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चौरासी से विधायक अनिल कटारा ने खनिज विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।
राकेश कलाल रिपोर्टर
चौरासी से विधायक अनिल कटारा ने खनिज विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।
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- चौरासी से विधायक अनिल कटारा ने खनिज विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।1
- मंगलवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गड़ा पट्टा पीठ और पुनावाड़ा में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इन दोनों शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराया। गड़ा पट्टा पीठ में आयोजित शिविर का निरीक्षण जिला कलक्टर देशल दान ने किया। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आमजन के हित में समन्वय के साथ कार्य करने और आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने समाज कल्याण विभाग, रोडवेज निगम, राजस्व विभाग और पंचायतीराज विभाग को बेहतर उपलब्धियां हासिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए विशेष निर्देश दिए। शिविर के दौरान उन्होंने पात्र लाभार्थियों को आबादी पट्टे और पेंशन स्वीकृति पत्र भी अपने हाथों से वितरित किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन को गांव तक पहुंचाकर लोगों को एक ही स्थान पर सभी विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इस शिविर में विकास अधिकारी ललित कुमार पंड्या, नायब तहसीलदार राजेश मीणा, मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार, मंडल महामंत्री जगदीश पंड्या, देवेंद्र दर्जी, सरपंच पोपटलाल खराड़ी, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश रोत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं, पुनावाड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में पूर्व प्रधान एवं प्रत्याशी कारीलाल ननोमा मुख्य अतिथि रहे, जबकि जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि कारीलाल ननोमा ने इन शिविरों को सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद का माध्यम बताया, ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने और अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखने का आह्वान किया। जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना ने कहा कि ऐसे शिविरों से ग्रामीणों के कार्यों का त्वरित निस्तारण संभव हो रहा है और शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल ने पारदर्शी, जवाबदेह और जनकल्याणकारी प्रशासन उपलब्ध कराने के सरकार के उद्देश्य पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी महावीर जैन, तहसीलदार अविनाश, नायब तहसीलदार चिराग पंड्या, विकास अधिकारी जयेश पाटीदार और जिला रसद अधिकारी महेश शर्मा ने भी ग्रामीण सेवा शिविरों की महत्ता और सरकार की मंशा पर विस्तृत जानकारी दी। इस शिविर में जल संसाधन विभाग के किसी प्रतिनिधि के उपस्थित न होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की। साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से पीठ से पुनावाड़ा सड़क पर शीघ्र पेचवर्क कराने की मांग भी रखी। कृषि विभाग, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों को लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- मंगलवार को चौरासी विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक चिखली की ग्राम पंचायत शिशोट के राजस्व गांव बादेला में कथित अवैध खनन की सूचना मिलने पर विधायक अनिल कटारा मौके पर पहुंचे। विधायक ने आरोप लगाया कि उनके घटनास्थल पर पहुँचने से पहले ही अवैध खनन में इस्तेमाल किए गए वाहनों को वहां से हटा दिया गया था, हालांकि, मौके पर एक क्रेशर मशीन मौजूद मिली। विधायक अनिल कटारा ने तत्काल उपखंड अधिकारी (एसडीएम) सहित संबंधित अधिकारियों को फोन पर इस मामले की जानकारी दी और उन्हें मौके पर बुलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मौके पर मिली क्रेशर मशीन को जब्त करें और नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें। कटारा ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नितांत आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- आज डूंगरपुर में सिविल डिफेंस और SDRF टीमों ने मिलकर बारिश से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया। उन्होंने डूंगरपुर के बादल महल और गेपसागर में बारिश के दौरान बचाव के तरीकों का डेमो किया। इस दौरान सिविल डिफेंस के सदस्यों और SDRF टीम के अन्य साथियों ने मिलकर लोगों को आंधी, तूफान और बारिश से बचने के लिए जागरूक किया। टीमों ने लोगों से न घबराने और समझदारी से काम लेने की अपील की, साथ ही बारिश से बचाव के लिए सुरक्षा कवच को जरूरी बताया। उन्होंने 'स्वस्थ रहें और सुरक्षित रहें' का संदेश भी दिया।4
- डूंगरपुर जिले में बीती रात मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पूरा इलाका तरबतर हो गया। पुराने शहर की सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं और उन पर नदी जैसा पानी बहने लगा। जिले में औसतन 2 इंच बारिश दर्ज की गई, जिसमें सर्वाधिक बारिश निठाउवा में लगभग 4 इंच रिकॉर्ड की गई। इस बारिश से आम जनता को जहाँ गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं किसान खेतों में बुवाई के कार्यों में तेजी से जुट गए हैं।1
- सरोदा चौखला के कटकेश्वर महादेव मंदिर हॉल में यादव समाज द्वारा एक ऐतिहासिक मार्गदर्शन सेमिनार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक संगठन और युवाओं के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्ञान ज्योति सेवा संस्थान, उदयपुर के संस्थापक राहुल मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि "शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार है"। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे अपनी बेटियों को IAS और RAS सहित अन्य उच्च प्रशासनिक सेवाओं के लिए तैयार करें। इस अवसर पर मूकनायक राजस्थान के संपादक रामलाल यादव ने वैज्ञानिक सोच, तर्क आधारित शिक्षा और महापुरुषों के आदर्शों का अनुसरण करने का संदेश दिया। इस सम्मेलन में समाज के वरिष्ठजन, शिक्षाविद, महिला प्रतिनिधि, युवा और सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे। यह विशेष रिपोर्ट सम्मेलन के प्रेरणादायक भाषणों, प्रमुख संदेशों और समाज के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को दर्शाती है।1
- कुशलगढ़ नगर से लगभग पाँच किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत भीमपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं के बीच संचालित हो रहा है। लगभग 300 से अधिक विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रही है। विद्यालय परिसर में अध्यापन के लिए केवल पाँच कक्ष उपलब्ध हैं, जिनमें से सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दो कक्षों को जर्जर और अनुपयोगी घोषित कर उन्हें ध्वस्त करने के आदेश जारी किए हैं। ऐसे में बचे हुए कमरों में शिक्षण कार्य चलाना एक मजबूरी बन गया है। स्थिति यह है कि एक कमरे में संस्था प्रधान और शिक्षकों का कार्यालय संचालित होता है, जबकि कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। विद्यालय परिसर में बने पार्किंग शेड के नीचे अस्थायी रूप से कक्षाएं लगाई जाती हैं। वहीं, कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए विद्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित पंचायत भवन तक जाना पड़ता है, जिससे बरसात के मौसम में उन्हें और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और जान जोखिम में डालकर शिक्षण कार्य करना पड़ता है। कार्यवाहक संस्था प्रधान मांगी बहन डामोर ने बताया कि विद्यालय में कुल 14 पद स्वीकृत हैं, जिनमें छह द्वितीय श्रेणी अध्यापक, पाँच तृतीय श्रेणी अध्यापक, एक संस्था प्रधान, एक कनिष्ठ लिपिक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद शामिल है। वर्तमान में केवल तीन द्वितीय श्रेणी और तीन तृतीय श्रेणी अध्यापक ही कार्यरत हैं। कनिष्ठ लिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद रिक्त होने के कारण विद्यालय का प्रशासनिक कार्य और रखरखाव गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। अध्यापकों शंकरलाल मईड़ा और कमलेश कटीजा ने बताया कि कक्षों के निर्माण और रिक्त पदों को भरने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित किया गया है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षण में शिक्षकों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय की एक और बड़ी समस्या मोबाइल नेटवर्क का अभाव है, जिसके कारण परिसर में किसी भी मोबाइल कंपनी का नेटवर्क नहीं आता। इससे ऑनलाइन पोर्टल, शाला दर्पण और अन्य विभागीय कार्यों के लिए शिक्षकों को या तो कुशलगढ़ जाना पड़ता है या लगभग दो किलोमीटर दूर पहाड़ी पर चढ़कर नेटवर्क तलाशना पड़ता है। ग्रामीणों और विद्यालय परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन, शिक्षा विभाग और राज्य सरकार ने समय रहते विद्यालय भवन निर्माण, रिक्त पदों की पूर्ति और मूलभूत सुविधाओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में सैकड़ों विद्यार्थियों की शिक्षा और सुरक्षा पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, शिक्षा विभाग और राजस्थान सरकार से तत्काल नए कक्षों के निर्माण, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति और विद्यालय की आधारभूत समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की है।2
- सीमलवाड़ा के रेवाशंकर पंड्या राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, धंबोला में मंगलवार को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सीमलवाड़ा न्यायालय के न्यायाधीश अनिल चावला ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति, अनुशासित जीवन और शिक्षा के महत्व पर प्रेरक मार्गदर्शन दिया। अपने संबोधन में न्यायाधीश अनिल चावला ने युवा अवस्था को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि इस दौरान लिए गए सही निर्णय पूरे भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अफीम, गांजा, चरस, गुटखा, तंबाकू, धूम्रपान और शराब सहित सभी प्रकार के नशे से दूर रहने का आह्वान किया, क्योंकि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा और भविष्य को तबाह कर देता है, और एक बार इसकी लत लग जाने पर इससे बाहर निकलना अत्यंत कठिन हो जाता है। न्यायाधीश चावला ने छात्रों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और मेहनत से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग से बचने तथा सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने के बजाय पढ़ाई, खेलकूद, पुस्तक अध्ययन और रचनात्मक गतिविधियों में समय देने की सलाह दी, ताकि वे सफल, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। न्यायाधीश चावला ने विद्यालय को केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला भी बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अच्छे विचारों को अपनाकर अनुशासन, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें, ताकि वे अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने छात्रों से समाज में नशा मुक्ति, स्वच्छता, शिक्षा और सकारात्मक सोच का संदेश फैलाने का भी आग्रह किया। इस शिविर में तालुका सचिव रमणलाल डामोर, पंकज कुमार पाटीदार, न्यायालय मुंशी कमलाशंकर, पीएलवी सुरेश कुमार, हरीश, रमेश चंद्र रोत और विद्यालय के संस्था प्रधान सुनील पंड्या सहित विद्यालय स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने नशा मुक्त जीवन अपनाने तथा शिक्षा व सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का संकल्प भी लिया।1