बीसलपुर शहर में टाइमलेस रेस्टोरेंट होम डिलीवरी सेवा के क्षेत्र में तेजी से लोगों की पहली पसंद बनकर उभरा है। रेस्तरां प्रबंधन का दावा है कि वे गुणवत्ता और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए ग्राहकों तक ताज़ा भोजन पहुँचा रहे हैं। रेस्टोरेंट की बेहतर पैकिंग, स्वादिष्ट व्यंजन और समय पर डिलीवरी के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ा है, यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग घर बैठे अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। टाइमलेस रेस्टोरेंट में विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड, भारतीय व्यंजन और स्पेशल डिश उपलब्ध हैं। ग्राहक भी मानते हैं कि भोजन की गुणवत्ता और पैकिंग अन्य रेस्टोरेंट्स की तुलना में बेहतर है। रेस्टोरेंट प्रबंधन ने बताया कि ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए होम डिलीवरी सेवा को लगातार और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को कम समय में ताज़ा और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा सके। होम डिलीवरी के लिए ग्राहक 7533806240 पर संपर्क कर सकते हैं।
बीसलपुर शहर में टाइमलेस रेस्टोरेंट होम डिलीवरी सेवा के क्षेत्र में तेजी से लोगों की पहली पसंद बनकर उभरा है। रेस्तरां प्रबंधन का दावा है कि वे गुणवत्ता और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए ग्राहकों तक ताज़ा भोजन पहुँचा रहे हैं। रेस्टोरेंट की बेहतर पैकिंग, स्वादिष्ट व्यंजन और समय पर डिलीवरी के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ा है, यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग घर बैठे अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। टाइमलेस रेस्टोरेंट में विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड, भारतीय व्यंजन और स्पेशल डिश उपलब्ध हैं। ग्राहक भी मानते हैं कि भोजन की गुणवत्ता और पैकिंग अन्य रेस्टोरेंट्स की तुलना में बेहतर है। रेस्टोरेंट प्रबंधन ने बताया कि ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए होम डिलीवरी सेवा को लगातार और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को कम समय में ताज़ा और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा सके। होम डिलीवरी के लिए ग्राहक 7533806240 पर संपर्क कर सकते हैं।
- पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह अब अलर्ट मोड पर आ गए हैं। यह बदलाव उनके कार्यकाल के अधिकार को छह महीने के लिए बढ़ाए जाने के बाद हुआ है।1
- बीसलपुर शहर में टाइमलेस रेस्टोरेंट होम डिलीवरी सेवा के क्षेत्र में तेजी से लोगों की पहली पसंद बनकर उभरा है। रेस्तरां प्रबंधन का दावा है कि वे गुणवत्ता और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए ग्राहकों तक ताज़ा भोजन पहुँचा रहे हैं। रेस्टोरेंट की बेहतर पैकिंग, स्वादिष्ट व्यंजन और समय पर डिलीवरी के कारण ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ा है, यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग घर बैठे अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। टाइमलेस रेस्टोरेंट में विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड, भारतीय व्यंजन और स्पेशल डिश उपलब्ध हैं। ग्राहक भी मानते हैं कि भोजन की गुणवत्ता और पैकिंग अन्य रेस्टोरेंट्स की तुलना में बेहतर है। रेस्टोरेंट प्रबंधन ने बताया कि ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए होम डिलीवरी सेवा को लगातार और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को कम समय में ताज़ा और स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा सके। होम डिलीवरी के लिए ग्राहक 7533806240 पर संपर्क कर सकते हैं।1
- पीलीभीत जिले के मरौरी ब्लॉक के कंजा हरिया में काटना नदी के पुनरुद्धार कार्य में अनियमितता का मामला सामने आया है। यह जानकारी वायरल वीडियो के माध्यम से मिली है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बाढ़ मॉक ड्रील का आयोजन किया गया।1
- पीलीभीत जिले के बरखेड़ा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत लखनऊ कला के अंतर्गत आने वाले गांव लखनऊ गोटिया में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर समस्या सामने आई है। ग्राम पंचायत के सफाईकर्मी छत्रपाल पर आरोप है कि उनकी लापरवाही के कारण गांव की सभी नालियां भरी हुई हैं।1
- उत्तराखंड परिवहन की एक बस में तीन सीनियर सिटीजन यात्रियों को श्रीनगर से देहरादून की यात्रा के दौरान उनके आधार कार्ड को लेकर अपमानित किया गया और बस में बैठने से मना कर दिया गया। इस घटना में, परिचालक ने एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं लौटाया। यात्रा शुरू करने वाली महिला पहले रोडवेज बस से श्रीनगर पहुँची थी और वहाँ से देहरादून जाने के लिए उत्तराखंड परिवहन की बस (UK 07P, A6694) में बैठीं। बस में बैठने के बाद, परिचालक ने तीनों सीनियर सिटीजन यात्रियों से स्पष्ट रूप से कहा कि "आधार कार्ड वाले यात्री इस बस में नहीं बैठ सकते, हमें इसके ऑर्डर मिले हैं।" जब यात्रियों ने विनम्रतापूर्वक इस संबंध में सरकार के किसी आदेश के बारे में पूछा, क्योंकि आम जनता को ऐसी कोई सूचना नहीं थी, तो इस बात को लेकर बहस शुरू हो गई। इसी दौरान, बस में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी बिना किसी कारण के यात्रियों से उलझ गया और उन्हें डरा-धमका कर बस से उतरने को कहने लगा। इस व्यवहार से यात्री स्वयं को असुरक्षित और अपमानित महसूस करने लगे, जिसके बाद उन्हें पूरी घटना का वीडियो बनाना पड़ा ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि, कंडक्टर यात्रियों को ऋषिकेश तक ले आया, लेकिन एक यात्री का आधार कार्ड अपने पास रख लिया और उसे वापस नहीं किया। यात्रियों ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि सरकारी परिवहन में सुरक्षा, सम्मान और सुविधा की अपेक्षा करने वाले आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों के साथ यदि इस प्रकार का व्यवहार होगा, तो उनका विश्वास कैसे बना रहेगा। उन्होंने उत्तराखंड परिवहन की बसों में यात्रियों के साथ होने वाले व्यवहार पर कड़ी निगरानी रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यात्रियों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएँ आए दिन हो रही हैं और सवाल उठाया कि क्या पहाड़ी लोगों को घरों से बाहर ही नहीं निकलना चाहिए।1
- पीलीभीत जिले के अमरिया में हुए एपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट का रोमांचक फाइनल मुकाबला संपन्न हो गया है, जिसमें परेवा वैश्य क्रिकेट क्लब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टांडा इलेवन क्रिकेट क्लब को 50 रनों से करारी शिकस्त देकर खिताब अपने नाम कर लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए परेवा वैश्य ने निर्धारित 15 ओवर में 168 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसमें कासिम की तूफानी पारी का अहम योगदान रहा। 169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टांडा इलेवन की टीम 15 ओवर में सिर्फ 118 रन ही बना सकी। परेवा के गेंदबाजों ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया और जीत सुनिश्चित की। इस शानदार मुकाबले में कासिम को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। पूरे टूर्नामेंट में अपने हरफनमौला प्रदर्शन से 495 रन बनाने और 18 विकेट लेने वाले तनु को मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसके तहत उन्हें एक स्कूटी भी भेंट की गई। खिताब जीतने के बाद विजेता टीम के शाकिर ने कहा कि पूरी टीम ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जिसकी बदौलत वे यह खिताब जीतने में सफल रहे। वहीं, टांडा इलेवन के मोहम्मद जैकी ने हार पर निराशा व्यक्त करते हुए अपनी टीम से कुछ गलतियां होने और दिन उनके पक्ष में न रहने की बात कही।1
- पीलीभीत जिले के मरौरी ब्लॉक में पड़ने वाले बाढ़ प्रभावित गांवों जैसे कंजा हरिया, ढेरम मंडरिया और सहराई से होकर गुजरने वाली काटना नदी की साफ-सफाई के काम में अनियमितताएं सामने आने लगी हैं। इस मामले में स्वामी प्रवक्ता नंद जी, जय किसान मंडल के संजीव प्रताप सिंह, दिलेर सिंह मल्ही और विजय सरकार के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया गया है।1