logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मूकनायक संपादक राजस्थान की भिलाई छ .ग से बड़ी खबर! सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला सह मनोनयन कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा, आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, आर्थिक विकास, महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़ा मंथन हुआ। कार्यक्रम की सबसे बड़ी पहल रही—नशामुक्त समाज और दहेजमुक्त समाज बनाने का सामूहिक संकल्प। 🚫🍺 🚫💰 साथ ही प्रदेश, संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपकर संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया गया। श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री प्रकाश महोबिया, श्री विजय मेहरा सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अब सवाल सिर्फ संकल्प का नहीं— संकल्प को गांव-गांव और परिवार-परिवार तक पहुंचाने का है। 📍 भिलाई, छत्तीसगढ़ से मूकनायक न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट 🎙️ एंकर एवं प्रस्तुति — रामलाल यादव, संपादक राजस्थान जय गुरु रविदास जी | जय संविधान मूकनायक न्यूज पर खबरो एवं विज्ञापन हेतु संपर्क करे :8209466503

17 hrs ago
user_Chief editor Rajasthan
Chief editor Rajasthan
Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
17 hrs ago

मूकनायक संपादक राजस्थान की भिलाई छ .ग से बड़ी खबर! सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला सह मनोनयन कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा, आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, आर्थिक विकास, महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़ा मंथन हुआ। कार्यक्रम की सबसे बड़ी

bd9f3bb6-389f-4884-8fc9-25860995ffc0

पहल रही—नशामुक्त समाज और दहेजमुक्त समाज बनाने का सामूहिक संकल्प। 🚫🍺 🚫💰 साथ ही प्रदेश, संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपकर संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया गया। श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री प्रकाश महोबिया, श्री विजय मेहरा सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि कार्यक्रम

cbff38d8-ffd4-4a72-be0e-d0a918b12897

में उपस्थित रहे। अब सवाल सिर्फ संकल्प का नहीं— संकल्प को गांव-गांव और परिवार-परिवार तक पहुंचाने का है। 📍 भिलाई, छत्तीसगढ़ से मूकनायक न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट 🎙️ एंकर एवं प्रस्तुति — रामलाल यादव, संपादक राजस्थान जय गुरु रविदास जी | जय संविधान मूकनायक न्यूज पर खबरो एवं विज्ञापन हेतु संपर्क करे :8209466503

More news from राजस्थान and nearby areas
  • कुशलगढ़ की सियासत में भाजपा का बड़ा टारगेट, गजेंद्र सिंह पटेल बोले—20 के 20 वार्ड जीतेंगे कुशलगढ़, 4 सितंबर। नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने ब्यूरो चीफ ललित गोलेछा से विशेष बातचीत में कुशलगढ़ में भाजपा की स्थिति मजबूत बताते हुए 20 के 20 वार्ड जीतने का लक्ष्य रखा। भंवर रोशन विला स्थित कावड़िया भवन में हुई बातचीत में पटेल ने कहा कि पिछले करीब 10 वर्षों से कुशलगढ़ नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड है और पिछले चुनाव में 20 में से 16 वार्डों में भाजपा पार्षद विजयी हुए थे। उन्होंने दावा किया कि जनता और कार्यकर्ताओं में उत्साह को देखते हुए भाजपा लगातार तीसरी बार बोर्ड बनाकर जीत की हैट्रिक लगाएगी। सांसद ने कहा कि भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार जनहित एवं विकास कार्यों को गति दे रही है। उन्होंने राजस्थान के नगर पालिका और नगर परिषद चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक विजय का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं से जनता का विश्वास जीतने के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।
    2
    कुशलगढ़ की सियासत में भाजपा का बड़ा टारगेट, गजेंद्र सिंह पटेल बोले—20 के 20 वार्ड जीतेंगे
कुशलगढ़, 4 सितंबर। नगर पालिका चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने ब्यूरो चीफ ललित गोलेछा से विशेष बातचीत में कुशलगढ़ में भाजपा की स्थिति मजबूत बताते हुए 20 के 20 वार्ड जीतने का लक्ष्य रखा।
भंवर रोशन विला स्थित कावड़िया भवन में हुई बातचीत में पटेल ने कहा कि पिछले करीब 10 वर्षों से कुशलगढ़ नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड है और पिछले चुनाव में 20 में से 16 वार्डों में भाजपा पार्षद विजयी हुए थे। उन्होंने दावा किया कि जनता और कार्यकर्ताओं में उत्साह को देखते हुए भाजपा लगातार तीसरी बार बोर्ड बनाकर जीत की हैट्रिक लगाएगी।
सांसद ने कहा कि भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार जनहित एवं विकास कार्यों को गति दे रही है।
उन्होंने राजस्थान के नगर पालिका और नगर परिषद चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक विजय का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं से जनता का विश्वास जीतने के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • मूकनायक संपादक राजस्थान की भिलाई छ .ग से बड़ी खबर! सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला सह मनोनयन कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा, आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, आर्थिक विकास, महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़ा मंथन हुआ। कार्यक्रम की सबसे बड़ी पहल रही—नशामुक्त समाज और दहेजमुक्त समाज बनाने का सामूहिक संकल्प। 🚫🍺 🚫💰 साथ ही प्रदेश, संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपकर संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया गया। श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री प्रकाश महोबिया, श्री विजय मेहरा सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अब सवाल सिर्फ संकल्प का नहीं— संकल्प को गांव-गांव और परिवार-परिवार तक पहुंचाने का है। 📍 भिलाई, छत्तीसगढ़ से मूकनायक न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट 🎙️ एंकर एवं प्रस्तुति — रामलाल यादव, संपादक राजस्थान जय गुरु रविदास जी | जय संविधान मूकनायक न्यूज पर खबरो एवं विज्ञापन हेतु संपर्क करे :8209466503
    3
    मूकनायक संपादक राजस्थान की भिलाई छ .ग से बड़ी खबर! 
सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला सह मनोनयन कार्यक्रम में सामाजिक एकता, शिक्षा, आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, आर्थिक विकास, महिला सशक्तिकरण और युवा नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़ा मंथन हुआ।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी पहल रही—नशामुक्त समाज और दहेजमुक्त समाज बनाने का सामूहिक संकल्प। 🚫🍺 🚫💰
साथ ही प्रदेश, संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपकर संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री प्रकाश महोबिया, श्री विजय मेहरा सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
अब सवाल सिर्फ संकल्प का नहीं—
संकल्प को गांव-गांव और परिवार-परिवार तक पहुंचाने का है।
📍 भिलाई, छत्तीसगढ़ से मूकनायक न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट
🎙️ एंकर एवं प्रस्तुति — रामलाल यादव, संपादक राजस्थान
जय गुरु रविदास जी | जय संविधान
मूकनायक न्यूज पर खबरो एवं विज्ञापन हेतु संपर्क करे :8209466503
    user_Chief editor Rajasthan
    Chief editor Rajasthan
    Media company बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - अंधकार में जन्मा प्रकाश, कारागार में जन्मा मुक्तिदाता* संत घनश्याम दास महाराज प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज ब्यूरो रिपोर्ट धर्मेन्द्र कुमार सोनी कुशलगढ़ बांसवाड़ा राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के गढ़ी तहसील के गांव बरोडीया गांव में बने राधा कृष्ण मंदिर प्रांगण में जन्माष्टमी महोत्सव पर एक धर्मसभा में बोलते हुए कहा की ज़हां सनातन संस्कृति है वहां ईश्वर का निवास होता है संत ने कहा कि भारत में कोई भी त्योहार सिर्फ पूजा नहीं, एक पूरी जीवनशैली है। और जन्माष्टमी तो इन सबमें सबसे अनोखी है, क्योंकि यह एक ऐसे भगवान का जन्मदिन है जो भगवान होते हुए भी सबसे ज्यादा इंसान के करीब है। जो राजमहल में नहीं, जेल में जन्मा। जो युद्ध में भी बांसुरी बजाना नहीं भूला। जो गीता जैसा गंभीर ज्ञान भी मुस्कुराते हुए दे गया। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के गढी तहसील के 1. पृष्ठभूमि - द्वापर का अंत और अधर्म का बोझ द्वापर युग के अंतिम चरण में पृथ्वी पर पाप बहुत बढ़ गया था। कंस, जरासंध, शिशुपाल, कालयवन जैसे अत्याचारी राजा प्रजा पर अत्याचार कर रहे थे। पृथ्वी गाय का रूप लेकर ब्रह्मा जी के पास गई और बोली - "मेरा बोझ अब सहा नहीं जाता।" ब्रह्मा जी सभी देवताओं के साथ क्षीर सागर में भगवान विष्णु के पास गए। भगवान विष्णु ने कहा - "मैं जल्द ही देवकी के आठवें पुत्र के रूप में अवतार लूंगा और पृथ्वी का भार हल्का करूंगा।" इधर मथुरा में राजा उग्रसेन के पुत्र कंस ने अपने पिता को कैद कर सिंहासन हथिया लिया था। उसकी बहन देवकी का विवाह यादव कुल के वासुदेव से हुआ। 2. आकाशवाणी और कारावास विदाई के समय जब कंस स्वयं रथ हांक रहा था, तभी आकाशवाणी हुई - "हे मूर्ख कंस, जिस बहन को तू इतने प्यार से विदा कर रहा है, उसी का आठवां पुत्र तेरा वध करेगा।" कंस ने तुरंत तलवार निकाल ली। वासुदेव ने बड़ी चतुराई से कहा - "तुम्हें भय पुत्र से है, पुत्री से नहीं। मैं वचन देता हूँ, हमारे जितने पुत्र होंगे, हम तुम्हें सौंप देंगे।" दोनों को कारागार में डाल दिया गया। कंस ने एक-एक करके देवकी के 6 नवजात पुत्रों को मार दिया। सातवें गर्भ में शेषनाग (बलराम) थे, जिन्हें योगमाया ने वासुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी के गर्भ में पहुंचा दिया। अब प्रतीक्षा थी आठवें की। 3. वह दिव्य रात - जब भगवान जेल में आए भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र, आधी रात, घनघोर वर्षा। कारागार के सभी पहरेदार अचेत हो गए। बेड़ियां टूट गईं। ताले खुल गए। तभी देवकी के सामने चतुर्भुज भगवान विष्णु प्रकट हुए - शंख, चक्र, गदा, पद्म के साथ। उन्होंने कहा - "मैं ही तुम्हारा पुत्र बनकर आया हूँ। अब मुझे गोकुल पहुँचा दो।" वासुदेव ने एक टोकरी में बालक को रखा। जैसे ही वे कारागार से बाहर निकले, यमुना जी उफान पर थीं। वासुदेव जैसे-जैसे यमुना में उतरते गए, जल बढ़ता गया। तब बालकृष्ण ने अपना चरण टोकरी से बाहर निकाला और यमुना के जल को स्पर्श किया। यमुना ने तुरंत दो भागों में बंटकर रास्ता दे दिया। ऊपर शेषनाग अपने हजार फनों से छत्र बनाकर वर्षा से रक्षा करते रहे। गोकुल में नंद बाबा के घर यशोदा मैया को एक कन्या (योगमाया) हुई थी, सभी गहरी नींद में थे। वासुदेव ने बालक को यशोदा के पास सुला दिया और कन्या को लेकर वापस मथुरा कारागार में आ गए। सब कुछ पहले जैसा बंद हो गया। सुबह कंस आया। उसने कन्या को पैरों से पकड़कर पटकना चाहा, पर वह हाथ से छूटकर आकाश में चली गई और दुर्गा रूप में बोली - *"अरे मूर्ख, तुझे मारने वाला तो गोकुल में जन्म ले चुका है, वह सुरक्षित है।"* 4. गोकुल में नंदोत्सव - ब्रज में बधाई गोकुल में जब पता चला कि नंद बाबा के घर लाला हुआ है, तो पूरे ब्रज में होली-दीवाली एक साथ हो गई। ग्वालों ने दूध-दही लुटाया, गोपियों ने बधाई गीत गाए - "नंद घर आनंद भयो।" यशोदा मैया ने अपने कन्हैया को पहली बार देखा तो उनकी आंखों से आंसू बह निकले। यहीं से शुरू हुईं कृष्ण की बाल लीलाएं - 6 दिन की उम्र में पूतना का वध, 3 महीने में शकटासुर वध, माखन चोरी, यमलार्जुन उद्धार, कालिया नाग दमन, गोवर्धन लीला। 5. जन्माष्टमी का उत्सव - भारत के 5 रंग *1. मथुरा-वृंदावन:* यहाँ जन्माष्टमी पर ऐसा लगता है जैसे पूरा ब्रज ही दुल्हन बन गया हो। कृष्ण जन्मभूमि पर 21 तोपों की सलामी, पंचामृत अभिषेक और रात 12 बजे महाअभिषेक होता है। बांके बिहारी मंदिर में साल में सिर्फ इसी दिन मंगला आरती रात 12 बजे होती है। *2. द्वारका (गुजरात):* यहाँ कृष्ण राजा हैं। द्वारकाधीश मंदिर में कृष्ण को सोने के मुकुट और हीरे के हार पहनाए जाते हैं। *3. पुरी (ओडिशा):* जगन्नाथ मंदिर में कृष्ण को 56 भोग लगते हैं। *4. महाराष्ट्र की दही-हांडी:* यह सबसे जोशीला उत्सव है। कृष्ण की मटकी फोड़ लीला को जीवंत किया जाता है। 30-40 फीट ऊपर दही की मटकी बांधी जाती है, गोविंदा पथक मानव पिरामिड बनाकर उसे फोड़ते हैं। यह टीमवर्क और साहस का प्रतीक है। *5. घर-घर की झांकी:* घरों में लोग दिन भर व्रत रखते हैं। चावल के आटे से आंगन में छोटे-छोटे पैर (कन्हैया के आगमन के प्रतीक) बनाते हैं। शाम को झांकी सजाते हैं, पालने में लड्डू गोपाल को रखते हैं। रात 12 बजे शंख, घंटा, ढोल के साथ जन्म कराते हैं। फिर पंजीरी, माखन-मिश्री, धनिया पाग का भोग लगता है। 6. जन्माष्टमी हमें क्या सिखाती है? कृष्ण का पूरा जीवन एक यूनिवर्सिटी है। *क) योगेश्वर कृष्ण -* उन्होंने युद्ध के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" - कर्म करो, फल की चिंता मत करो। आज के तनाव भरे जीवन में इससे बड़ा मंत्र कोई नहीं। *ख) मित्र कृष्ण -* उन्होंने सुदामा जैसे गरीब मित्र को गले लगाया। उन्होंने सिखाया कि दोस्ती में अमीरी-गरीबी नहीं देखी जाती। *ग) प्रेमी कृष्ण -* उन्होंने गोपियों से ऐसा निस्वार्थ प्रेम किया कि आज भी प्रेम का सबसे पवित्र रूप राधा-कृष्ण का माना जाता है। *घ) बालक कृष्ण -* माखन चोरी करके उन्होंने सिखाया कि जीवन में थोड़ी शरारत, थोड़ी मस्ती भी जरूरी है। हमेशा गंभीर रहना जीवन नहीं है। निष्कर्ष जन्माष्टमी सिर्फ एक रात का उत्सव नहीं है। यह हमें याद दिलाता है कि जब भी जीवन में कंस रूपी अहंकार, लालच और भय की जेल में हम बंद हो जाते हैं, तो हमारे अंदर भी एक कृष्ण जन्म लेता है जो हमें उस जेल से बाहर निकालता है। इस जन्माष्टमी पर हम सब अपने अंदर के कंस को मारें और अपने अंदर के कृष्ण को जगाएं। अपने घर में माखन-मिश्री ही नहीं, प्रेम, हंसी और एकता भी बांटें।
    2
    *श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - अंधकार में जन्मा प्रकाश, कारागार में जन्मा मुक्तिदाता* संत घनश्याम दास महाराज 
प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज 
ब्यूरो रिपोर्ट धर्मेन्द्र कुमार सोनी कुशलगढ़ बांसवाड़ा 
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के गढ़ी तहसील के गांव बरोडीया गांव में बने राधा कृष्ण मंदिर प्रांगण में जन्माष्टमी महोत्सव पर एक धर्मसभा में बोलते हुए कहा की ज़हां सनातन संस्कृति है वहां ईश्वर का निवास होता है 
संत ने कहा कि 
भारत में कोई भी त्योहार सिर्फ पूजा नहीं, एक पूरी जीवनशैली है। और जन्माष्टमी तो इन सबमें सबसे अनोखी है, क्योंकि यह एक ऐसे भगवान का जन्मदिन है जो भगवान होते हुए भी सबसे ज्यादा इंसान के करीब है। जो राजमहल में नहीं, जेल में जन्मा। जो युद्ध में भी बांसुरी बजाना नहीं भूला। जो गीता जैसा गंभीर ज्ञान भी मुस्कुराते हुए दे गया।
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के गढी तहसील के 
1. पृष्ठभूमि - द्वापर का अंत और अधर्म का बोझ
द्वापर युग के अंतिम चरण में पृथ्वी पर पाप बहुत बढ़ गया था। कंस, जरासंध, शिशुपाल, कालयवन जैसे अत्याचारी राजा प्रजा पर अत्याचार कर रहे थे। पृथ्वी गाय का रूप लेकर ब्रह्मा जी के पास गई और बोली - "मेरा बोझ अब सहा नहीं जाता।" ब्रह्मा जी सभी देवताओं के साथ क्षीर सागर में भगवान विष्णु के पास गए। भगवान विष्णु ने कहा - "मैं जल्द ही देवकी के आठवें पुत्र के रूप में अवतार लूंगा और पृथ्वी का भार हल्का करूंगा।"
इधर मथुरा में राजा उग्रसेन के पुत्र कंस ने अपने पिता को कैद कर सिंहासन हथिया लिया था। उसकी बहन देवकी का विवाह यादव कुल के वासुदेव से हुआ।
2. आकाशवाणी और कारावास
विदाई के समय जब कंस स्वयं रथ हांक रहा था, तभी आकाशवाणी हुई - "हे मूर्ख कंस, जिस बहन को तू इतने प्यार से विदा कर रहा है, उसी का आठवां पुत्र तेरा वध करेगा।"
कंस ने तुरंत तलवार निकाल ली। वासुदेव ने बड़ी चतुराई से कहा - "तुम्हें भय पुत्र से है, पुत्री से नहीं। मैं वचन देता हूँ, हमारे जितने पुत्र होंगे, हम तुम्हें सौंप देंगे।"
दोनों को कारागार में डाल दिया गया। कंस ने एक-एक करके देवकी के 6 नवजात पुत्रों को मार दिया। सातवें गर्भ में शेषनाग (बलराम) थे, जिन्हें योगमाया ने वासुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी के गर्भ में पहुंचा दिया।
अब प्रतीक्षा थी आठवें की।
3. वह दिव्य रात - जब भगवान जेल में आए
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र, आधी रात, घनघोर वर्षा। कारागार के सभी पहरेदार अचेत हो गए। बेड़ियां टूट गईं। ताले खुल गए।
तभी देवकी के सामने चतुर्भुज भगवान विष्णु प्रकट हुए - शंख, चक्र, गदा, पद्म के साथ। उन्होंने कहा - "मैं ही तुम्हारा पुत्र बनकर आया हूँ। अब मुझे गोकुल पहुँचा दो।"
वासुदेव ने एक टोकरी में बालक को रखा। जैसे ही वे कारागार से बाहर निकले, यमुना जी उफान पर थीं। वासुदेव जैसे-जैसे यमुना में उतरते गए, जल बढ़ता गया। तब बालकृष्ण ने अपना चरण टोकरी से बाहर निकाला और यमुना के जल को स्पर्श किया। यमुना ने तुरंत दो भागों में बंटकर रास्ता दे दिया। ऊपर शेषनाग अपने हजार फनों से छत्र बनाकर वर्षा से रक्षा करते रहे।
गोकुल में नंद बाबा के घर यशोदा मैया को एक कन्या (योगमाया) हुई थी, सभी गहरी नींद में थे। वासुदेव ने बालक को यशोदा के पास सुला दिया और कन्या को लेकर वापस मथुरा कारागार में आ गए। सब कुछ पहले जैसा बंद हो गया।
सुबह कंस आया। उसने कन्या को पैरों से पकड़कर पटकना चाहा, पर वह हाथ से छूटकर आकाश में चली गई और दुर्गा रूप में बोली - *"अरे मूर्ख, तुझे मारने वाला तो गोकुल में जन्म ले चुका है, वह सुरक्षित है।"*
4. गोकुल में नंदोत्सव - ब्रज में बधाई
गोकुल में जब पता चला कि नंद बाबा के घर लाला हुआ है, तो पूरे ब्रज में होली-दीवाली एक साथ हो गई। ग्वालों ने दूध-दही लुटाया, गोपियों ने बधाई गीत गाए - "नंद घर आनंद भयो।" यशोदा मैया ने अपने कन्हैया को पहली बार देखा तो उनकी आंखों से आंसू बह निकले।
यहीं से शुरू हुईं कृष्ण की बाल लीलाएं - 6 दिन की उम्र में पूतना का वध, 3 महीने में शकटासुर वध, माखन चोरी, यमलार्जुन उद्धार, कालिया नाग दमन, गोवर्धन लीला।
5. जन्माष्टमी का उत्सव - भारत के 5 रंग
*1. मथुरा-वृंदावन:* यहाँ जन्माष्टमी पर ऐसा लगता है जैसे पूरा ब्रज ही दुल्हन बन गया हो। कृष्ण जन्मभूमि पर 21 तोपों की सलामी, पंचामृत अभिषेक और रात 12 बजे महाअभिषेक होता है। बांके बिहारी मंदिर में साल में सिर्फ इसी दिन मंगला आरती रात 12 बजे होती है।
*2. द्वारका (गुजरात):* यहाँ कृष्ण राजा हैं। द्वारकाधीश मंदिर में कृष्ण को सोने के मुकुट और हीरे के हार पहनाए जाते हैं।
*3. पुरी (ओडिशा):* जगन्नाथ मंदिर में कृष्ण को 56 भोग लगते हैं।
*4. महाराष्ट्र की दही-हांडी:* यह सबसे जोशीला उत्सव है। कृष्ण की मटकी फोड़ लीला को जीवंत किया जाता है। 30-40 फीट ऊपर दही की मटकी बांधी जाती है, गोविंदा पथक मानव पिरामिड बनाकर उसे फोड़ते हैं। यह टीमवर्क और साहस का प्रतीक है।
*5. घर-घर की झांकी:* घरों में लोग दिन भर व्रत रखते हैं। चावल के आटे से आंगन में छोटे-छोटे पैर (कन्हैया के आगमन के प्रतीक) बनाते हैं। शाम को झांकी सजाते हैं, पालने में लड्डू गोपाल को रखते हैं। रात 12 बजे शंख, घंटा, ढोल के साथ जन्म कराते हैं। फिर पंजीरी, माखन-मिश्री, धनिया पाग का भोग लगता है।
6. जन्माष्टमी हमें क्या सिखाती है?
कृष्ण का पूरा जीवन एक यूनिवर्सिटी है।
*क) योगेश्वर कृष्ण -* उन्होंने युद्ध के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया। "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" - कर्म करो, फल की चिंता मत करो। आज के तनाव भरे जीवन में इससे बड़ा मंत्र कोई नहीं।
*ख) मित्र कृष्ण -* उन्होंने सुदामा जैसे गरीब मित्र को गले लगाया। उन्होंने सिखाया कि दोस्ती में अमीरी-गरीबी नहीं देखी जाती।
*ग) प्रेमी कृष्ण -* उन्होंने गोपियों से ऐसा निस्वार्थ प्रेम किया कि आज भी प्रेम का सबसे पवित्र रूप राधा-कृष्ण का माना जाता है।
*घ) बालक कृष्ण -* माखन चोरी करके उन्होंने सिखाया कि जीवन में थोड़ी शरारत, थोड़ी मस्ती भी जरूरी है। हमेशा गंभीर रहना जीवन नहीं है।
निष्कर्ष
जन्माष्टमी सिर्फ एक रात का उत्सव नहीं है। यह हमें याद दिलाता है कि जब भी जीवन में कंस रूपी अहंकार, लालच और भय की जेल में हम बंद हो जाते हैं, तो हमारे अंदर भी एक कृष्ण जन्म लेता है जो हमें उस जेल से बाहर निकालता है।
इस जन्माष्टमी पर हम सब अपने अंदर के कंस को मारें और अपने अंदर के कृष्ण को जगाएं। अपने घर में माखन-मिश्री ही नहीं, प्रेम, हंसी और एकता भी बांटें।
    user_Dharmendra Soni
    Dharmendra Soni
    कुशलगढ़, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • सालमगढ मे बड़े धूमधाम से कृष्णा जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया गया सालमगढ मे बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है कृष्णा जन्माष्टमी का पावन पर्व श्री चारभुजा मंदिर,राम मंदिर, सांवलियाजी सेठ मंदिर को लाइटीग से सजाया गया श्री चारभुजा नाथ मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, सांवलियाजी सेठ मंदिर पर ग्रामीणों द्वारा मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया दलोट रोड भैरवनाथ मंदिर के पास शिवालय पर मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन हेंताश चौधरी द्वारा रखा गया
    1
    सालमगढ मे बड़े धूमधाम से कृष्णा जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया गया 
सालमगढ मे बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है कृष्णा जन्माष्टमी का पावन पर्व श्री चारभुजा मंदिर,राम मंदिर, सांवलियाजी सेठ मंदिर को लाइटीग से सजाया गया श्री चारभुजा नाथ मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, सांवलियाजी सेठ मंदिर पर ग्रामीणों द्वारा मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया दलोट रोड भैरवनाथ मंदिर के पास शिवालय पर मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन हेंताश चौधरी द्वारा रखा गया
    user_User3132
    User3132
    दलोट, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • कांग्रेस ने वार्ड नं. 23 को ही क्यों चुना नपा अध्यक्ष के उम्मीदवार के रुप में जानिए वजह... नगर पालिका चुनाव 2026 पर खास खबर नगर पालिका चुनाव 2026 को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही चुनावी मैदान में जोर-शोर से प्रचार अभियान में जुटी हुई हैं। इसी बीच कांग्रेस ने नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए अपना चेहरा घोषित कर दिया है। कांग्रेस ने भूमिका पांचाल को वार्ड नंबर 23 से प्रत्याशी बनाया है और उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए अपना चेहरा घोषित किया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कांग्रेस ने भूमिका पांचाल पर ही भरोसा क्यों जताया और वार्ड नंबर 23 से उन्हें टिकट देने के पीछे पार्टी की क्या रणनीति है? क्या भूमिका पांचाल की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता, संगठन में पकड़ और स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पहचान उनके चयन की वजह बनी है, या फिर कांग्रेस ने इस फैसले के जरिए किसी खास राजनीतिक और सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश की है? आखिर भूमिका पांचाल को अध्यक्ष पद का चेहरा बनाने के पीछे कांग्रेस की क्या सोच है और चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति क्या है? इन्हीं तमाम सवालों को लेकर नगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित पांचाल से हुई खास मुलाकात में हमने जानने की कोशिश की कि कांग्रेस ने भूमिका पांचाल को ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए क्यों चुना, वार्ड नंबर 23 से उनकी उम्मीदवारी के पीछे क्या वजह है और आगामी नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस भाजपा को किस तरह चुनौती देने की तैयारी कर रही है। देखिए नगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित पांचाल से हुई खास बातचीत और जानिए भूमिका पांचाल को अध्यक्ष पद का चेहरा बनाने के पीछे की पूरी कहानी।
    1
    कांग्रेस ने वार्ड नं. 23 को ही क्यों चुना नपा अध्यक्ष के उम्मीदवार के रुप में जानिए वजह... 
नगर पालिका चुनाव 2026 पर खास खबर
नगर पालिका चुनाव 2026 को लेकर सियासत लगातार गरमाती जा रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही चुनावी मैदान में जोर-शोर से प्रचार अभियान में जुटी हुई हैं। इसी बीच कांग्रेस ने नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए अपना चेहरा घोषित कर दिया है। कांग्रेस ने भूमिका पांचाल को वार्ड नंबर 23 से प्रत्याशी बनाया है और उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए अपना चेहरा घोषित किया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कांग्रेस ने भूमिका पांचाल पर ही भरोसा क्यों जताया और वार्ड नंबर 23 से उन्हें टिकट देने के पीछे पार्टी की क्या रणनीति है? क्या भूमिका पांचाल की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता, संगठन में पकड़ और स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पहचान उनके चयन की वजह बनी है, या फिर कांग्रेस ने इस फैसले के जरिए किसी खास राजनीतिक और सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश की है? आखिर भूमिका पांचाल को अध्यक्ष पद का चेहरा बनाने के पीछे कांग्रेस की क्या सोच है और चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति क्या है? इन्हीं तमाम सवालों को लेकर नगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित पांचाल से हुई खास मुलाकात में हमने जानने की कोशिश की कि कांग्रेस ने भूमिका पांचाल को ही नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए क्यों चुना, वार्ड नंबर 23 से उनकी उम्मीदवारी के पीछे क्या वजह है और आगामी नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस भाजपा को किस तरह चुनौती देने की तैयारी कर रही है। देखिए नगर कांग्रेस अध्यक्ष ललित पांचाल से हुई खास बातचीत और जानिए भूमिका पांचाल को अध्यक्ष पद का चेहरा बनाने के पीछे की पूरी कहानी।
    user_Sagwara live news
    Sagwara live news
    Local News Reporter सागवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • मोवाई और लीलवास में धूमधाम से मनाया कृष्ण जन्मोत्सव मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया आसपुर। वागड़ क्षेत्र में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। आसपुर के पास स्थित लीलवास गांव के गोपाल धाम मंदिर में दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया, वहीं बच्चों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मंदिर समिति के अनुसार, भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई मानी जाती है और स्वेच्छा से लीलवास में स्थापित हुई है। दोपहर में मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
    1
    मोवाई और लीलवास में धूमधाम से मनाया कृष्ण जन्मोत्सव
मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया
आसपुर। वागड़ क्षेत्र में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। आसपुर के पास स्थित लीलवास गांव के गोपाल धाम मंदिर में दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया।
जन्माष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने भजन-कीर्तन में भाग लिया, वहीं बच्चों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजनों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
मंदिर समिति के अनुसार, भगवान कृष्ण की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई मानी जाती है और स्वेच्छा से लीलवास में स्थापित हुई है। दोपहर में मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
    user_वागड़ NEWS 24
    वागड़ NEWS 24
    Local News Reporter आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव को लेकर मानव गुप्ता ने क्या कहा सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव को लेकर राजस्थान प्रदेश युथ कांग्रेस प्रदेश सचिव मानव गुप्ता ने नगरपालिका चुनाव को लेकर सागवाड़ा नगर का विकास और तरक्की के लिए कांग्रेस का बोर्ड बनाने की अपील करते हुए क्या कहा देखिए
    1
    सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव को लेकर मानव गुप्ता ने क्या कहा 
सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव को लेकर  राजस्थान प्रदेश युथ कांग्रेस प्रदेश सचिव मानव गुप्ता ने नगरपालिका चुनाव को लेकर सागवाड़ा नगर का विकास और तरक्की के लिए कांग्रेस का बोर्ड बनाने की अपील करते हुए क्या कहा देखिए
    user_Pravin Kothari
    Pravin Kothari
    पत्रकार आसपुर-विधानसभा आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • कुत्ते के काटने से बेकाबू हुई गाय, घंटों उत्पात से दहशत; विभागों की मदद का इंतजार कुशलगढ़, 4 सितंबर। कुशलगढ़ से करीब 5 किलोमीटर दूर हिंडोलिया चारण गांव, ग्राम पंचायत खेड़पुर क्षेत्र में कुत्ते के काटने के बाद एक गाय बेकाबू हो गई। गाय ने घर में बंधी रस्सी तोड़कर इधर-उधर दौड़ते हुए घंटों उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीण मकन सिंह कटारा ने मामले की सूचना रामगढ़ सरपंच राकेश मईड़ा को दी। सरपंच राकेश मईड़ा ने नगरपालिका कुशलगढ़, पशुपालन विभाग, राजस्व विभाग एवं वन विभाग के अधिकारियों को फोन कर घटना की जानकारी दी और तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया।
    1
    कुत्ते के काटने से बेकाबू हुई गाय, घंटों उत्पात से दहशत; विभागों की मदद का इंतजार
कुशलगढ़, 4 सितंबर। कुशलगढ़ से करीब 5 किलोमीटर दूर हिंडोलिया चारण गांव, ग्राम पंचायत खेड़पुर क्षेत्र में कुत्ते के काटने के बाद एक गाय बेकाबू हो गई। गाय ने घर में बंधी रस्सी तोड़कर इधर-उधर दौड़ते हुए घंटों उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीण मकन सिंह कटारा ने मामले की सूचना रामगढ़ सरपंच राकेश मईड़ा को दी। सरपंच राकेश मईड़ा ने नगरपालिका कुशलगढ़, पशुपालन विभाग, राजस्व विभाग एवं वन विभाग के अधिकारियों को फोन कर घटना की जानकारी दी और तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया।
    user_गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    गाण्डीव न्यूज नेटवर्क
    बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.