बांदा में बागेश्वर धाम कथा की गूंज, नगर से लेकर गांवों तक बांटे गए अक्षत बांदा। बुंदेलखंड की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समर्पित बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन ने आगामी बागेश्वर धाम कथा को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। फाउंडेशन के संस्थापक श्री प्रवीण सिंह के नेतृत्व में बुधवार को नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भव्य जनसंपर्क करते हुए श्रद्धालुओं को पीले अक्षत और निमंत्रण पत्र वितरित किए गए। नगर भ्रमण में दिखा उत्साह अभियान की शुरुआत बकरगंज चौराहे से हुई। इसके बाद मेवा मार्केट, शंकरगुरु चौराहा, पुरानी बजाजी, कोतवाली चौराहा, दुर्गा बाजार होते हुए माहेश्वरी देवी चौराहे तक टीम ने पैदल भ्रमण कर व्यापारियों और आमजन से संपर्क किया। इस दौरान कथा को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर संस्थापक प्रवीण सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती पर बागेश्वर धाम की कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने का माध्यम है। फाउंडेशन इस दिव्य आयोजन को भव्य बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। ग्रामीण अंचलों में घर-घर पहुंचा निमंत्रण नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसंपर्क अभियान चलाया गया। पूज्य पाद श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (बागेश्वर धाम सरकार) की कथा के निमंत्रण के साथ टोलियों ने घर-घर जाकर अक्षत वितरित किए। अभियान के तहत ग्राम ब्रह्म डेरा, बड़ा डेरा, टिकरी, रघुवंशी डेरा, कनवारा और ग्राम पिपरी सहित कई गांवों में सघन जनसंपर्क किया गया। भक्तिमय माहौल, जयकारों से गूंजा क्षेत्र अक्षत वितरण के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ‘जय श्री राम’ और ‘बागेश्वर धाम की जय’ के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं और बुजुर्गों ने अक्षत का तिलक लगाकर टोलियों का स्वागत किया और सपरिवार कथा में शामिल होने का संकल्प लिया। तैयारियां अंतिम चरण में फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लक्ष्य है कि हर सनातनी परिवार तक निमंत्रण पहुंचे, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस आध्यात्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें।
बांदा में बागेश्वर धाम कथा की गूंज, नगर से लेकर गांवों तक बांटे गए अक्षत बांदा। बुंदेलखंड की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समर्पित बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन ने आगामी बागेश्वर धाम कथा को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। फाउंडेशन के संस्थापक श्री प्रवीण सिंह के नेतृत्व में बुधवार को नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भव्य जनसंपर्क करते हुए श्रद्धालुओं को पीले अक्षत और निमंत्रण पत्र वितरित किए गए। नगर भ्रमण में दिखा उत्साह अभियान की शुरुआत बकरगंज चौराहे से हुई। इसके बाद मेवा मार्केट, शंकरगुरु चौराहा, पुरानी बजाजी, कोतवाली चौराहा, दुर्गा बाजार होते हुए माहेश्वरी देवी चौराहे तक टीम ने पैदल भ्रमण कर व्यापारियों और आमजन से संपर्क किया। इस दौरान कथा को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर संस्थापक प्रवीण सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती पर बागेश्वर धाम की कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने का माध्यम है। फाउंडेशन इस दिव्य आयोजन को भव्य बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। ग्रामीण अंचलों में घर-घर पहुंचा निमंत्रण नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनसंपर्क अभियान चलाया गया। पूज्य पाद श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (बागेश्वर धाम सरकार) की कथा के निमंत्रण के साथ टोलियों ने घर-घर जाकर अक्षत वितरित किए। अभियान के तहत ग्राम ब्रह्म डेरा, बड़ा डेरा, टिकरी, रघुवंशी डेरा, कनवारा और ग्राम पिपरी सहित कई गांवों में सघन जनसंपर्क किया गया। भक्तिमय माहौल, जयकारों से गूंजा क्षेत्र अक्षत वितरण के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ‘जय श्री राम’ और ‘बागेश्वर धाम की जय’ के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महिलाओं और बुजुर्गों ने अक्षत का तिलक लगाकर टोलियों का स्वागत किया और सपरिवार कथा में शामिल होने का संकल्प लिया। तैयारियां अंतिम चरण में फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। लक्ष्य है कि हर सनातनी परिवार तक निमंत्रण पहुंचे, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस आध्यात्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त कर सकें।
- ऑटो और चार पहिया वाहन की सीधी टक्कर में तीन लोग गंभीर रूप से हुए घायल मौदहा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मौदहा बसवारी मार्ग पर रमना गांव के पास रविवार शाम करीब 6 बजे एक ऑटो और सामने से आ रहे अज्ञात चार पहिया वाहन की आमने सामने जोरदार टक्कर हो गई हादसे में ऑटो सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए सूचना पर पहुंची 108 एम्बुलेंस तीनों घायलों को मौदहा सीएससी पहुंची तीनों की हालत नाजुक देख प्राथमिक उपचार के बाद किया गया जिला अस्पताल रेफर1
- दिनदहाड़े संग्रह, रात के अंधेरे में खनन: विरमा नदी में बेखौफ बालू माफिया सक्रिय कुलपहाड़–पनवाड़ी क्षेत्र में अवैध बालू खनन से नदी का स्वरूप बिगड़ा, जिम्मेदार मौन महोबा। जनपद महोबा के कुलपहाड़ तहसील अंतर्गत विकास खंड पनवाड़ी क्षेत्र में स्थित विरमा नदी में अवैध बालू खनन का खेल खुलेआम जारी है। दिन के उजाले में नदी से बालू इकट्ठा की जाती है और रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध रूप से बालू का परिवहन किया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से न केवल शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी का प्राकृतिक स्वरूप भी बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार बालू माफियाओं ने विरमा नदी की जलधाराओं को किनारे की ओर मोड़ दिया है, जिससे नदी का प्रवाह असंतुलित हो गया है। लगातार हो रहे अवैध खनन के कारण नदी की गहराई और चौड़ाई में अस्वाभाविक परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय खतरे की आशंका बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक छतेसर घाट, नौगांव फदना घाट और किल्हौवा घाट से लगातार दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बालू लादकर निकलती हैं। यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है, जिससे खनिज विभाग और प्रशासन को चकमा दिया जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफिया बेखौफ होकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं और खनिज विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों में इस अवैध खनन को लेकर भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो विरमा नदी पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग से मांग की है कि अवैध बालू खनन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो तथा नदी के संरक्षण हेतु तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।1
- नाम उत्तम सिंह है फतेहपुर जिले का रहने वाला हूं मेरे गांव का नाम बसावनपुर है हमारी चाहत है की विद्यालय में साल में दो ही बार नाम लिया जाता है 15 अगस्त और 26 जनवरी को वह बलिदान देने वाले वीरों1
- अभय टी0वी0 में 11 जनवरी की प्रमुख खबरें1
- जिन जिन सरकारों ने विदेशी कर्ज हमारे देश के नाम पर लिया उन पार्टियों को ही चुकाना होगा ये कर्ज नेता ऐश करें कर्ज जनता पर थोपा जाए तो ऐसा नहीं होगा 11 सालों में मोदी सरकार ने इतना कर्ज लिया पर पैसा गया कहा हिसाब नहीं दिया हिसाब देना चाहिए बीजेपी को ही चुकाना चाहिए नेता अगर देश भक्ति का ढोंग करते है तो सैलरी सुख सुविधाएं जनता के टैक्स के पैसों से क्यों लेते है जितने अरबपति करोड़पति नेता है उनकी संपत्ति सत्ता राज में कितनी बढ़ी क्यों कैसे बढ़ी इन्होंने कितना टैक्स देश को दिया मीडिया के सामने देश को बताएं यही इंसाफ है यही धर्म है अब गरीब मिडिल क्लास त्रस्त हो गया है।।1
- बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे पूर्व सांसद स्वर्गीय सुखलाल कुशवाहा जी की जयंती पर हरगनपुर गांव जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान।1
- भीषण ठंड के बीच सड़क जैसी बुनियादी सुविधा की मांग को लेकर अनशन पर बैठे ग्रामीणों को समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कंबल वितरित कर सहयोग दिया मौदहा विकासखंड अंतर्गत गउघाट छानी पर सरसदवा डेरा का है जहां आजादी के बाद से अब तक सड़क जैसी मूलभूत सुविधा नहीं पहुंच पाई हैं इसी मांगों को लेकर ग्रामीण बीते 5 जनवरी से अनशन पर बैठे हुए हैं गौरतलब है कि इससे पहले भी ग्रामीणों ने अनशन किया था जिसे तत्कालीन उप जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी व जिलाधिकारी से वार्ता कर सड़क निर्माण का आश्वासन देकर समाप्त कराया था1
- विकास के दावों की खुली पोल: 20 साल में ही 'अधमरा' हुआ दुलारा का पुल!1
- घाटमपुर-थाना क्षेत्र में दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है,जिसे जानकार आपकी भी रूह कांप जाएगी।आपको बता दें कि घाटमपुर थाना क्षेत्र के गांव शरदेपुर में रोज की तरह गर्भवती महिला अपने लगभग ढाई वर्षीय मासूम के साथ घर पर थी,और शाम होते ही अपने व मासूम और पति के लिए खाना बनाने हैं का इंतजाम कर रही थी,आटा मढ़ चुका था,बस रोटी सेकनी बाकी थी,मां अपने मासूम से कह रही थी की बेटा बस पापा जल्दी से आ जाए तो गरम-गरम खाना खाकर सोया जाए।परंतु रविवार की रात गर्भवती महिला और मासूम को क्या पता था कि आज की रात उनकी आखिरी रात होगी।1