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स्वामी प्रसाद मौर्य, संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) और मजिस्ट्रेट/प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस या बवाल का यह मामला सुरक्षा प्रबंधों, ज्ञापन सौंपने या किसी विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई तनातनी से संबंधित है। ​घटना का मुख्य विवरण: ​तीखी बहस व नोकझोंक: किसी प्रदर्शन या राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान जब पुलिस प्रशासन और अधिकारियों ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को रोका अथवा नियंत्रित करने का प्रयास किया, तब मौर्य और उनके समर्थकों की Joint CP तथा मजिस्ट्रेट से सीधी बहस हो गई। ​प्रशासनिक रुख: मौके पर तैनात Joint CP और मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति/धारा 144 के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई आवश्यक थी। ​मौर्य का आरोप: स्वामी प्रसाद मौर्य ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर विपक्ष की आवाज दबाने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। ​हंगामा व नारेबाजी: अधिकारियों के साथ बहस के दौरान समर्थकों ने नारेबाजी की, जिसके कारण काफी देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

6 hrs ago
user_रामानंद सागर
रामानंद सागर
Librarian Nighasan, Lakhimpur Kheri•
6 hrs ago

स्वामी प्रसाद मौर्य, संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) और मजिस्ट्रेट/प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस या बवाल का यह मामला सुरक्षा प्रबंधों, ज्ञापन सौंपने या किसी विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई तनातनी से संबंधित है। ​घटना का मुख्य विवरण: ​तीखी बहस व नोकझोंक: किसी प्रदर्शन या राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान जब पुलिस प्रशासन और अधिकारियों ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को रोका अथवा नियंत्रित करने का प्रयास किया, तब मौर्य और उनके समर्थकों की Joint CP तथा मजिस्ट्रेट से सीधी बहस हो गई। ​प्रशासनिक रुख: मौके पर तैनात Joint CP और मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति/धारा 144 के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई आवश्यक थी। ​मौर्य का आरोप: स्वामी प्रसाद मौर्य ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर विपक्ष की आवाज दबाने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। ​हंगामा व नारेबाजी: अधिकारियों के साथ बहस के दौरान समर्थकों ने नारेबाजी की, जिसके कारण काफी देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

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  • उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बर्तन व्यापारी स्वर्गीय विनोद साहनी हत्याकांड के बाद सिराथू से विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल पुलिस को चकमा देकर पीड़ित परिवार से मिलने उनके आवास पर पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार, प्रशासन और कानून व्यवस्था पर कड़ा हमला बोला। ​मुख्य बिंदु और प्रमुख बयान: ​कानून-व्यवस्था पर हमला: पल्लवी पटेल ने कहा कि प्रदेश में आतंकवादियों से ज़्यादा खतरा "जातिवादियों" से है। सत्ता-संरक्षित लोग दलितों, पिछड़ों और वंचितों को निशाना बना रहे हैं और सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है। ​कार्रवाई को अपर्याप्त बताया: उन्होंने कहा कि केवल चार लोगों की गिरफ्तारी या पुलिस अधिकारियों के निलंबन से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ​प्रमुख माँगे: ​पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। ​परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले। ​पूरे परिवार को सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस मुहैया कराया जाए। ​प्रशासनिक घेराबंदी को छकाया: गोंडा प्रशासन और पुलिस नेताओं को पहुँचने से रोकने के लिए मुस्तैद थी (चंद्रशेखर आजाद और अजय राय को रास्ते में ही रोक लिया गया था), लेकिन पल्लवी पटेल चकमा देकर विनोद साहनी की पत्नी और बच्चों से मिलने में सफल रहीं और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।
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    उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बर्तन व्यापारी स्वर्गीय विनोद साहनी हत्याकांड के बाद सिराथू से विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल पुलिस को चकमा देकर पीड़ित परिवार से मिलने उनके आवास पर पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार, प्रशासन और कानून व्यवस्था पर कड़ा हमला बोला। 



​मुख्य बिंदु और प्रमुख बयान:
​कानून-व्यवस्था पर हमला: पल्लवी पटेल ने कहा कि प्रदेश में आतंकवादियों से ज़्यादा खतरा "जातिवादियों" से है। सत्ता-संरक्षित लोग दलितों, पिछड़ों और वंचितों को निशाना बना रहे हैं और सरकार केवल खानापूर्ति कर रही है।
​कार्रवाई को अपर्याप्त बताया: उन्होंने कहा कि केवल चार लोगों की गिरफ्तारी या पुलिस अधिकारियों के निलंबन से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
​प्रमुख माँगे: 
​पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
​परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
​पूरे परिवार को सुरक्षा और शस्त्र लाइसेंस मुहैया कराया जाए।
​प्रशासनिक घेराबंदी को छकाया: गोंडा प्रशासन और पुलिस नेताओं को पहुँचने से रोकने के लिए मुस्तैद थी (चंद्रशेखर आजाद और अजय राय को रास्ते में ही रोक लिया गया था), लेकिन पल्लवी पटेल चकमा देकर विनोद साहनी की पत्नी और बच्चों से मिलने में सफल रहीं और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Nighasan, Lakhimpur Kheri•
    6 hrs ago
  • लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। लोकसभा में प्रवेश (2014) अजय मिश्रा 'टेनी' Ajay Mishr Teni जी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख नेता और भारत के पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। वह उत्तर प्रदेश की खीरी (लखीमपुर खीरी) लोकसभा सीट से 16वीं और 17वीं लोकसभा में सांसद रह चुके हैं। तराई क्षेत्र की राजनीति में और विशेषकर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच उनका खासा प्रभाव माना जाता है। अजय मिश्रा 'टेनी' का विस्तृत जीवन परिचय इस प्रकार है:📌 व्यक्तिगत जीवन और प्रारंभिक परिचय पूरा नाम: अजय कुमार मिश्रा (लोकप्रिय नाम: अजय मिश्रा टेनी या टेनी महाराज) जन्म तिथि: 25 सितंबर 1960जन्म स्थान: बनवीरपुर गांव, लखीमपुर खीरी जिला, उत्तर प्रदेश पिता का नाम: श्री अंबिका प्रसाद मिश्रा माता का नाम: श्रीमती प्रेम दुलारी मिश्रा वैवाहिक स्थिति: विवाहित (पत्नी का नाम: श्रीमती पुष्पा मिश्रा) संतान: दो बेटे (जिसमें आशीष मिश्रा, अभिमन्यु मिश्र जी शामिल हैं) और एक बेटी शैक्षणिक योग्यता अजय मिश्रा ने अपनी स्कूली शिक्षा लखीमपुर खीरी से पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए कानपुर चले गए, जहाँ उन्होंने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीएससी (B.Sc.) और डी.ए.वी. कॉलेज से एलएलबी (LL.B.) की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे वकालत और खेती-किसानी से जुड़े हुए थे। अजय मिश्रा टेनी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे पार्टी में बड़ा मुकाम हासिल किया: जिला पंचायत सदस्य: सबसे पहले वे लखीमपुर खीरी में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। विधानसभा का सफर (2012): उन्होंने वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। लोकसभा में प्रवेश (2014): साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने उन्हें खीरी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। वे भारी मतों से जीतकर पहली बार सांसद (MP) बने। दूसरी बार सांसदी (2019): वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर से खीरी सीट से जीत दर्ज की और इस बार उनके जीत का अंतर 2 लाख से अधिक वोटों का था। केंद्रीय मंत्री पद (2021-2024): जुलाई 2021 में मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Minister of State for Home Affairs) की जिम्मेदारी सौंपी गई, इन्होंने निरंतर विकास कार्य किये और वर्तमान में कार्यरत भी है केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर वे 2024 तक रहे। 2024 लोकसभा चुनाव: साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पुनः खीरी सीट से टिकट दिया, वर्तमान में जनता से सीधा जुड़ाव और उनकी समस्याओं को किस प्रकार हल करें इसकी चिंता निरंतर माननीय मिश्रा जी को रहती है टेनी जी का राजनीतिक सफर और सेवा भाव निरंतर जारी है लखीमपुर खीरी गर्व करता है अजय मिश्रा टेनी जी पर..... Ajay Misra Teni ✌️🚩 #photooftheday #facebookpost #photos
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    लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। 
लोकसभा में प्रवेश (2014) 
अजय मिश्रा 'टेनी' Ajay Mishr Teni  जी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रमुख नेता और भारत के पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं। वह उत्तर प्रदेश की खीरी (लखीमपुर खीरी) लोकसभा सीट से 16वीं और 17वीं लोकसभा में सांसद रह चुके हैं। तराई क्षेत्र की राजनीति में और विशेषकर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच उनका खासा प्रभाव माना जाता है। 
अजय मिश्रा 'टेनी' का विस्तृत जीवन परिचय इस प्रकार है:📌 
व्यक्तिगत जीवन और प्रारंभिक परिचय पूरा नाम: अजय कुमार मिश्रा (लोकप्रिय नाम: अजय मिश्रा टेनी या टेनी महाराज)
जन्म तिथि: 25 सितंबर 1960जन्म स्थान: बनवीरपुर गांव, लखीमपुर खीरी जिला, उत्तर प्रदेश
पिता का नाम: श्री अंबिका प्रसाद मिश्रा
माता का नाम: श्रीमती प्रेम दुलारी मिश्रा
वैवाहिक स्थिति: विवाहित (पत्नी का नाम: श्रीमती पुष्पा मिश्रा)
संतान: दो बेटे (जिसमें आशीष मिश्रा, अभिमन्यु मिश्र जी शामिल हैं) और एक बेटी 
शैक्षणिक योग्यता अजय मिश्रा ने अपनी स्कूली शिक्षा लखीमपुर खीरी से पूरी की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए कानपुर चले गए, जहाँ उन्होंने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध क्राइस्ट चर्च कॉलेज से बीएससी (B.Sc.) और डी.ए.वी. कॉलेज से एलएलबी (LL.B.) की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले वे वकालत और खेती-किसानी से जुड़े हुए थे। 
अजय मिश्रा टेनी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी। उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे पार्टी में बड़ा मुकाम हासिल किया: 
जिला पंचायत सदस्य: सबसे पहले वे लखीमपुर खीरी में जिला पंचायत सदस्य चुने गए। 
विधानसभा का सफर (2012): उन्होंने वर्ष 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखीमपुर खीरी की निघासन सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार विधायक (MLA) बने। 
लोकसभा में प्रवेश (2014): साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने उन्हें खीरी लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। वे भारी मतों से जीतकर पहली बार सांसद (MP) बने। 
दूसरी बार सांसदी (2019): वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फिर से खीरी सीट से जीत दर्ज की और इस बार उनके जीत का अंतर 2 लाख से अधिक वोटों का था। 
केंद्रीय मंत्री पद (2021-2024): जुलाई 2021 में मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री (Minister of State for Home Affairs) की जिम्मेदारी सौंपी गई, इन्होंने निरंतर विकास कार्य किये और वर्तमान में कार्यरत भी है केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद पर वे 2024 तक रहे। 
2024 लोकसभा चुनाव: साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें पुनः खीरी सीट से टिकट दिया, वर्तमान में जनता से सीधा जुड़ाव और उनकी समस्याओं को किस प्रकार हल करें इसकी चिंता निरंतर माननीय मिश्रा जी को रहती है टेनी जी का राजनीतिक सफर और सेवा भाव निरंतर जारी है लखीमपुर खीरी गर्व करता है अजय मिश्रा टेनी जी पर.....
Ajay Misra Teni ✌️🚩 
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    user_Rajeev Khatri
    Rajeev Khatri
    निघासन, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • लखीमपुर में बड़े धूमधाम से मनाई गई है ऋषि पंचमी महिलाओं ने रखा उपवास और संतों का लिया आशीर्वाद लखीमपुर में आज दिनांक 15 सितंबर 2026 को ऋषि पंचमी का आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शिव मंदिर में पहुंचकर ब्राह्मण और पुजारी का और संतों का लिया आशीर्वाद
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    लखीमपुर में बड़े धूमधाम से मनाई गई है ऋषि पंचमी महिलाओं ने रखा उपवास और संतों का लिया आशीर्वाद
लखीमपुर में आज दिनांक 15 सितंबर 2026 को ऋषि पंचमी का आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शिव मंदिर में पहुंचकर ब्राह्मण और पुजारी का और संतों का लिया आशीर्वाद
    user_Sandeep kumar gupta
    Sandeep kumar gupta
    Electrician लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *बाढ़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने निकले सीएमओ, सीएचसी सहित दो बाढ़ राहत चौकियों का किया निरीक्षण* *प्रसूताओं को 48 घंटे से पहले छुट्टी देन पर सीएमओ का चढ़ा पारा* *सीएमओ ने किया बाढ़ राहत चौकियों का औचक निरीक्षण, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताया संतोष* लखीमपुर खीरी। जिले में आई बाढ़ के दृष्टिगत स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी जायजा लेने के लिए सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलबेहड़ समेत श्रीनगर और खमरिया की बाढ़ राहत चौकियों का औचक निरीक्षण किया। प्रसूताओं को समय से पहले डिस्चार्ज करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। वहीं, बाढ़ राहत चौकियों पर स्वास्थ्य सेवाएं और व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। ​मंगलवार की दोपहर करीब 1:20 बजे सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फूलबेहड़ पहुंचे। सीएमओ ने रिकॉर्ड में पाया कि पिछले 48 घंटे में 6 संस्थागत प्रसव कराए गए थे, लेकिन प्रसूताओं को समय से पहले ही घर जाने की अनुमति दे दी गई थी। इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि गर्भवती माताओं और उनके परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें 48 घंटे तक डॉक्टरों की देखरेख में रहने के लिए प्रेरित करें, ताकि उन्हें किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा मामला मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ​अस्पताल परिसर में साफ-सफाई उपयुक्त न मिलने पर सीएमओ ने संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया। इसके अलावा, ओपीडी में डॉक्टरों द्वारा अपने रजिस्टर में मरीजों का ट्रीटमेंट न लिखने को लेकर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी, जननी सुरक्षा वार्ड, पैथोलॉजी और एनसीडी क्लीनिक का सघन निरीक्षण किया। एनसीडी क्लीनिक पर तैनात स्टाफ नर्स और काउंसलर को स्पष्ट निर्देश दिए कि फॉलो-अप रजिस्टर के अनुसार मरीजों को फोन कर बुलाएं और उन्हें नियमित दवा दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिनका दवा लेने का समय है, उन्हें बुलाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमओ ने औषधि वितरण कक्ष के पास खड़े मरीजों से भी बातचीत की, जिस पर मरीजों ने बताया कि उन्हें दवाइयां मिल रही हैं। अस्पताल में चिकित्सक दो प्रकाशनी द्वारा 109 मरीजों को देखा गया था, जबकि योग प्रशिक्षक द्वारा 36 लोगों को योगाभ्यास कराकर संबंधित बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई। ​सीएचसी फूलबेहड़ का निरीक्षण करने के बाद सीएमओ दोपहर करीब 2:00 बजे बाढ़ राहत चौकी श्रीनगर पहुंचे। यहां सीएचओ अनीता कुमारी व आशा नीलम देवी मुस्तैदी से काम करती मिलीं और मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही थीं। इसके बाद करीब 2:35 बजे वह बाढ़ राहत चौकी खमरिया पहुंचे, जहां सीएचओ कालिंदी व आशा मनोरमा देवी द्वारा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने बाढ़ राहत स्वास्थ्य शिविर में दी जा रही सेवाओं पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया।
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    *बाढ़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने निकले सीएमओ, सीएचसी सहित दो बाढ़ राहत चौकियों का किया निरीक्षण*

*प्रसूताओं को 48 घंटे से पहले छुट्टी देन पर सीएमओ का चढ़ा पारा*


*सीएमओ ने किया बाढ़ राहत चौकियों का औचक निरीक्षण, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर जताया संतोष*
लखीमपुर खीरी। जिले में आई बाढ़ के दृष्टिगत स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी जायजा लेने के लिए सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलबेहड़ समेत श्रीनगर और खमरिया की बाढ़ राहत चौकियों का औचक निरीक्षण किया। प्रसूताओं को समय से पहले डिस्चार्ज करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। वहीं, बाढ़ राहत चौकियों पर स्वास्थ्य सेवाएं और व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
​मंगलवार की दोपहर करीब 1:20 बजे सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फूलबेहड़ पहुंचे। सीएमओ ने रिकॉर्ड में पाया कि पिछले 48 घंटे में 6 संस्थागत प्रसव कराए गए थे, लेकिन प्रसूताओं को समय से पहले ही घर जाने की अनुमति दे दी गई थी। इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि गर्भवती माताओं और उनके परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें 48 घंटे तक डॉक्टरों की देखरेख में रहने के लिए प्रेरित करें, ताकि उन्हें किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा मामला मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
​अस्पताल परिसर में साफ-सफाई उपयुक्त न मिलने पर सीएमओ ने संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब किया। इसके अलावा, ओपीडी में डॉक्टरों द्वारा अपने रजिस्टर में मरीजों का ट्रीटमेंट न लिखने को लेकर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी, जननी सुरक्षा वार्ड, पैथोलॉजी और एनसीडी क्लीनिक का सघन निरीक्षण किया। एनसीडी क्लीनिक पर तैनात स्टाफ नर्स और काउंसलर को स्पष्ट निर्देश दिए कि फॉलो-अप रजिस्टर के अनुसार मरीजों को फोन कर बुलाएं और उन्हें नियमित दवा दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिनका दवा लेने का समय है, उन्हें बुलाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमओ ने औषधि वितरण कक्ष के पास खड़े मरीजों से भी बातचीत की, जिस पर मरीजों ने बताया कि उन्हें दवाइयां मिल रही हैं। अस्पताल में  चिकित्सक दो प्रकाशनी द्वारा 109 मरीजों को देखा गया था, जबकि योग प्रशिक्षक द्वारा 36 लोगों को योगाभ्यास कराकर संबंधित बीमारियों से बचाव की जानकारी दी गई।
​सीएचसी फूलबेहड़ का निरीक्षण करने के बाद सीएमओ दोपहर करीब 2:00 बजे बाढ़ राहत चौकी श्रीनगर पहुंचे। यहां सीएचओ अनीता कुमारी व आशा नीलम देवी मुस्तैदी से काम करती मिलीं और मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही थीं। इसके बाद करीब 2:35 बजे वह बाढ़ राहत चौकी खमरिया पहुंचे, जहां सीएचओ कालिंदी व आशा मनोरमा देवी द्वारा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने बाढ़ राहत स्वास्थ्य शिविर में दी जा रही सेवाओं पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया।
    user_Harsh Gupta Journalist
    Harsh Gupta Journalist
    Local News Reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कार चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन दो माह के बेटे और पांच वर्षीय बेटी के सिर से उठा पिता का साया, पत्नी बोली- आरोपी जेल जाए या मिले 50 लाख रुपये व एक एकड़ जमीन पुलिसबल के साथ मौके पर‌ पहुंचे सीओ व एसडीएम, परिजनों को दिया कार्रवाई का आश्वासन पलियाकलां। सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के ग्राम बमनगर निवासी बाइक सवार सुनील की 14 सितम्बर 2026 सोमवार रात महंगापुर में कार की टक्कर से हुई दर्दनाक मौत के मामले में मंगलवार को परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। पीएम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन हादसे के आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बताया गया कि सोमवार रात महंगापुर में कार की टक्कर से बाइक सवार सुनील की मौके पर ही मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को कब्जे में ले लिया था। मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से कार चालक अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सुनील का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया। मौके पर पहुंचे सीओ जितेन्द्र सिंह परिहार एवं एसडीएम पुष्पक ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। मृतक की पत्नी पूनम ने बताया कि उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पांच वर्षीय बेटी और महज 15 दिन का एक बेटा है। सुनील ही परिवार का एकमात्र सहारा था। उसके पास न तो खेती थी और न ही कोई स्थायी नौकरी। वह बाइक मैकेनिक का काम कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करता था। पति की मौत के बाद बच्चों के पालन-पोषण और परिवार के भविष्य को लेकर पत्नी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पत्नी की मांग है कि आरोपी कार चालक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो परिवार के जीवनयापन के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक एकड़ जमीन मुआवजे के रूप में उपलब्ध कराई जाए। परिजनों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटना को लेकर गांव में भी शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन पुलिस से आरोपी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित सहायता दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस सम्बन्ध में सीओ जितेन्द्र सिंह‌ परिहार ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है और आज उसे गिरफ्तार भी कर‌ लिया गया है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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    कार चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन

दो माह के बेटे और पांच वर्षीय बेटी के सिर से उठा पिता का साया, पत्नी बोली- आरोपी जेल जाए या मिले 50 लाख रुपये व एक एकड़ जमीन

पुलिसबल के साथ मौके पर‌ पहुंचे सीओ व एसडीएम, परिजनों को दिया कार्रवाई का आश्वासन
पलियाकलां। सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के ग्राम बमनगर निवासी बाइक सवार सुनील की 14 सितम्बर 2026 सोमवार रात महंगापुर में कार की टक्कर से हुई दर्दनाक मौत के मामले में मंगलवार को परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। पीएम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजन हादसे के आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
बताया गया कि सोमवार रात महंगापुर में कार की टक्कर से बाइक सवार सुनील की मौके पर ही मौत हो गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बाइक को कब्जे में ले लिया था। मृतक के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद से कार चालक अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद सुनील का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया। मौके पर पहुंचे सीओ जितेन्द्र सिंह परिहार एवं एसडीएम पुष्पक ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
मृतक की पत्नी पूनम ने बताया कि उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पांच वर्षीय बेटी और महज 15 दिन का एक बेटा है। सुनील ही परिवार का एकमात्र सहारा था। उसके पास न तो खेती थी और न ही कोई स्थायी नौकरी। वह बाइक मैकेनिक का काम कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करता था। पति की मौत के बाद बच्चों के पालन-पोषण और परिवार के भविष्य को लेकर पत्नी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
पत्नी की मांग है कि आरोपी कार चालक के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो परिवार के जीवनयापन के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक एकड़ जमीन मुआवजे के रूप में उपलब्ध कराई जाए। परिजनों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
घटना को लेकर गांव में भी शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन पुलिस से आरोपी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित सहायता दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। इस सम्बन्ध में सीओ जितेन्द्र सिंह‌ परिहार ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है और आज उसे गिरफ्तार भी कर‌ लिया गया है। अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    निर्जेश मिश्र "पत्रकार"
    लखीमपुर खीरी, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • नौ माह से मानदेय अटका तो फूटा ग्राम रोजगार सेवकों का गुस्सा, विकास भवन का घेराव—मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी लखीमपुर-खीरी जिले में ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं और बकाया मानदेय को लेकर मंगलवार को विकास भवन में जमकर आक्रोश देखने को मिला। उत्तर प्रदेश संविदा ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले जनपदभर के ग्राम रोजगार सेवक विकास भवन पर एकत्रित हुए और अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि 07 सितंबर को चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज रोजगार सेवकों को विकास भवन का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्राम रोजगार सेवकों का सबसे बड़ा आरोप नौ माह से मानदेय बकाया होने को लेकर है। संगठन के मुताबिक जुलाई-अगस्त का मानदेय विकासखंड स्तर से भुगतान कर दिया गया है, लेकिन जनपद स्तर पर भुगतान लंबित है। सवाल यह है कि जब भुगतान की प्रक्रिया विकासखंड स्तर पर पूरी हो चुकी है तो आखिर जनपद स्तर पर फाइल किस मेज पर अटकी हुई है और रोजगार सेवकों को उनके हक के मानदेय के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा? इतना ही नहीं, वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों, राजमिस्त्रियों और महिला मेट की मजदूरी का भुगतान भी जनपद स्तर पर लंबित बताया गया है। संगठन का कहना है कि मजदूरी न मिलने के कारण ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सेवकों और श्रमिकों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो रही है। मजदूरों में बढ़ते रोष का सीधा असर योजना के कामकाज पर पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान कराने में अब तक नाकाम नजर आ रहे हैं। रोजगार सेवकों ने विकासखंडों से अप्रूवल के लिए भेजी गई वर्क आईडी (पॉलीगन) के उपायुक्त श्रम रोजगार के D.G.N.O. स्तर पर लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर फाइलों के लंबित रहने से ग्राम पंचायतों में योजना के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि योजनाओं को गति देने के दावे करने वाले जिम्मेदार अधिकारी आखिर लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से क्यों नहीं निपटा पा रहे हैं? सबसे गंभीर मामला वर्ष 2015 से ग्राम रोजगार सेवकों के ईपीएफ की कटौती की धनराशि उनके यूएएन खातों में जमा न होने का है। कर्मचारियों के वेतन से कटौती की गई धनराशि वर्षों से लंबित रहने के आरोप ने पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजगार सेवकों ने मांग की है कि वर्ष 2015 से बकाया ईपीएफ की धनराशि तत्काल उनके यूएएन खातों में जमा कराई जाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि जनपद स्तर से ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय रिजेक्ट किए जाने का कारण स्पष्ट किया जाए। रोजगार सेवकों का कहना है कि बिना स्पष्ट कारण बताए मानदेय रोकना या रिजेक्ट करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। संगठन ने अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि पांच सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान नहीं कराया गया तो ग्राम रोजगार सेवक अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ऐसे में अब गेंद पूरी तरह जिला प्रशासन के पाले में है। देखना यह है कि वर्षों और महीनों से लंबित भुगतान व अन्य समस्याओं पर जिम्मेदार अधिकारी कागजी आश्वासन देते हैं या वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई करते हैं।
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    नौ माह से मानदेय अटका तो फूटा ग्राम रोजगार सेवकों का गुस्सा, विकास भवन का घेराव—मांगें नहीं मानीं तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

लखीमपुर-खीरी जिले में ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं और बकाया मानदेय को लेकर मंगलवार को विकास भवन में जमकर आक्रोश देखने को मिला। उत्तर प्रदेश संविदा ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले जनपदभर के ग्राम रोजगार सेवक विकास भवन पर एकत्रित हुए और अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि 07 सितंबर को चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज रोजगार सेवकों को विकास भवन का घेराव करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ग्राम रोजगार सेवकों का सबसे बड़ा आरोप नौ माह से मानदेय बकाया होने को लेकर है। संगठन के मुताबिक जुलाई-अगस्त का मानदेय विकासखंड स्तर से भुगतान कर दिया गया है, लेकिन जनपद स्तर पर भुगतान लंबित है। सवाल यह है कि जब भुगतान की प्रक्रिया विकासखंड स्तर पर पूरी हो चुकी है तो आखिर जनपद स्तर पर फाइल किस मेज पर अटकी हुई है और रोजगार सेवकों को उनके हक के मानदेय के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा? इतना ही नहीं, वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों, राजमिस्त्रियों और महिला मेट की मजदूरी का भुगतान भी जनपद स्तर पर लंबित बताया गया है। संगठन का कहना है कि मजदूरी न मिलने के कारण ग्राम पंचायतों में ग्राम रोजगार सेवकों और श्रमिकों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो रही है। मजदूरों में बढ़ते रोष का सीधा असर योजना के कामकाज पर पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या का समाधान कराने में अब तक नाकाम नजर आ रहे हैं। रोजगार सेवकों ने विकासखंडों से अप्रूवल के लिए भेजी गई वर्क आईडी (पॉलीगन) के उपायुक्त श्रम रोजगार के D.G.N.O. स्तर पर लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर फाइलों के लंबित रहने से ग्राम पंचायतों में योजना के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि योजनाओं को गति देने के दावे करने वाले जिम्मेदार अधिकारी आखिर लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से क्यों नहीं निपटा पा रहे हैं? सबसे गंभीर मामला वर्ष 2015 से ग्राम रोजगार सेवकों के ईपीएफ की कटौती की धनराशि उनके यूएएन खातों में जमा न होने का है। कर्मचारियों के वेतन से कटौती की गई धनराशि वर्षों से लंबित रहने के आरोप ने पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोजगार सेवकों ने मांग की है कि वर्ष 2015 से बकाया ईपीएफ की धनराशि तत्काल उनके यूएएन खातों में जमा कराई जाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि जनपद स्तर से ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय रिजेक्ट किए जाने का कारण स्पष्ट किया जाए। रोजगार सेवकों का कहना है कि बिना स्पष्ट कारण बताए मानदेय रोकना या रिजेक्ट करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। संगठन ने अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि पांच सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान नहीं कराया गया तो ग्राम रोजगार सेवक अनिश्चितकालीन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ऐसे में अब गेंद पूरी तरह जिला प्रशासन के पाले में है। देखना यह है कि वर्षों और महीनों से लंबित भुगतान व अन्य समस्याओं पर जिम्मेदार अधिकारी कागजी आश्वासन देते हैं या वास्तव में कोई ठोस कार्रवाई करते हैं।
    user_खुर्शीद आलम
    खुर्शीद आलम
    Newspaper publisher लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सूत्रों से लखीमपुर खीरी। जनपद में फरधान थाना क्षेत्र के मनिकापुर चौकी के अंर्तगत रुकुंदीपुर चौराहे पर हरिद्वार से वापस आ रही बस में बैठी सवारियों से हुआ विवाद। विवाद इतना बढ़ गया की लखीमपुर की कुछ लोग चार पहिया वाहन से आए और रुकुंदीपुर चौराहे पर बस को रोककर उसमे बैठी सवारियों को बाहर खींचकर मरने पीटने लगे लगे। *मौके पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा*
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    सूत्रों से

लखीमपुर खीरी। जनपद में फरधान थाना क्षेत्र के मनिकापुर चौकी के अंर्तगत रुकुंदीपुर चौराहे पर हरिद्वार से वापस आ रही बस में बैठी सवारियों से हुआ विवाद।

विवाद इतना बढ़ गया की लखीमपुर की कुछ लोग चार पहिया वाहन से आए और रुकुंदीपुर चौराहे पर बस को रोककर उसमे बैठी सवारियों को बाहर खींचकर मरने पीटने लगे लगे। 

*मौके पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा*
    user_Shaban siddiqui
    Shaban siddiqui
    Court reporter लखीमपुर, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • स्वामी प्रसाद मौर्य, संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) और मजिस्ट्रेट/प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस या बवाल का यह मामला सुरक्षा प्रबंधों, ज्ञापन सौंपने या किसी विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई तनातनी से संबंधित है। ​घटना का मुख्य विवरण: ​तीखी बहस व नोकझोंक: किसी प्रदर्शन या राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान जब पुलिस प्रशासन और अधिकारियों ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को रोका अथवा नियंत्रित करने का प्रयास किया, तब मौर्य और उनके समर्थकों की Joint CP तथा मजिस्ट्रेट से सीधी बहस हो गई। ​प्रशासनिक रुख: मौके पर तैनात Joint CP और मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति/धारा 144 के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई आवश्यक थी। ​मौर्य का आरोप: स्वामी प्रसाद मौर्य ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर विपक्ष की आवाज दबाने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। ​हंगामा व नारेबाजी: अधिकारियों के साथ बहस के दौरान समर्थकों ने नारेबाजी की, जिसके कारण काफी देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
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    स्वामी प्रसाद मौर्य, संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) और मजिस्ट्रेट/प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी बहस या बवाल का यह मामला सुरक्षा प्रबंधों, ज्ञापन सौंपने या किसी विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई तनातनी से संबंधित है।

​घटना का मुख्य विवरण:
​तीखी बहस व नोकझोंक: किसी प्रदर्शन या राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान जब पुलिस प्रशासन और अधिकारियों ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को रोका अथवा नियंत्रित करने का प्रयास किया, तब मौर्य और उनके समर्थकों की Joint CP तथा मजिस्ट्रेट से सीधी बहस हो गई।
​प्रशासनिक रुख: मौके पर तैनात Joint CP और मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति/धारा 144 के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई आवश्यक थी।
​मौर्य का आरोप: स्वामी प्रसाद मौर्य ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर विपक्ष की आवाज दबाने और तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
​हंगामा व नारेबाजी: अधिकारियों के साथ बहस के दौरान समर्थकों ने नारेबाजी की, जिसके कारण काफी देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Nighasan, Lakhimpur Kheri•
    6 hrs ago
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