जब हादसे का मंजर बना स्कूल का मैंदान मौक ड्रिल ने बच्चों को सिखाया जिंदगी बचाने का सबक सड़क हादसा हो या रेल दुर्घटना हादसा कभी बताकर नहीं आता। लेकिन थोड़ी सी सावधानी किसी की जिंदगी जरूर बचा सकती है। इसी सोच के साथ मधेपुरा के चौसा प्रखंड में बच्चों को सड़क और रेल दुर्घटनाओं से बचाव के तरीके बताए गए। खास बात ये रही कि कन्या मध्य विद्यालय चौसा में सिर्फ बातें नहीं हुईं, बल्कि मौक ड्रिल के जरिए बच्चों को हादसे की तस्वीर समझाई गई। मौक ड्रिल इतनी वास्तविक लगी कि मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। ये तस्वीरें मधेपुरा के चौसा की हैं।स्कूल का मैदान है, बच्चे मौजूद हैं और उनके सामने सड़क हादसे का एक ऐसा दृश्य तैयार किया गया है, जिसने देखने वालों को कुछ पल के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत चौसा प्रखंड के सभी विद्यालयों में शनिवार को बच्चों को सड़क एवं रेल दुर्घटनाओं से बचाव की जानकारी दी गई। विद्यालयों के फोकल शिक्षकों और बाल प्रेरकों ने बच्चों को बताया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। कन्या मध्य विद्यालय चौसा में शिक्षक संजय कुमार सुमन ने मौक ड्रिल के जरिए सड़क दुर्घटना की स्थिति को समझाया। मौक ड्रिल के माध्यम से बच्चों को बताया गया कि दुर्घटना के बाद घबराने के बजाय किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद कैसे की जा सकती है। ड्रिल का दृश्य इतना प्रभावी था कि इसे देखने के लिए आसपास लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय पासवान ने बच्चों को सड़क पर सुरक्षित चलने के कई जरूरी नियम बताए। उन्होंने कहा कि सड़क पर हमेशा बाईं ओर चलना चाहिए। फुटपाथ हो तो उसका इस्तेमाल करना चाहिए। सड़क पार करते समय पहले दाएं, फिर बाएं और दोबारा दाएं देखकर ही सड़क पार करनी चाहिए। बच्चों को जेब्रा क्रॉसिंग, फुटओवर ब्रिज और सबवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। बच्चों को ये भी बताया गया कि सड़क पर दौड़ते या खेलते हुए सड़क पार करना कितना खतरनाक हो सकता है। चलते वाहन से हाथ, सिर या शरीर बाहर निकालना हो या वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना दोनों ही जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही कान में ईयरफोन लगाकर सड़क पर चलने से बचने की सलाह दी गई। बस, ऑटो या ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले उसमें चढ़ने या उतरने की कोशिश नहीं करने को भी कहा गया। वरीय शिक्षक संजय कुमार सुमन ने बच्चों को सड़क सुरक्षा के साथ-साथ ट्रैफिक संकेतों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर समाज में अभी भी जागरूकता की कमी है। लगातार बढ़ती आबादी, सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या और कई जगह खराब सड़कें हादसों की बड़ी वजह बनती हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को बचपन से ही ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाए। उन्हें बताया जाए कि ट्रैफिक सिग्नल में लाल का मतलब रुकना और हरे का मतलब आगे बढ़ना होता है। सड़क सुरक्षा के नियम किताबों तक सीमित रहें तो उनका फायदा कम है... लेकिन अगर यही नियम बच्चों को स्कूल में व्यवहारिक तरीके से समझाए जाएं, तो यही बच्चे आगे चलकर खुद भी सुरक्षित रहेंगे और अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। चौसा के इस स्कूल में हुई मौक ड्रिल का मकसद भी यही था कि बच्चे हादसे को सिर्फ खबर की तरह नहीं, बल्कि जिंदगी से जुड़े खतरे के रूप में समझें। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को रेल दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय भी बताए गए। रेलवे ट्रैक के आसपास सावधानी बरतने, चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने से बचने और किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करने की सीख दी गई। कार्यक्रम में शिक्षक प्रतिभा गुप्ता, बिंदु कुमारी, उमेश प्रसाद यादव, संजीवानंद, प्रिया नंदी, प्रीति कुमारी, हन्नान मंसूरी और रेहाना खातून मौजूद रहीं। ईको क्लब की जूही कुमारी, मनिका कुमारी, अर्पिता कुमारी और मुस्कान कुमारी समेत बाल सांसद की प्रधानमंत्री पूजा कुमारी, सुहानी खातून और बड़ी संख्या में बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए। चौसा के स्कूल में हुई ये मौक ड्रिल बच्चों के लिए सिर्फ एक अभ्यास नहीं थी... बल्कि सड़क और रेल हादसों से बचने का ऐसा सबक थी, जिसे बच्चे जिंदगी भर याद रख सकते हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि सुरक्षा के ये नियम स्कूल से निकलकर घर और सड़क तक भी पहुंचें।
जब हादसे का मंजर बना स्कूल का मैंदान मौक ड्रिल ने बच्चों को सिखाया जिंदगी बचाने का सबक सड़क हादसा हो या रेल दुर्घटना हादसा कभी बताकर नहीं आता। लेकिन थोड़ी सी सावधानी किसी की जिंदगी जरूर बचा सकती है। इसी सोच के साथ मधेपुरा के चौसा प्रखंड में बच्चों को सड़क और रेल दुर्घटनाओं से बचाव के तरीके बताए गए। खास बात ये रही कि कन्या मध्य विद्यालय चौसा में सिर्फ बातें नहीं हुईं, बल्कि मौक ड्रिल के जरिए बच्चों को हादसे की तस्वीर समझाई गई। मौक ड्रिल इतनी वास्तविक लगी कि मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ जुट गई। ये तस्वीरें मधेपुरा के चौसा की हैं।स्कूल का मैदान है, बच्चे मौजूद हैं और उनके सामने सड़क हादसे का एक ऐसा दृश्य तैयार किया गया है, जिसने देखने वालों को कुछ पल के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत चौसा प्रखंड के सभी विद्यालयों में शनिवार को बच्चों को सड़क एवं रेल दुर्घटनाओं से बचाव की जानकारी दी गई। विद्यालयों के फोकल शिक्षकों और बाल प्रेरकों ने बच्चों को बताया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। कन्या मध्य विद्यालय चौसा में शिक्षक संजय कुमार सुमन ने मौक ड्रिल के जरिए सड़क दुर्घटना की स्थिति को समझाया। मौक ड्रिल के माध्यम से बच्चों को बताया गया कि दुर्घटना के बाद घबराने के बजाय किस तरह सावधानी बरतनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद कैसे की जा सकती है। ड्रिल का दृश्य इतना प्रभावी था कि इसे देखने के लिए आसपास लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय पासवान ने बच्चों को सड़क पर सुरक्षित चलने के कई जरूरी नियम बताए। उन्होंने कहा कि सड़क पर हमेशा बाईं ओर चलना चाहिए। फुटपाथ हो तो उसका इस्तेमाल करना चाहिए। सड़क पार करते समय पहले दाएं, फिर बाएं और दोबारा दाएं देखकर ही सड़क पार करनी चाहिए। बच्चों को जेब्रा क्रॉसिंग, फुटओवर ब्रिज और सबवे का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। बच्चों को ये भी बताया गया कि सड़क पर दौड़ते या खेलते हुए सड़क पार करना कितना खतरनाक हो सकता है। चलते वाहन से हाथ, सिर या शरीर बाहर निकालना हो या वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना दोनों ही जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसके साथ ही कान में ईयरफोन लगाकर सड़क पर चलने से बचने की सलाह दी गई। बस, ऑटो या ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले उसमें चढ़ने या उतरने की कोशिश नहीं करने को भी कहा गया। वरीय शिक्षक संजय कुमार सुमन ने बच्चों को सड़क सुरक्षा के साथ-साथ ट्रैफिक संकेतों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर समाज में अभी भी जागरूकता की कमी है। लगातार बढ़ती आबादी, सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या और कई जगह खराब सड़कें हादसों की बड़ी वजह बनती हैं। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को बचपन से ही ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जाए। उन्हें बताया जाए कि ट्रैफिक सिग्नल में लाल का मतलब रुकना और हरे का मतलब आगे बढ़ना होता है। सड़क सुरक्षा के नियम किताबों तक सीमित रहें तो उनका फायदा कम है... लेकिन अगर यही नियम बच्चों को स्कूल में व्यवहारिक तरीके से समझाए जाएं, तो यही बच्चे आगे चलकर खुद भी सुरक्षित रहेंगे और अपने परिवार और समाज को भी सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। चौसा के इस स्कूल में हुई मौक ड्रिल का मकसद भी यही था कि बच्चे हादसे को सिर्फ खबर की तरह नहीं, बल्कि जिंदगी से जुड़े खतरे के रूप में समझें। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को रेल दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय भी बताए गए। रेलवे ट्रैक के आसपास सावधानी बरतने, चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने से बचने और किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करने की सीख दी गई। कार्यक्रम में शिक्षक प्रतिभा गुप्ता, बिंदु कुमारी, उमेश प्रसाद यादव, संजीवानंद, प्रिया नंदी, प्रीति कुमारी, हन्नान मंसूरी और रेहाना खातून मौजूद रहीं। ईको क्लब की जूही कुमारी, मनिका कुमारी, अर्पिता कुमारी और मुस्कान कुमारी समेत बाल सांसद की प्रधानमंत्री पूजा कुमारी, सुहानी खातून और बड़ी संख्या में बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए। चौसा के स्कूल में हुई ये मौक ड्रिल बच्चों के लिए सिर्फ एक अभ्यास नहीं थी... बल्कि सड़क और रेल हादसों से बचने का ऐसा सबक थी, जिसे बच्चे जिंदगी भर याद रख सकते हैं। जरूरत सिर्फ इतनी है कि सुरक्षा के ये नियम स्कूल से निकलकर घर और सड़क तक भी पहुंचें।
- बाबा गणिनाथ गोविंद जयंती पर भक्ति में सराबोर हुआ नवाबगंज। 251 कन्याओं ने निकाली भव्य कलश एवं शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा पूरा क्षेत्र। रंजीत ठाकुर, नरपतगंज/नवाबगंज। श्री श्री 1008 बाबा गणिनाथ गोविंद जी की जयंती के अवसर पर शनिवार को नवाबगंज में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जयंती समारोह के तहत 251 कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली। पारंपरिक वेशभूषा में सजी कन्याओं की शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान बाबा गणिनाथ गोविंद के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यक्रम का आयोजन श्री श्री 1008 बाबा गणिनाथ गोविंद पूजा समिति, नवाबगंज की ओर से ग्राम देवता मंदिर, नवाबगंज वार्ड संख्या-08 में किया गया। जयंती समारोह को लेकर समिति की ओर से व्यापक तैयारियां की गई थीं। सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाज के लोग शामिल हुए। इसके बाद सुबह 8:45 बजे वयोवृद्ध समाजसेवी शिवशंकर साह ने झंडोत्तोलन किया। वहीं 10:30 बजे से विधिवत पूजा-अर्चना शुरू की गई। धार्मिक अनुष्ठान के बाद दोपहर 12:30 बजे श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। जयंती समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया। पूजा समिति के सदस्यों ने कहा कि बाबा गणिनाथ गोविंद जी की जयंती समाज को एकजुटता, सेवा और सद्भाव का संदेश देती है। आयोजन में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर धार्मिक एवं सामाजिक एकता का परिचय दिया। कार्यक्रम में पूजा समिति के प्रदीप साह, गोपाल साह, संजय साह, प्रमोद साह, अरविंद साह, अंकित साह, विकास साह, सुभाष साह, विवेक साह, रामू साह, नीतीश साह, रंजीत साह, कृष्णा साह, द्वारिकानाथ साह, सुधीर साह, सोनू साह, छोटू साह, संजीव कुमार समेत अन्य सदस्य सक्रिय रहे। इसके अलावा जिला पार्षद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्रावण कुमार दास, मुखिया प्रतिनिधि नवाबगंज अरुण यादव, राधा प्रसाद साह,राजेश रजक, मोहम्मद कासिम, रणविजय ठाकुर, संतोष साह, राजीव पटेल, चंदन पोद्दार, मदन ठाकुर, शिव प्रसाद साहा, राजा रक्षित, ओमप्रकाश यादव समेत दर्जनों स्थानीय ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। पूजा समिति ने समाज के सभी स्वजातीय बंधुओं एवं श्रद्धालुओं से परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होकर बाबा गणिनाथ गोविंद जी का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा आयोजन की गरिमा बढ़ाने की अपील की।1
- छोटी बोरना ढाला के समीप सवारी उतार कर ई रिक्शा बैक करने के दौरान बाढ़ के पानी में जा गिरा, बाल बाल बचे चालक। गोगरी प्रखंड अंतर्गत छोटी बोरना ढाला के समीप शनिवार की दोपहर करीब ढाई बजे सवारी उतारने के बाद ई-रिक्शा को बैक करने के दौरान चालक का संतुलन बिगड़ गया। नियंत्रण खोने के बाद ई-रिक्शा सड़क किनारे जमा बाढ़ के पानी में जा गिरा। हादसे में ई-रिक्शा चालक को मामूली चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से ई-रिक्शा को भी बाढ़ के पानी से बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि हादसे में चालक को गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ के पानी के कारण सड़क के किनारे की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में वाहनों को बैक करने के दौरान चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है। शनिवार को भी ई-रिक्शा चालक सवारी उतारने के बाद वाहन को पीछे कर रहा था, इसी दौरान नियंत्रण बिगड़ने से हादसा हो गया।1
- गोगरी प्रखंड अन्तर्गत बाढ प्रभावित गांवो मे बोट एम्बुलेंस के माध्यम से मरीजो तक पहुंच कर दवाओ का वितरण मेडिकल टीम के द्वारा किया जा रहा है।1
- बेगूसराय में # सड़क पर उतरे CPI कार्यकर्त्ता,पूर्व #विधायकों ने डीएम से मिलकर रखी अपनी मांग.NewsBihar,,1
- हसनपुर में शुक्रवार को नवनिर्मित थाना भवन का विधिवत गृह प्रवेश किया गया। हसनपुर में नए थाना भवन का हुआ गृह प्रवेश हसनपुर (समस्तीपुर)। समस्तीपुर जिले के हसनपुर में शुक्रवार को नवनिर्मित थाना भवन का विधिवत गृह प्रवेश कराया गया। नए थाना भवन में सबसे पहले पूजा-अर्चना एवं वैदिक रीति-रिवाज के साथ गृह प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान पुलिस पदाधिकारियों एवं थाना कर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। नए थाना भवन के निर्माण से हसनपुर थाना को बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है। थाना परिसर में पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ-साथ आम लोगों की सुविधा को भी ध्यान में रखा गया है। नए भवन में पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। गृह प्रवेश के अवसर पर थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस पदाधिकारियों, कर्मियों एवं स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद नए भवन में थाना का कार्य सुचारु रूप से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने नए थाना भवन के शुरू होने का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने में सहायक साबित होगा। इससे आम लोगों को भी पुलिस से संबंधित कार्यों के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा। इस अवसर पर थाना अध्यक्ष सुनील कांत ने बताया कि नए थाना भवन के शुरू होने से पुलिसकर्मियों को काम करने के लिए अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक स्थान मिलेगा। वहीं, क्षेत्र में पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी यह भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हसनपुर क्षेत्र में नए थाना भवन का गृह प्रवेश स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए भवन से थाना की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने तथा क्षेत्र में सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि सिकंदर आलम, रामचंद्र पासवान, संजय गुप्ता सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे1
- Digital marketing agency bina office aur staff ke launch kariye mahine ka 1 lakh Tak Kama sakte hain1
- गोगरी व्यवहार न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन, उमड़ी भीड़, ऋण वसूली की जा रही है। गोगरी अनुमंडल व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत को लेकर सुबह से ही लोगों की भीड़ न्यायालय परिसर में जुटने लगी। दोपहर दो बजे तक विभिन्न मामलों के निपटारे को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों की सुविधा के लिए अलग-अलग विभागों के अलग-अलग काउंटर लगाए गए थे। लोक अदालत में बैंक से जुड़े ऋण वसूली सहित विभिन्न मामलों के निपटारे की प्रक्रिया की गई। कई बैंकों के ब्रांच मैनेजर और बैंक कर्मी भी मौके पर मौजूद रहे। बैंक अधिकारियों द्वारा ऋण से संबंधित मामलों में लोगों से बातचीत कर बकाया राशि के भुगतान और मामलों के समझौता के लिए पहल की गई। इस दौरान कई लोगों से ऋण की राशि की वसूली भी की गई। लोक अदालत में विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों को लेकर संबंधित कर्मी और अधिकारी अपने-अपने काउंटर पर मौजूद रहे। लोगों को मामलों के त्वरित निपटारे और समझौते की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। न्यायालय परिसर में भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मी और पुलिस बल भी सक्रिय रहे। लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से मामलों का निपटारा कराने पर लोगों को समय और धन की बचत होती है। आयोजन को लेकर लोगों में भी काफी उत्साह देखा गया।1
- हरि ओम एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत की सांस्कृतिक कला मुंगेर। जमालपुर-धरहरा रोड स्थित हरि ओम एकेडमी में शिक्षक दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। समारोह के दौरान छात्राओं ने एक से बढ़कर एक कला का प्रदर्शन किया। बच्चों ने नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मनोरंजन किया। इस दौरान डांस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं और उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार व अनुशासन का पाठ भी पढ़ाते हैं। समारोह में प्रधानाचार्य अनामिका भारती के अलावा शिक्षक रिंकी कुमारी, अंकिता कुमारी, जागृति, रंजना, विकास कुमार और आयुष कुमार सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बेहतर प्रस्तुति देने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया। हरि ओम एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत की सांस्कृतिक कला मुंगेर। जमालपुर-धरहरा रोड स्थित हरि ओम एकेडमी में शिक्षक दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया। समारोह के दौरान छात्राओं ने एक से बढ़कर एक कला का प्रदर्शन किया। बच्चों ने नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मनोरंजन किया। इस दौरान डांस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं और उन्हें शिक्षा के साथ संस्कार व अनुशासन का पाठ भी पढ़ाते हैं। समारोह में प्रधानाचार्य अनामिका भारती के अलावा शिक्षक रिंकी कुमारी, अंकिता कुमारी, जागृति, रंजना, विकास कुमार और आयुष कुमार सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बेहतर प्रस्तुति देने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया।1
- राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर एडीआर भवन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। मुंगेर: एडीआर भवन में 12 सितंबर 2026 शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया लोक अदालत का उद्घाटन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय श्री राकेश कुमार सिंह मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रीमती अदिति गुप्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम संतोष कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय विकास कुमार मिश्रा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मनीषा कुमारी विधिज्ञ मुंगेर के अध्यक्ष श्री शशि शेखर सिंह मुंगेर विधिज्ञ संघ के सचिव त्रिपुरारी कुमार वर्मा एवं अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।1