार करने के बजाय, सरकार को समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।1